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अतुलित बलधामं...
श्री हनुमान जी के पास इतना बल था कि जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती थी लक्ष्मण जी को मूर्छित देखकर हनुमान जी को क्रोध आ गया श्री राम के विलाप एवं दुःख को देखकर कहा प्रभु यदि आपकी आज्ञा हो
तौं चंद्रमहि निचोरि चैल-ज्यों, आनि सुधा सिर नावौं
कै पाताल दलौं ब्यालावलि अमृत-कुंड महि लावौं
भेदि भुवन, करि भानु बाहिरो तुरत राहु दै तावौं
बिबुध-बैद बरबस आनौं धरि, तौ प्रभु-अनुग कहावौं
पटकौं मींच नीच मूषक-ज्यौं, सबहिको पापु बहावौं
मैं चंद्रमा को कपड़े के समान निचोड़ कर उसका अमृत लक्ष्मण के सिर पर डाल दूं
पाताल में सर्पों का दल जो अमृत की रक्षा कर रहा है उस अमृत कुंड को ही उठा लाऊं
भुवन से सूर्य को निकाल कर उसे राहु से ढक दूं जिससे सूर्य निकले ही नहीं
देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमार को ही यहां उठा लाऊं
मृत्यु को चूहे के समान पटक कर मार दूं जिससे मृत्यु का भय ही न रहे
आखिर हनुमान जी ने यहां तक कहा कि मैं अपने प्राण निकालकर लक्ष्मण के शरीर में डाल दूं
!! जय श्री सीताराम जी !!
!! जय श्री महावीर हनुमान जी !!
🙏🙏🙏योग की शक्ति 🙏🙏🙏
🌼🌼🌼🌼🌼
अबू धाबी में फ्लाइट रुकने के बाद स्टाफ ने जैसे ही एक भारतीय यात्री का पासपोर्ट चेक किया उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा..स्टाफ को पासपोर्ट पर अंकित जन्म वर्ष 1896 पर विश्वास ही नहीं हुआ..
उसे लगा कि पासपोर्ट नकली है क्योंकि वर्ष 1896 में पैदा हुआ एक व्यक्ति हवाई यात्रा कैसे यात्रा कर सकता है..?
1896 में पैदा हुए योगाचार्य स्वामी शिवानंद थे अब वह 127 साल के हो चुके हैं उनका जन्म 8 अगस्त, 1896 को बांग्लादेश में हुआ था। वह यूपी के वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित कबीर नगर में रह रहे हैं.. रात में 9 बजे सो जाते हैं और वह सुबह 3 बजे ही उठ जाते हैं सुबह भगवत गीता पढ़ते हैं रात के भोजन में जौ से बना दलिया, आलू का चोखा और उबली सब्जियां नियमित रूप से खाते हैं वह दिन में कभी नहीं सोते हैं
इस उम्र की भी पड़ाव में उनकी फुर्ती देखकर सभी लोग हैरान थे वहां पर मौजूद सभी लोग उत्साह से उनके साथ फोटो खींचने में लग गए उन्हें वर्ष 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है ये है हमारे योग की शक्ति
जय सनातन धर्म 🙏
नोट: यह पोस्ट फैक्ट चेक के बाद ही किया गया है, इसलिए तिथियों के संबंध में आप निश्चिंत रहें या गूगल कर प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के लेख से पुष्टि कर लें l
🙏🙏🙏योग की शक्ति 🙏🙏🙏
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अबू धाबी में फ्लाइट रुकने के बाद स्टाफ ने जैसे ही एक भारतीय यात्री का पासपोर्ट चेक किया उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा..स्टाफ को पासपोर्ट पर अंकित जन्म वर्ष 1896 पर विश्वास ही नहीं हुआ..
उसे लगा कि पासपोर्ट नकली है क्योंकि वर्ष 1896 में पैदा हुआ एक व्यक्ति हवाई यात्रा कैसे यात्रा कर सकता है..?
1896 में पैदा हुए योगाचार्य स्वामी शिवानंद थे अब वह 127 साल के हो चुके हैं उनका जन्म 8 अगस्त, 1896 को बांग्लादेश में हुआ था। वह यूपी के वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित कबीर नगर में रह रहे हैं.. रात में 9 बजे सो जाते हैं और वह सुबह 3 बजे ही उठ जाते हैं सुबह भगवत गीता पढ़ते हैं रात के भोजन में जौ से बना दलिया, आलू का चोखा और उबली सब्जियां नियमित रूप से खाते हैं वह दिन में कभी नहीं सोते हैं
इस उम्र की भी पड़ाव में उनकी फुर्ती देखकर सभी लोग हैरान थे वहां पर मौजूद सभी लोग उत्साह से उनके साथ फोटो खींचने में लग गए उन्हें वर्ष 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है ये है हमारे योग की शक्ति
जय सनातन धर्म 🙏
नोट: यह पोस्ट फैक्ट चेक के बाद ही किया गया है, इसलिए तिथियों के संबंध में आप निश्चिंत रहें या गूगल कर प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के लेख से पुष्टि कर लें l