Découvrir des postesExplorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives
आज मध्य प्रदेश के सीधी में मोदी जी का पुतला फूंका गया।
UGC जैसा काला कानून लाकर, SC/ST जैसे काले कानूनों को मजबूत करके और जातीय आरक्षण के जरिए देश में जाति का जहर घोलने वाले मोदी जी के विरोध में यह पुतला दहन किया गया।
जातीय आरक्षण का विरोध, UGC काले कानून का विरोध और सवर्ण आयोग लागू करने की मांग—सीधी से आज साफ संदेश है:
अब अन्याय के खिलाफ आवाज और बुलंद होगी।
हम चुप बैठने वाले नहीं हैं!
#सीधी #मध्यप्रदेश #मोदीजी #जातीयआरक्षण #ugc_rollback #ugc_काला_कानून #scstact #सवर्ण_आयोग_बनाओ #savemeritinmp #विरोध_प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के इंदौर से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक दर्दनाक मामला सामने आया है जहां 13 सितंबर को अस्पताल में दम तोड़ने वाली बुजुर्ग लता बाई के पार्थिव शरीर को उनके चार-चार सगे बेटों में से किसी ने भी अपनाने से साफ मना कर दिया। बेटों की इस बेरहमी के चलते बुजुर्ग मां का शव पूरे तीन दिनों तक मर्च्युरी में लावारिसों की तरह पड़ा रहा। बताया जा रहा है कि अपनी जिंदगी भर की मेहनत की कमाई से मां ने जिस फ्लैट को खरीदा था बेटों ने पहले उसे अपने नाम लिखवाकर मां को बेसहारा छोड़ दिया जिसके बाद बीते आठ महीनों से वे समाजसेवियों के सहारे एक वृद्धाश्रम में दिन काट रही थीं। कलयुगी बेटों द्वारा अंतिम विदाई तक देने से इनकार किए जाने के बाद आखिरकार जानकी वृद्धाश्रम और प्रीयू फाउंडेशन के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी उठाई और बुधवार को रीजनल पार्क मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया।