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Kali, a stray dog from Mayurbhanj district, is being remembered as a hero after sacrificing her life to protect schoolchildren.
The incident took place near Sri Jagannath Sishu Vidya Mandir, where over 30 kindergarten students were sitting outside when a venomous snake approached the area.
Before anyone could react, Kali charged at the snake, shielding the children. She managed to kill it but suffered a fatal bite during the struggle and later ****d from the venom.
हर की पौड़ी, हरिद्वार में “गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक” लिखे नए बोर्ड लगाए गए हैं, और यह मामला अब सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े विवाद में बदल गया है।
खबरों के मुताबिक, ये बोर्ड श्री गंगा सभा ने लगाए हैं, जो इस घाट का प्रबंधन करती है, और उन्होंने 1916 के हरिद्वार म्युनिसिपल बायलॉज का हवाला दिया है, जिसमें हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक बताई गई है.
इस विवाद की जड़ में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम और सामाजिक सौहार्द—तीनों मुद्दे हैं।
गंगा सभा का कहना है कि यह कदम तीर्थ की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए है, जबकि विरोध करने वाले इसे विभाजनकारी बता रहे हैं और मानते हैं कि इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और हरिद्वार के 105 घाटों तक ऐसी पाबंदियों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.
हर की पौड़ी, हरिद्वार में “गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक” लिखे नए बोर्ड लगाए गए हैं, और यह मामला अब सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े विवाद में बदल गया है।
खबरों के मुताबिक, ये बोर्ड श्री गंगा सभा ने लगाए हैं, जो इस घाट का प्रबंधन करती है, और उन्होंने 1916 के हरिद्वार म्युनिसिपल बायलॉज का हवाला दिया है, जिसमें हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक बताई गई है.
इस विवाद की जड़ में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम और सामाजिक सौहार्द—तीनों मुद्दे हैं।
गंगा सभा का कहना है कि यह कदम तीर्थ की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए है, जबकि विरोध करने वाले इसे विभाजनकारी बता रहे हैं और मानते हैं कि इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और हरिद्वार के 105 घाटों तक ऐसी पाबंदियों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.
हर की पौड़ी, हरिद्वार में “गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक” लिखे नए बोर्ड लगाए गए हैं, और यह मामला अब सिर्फ एक पोस्टर तक सीमित नहीं रहा बल्कि बड़े विवाद में बदल गया है।
खबरों के मुताबिक, ये बोर्ड श्री गंगा सभा ने लगाए हैं, जो इस घाट का प्रबंधन करती है, और उन्होंने 1916 के हरिद्वार म्युनिसिपल बायलॉज का हवाला दिया है, जिसमें हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक बताई गई है.
इस विवाद की जड़ में धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम और सामाजिक सौहार्द—तीनों मुद्दे हैं।
गंगा सभा का कहना है कि यह कदम तीर्थ की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए है, जबकि विरोध करने वाले इसे विभाजनकारी बता रहे हैं और मानते हैं कि इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और हरिद्वार के 105 घाटों तक ऐसी पाबंदियों को बढ़ाने की संभावना पर चर्चा चल रही है.
