हेल्थ इंश्योरेंस पर GST हटाते ही इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलना चाहिए था न कि बीमा कंपनियों को, मगर GST हटते ही बीमा कंपनियों ने बेस प्रीमियम को 8 से 12 फीसदी तक बढ़ा दिया जो साफ तौर पर जनता के साथ धोखा और सरकार के नीतिगत फैसले का दुरुपयोग है | चूंकि हेल्थ इंश्योरेंस कोई लग्ज़री व्यवस्था नहीं बल्कि ज़रूरत है क्योंकि बीमारी पहले ही इंसान को तोड़ देती है और उस पर बीमा कंपनियों की लालच भरी नीतियाँ आम आदमी की कमर तोड़ रही हैं ऐसे में GST हटने का फायदा उपभोक्ता को मिलना चाहिए था मगर उसका तोड़ बीमा कंपनियों ने निकाल लिया जो जनता के हित में नहीं है |
मेरा प्रधानमंत्री श्री
@narendramodi
व वित्त मंत्री श्रीमती
@nsitharaman
से प्रश्न है कि
1- क्या हर सुधार का लाभ सिर्फ कॉरपोरेट मुनाफे तक सीमित रहेगा ?
2- क्या IRDAI और सरकार,बीमा कम्पनियों की इस मनमर्जी पर सख़्त निगरानी रखेंगी या चुप रहेंगी ?
