Discover posts

Explore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations

image

image

image

image
4 d - Translate

गैसपुरा के इलाके से लूट का मामला आया सामने
#police #viralvideo #punjab #ludhiana #fbreels

4 d - Translate

मैं ठाकुर हूँ…” — बस इतना कहा उसने,
और पूरा सोशल मीडिया आगबबूला हो गया।
कहा गया — जातिवाद है, घमण्ड है, गलत है।
पर सच ये भी है कि जिस देश में फॉर्म भरने से लेकर शादी के विज्ञापनों तक जाति पूछी जाती हो,
जहाँ राजनीति, योजनाएँ, एडमिशन, नौकरी — सब जगह जाति खुलकर इस्तेमाल होती हो,
वहाँ अपनी पहचान बताना अचानक अपराध कैसे बन गया?
सिस्टम जाति पूछे तो ठीक,
वोट जाति पर माँगे जाएँ तो ठीक,
रिज़र्वेशन और राजनीति जाति पर चले तो ठीक…
पर कोई अपनी जाति बोल दे तो बवाल?
समस्या शायद जाति से नहीं,
बल्कि सच सुनने से है।
सोचिए — दोहरा मापदंड कब तक चलेगा?
#viralvideos | #bank | #hdfcbank
#facebook #instagram #youtube #twitter #tiktok #instagood #love #like #socialmedia #follow #viral #whatsapp #trending #marketing #music #reels #google #digitalmarketing #photography #insta #india #fashion #memes #followforfollowback #socialmediamarketing #business

image
4 d - Translate

उस लड़की ने बस इतना कहा — “ठाकुर हूँ मैं.. मुझसे बकचोदी मत करना साले।"
और देश का पूरा इकोसिस्टम अलर्ट मोड में आ गया ! टाइमलाइन गरम हुई, नैतिकता जाग उठी, सोशल मीडिया में भारी आक्रोश मच गया। अरे ये लड़की तो जातिवाद कर रही है। ऊँची जाति होने का घमण्ड दिखा रही है। ब्ला ब्ला।
पर ज़रा ठहरो ! एक बात हमारी भी सुनो फिर फैसला करना।
हम उसी देश में रहते हैं, जहाँ जाति प्रमाणपत्र सरकार खुद जारी करती है। फॉर्म से लेकर शादी के विज्ञापनों तक, हर जगह जाति लिखी जाती है। सरकारी योजनाएँ, करियर के मौके, राजनीति, सब में जाति खुलकर इस्तेमाल होती है। वोट भी जाति के नाम पर माँगे जाते हैं।
एडमिशन में जाति, नौकरी में जाति ,राजनीति में जाति, शादी में जाति वो सब आपके लिए ठीक हैं।
पर फिर उस लड़की का “ ठाकुर हूँ मैं” बोलना अपराध कैसे? ये कोरा दोगलापन है आपका।
इस लड़की ने ठाकुर होने का मुचलका भरा है। कीमत चुकाई है। उसको बचपन से आपने बताया है कि वो ठाकुर हूँ। और उससे ठाकुर होने की कीमत समय समय पर वसूलता रहेगा ये सिस्टम।
इसके दलित दोस्तों ने कभी एग्जाम फ़ीस नहीं दी होगी.. क्योंकि इस ठाकुर लड़की से इस सिस्टम ने चार गुना फीस वसूली थी। बेशक़ सब ही गरीब और संघर्षरत रहे होंगे.. इस ठाकुर लड़की को सवर्ण होने के कारण अधिक मेरिट पर भी रेस से बाहर होना पड़ा होगा।
इस लड़की को तुमने समय समय पर एहसास करवाया है कि वो ठाकुर है। अब अगर वो प्राउडली कह रही है कि मैं ठाकुर हूँ.. तो तुमको मिर्च क्यों लग रही है दोस्त।
दोगलेपन को बेनकाब करना मेरा शौक है।

image
4 d - Translate

मात्र ठाकुर कह देने से सोशल मीडिया पर इतना बवाल क्यों, भाई?
देश के प्रधानमंत्री गर्व से कहते हैं कि मैं ओबीसी से आता हूँ,
देश की राष्ट्रपति भी कहती हैं कि मैं दलित समाज से आती हूं,
मायावती भी कहती हैं कि मैं पिछड़े समाज से आती हूं।
तो अगर एक ठाकुराइन ने अपने आप को ठाकुर बोल दिया तो इतना बवाल क्यों?
अपनी संस्कृति और पहचान पर गर्व करना सबका अधिकार है।

image

image
4 d - Translate

माइनस 40 नंबर वालों को डॉक्टर बना दो 0नम्बर वाले को इंजीनियर बना दो, और सामान्य वर्ग को कानून के तहत् अपराधी बना दो, यही है भाजपा का विकसित भारत
#ugc_काला_कानून_वापस_लो
#ugc_काला_कानून_वापस_लो

image