“मेरा बेटा वापस ला दो…” जयपुर में 17 वर्षीय प्रिंस सोनी की मौ*त से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला प्रिंस बुधवार सुबह बिल्कुल स्वस्थ हा*लत में घर से स्कूल के लिए निकला था। मां निर्मला के मुताबिक, सुबह उसने दूध के साथ दलिया खाया और करीब 7:30 बजे स्कूल चला गया। परिवार को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद उनके घर में मा*तम छा जाएगा।
झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में लंच के दौरान प्रिंस ने कैंटीन से पेटीज खरीदी और खाने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे स्कूल के एक कमरे में ले जाया गया। सामने आए CCTV फुटेज में कुछ लोग प्रिंस को सहारा देकर ले जाते और उसे हवा करते दिखाई दे रहे हैं। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौ*त के बाद मां निर्मला का रो-रोकर बुरा हाल है और उनकी जुबान पर बार-बार यही शब्द आ रहे हैं—“मेरा बेटा वापस ला दो…” वहीं पिता अमित सोनी का सवाल है कि अगर प्रिंस को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर इलाज मिल जाता, तो क्या उसकी जान बच सकती थी?
परिवार ने स्कूल पर समय पर अस्पताल न पहुंचाने का आ*रो*प लगाया है। फिलहाल प्रिंस की अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह, पेटीज खाने और उसकी मौ*त के बीच संबंध, स्कूल में इलाज या मदद मिलने में कथित देरी और CCTV फुटेज समेत पूरे घ*ट*नाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस ने CCTV फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मा*म*ले की पड़ताल शुरू कर दी है। परिवार अब अपने इकलौते बेटे को खोने के गम में न्याय और जवाब का इंतजार कर रहा है।