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◆ गौतम अदाणी अमरीकन कोर्ट में "फुल सरेंडर"..अदाणी परिवार ने अमरीकी कोर्ट का समन मंज़ूर कर लिया है..दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा था..

◆ नरेन्दर के बा'द गौतम भी सरेंडर ✌️😆

◆ अदाणी के समन मंज़ूर करते ही अब अदाणी अमरीकी कोर्ट का ऑफिसियल मुल्ज़िम बन चुका है..

◆ अब अदाणी को साबित करना है कि उस ने अमरीका में कोई जुर्म नहीं किया है..अमरीकन कोर्ट में रखे गए सुबूतों को देखते हुए अदाणी के लिए ख़ुद को बे-क़ुसूर साबित करना बहुत मुश्किल काम होगा..

◆ अमरीकन कोर्ट में "डिजीटल एविडेंस" रखे गए हैं..डिजिटल सुबूतों पर अदाणी बुरी तरह से फंसा हुआ है..अगर डिजिटल सुबूत नहीं होते तो अदाणी सरेंडर नहीं होता..

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◆ क्या आप यक़ीन करेंगे कि 9000 करोड़ का मालिक IT रेड के ख़ौफ़ से ख़ुद को गोली मार कर ख़ुदकुशी कर सकता है? यक़ीन करना नामुमकिन है

◆ सी जे रॉय साहब, रियल एस्टेट कंपनी "कॉन्फिडेंट ग्रुप" के मालिक, ने IT रेड के दौरान ख़ुद को गोली मार ली और दुनिया को अलविदा' कह दिया..

◆ वारदात को सिलसिलेवार तरीक़े से समझिए

~ दोपहर 12 बजे IT की टीम पहुंचती है
~ दोपहर 2 बजे सी जे रॉय दफ़्तर पहुंचे
~ 2.30 पर IT अफ़सर ने काग़ज़ दिए
~ रॉय साहब से काग़ज़ पर दस्तख़त करने कहा
~ 3 बजे रॉय साहब प्राइवेट केबिन में गए
~ 3.10 पर ख़ुद को गोली मार ली
~ 3.30 पर हॉस्पिटल ने उन्हें मृत बता दिया

◆ ये कोई मज़ाक़ चल रहा है कि एक इतना बड़ा उद्योगपति मामूली IT रेड से ख़ुद की ज़िंदगी ख़त्म कर ले? ऐसी IT रेड बड़े उद्योगपतियों का रोज़ का काम होता है

◆ IT वाले आए थे या IT की आड़ में कोई और ही आया था? क्या रॉय साहब का क़त्ल करने की कोई साज़िश थी?

◆ IT केंद्र सरकार की है..वित्तमंत्री सीतारमण का डिपार्टमेंट है..और सीतारमण मोदी के मातहत काम करती है..सीतारमण को जवाब देना है..

◆ IT रेड के ज़रि'ए भारत में क्या क्या किया गया है इस बात से पूरा भारत वाक़िफ़ है..

👉 कर्नाटक में रॉय साहब से वुसूली और राज़ी ना होने पर उन का क़त्ल करने की अफ़वाह चल रही है..और सच्चाई शायद ही कभी सामने आएगी

👉 अगर आप को याद हो तो "कैफ़े कॉफ़ी" के मालिक का भी मशकूक/संदेहजनक हालात में क़त्ल हुआ था..आज तक कोई फ़ैसला नहीं हुआ है..

✋ इस वक़्त भारत में इस वक़्त "चंदा दो, धंधा लो" गैंग काम कर रहा है..अगर किसी ने चंदा नहीं दिया तो उस की जान लेने में कोई हिचक नहीं है..

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मथुरा एस्केप नहर पर अतिक्रमण हटाने की कवायद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या सरकारी विभाग आपस में बात नहीं करते? यहां सिंचाई विभाग ने जिन 800 मकानों और दुकानों पर 'लाल निशान' लगाए हैं, उनमें से कई घरों पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का सरकारी पत्थर लगा है। सवाल यह है कि जिस घर को बनाने के लिए खुद सरकार ने ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया, अब उसे ही अवैध मानकर ढहाने की तैयारी क्यों है?

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😱😲​भोपाल: RTO के पूर्व आरक्षक के 'अवैध साम्राज्य' का भंडाफोड़; जमीन के नीचे दबा मिला चांदी का खजाना see more....
🔹​भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई की है। परिवहन विभाग (RTO) के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर हुई छापेमारी में अकूत संपत्ति और सोने-चांदी का जखीरा बरामद हुआ है।
🔸​फर्श के नीचे छिपा था 'कुबेर का खजाना'
​जांच टीम तब दंग रह गई जब जयपुरिया स्कूल स्थित सौरभ के ऑफिस में कारपेट और टाइल्स के नीचे एक अंडरग्राउंड लॉकर मिला। टाइल्स हटाने पर वहां प्लास्टिक के 5 बोरों में 200 चांदी की सिल्लियां बरामद हुईं, जिनका वजन 200 किलोग्राम है।
🔹​छापेमारी के मुख्य बिंदु (17 घंटे चली कार्रवाई):
​नकदी: नोट गिनने की 7 मशीनों की मदद से कुल 2.95 करोड़ रुपये कैश गिना गया।
​सोना-चांदी: 2 क्विंटल चांदी की सिल्लियां, 10 किलो चांदी के जेवर और 50 लाख रुपये का सोना।
​लक्जरी लाइफ: 2 करोड़ का घरेलू सामान (कीमती झूमर, मूर्तियां, महंगे कपड़े) और लक्जरी गाड़ियां।
​प्रॉपर्टी: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत कई शहरों में जमीनों के दस्तावेज, एग्रीमेंट और बैंक पासबुक।
​7 करोड़ का बंगला: अरेरा कॉलोनी (E-7) में सवा दो करोड़ में खरीदा गया बंगला, जिसकी वर्तमान कीमत 7 करोड़ है।
😲🔸​7 साल की नौकरी और करोड़ों का खेल
​हैरानी की बात यह है कि सौरभ शर्मा ने महज 7 साल की नौकरी के दौरान ही यह अवैध साम्राज्य खड़ा कर लिया। एक साल पहले वीआरएस (VRS) लेकर वह रियल एस्टेट के कारोबार में उतर गया था। लोकायुक्त की टीम को अंदेशा है कि उसने बेनामी संपत्तियां अपने रिश्तेदारों और दोस्तों (जैसे चेतन सिंह गौर) के नाम पर ले रखी थीं।
​खास बात: कार्रवाई के वक्त आरोपी सौरभ शर्मा भारत में नहीं था, वह फिलहाल दुबई में बताया जा रहा है।
#bhopalnews #lokayuktaraid #corruptionfreeindia #madhyapradesh #rtostore #blackmoney

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😱😲​भोपाल: RTO के पूर्व आरक्षक के 'अवैध साम्राज्य' का भंडाफोड़; जमीन के नीचे दबा मिला चांदी का खजाना see more....
🔹​भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई की है। परिवहन विभाग (RTO) के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर हुई छापेमारी में अकूत संपत्ति और सोने-चांदी का जखीरा बरामद हुआ है।
🔸​फर्श के नीचे छिपा था 'कुबेर का खजाना'
​जांच टीम तब दंग रह गई जब जयपुरिया स्कूल स्थित सौरभ के ऑफिस में कारपेट और टाइल्स के नीचे एक अंडरग्राउंड लॉकर मिला। टाइल्स हटाने पर वहां प्लास्टिक के 5 बोरों में 200 चांदी की सिल्लियां बरामद हुईं, जिनका वजन 200 किलोग्राम है।
🔹​छापेमारी के मुख्य बिंदु (17 घंटे चली कार्रवाई):
​नकदी: नोट गिनने की 7 मशीनों की मदद से कुल 2.95 करोड़ रुपये कैश गिना गया।
​सोना-चांदी: 2 क्विंटल चांदी की सिल्लियां, 10 किलो चांदी के जेवर और 50 लाख रुपये का सोना।
​लक्जरी लाइफ: 2 करोड़ का घरेलू सामान (कीमती झूमर, मूर्तियां, महंगे कपड़े) और लक्जरी गाड़ियां।
​प्रॉपर्टी: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत कई शहरों में जमीनों के दस्तावेज, एग्रीमेंट और बैंक पासबुक।
​7 करोड़ का बंगला: अरेरा कॉलोनी (E-7) में सवा दो करोड़ में खरीदा गया बंगला, जिसकी वर्तमान कीमत 7 करोड़ है।
😲🔸​7 साल की नौकरी और करोड़ों का खेल
​हैरानी की बात यह है कि सौरभ शर्मा ने महज 7 साल की नौकरी के दौरान ही यह अवैध साम्राज्य खड़ा कर लिया। एक साल पहले वीआरएस (VRS) लेकर वह रियल एस्टेट के कारोबार में उतर गया था। लोकायुक्त की टीम को अंदेशा है कि उसने बेनामी संपत्तियां अपने रिश्तेदारों और दोस्तों (जैसे चेतन सिंह गौर) के नाम पर ले रखी थीं।
​खास बात: कार्रवाई के वक्त आरोपी सौरभ शर्मा भारत में नहीं था, वह फिलहाल दुबई में बताया जा रहा है।
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