भक्त शिरोमणि मीरा बाई जी ने अपना अन्तिम समय बेट द्वारिका में जिस स्थान पर व्यतीत किया
और जहां से उन्होंने अंतिम यात्रा जो भगवान श्री द्वारिकाधीश के श्री विग्रह में समाहित हो पूर्णत्व को प्राप्त किया।
यहां के वातावरण में आज भी मीरा जी के भजन गुंजायमान है।
लेकिन यहां जीर्णोद्वार की आवश्यकता है__ कुछ भक्तजन मिल कर इसे सही करने का कार्य करें 🙏
मृत्यु स्थान _ रणछोड़ मंदिर, डाकोर द्वारिका, गुजरात
पोस्ट आगे बढ़ाएं __ ताकि किसी ऐसी जगह पंहुच जाए, जहां से उद्धार हो सके। 🙏

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भक्त शिरोमणि मीरा बाई जी ने अपना अन्तिम समय बेट द्वारिका में जिस स्थान पर व्यतीत किया
और जहां से उन्होंने अंतिम यात्रा जो भगवान श्री द्वारिकाधीश के श्री विग्रह में समाहित हो पूर्णत्व को प्राप्त किया।
यहां के वातावरण में आज भी मीरा जी के भजन गुंजायमान है।
लेकिन यहां जीर्णोद्वार की आवश्यकता है__ कुछ भक्तजन मिल कर इसे सही करने का कार्य करें 🙏
मृत्यु स्थान _ रणछोड़ मंदिर, डाकोर द्वारिका, गुजरात
पोस्ट आगे बढ़ाएं __ ताकि किसी ऐसी जगह पंहुच जाए, जहां से उद्धार हो सके। 🙏

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भक्त शिरोमणि मीरा बाई जी ने अपना अन्तिम समय बेट द्वारिका में जिस स्थान पर व्यतीत किया
और जहां से उन्होंने अंतिम यात्रा जो भगवान श्री द्वारिकाधीश के श्री विग्रह में समाहित हो पूर्णत्व को प्राप्त किया।
यहां के वातावरण में आज भी मीरा जी के भजन गुंजायमान है।
लेकिन यहां जीर्णोद्वार की आवश्यकता है__ कुछ भक्तजन मिल कर इसे सही करने का कार्य करें 🙏
मृत्यु स्थान _ रणछोड़ मंदिर, डाकोर द्वारिका, गुजरात
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भारतीय विश्व फोरम ने प्रेस बयान जारी किया, "भारतीय विश्व फोरम कनाडा में भारतीय डायस्पोरा पर हिंसा को रोकने और शुद्ध करने के लिए सिक्ख फॉर जस्टिस सहित गैरकानूनी संगठनों द्वारा किए गए अपमानजनक गतिविधियों की कड़ी निंदा करता है ... भारतीय विश्व मंच कनाडा सरकार से आग्रह करता है कि अर्शदीप सिंह धल्ला और गुरपतवंत सिंह पन्नुन (भारत द्वारा दोनों मनोनीत आतंकवादी) सहित घृणित तत्वों पर विचार करें और गंभीरता से कार्य करें। कनाडा में भारतीय डायस्पोरा और उनके निवेश को खतरे का कारण बनाने का कोई भी प्रयास संयुक्त राष्ट्र चार्टर और उसके सम्मेलन की पवित्रता का उल्लंघन करेगा। भारत में हम गर्मजोशी से अपने कनाडाई भाइयों की मेजबानी करते हैं और हमारी संस्कृति भारत में कनाडाई डायस्पोरा का कल्याण सुनिश्चित करती है। "

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Samuel Holland إنشاء مقالة جديدة
3 سنوات - ترجم

Mountain Bike Shoes | #mountain Bike Shoes

भारत ने कनाडा में भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की
"कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से लंदन में नफरत के अपराध और आपराधिक हिंसा को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों और यात्रा पर चिंतन करने वालों से आग्रह है कि वह अत्यधिक सावधानी बरतें। हाल ही में, धमकियों ने विशेष रूप से भारतीय राजनयिकों और भारतीय समुदाय के वर्गों को निशाना बनाया है जो भारत विरोधी एजेंडे का विरोध करते हैं। इसलिए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि कनाडा में क्षेत्रों और संभावित स्थानों की यात्रा से बचने की कोशिश करें जिन्होंने इस तरह की घटनाएं देखी हैं": विदेश मंत्रालय

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कांग्रेस महिला आरक्षण बिल का श्रेय चाहती है क्योंकि वह नेहरू-गाँधी परिवार का दिमाग था।
कांग्रेस भी चन्द्रयान तृतीय का श्रेय चाहती है क्योंकि इसरो की स्थापना नेहरू-गाँधी परिवार के तहत हुई थी।
हालांकि, कांग्रेस पाकिस्तान के साथ कश्मीर संघर्ष, चीन के साथ सीमा के मुद्दे, और खालिस्तानी अलगाववाद के मुद्दे का श्रेय नहीं लेना चाहती है, जो सभी नेहरू-गाँधी परिवार के तहत शुरू हुए थे और उनकी नीतियों और खराब निपटने से सीधे जुड़े थे।

मुसलमानो को पंचरवाला कहना बस अपनी कमजोरी छिपाने का एक तरीका है।
फर्नीचर बरेली और सहारनपुर का , पीतल मुरादाबाद , चीनी मिट्टी खुर्जा , चमड़ा कानपुर और आगरा का , चूड़ी फिरोजाबाद , कालीन भदोही का लगभग सारे कुटीर उद्योग पर उसका कब्जा है।
ऑटोमोबाइल, बिजली मिस्त्री, कपड़ा, फुटवियर, कंस्ट्रक्शन, कांट्रेक्टर, हथियार की फैक्ट्री, केमिकल, एसिड, पटाखा की फैक्ट्री, वर्कशॉप, लोहा, लकड़ी, कबाड़ी, डेरी, फल सब्जी की मंडी, सिलाई कढाई और नाई से ले कर कसाई तक के सारे पुश्तैनी काम पर कब्जा कर लिया है ।
पहले किसी भी तरह से ज्यादा बच्चे पैदा कर संसाधनों पर कब्जा किया, लोकतंत्र और समाज मे दबदबा बनाया।
अब तो मदरसों की पढ़ाई से वो IAS/PCS/ वकील / पुलिस की जॉब पर भी कब्जा कर रहे ।
पढ़ाई में भी History, Social, की book पर कब्जा किया और आपके धार्मिक ग्रंथों को शिक्षा से बाहर कर दिया। पत्रकारिता पर कब्जा किया, सरकारी ठेके लेना, सभी तरह के आयोग पर कब्जा किया।
और तुम लोगों ने क्या किया ?
25 लाख खर्च कर engg. के नाम पर छोटी मोटी सुपरविजन की ₹10,000 वाली नौकरी, BA, MA कर झक मारो, कॉल सेंटर में लोन लोगे वाली गाली खाने वाली नोकरी, गार्ड, चपरासी, कंप्युटर ऑपरेटर, क्लर्क, ठेकेदारों के पास temporary जॉब, सफाईकर्मी मतलब कोई भी छोटा मोटा काम मिल जाये बस। फिर उसके बाद औकात से बहुत ज्यादा शान का दिखावा, आडंबर, 1-2 बच्चे पैदा करना, बेटी को लव जिहाद में फँसाना, अल्लाह हु अकबर करना, बहन बेटियों का हलाला करवाना और अपने वंश का विनाश करवाना, अपनों को जाति में बाट लेना....
तुम लोगों ने 1-2 बच्चे पैदा कर खुद को कमजोर किया।
बिना लड़े दूसरे को शासक बना दिया
याद रखो लोकतंत्र संख्याबल पर चलता है और जल्दी ही संख्या बल मुस्लिम का होगा और फिर अंबेडकर का संविधान हटा कर शरिया लागु होगा
आप काफ़िर हो जाओगे आपका सिर कलम कर दिया जाएगा, आपकी बहन बेटियाँ उनकी गुलाम और बच्चा पैदा करने की मशीन सोच कर रखना।।

जस्टिन ट्रूडो की हालात किसी पाकिस्तानी पीएम की तरह हो गया है। मोदी ने दिल्ली में शपथ के पहले दिन से अपने आज तक के कार्यकाल में किसी को भी अपना दुश्मन नहीं बनाया। ट्रूडो में इतना सामर्थ भी नहीं कि मोदी का दुश्मन बन सके। मोदी का दुश्मन कोई जॉर्ज सोरोस लेवल का होना चाहिए। जस्टिन ट्रूडो तो जॉर्ज सोरोस का कृपा पात्र है। सत्ता में बने रहने के लिए जॉर्ज सोरोस से ट्रूडो की मुलाकात छिपी बात नहीं है।
भारत के राजनईक को कनाडा से बाहर निकालने का ट्रूडो का फैसला सेल्फ गोल साबित हो गया। जैसे ही कनाडा हाई कमिश्नर को आज भारत में तलब किया गया और कनाडा के राजनईक को भारत छोड़ने की हिदायत दी गई, पांच दिनों की मोहलत के साथ, तब तक ट्रूडो ने भारत के प्रति अपना बयान बदल लिया। इतनी जल्दी स्टैंड की अदला बदली करते कभी पाकिस्तान का पीएम भी मुझे नजर नहीं आया।
कनाडा का इसमें दोष भी नहीं। भारत विश्व भर में जैसी अपनी साख बनाए हुए था, ट्रूडो वही आज भी भारत से अपेक्षा कर रहे हैं। उन्हें क्या मालूम 9 वर्षों में भारत कितना बदल गया है? यदि निज्जर खालिस्तानी आतंकवादी कनाडा में पनाह पाए हुए था, तो कायदे से पुराना भारत इसकी जांच करता। कनाडा की सरकार से बात करता। तमाम डोजियर दिए जाते। और यह चलता रहता। अथवा तो कोई खालिस्तान आतंकवादी किसी विदेशी धरती पर पनाह पाए हुए हो, भारत को इससे क्या ही फर्क पड़ता?
अंग्रेजी समाचार वेबसाइट मिन्ट की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह खबर पब्लिश किया गया है कि भारत से जिस कनाडाई राजनयिक को निकाला गया है, वह कनाडा की खुफिया एजेंसी के भारत में चीफ हैं। यह एक तरह से सर्जिकल जवाब है, कनाडा के इस टिप्पणी का, जिसमें भारत के राजनयिक को रॉ का एजेंट बताया गया। इसका मतलब डिप्लोमेसी के टेबल पर मामला बिल्कुल बैलेंस्ड चल रहा है। और निज्जर की हत्या को कनाडा के पीएम कनाडा की संप्रभुता पर हमला मानते हैं तो यह भारत के लिए एक नया एहसास है। कनाडा की संप्रभुता पर हमला कहने के पीछे सच्चाई है। क्योंकि खालिस्तानी आतंकी जस्टिन ट्रूडो की सरकार का एक बड़ा स्पॉन्सर है। तो निज्जर की हत्या कनाडा की संप्रभुता पर हमला ही माना जाएगा। और यह भारत का एक नया सर्जिकल स्ट्राइक ट्रेंड है।
शुभ, एक बड़ा म्यूज़िक कॉन्सर्ट भारत में होने वाला था। गायक के वेश में छिपे खालीस्तानी किसी शुभमन नाम से था। जिसने उसकी शो को स्पांसर किया था, उसने एन वक्त पर अपना डील कैंसिल कर दिया है। तो एक वह भारत था जोकि रेलवे की प्लेटफार्म पर बम से सचेत करने के लिए भारत की जनता को डराता रहता था। एक आज का भारत है जो किसी प्लेटफार्म पर बम लगाने वाला मस्तिष्क यदि कनाडा में बैठा है, तो उसको वही खत्म कर दिया जाता है‌। यह कितना नया एहसास है, नए भारत का।

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बड़ी खबर….
कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद आज कनाडा में भारत के विरोधी आतंकी व गैंगस्टर सुखदूल सिंह गिल उर्फ ​​सुक्खा दुनेके को भी विनीपिग में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है।
विदित हो कि सुक्खा 41 आतंकियों व गैंगस्टरों की सूची में शामिल था, जिसे NIA ने भी जारी किया था। कनाड़ा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद यह दूसरी बड़ी वारदात है। वह पंजाब से साल 2017 में जाली पासपोर्ट तैयार करवाकर कनाडा फरार हुआ था। सुक्खा दुनेके मूलतः पंजाब के मोगा जिले का रहने वाला था। गैंगस्टर सुक्खा दुन्नेके भारत के A कैटेगरी गैंगस्टर लिस्ट में शामिल था।

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