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स्वतंत्रता सेनानी बिहार के ब्राह्मण
शहीद का नाम: नेबी ठाकुर, जो खजौली (जिला दरभंगा, वर्तमान मधुबनी), बिहार के नरार्ड गांव के निवासी थे।
आंदोलन: उन्होंने 1942 के 'भारत छोड़ो' आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
शहादत: 22 अगस्त 1942 को खजौली में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारे लगाते समय ब्रिटिश सैनिकों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
स्रोत: यह जानकारी 4 फरवरी 1953 के पुलिस अधीक्षक लहरियासराय (गोपनीय) के मेमो नंबर 405(2)/SP और 'बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन' (BSAP) के रिकॉर्ड पर आधारित है।
गणेश ठाकुर बिहार के एक महान और अनसंग (गुमनाम) स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1942 के ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन

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स्वतंत्रता सेनानी बिहार के ब्राह्मण
शहीद का नाम: नेबी ठाकुर, जो खजौली (जिला दरभंगा, वर्तमान मधुबनी), बिहार के नरार्ड गांव के निवासी थे।
आंदोलन: उन्होंने 1942 के 'भारत छोड़ो' आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
शहादत: 22 अगस्त 1942 को खजौली में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारे लगाते समय ब्रिटिश सैनिकों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
स्रोत: यह जानकारी 4 फरवरी 1953 के पुलिस अधीक्षक लहरियासराय (गोपनीय) के मेमो नंबर 405(2)/SP और 'बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन' (BSAP) के रिकॉर्ड पर आधारित है।
गणेश ठाकुर बिहार के एक महान और अनसंग (गुमनाम) स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1942 के ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन

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शहीद का नाम: नेबी ठाकुर, जो खजौली (जिला दरभंगा, वर्तमान मधुबनी), बिहार के नरार्ड गांव के निवासी थे।
आंदोलन: उन्होंने 1942 के 'भारत छोड़ो' आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
शहादत: 22 अगस्त 1942 को खजौली में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारे लगाते समय ब्रिटिश सैनिकों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
स्रोत: यह जानकारी 4 फरवरी 1953 के पुलिस अधीक्षक लहरियासराय (गोपनीय) के मेमो नंबर 405(2)/SP और 'बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन' (BSAP) के रिकॉर्ड पर आधारित है।
गणेश ठाकुर बिहार के एक महान और अनसंग (गुमनाम) स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1942 के ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन

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