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ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵੱਲੋਂ ਹਲਕਾ ਅਮਰਗੜ੍ਹ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿੰਗਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ’ਤੇ ਸਮੂਹ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬਾਨ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਬਹੁਤ-ਬਹੁਤ ਵਧਾਈਆਂ ਅਤੇ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾਵਾਂ। 🎉
ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਸਮੂਹ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਸਹਿਬਾਨ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਮਿਹਨਤ, ਲਗਨ, ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਅਤੇ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ ਅਤੇ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨਗੇ।
1. ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਉੱਭੀ ( ਪ੍ਰਧਾਨ ਬੀ ਸੀ ਵਿੰਗ)
2. ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੁਰੜਛਾਪਾ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਵਪਾਰੀ ਵਿੰਗ)
3. ਮੁਹੰਮਦ ਨਫ਼ੀਸ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੁਸਲਿਮ ਵਿੰਗ)
4. ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਯੂਥ ਵਿੰਗ)
5. ਨਿਰਭੈ ਸਿੰਘ ਮੰਨਵੀ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਐਸ ਸੀ ਵਿੰਗ)
6. ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਭੁੱਲਰਾਂ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਇਸਤਰੀ ਵਿੰਗ
केरल की एक साधारण सी लड़की ने वो कर दिखाया, जो बड़े बड़े लोग सिर्फ सपना देखते हैं।
महज 11 साल की उम्र में अपनी कंपनी की CEO बनने वाली श्रीलक्ष्मी सुरेश ने साबित कर दिया कि उम्र कभी काबिलियत की दीवार नहीं बनती।
महज 6 साल की उम्र में कोडिंग शुरू की, 8 साल की उम्र में अपने स्कूल की वेबसाइट बनाई और आगे चलकर Microsoft, Nokia और Coca-Cola जैसी दुनिया भर की दिग्गज कंपनियों के साथ काम किया।
न कोई IIT की डिग्री, न टेक्निकल परिवार का बैकग्राउंड, सिर्फ एक सेकंड हैंड कंप्यूटर और मजबूत जुनून ने उसे दुनिया के सबसे कम उम्र के CEO की पंक्ति में खड़ा कर दिया।
आज 18 साल की उम्र में वह एक सफल उद्यमी, लेखिका और मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं।
श्रीलक्ष्मी की कहानी हर उस युवा के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।
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क्या कोई इंसान अपने जीवनसाथी के रूप में एक कुत्ते को चुन सकता है? 😳 यह सुनने में जितना अजीब लगता है, यह मामला उतना ही चर्चा का विषय बना। इस वायरल कहानी में दावा किया गया है कि एक महिला ने अपने पति से तलाक लेने के बाद किसी इंसान से नहीं, बल्कि अपने पालतू कुत्ते से प्रतीकात्मक शादी कर ली। महिला का कहना था कि उसे अपने नए साथी के साथ पहले से ज्यादा खुशी और सुकून मिला।
लेकिन क्या यह खबर पूरी तरह सच है? क्या इसके पीछे कोई सांस्कृतिक परंपरा, प्रतीकात्मक रस्म या फिर सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी है? इस वीडियो में हम इसी वायरल दावे के पीछे की पूरी कहानी, उपलब्ध रिपोर्ट्स और उससे जुड़े तथ्यों पर बात करेंगे।
⚠️ नोट: इंटरनेट पर वायरल होने वाली हर खबर पूरी तरह सही हो, यह जरूरी नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल उपलब्ध रिपोर्ट्स और वायरल दावों की जानकारी साझा करना है। दर्शकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी अवश See less
कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में जब सड़कों पर जानवर भूख और इलाज के अभाव में तड़प रहे थे, तब Varsha Raj ने उन्हें खाना खिलाने से शुरुआत की। यही छोटी सी कोशिश आगे चलकर APNA Foundation बनी, जो आज पटना का पहला एनिमल शेल्टर होम चला रही है।
ट्यूशन पढ़ाकर, म्यूजिक परफॉर्मेंस से कमाई करके और अपनी निजी जरूरतों से समझौता कर उन्होंने एक ऐसा मिशन खड़ा किया, जो आज हजारों बेजुबानों की उम्मीद बन चुका है।
पूरी कहानी यहां पढ़ें: https://yourstory.com/.../vars....ha-raj-apna-foundati
Samrat Choudhary | CMO Bihar | Information & Public Relations Department, Government of Bihar
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*भारत की साड़ियाँ : परंपरा और वैभव*
#राष्ट्रीय_हथकरघा_दिवस
भारत की सांस्कृतिक धरोहर जितनी विविध और रंगीन है, उतनी ही समृद्ध उसकी वस्त्र परंपरा भी है। इस परंपरा की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति भारतीय साड़ी है। यह केवल एक परिधान नहीं, बल्कि भारत की कला, शिल्प, सौंदर्यबोध और सांस्कृतिक निरंतरता की वाहक है। हर सूत में एक कथा, हर रंग में एक भाव और हर बुनावट में पीढ़ियों से संचित कौशल समाहित है। इसलिए राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल बुनकरों के श्रम का सम्मान भर नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक विरासत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिसने भारत की विविधता को ताने-बाने में सहेजकर रखा है।
आसमान छूने की कोई सीमा नहीं होती!आज भारत की पहली महिला विमान चालक, अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की प्रतिमूर्ति सरला ठकराल जी की जयंती है। सन् 1936 में, जब महिलाओं के लिए घर की चारदीवारी से बाहर निकलना भी एक चुनौती था, तब मात्र 21 वर्ष की आयु में उन्होंने साड़ी पहनकर 'जिप्सी मॉथ' विमान उड़ाया और इतिहास रच दिया। लाहौर फ्लाइंग क्लब से 1,000 से अधिक घंटे उड़ान भरकर 'A' लाइसेंस प्राप्त करने वाली वे पहली भारतीय महिला थीं。सिर्फ एक कुशल पायलट ही नहीं, जीवन के मुश्किल थपेड़ों के बाद भी उन्होंने खुद को एक सफल उद्यमी, चित्रकार और टेक्सटाइल डिजाइनर के रूप में स्थापित किया। उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान आज भी देश की हर बेटी को अपने सपनों को पंख देने और आसमान से आगे सोचने की प्रेरणा देती है।भारत की इस महान बेटी और विमानन क्षेत्र की पथप्रदर्शक को उनकी जयंती पर शत-शत नमन! 🙏