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सीमा और मरियम, जिन्होंने बचपन में सिर से माता-पिता का साया उठने के बाद कूड़ा चुनकर पेट भरा, आज होटल ताज के कैफेटेरिया में लजीज व्यंजन बना रही हैं।
वहीं राधिका क्लीनिंग और मैनेजमेंट सेक्शन में अपनी पहचान बना रही हैं।
'रेनबो होम' संस्था द्वारा रेस्क्यू की गई ये लड़कियां 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ ₹12,000 की सैलरी पाकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
मरियम जहाँ मार्शल आर्ट्स में ब्लैक बेल्ट और पेंटिंग की माहिर हैं, वहीं सीमा का सपना होटल मैनेजमेंट के सर्वोच्च पद तक पहुँचना है।
इनकी यह यात्रा साबित करती है कि अगर सही अवसर और हौसला मिले, तो समाज की सबसे उपेक्षित बेटियां भी आसमान छू सकती हैं।
यह कहानी केवल एक जॉब की नहीं, बल्कि खोए हुए आत्म-सम्मान को वापस पाने की एक 'ऐतिहासिक' गाथा है।
हरियाणा के यमुनानगर जिले के श्यामपुर गांव में सामने आई एक दिल दहला देने वाली वारदात में एक बेटे ने अपने ही प्यार के लिए मां की हत्या कर दी। 24 दिसंबर को सरपंच जसबीर सिंह की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या का मामला सामने आया था। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि उनका बेटा गोमित राठी ही था।
गोमित पिछले चार साल से एक युवती के साथ रिश्ते में था, जिसे उसकी मां मंजूर नहीं कर रही थी। इसी विवाद के चलते परिवार ने दो साल पहले उसे स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेज दिया था। लेकिन वहां जाने के बाद भी गोमित के मन में नाराजगी कम नहीं हुई और उसने मां की हत्या की साजिश रच डाली।
18 दिसंबर को वह चोरी-छिपे भारत लौटा और दोस्त पंकज की मदद से करनाल में PG लेकर रहने लगा। 24 दिसंबर की रात वह श्यामपुर गांव पहुंचा और पशु बाड़े में छिपकर मां का इंतजार किया। जैसे ही बलजिंद्र कौर वहां आईं, गोमित ने उन पर हमला कर सिर पर चोट मारी, गला दबाया और शव को पानी की हौद में फेंक दिया।
हत्या के बाद वह खुद को इंग्लैंड में बताता रहा और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। परिवार को शक होने पर SIT गठित की गई। मोबाइल लोकेशन और सबूतों के आधार पर सख्ती से पूछताछ में गोमित ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने गोमित और उसके दोस्त पंकज को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।