Entdecken BeiträgeEntdecken Sie fesselnde Inhalte und vielfältige Perspektiven auf unserer Discover-Seite. Entdecken Sie neue Ideen und führen Sie bedeutungsvolle Gespräche
आपके एक-एक वोट से मिला विश्वास ही आज उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
हमारी सरकार के पारदर्शी सुशासन, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पहली बार प्रदेश का बजट ₹1.11 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
यह केवल बजट का विस्तार नहीं, बल्कि सशक्त अर्थव्यवस्था, तीव्र विकास, वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विकास, विश्वास और जनसेवा के इस संकल्प के साथ हम उत्तराखंड को प्रगति के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader
भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader
भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader
भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader



#नास्तिकता का सिर्फ धर्म से ही सम्बन्ध नहीं होता है अपितु इसका राज्य व्यवस्था से भी सम्बन्ध होता है।
अब राज्य व्यवस्था से इसका क्या सम्बन्ध होता है। यदि यह सवाल आपके मन में आता है तो यह लेख आपके लिए है लेख कमेंट बॉक्स में है
स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि
अमर आत्मा की प्रेरणा
आज, 4 जुलाई,
स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि है.
वह महान संत, विचारक और
आध्यात्मिक गुरु, जिन्होंने
भारत के प्राचीन दर्शन को
विश्व मंच पर स्थापित किया.
उनका जीवन और शिक्षाएं आज भी
लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.
स्वामीजी का विश्वास था, कि ...
प्रत्येक आत्मा में ईश्वरीय शक्ति निहित है,
और इस शक्ति को जागृत करना ही
मानव जीवन का उद्देश्य है.
★
उठो, जागो और तब तक मत रुको,
जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो.
यह उनका वह मंत्र है, जो हमें
आत्मविश्वास और कर्मठता की ओर
प्रेरित करता है.
★
स्वामी विवेकानंद ने वेदांत दर्शन को
सरलता से समझाया और बताया कि
सच्चा आध्यात्म जीवन से पलायन नहीं,
बल्कि जीवन को पूर्णता के साथ
जीने की कला है.
उनकी दृष्टि में, धर्म का सार
सेवा और प्रेम में निहित है.
उन्होंने कहा था ~
जो तुम्हें कमजोर बनाए, वह धर्म नहीं,
जो तुम्हें शक्ति दे, वही धर्म है.
उनका जीवन एक तपस्वी और
एक कर्मयोगी का अनुपम संगम था.
शिकागो के विश्व धर्म संसद में
उनके ऐतिहासिक भाषण ने पश्चिम को
भारतीय आध्यात्मिकता का दर्शन कराया.
उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भरता,
साहस और निःस्वार्थ सेवा का
संदेश दिया.
उनकी शिक्षाएं हमें सिखाती हैं कि
आध्यात्मिकता केवल ध्यान और
पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि
यह जीवन के हर क्षेत्र में
सत्य, करुणा और निष्ठा के साथ
जीने का मार्ग है.
★
स्वामीजी की पुण्यतिथि पर हमें
उनके विचारों को आत्मसात करने का
संकल्प लेना चाहिए.
उनकी तरह, हमें भी अपने भीतर की
असीम संभावनाओं को पहचानना होगा
और समाज के उत्थान के लिए
कार्य करना होगा.
उनकी अमर वाणी हमें याद दिलाती है,
तुम आत्मा हो, तुम अजर-अमर हो,
तुम्हें कोई बंधन बाँध नहीं सकता.
आइए, इस पुण्यतिथि पर
स्वामी विवेकानंद को
श्रद्धाँजलि अर्पित करें और
उनके दिखाए मार्ग पर चलने का प्रण लें.
उनकी प्रेरणा हमें सदा आत्म-जागृति
और सेवा की ओर ले जाए.