Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
भारत माता के वीर सपूत: क्रांतिकारी बलराज भल्ला 🚩आज हम याद कर रहे हैं देश के एक ऐसे गुमनाम नायक को, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। प्रसिद्ध शिक्षाविद् और आर्य समाज के स्तंभ महात्मा हंसराज जी के सुपुत्र भाई बलराज भल्ला!एक संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार से होने के बावजूद, उन्होंने ऐशो-आराम की जिंदगी की जगह कांटों भरी राह चुनी।💡
क्रांतिकारी राह: कॉलेज के दिनों में ही लाला लाजपत राय और भाई परमानंद के विचारों से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े।
बम कांड में गिरफ्तारी: प्रसिद्ध 'Hardinge Bomb Case' (1912) और लाहौर षड्यंत्र केस से जुड़ाव के कारण उन्हें ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार किया।कठोर कारावास: उन्हें काले पानी (अंडमान की सेलुलर जेल) की अमानवीय सजा सुनाई गई, जहाँ उन्होंने घोर यातनाएं सहीं।
वैचारिक दृढ़ता: जेल से छूटने के बाद भी वे देश सेवा और समाज सुधार के कार्यों में लगातार सक्रिय रहे।पिता महात्मा हंसराज ने जहाँ शिक्षा और चरित्र निर्माण से देश को जगाया, वहीं पुत्र बलराज भल्ला ने अपनी देशभक्ति और बलिदान से आजादी की अलख जगाई। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी के त्याग को कोटि-कोटि नमन! 🙏🇮🇳#balrajbhalla #mahatmahansraj #freedomfighter #indianhistory #unsungheroes #vandemataram
समस्या समाधान की बजाय धमकाते हैं हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह
झारखंड में हो रही गड़बड़ियों पर सवाल उठाना पूर्व कप्तान असुंता लकरा पर पड़ा भारी
खेलपथ संवाद
रांची। खेल संगठनों में महिला प्रतिनिधित्व सिर्फ खानापूर्ति है। उनकी आवाज को न केवल दबा दिया जाता है बल्कि धमकी दी जाती है कि अंजाम बुरे होंगे। यह मामला झारखंड का बेशक हो लेकिन देश के समूचे खेल तंत्र के लिए चिंतन-मनन की बात होनी चाहिए। भारत की पूर्व कप्तान और एशियाई खेलों की पदक विजेता असुंता लकरा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर झारखंड में हो रही गड़बड़ियों पर सवाल उठाने के लिए उन्हें धमकाने और डराने का आरोप लगाया है।
समस्या समाधान की बजाय धमकाते हैं हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह
झारखंड में हो रही गड़बड़ियों पर सवाल उठाना पूर्व कप्तान असुंता लकरा पर पड़ा भारी
खेलपथ संवाद
रांची। खेल संगठनों में महिला प्रतिनिधित्व सिर्फ खानापूर्ति है। उनकी आवाज को न केवल दबा दिया जाता है बल्कि धमकी दी जाती है कि अंजाम बुरे होंगे। यह मामला झारखंड का बेशक हो लेकिन देश के समूचे खेल तंत्र के लिए चिंतन-मनन की बात होनी चाहिए। भारत की पूर्व कप्तान और एशियाई खेलों की पदक विजेता असुंता लकरा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर झारखंड में हो रही गड़बड़ियों पर सवाल उठाने के लिए उन्हें धमकाने और डराने का आरोप लगाया है।