टाटा समूह के पहले चेयरमैन एवं देश में औद्योगिक क्रांति की गति के संवाहक, सर दोराबजी टाटा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
Narendra Modi Nitin Nabin Amit Shah #blsanthosh MYogiAdityanath Dharampal Singh Pankaj
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टाटा समूह के पहले चेयरमैन एवं देश में औद्योगिक क्रांति की गति के संवाहक, सर दोराबजी टाटा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
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नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम आश्रम में हर साल 15 जून को स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन आश्रम में हनुमान जी व अन्य मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। इस अवसर पर यहाँ एक विशाल भंडारे (भोज) का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस धाम की स्थापना नीम करौली बाबा ने की थी। इस दिन से उनका एक प्रसिद्ध किस्सा जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, एक बार आश्रम के भंडारे के दौरान भोजन बनाने के लिए घी कम पड़ गया था। तब बाबा के निर्देश पर आयोजक पास बहती शिप्रा नदी से जल भरकर लाए। बताया जाता है कि बाबा के स्पर्श से वह जल घी में बदल गया, जिससे बिना किसी रुकावट के भक्तों के लिए भोजन तैयार हो सका।
नीम करौली बाबा ने 10 सितंबर 1973 को महासमाधि ले ली थी। इसके बाद 1974 में उनके भक्तों ने कैंची धाम में उनके मंदिर का निर्माण कर मूर्ति स्थापित की। आज भी 15 जून के दिन हजारों लोग यहाँ प्रसाद ग्रहण करने आते हैं।
गुजरात के चराड़ा गांव में 13 अगस्त 1929 को जन्मे संत प्रह्लाद जानी का दावा था कि उन्होंने 76 सालों तक न कुछ खाया और न ही पानी पिया। 'चुनरीवाले माताजी' के नाम से मशहूर संत के अनुसार, बचपन में देवी महामाया के वरदान के कारण उनके तालु से निकलने वाले दिव्य रस से उन्हें बिना खाए-पीए ऊर्जा मिलती थी।
उनके इस दावे की सच्चाई जानने के लिए वर्ष 2010 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक टीम ने उन पर अध्ययन किया था। उन्हें 15 दिनों तक 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी वाले एक विशेष कमरे में रखा गया। परीक्षण के दौरान उन्होंने न तो कुछ खाया और न ही पानी पिया, फिर भी उनका स्वास्थ्य बिल्कुल सामान्य मिला। इस परिणाम ने वैज्ञानिकों को भी आश्चर्यचकित कर दिया था। DRDO का मकसद यह जानना था कि क्या मानव शरीर कम संसाधनों में लंबे समय तक जीवित रह सकता है, ताकि कठिन परिस्थितियों में इसका उपयोग सैनिकों के लिए किया जा सके।
26 मई 2020 को 90 वर्ष की आयु में गुजरात में संत प्रह्लाद जानी का निधन हो गया।
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मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम में भगवान हनुमान की एक अनोखी प्रतिमा है, जहां उन्हें 'डॉक्टर हनुमान' के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हनुमान जी की करीब 300 साल पुरानी यह मूर्ति नृत्य मुद्रा में विराजमान है और उनके स्वरूप के साथ एक स्टेथोस्कोप भी लगाया जाता है।
मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर असाध्य और गंभीर बीमारियां ठीक हो जाती हैं। मंदिर से जुड़ी एक कथा के अनुसार, वर्षों पहले शिवकुमार दास नामक एक संत कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। जब उन्होंने हनुमान जी की निरंतर आराधना की, तो बजरंगबली ने उन्हें दर्शन देकर रोग मुक्त कर दिया। इसके बाद से ही वे 'डॉक्टर हनुमान' के रूप में प्रसिद्ध हो गए।
वर्तमान में यहां हर दिन, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को, भारी भीड़ उमड़ती है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज स्वास्थ्य लाभ की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं।
जब ओ.पी. चौधरी 8 वर्ष के थे, तब उनके सरकारी शिक्षक पिता का निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद, उनकी मां को पेंशन के काम के लिए बार-बार कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने पड़ते थे। अपनी मां के साथ कलेक्ट्रेट जाते हुए उन्होंने कलेक्टर पद की अहमियत देखी और बचपन में ही IAS अधिकारी बनने का दृढ़ निश्चय कर लिया।
उन्होंने 23 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में UPSC की परीक्षा पास की और 2005 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी बने। 13 वर्षों तक कोरबा, दंतेवाड़ा और रायपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद, ओ.पी. चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
नौकरी छोड़ने के बाद वे राजनीति में आ गए और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रायगढ़ सीट से जीत हासिल की। वर्तमान में ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री के पद पर कार्यरत हैं।