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जनपद गाज़ीपुर स्थित बिछुड़न नाथ महादेव धाम, बभनौली, सैदपुर में आयोजित सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य में विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस गरिमामयी आयोजन में हिंगलाज सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री जी, अग्निपीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री रामकृष्णानंद जी, एवं दर्जाप्राप्त मंत्री आचार्य सोमेश परसाई जी की उपस्थिति रही।
Narendra Modi PMO India J.P.Nadda Amit Shah Nitin Nabin
जनपद गाज़ीपुर स्थित बिछुड़न नाथ महादेव धाम, बभनौली, सैदपुर में आयोजित सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य में विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस गरिमामयी आयोजन में हिंगलाज सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री जी, अग्निपीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री रामकृष्णानंद जी, एवं दर्जाप्राप्त मंत्री आचार्य सोमेश परसाई जी की उपस्थिति रही।
Narendra Modi PMO India J.P.Nadda Amit Shah Nitin Nabin
जनपद गाज़ीपुर स्थित बिछुड़न नाथ महादेव धाम, बभनौली, सैदपुर में आयोजित सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य में विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस गरिमामयी आयोजन में हिंगलाज सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री जी, अग्निपीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री रामकृष्णानंद जी, एवं दर्जाप्राप्त मंत्री आचार्य सोमेश परसाई जी की उपस्थिति रही।
Narendra Modi PMO India J.P.Nadda Amit Shah Nitin Nabin

एक 18 साल की लड़की जो हर रोज़ टॉयलेट में सोती है...! चीन की ये कहानी इन दिनों सोशल मीडिया लोगों का दिल छू रही है..!! और इस लड़की का नाम यांग है.!! लेकिन इसका सपना है कि ये अपने छोटे भाई को पढ़ाना.!! हालांकि इसका हालत इतनी खराब थी कि घर का खर्च और भाई की पढ़ाई दोनों संभालना मुश्किल हो गया हैं.!! और लड़की ने पैसों की तंगी के वज़ह से ऑफिस के टॉयलेट में रहना शुरू कर दिया.!! ताकि रेंट का पैसा बच सके.!! और टॉयलेट में वें रात को सोती है और सुबह सब साफ कर देती है.!! और महीने केवल 50 युआन (लगभग ₹59 किराया देती है.!! और पूरी कमाई भाई की पढ़ाई में लगा देती है.!! ये कहानी संघर्ष के साथ एक बहन के छोटे भाई के लिए प्यार और त्याग की मिसाल है!!!
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केरल के कन्नूर की रहने वाली 24 वर्षीय तान्या नाथन राज्य की पहली पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित महिला न्यायिक अधिकारी बनने जा रही हैं। उन्होंने केरल न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 में दिव्यांग श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है।
तान्या जन्म से देख नहीं सकतीं, लेकिन उन्होंने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कन्नूर यूनिवर्सिटी से एलएलबी में टॉप करने वाली तान्या ने अपनी तैयारी के लिए स्क्रीन-रीडिंग सॉफ्टवेयर और ब्रेल लिपि का सहारा लिया।
यह जीत सिर्फ तान्या की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो मानती थी कि दिव्यांग न्यायिक सेवा के योग्य नहीं हैं। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद यह संभव हो पाया, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि दृष्टिबाधित उम्मीदवार भी जज बन सकते हैं।
फिलहाल थलिपरंबा में वकालत कर रहीं तान्या जल्द ही 'सिविल जज' (जूनियर डिवीजन) की कुर्सी संभालेंगी। उनका सफर बताता है कि न्याय करने के लिए आंखों की नहीं, अंतर्दृष्टि की जरूरत होती है।
इतिहास में लड़ाइयां सिर्फ तलवारों से नहीं, त्याग से भी जीती जाती हैं। और इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं— दानवीर भामाशाह।
हल्दीघाटी के युद्ध (1576) के बाद महाराणा प्रताप के पास न धन था, न सेना। वे अरावली के जंगलों में भटक रहे थे, घास की रोटियां खा रहे थे और मुगलों के सामने झुकने को तैयार नहीं थे। स्थिति इतनी विकट थी कि प्रताप मेवाड़ छोड़ने का विचार कर रहे थे।
तभी उनके प्रधानमंत्री और बचपन के सखा, भामाशाह सामने आए। उन्होंने अपनी पीढ़ियों की कमाई और जीवन भर की सारी संपत्ति महाराणा के चरणों में ढेर कर दी। इतिहासकारों के अनुसार, वह धन इतना था कि 25,000 सैनिकों का खर्च 12 वर्षों तक आसानी से उठाया जा सकता था।
भामाशाह ने कहा था: "राणा जी! यह धन मैंने इसी माटी से कमाया है, और आज अगर यह माटी ही नहीं रहेगी, तो इस धन का मैं क्या करूंगा?"
इसी धन से प्रताप ने फिर से सेना खड़ी की और दिवेर के युद्ध में मुगलों को धूल चटाकर मेवाड़ को मुक्त कराया। भामाशाह सिर्फ एक दानवीर नहीं, बल्कि देश के रक्षक थे।
#danveerbhamashah #maharanapratap #mewarhistory #rajputana