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छोटी उम्र, बड़ा दिल! ❤️🙏
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के छह वर्षीय अरबाज शेख ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर किसी का दिल भावुक हो जाए। नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन की तस्वीरें जब अरबाज ने टीवी और यूट्यूब पर देखीं, तो मासूम मन उन लोगों की तकलीफ देखकर परेशान हो उठा।
अरबाज ने फैसला किया कि वह अपनी तरफ से आपदा प्रभावित लोगों की मदद करेंगे। उन्होंने अपनी पूरी गुल्लक की बचत जरूरतमंदों के लिए दान करने का संकल्प लिया। यह वही पैसे थे, जिन्हें वह एक साल से अधिक समय से अपने जेब खर्च, उपहार और चॉकलेट के लिए मिलने वाली रकम में से बचा रहे थे।
अपने माता-पिता के साथ अरबाज जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी बचत डीएम महेंद्र सिंह तंवर को सौंप दी। इतनी छोटी उम्र में दूसरों के दर्द को समझना और अपनी जमा पूंजी मदद के लिए दे देना वाकई दिल छू लेने वाली बात है।
अरबाज ने साबित कर दिया कि मदद करने के लिए उम्र या दौलत नहीं, बस एक नेक दिल चाहिए। उनकी यह मासूम पहल समाज के लिए एक खूबसूरत संदेश है कि इंसानियत की कोई उम्र नहीं होती। ❤️🇮🇳🙏
बच्चों के भविष्य के लिए स्कूलों में मोबाइल पर लग सकती है रोक! 📱🚫
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत पर जोर दिया है। गुजरात में 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों पर मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होना चाहिए। भले ही इस फैसले से कुछ वोट कम हो जाएं, लेकिन बच्चों के हित में राज्य सरकार को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।
उनका कहना है कि कई मा@मलों में बच्चे माता-पिता के सो जाने के बाद देर रात तक मोबाइल देखते रहते हैं। इसका असर उनकी नींद, स्वास्थ्य, पढ़ाई और एकाग्रता पर पड़ रहा है।
बच्चों के हाथ में मोबाइल से ज्यादा जरूरी उनके हाथ में किताब और आंखों में बेहतर भविष्य है। अब जरूरत है कि सरकार, स्कूल और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए जिम्मेदारी से कदम उठाएं।
नीब करौरी बाबा की जीवन यात्रा पर बनी ‘हनुमान अंश’
नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के कलाकार लखनऊ में विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) के आवास पर पहुंचे। इस दौरान राजा भैया ने कलाकारों के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और लोगों से फिल्म को सिनेमाघरों में देखने की अपील की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 2.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अब तक लगभग 80 करोड़ रुपये की कमाई की है।
वहीं, रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ सिनेमाघर में यह फिल्म देखने वाले हैं। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी फिल्म देख चुके हैं। उत्तराखंड में इस फिल्म को टैक्स फ्री किया गया है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीब करौरी बाबा के शुरुआती जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है। बाबा के भक्त उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं।
फिल्म की कमाई और नेताओं द्वारा इसे देखे जाने के बाद ‘हनुमान अंश’ लगातार चर्चा में बनी हुई है।
विलक्षण प्रतिभा के धनी, महान संगीतज्ञ एवं अद्वितीय रचनाकार, 'भारत रत्न' डॉ. भूपेन हज़ारिका जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन अर्पित करता हूँ।
भूपेन दा की जीवन यात्रा में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का स्पष्ट प्रभाव दिखता है। उनकी कालजई रचनाओं ने भाषा और क्षेत्र की सीमाएं तोड़कर राष्ट्र को एकजुट करने का काम किया।
असमिया संस्कृति के उत्थान और प्रचार-प्रसार तथा भारतीय संगीत को वैश्विक पटल पर विशिष्ट स्थान दिलाने के लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।
माता-पिता की इकलौती संतान होने की वजह से लोग ताने देते थे। लेकिन मोहिता शर्मा ने ठान लिया था कि वे अपने पेरेंट्स के लिए एक दिन गर्व की वजह बनेंगी। कई मुश्किलें आईं, फिर भी वे अपने अटूट हौसले के साथ डटकर खड़ी रहीं और 4 बार असफलताओं के बाद 5वीं बार में यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम क्रैक करके IPS ऑफिसर बनी थीं। इसके बाद, KBC में 1 करोड़ रुपये जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। अगर आपका लक्ष्य
साफ है और उसे पाने की इच्छाशक्ति दृढ़ है, तो समाज के ताने आपकी राह का रोड़ा नहीं बन सकते हैं। IPS ऑफिसर मोहिता शर्मा की सक्सेस स्टोरी इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। जिन्होंने ठान लिया था कि वे माता-पिता के लिए ताने की वजह नहीं, बल्कि गर्व की वजह बनेंगी। कई मुश्किलें आईं, कई बार निराशा हुई, गलतियों से सीखा, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इसीलिए उनकी सफलता देश की अनगिनत बेटियों के लिए मिसाल से कम नहीं है। मोहिता शर्मा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली हैं। लेकिन उनका जन्म दिल्ली में हुआ है। उनके पिता मारुति उद्योग लिमिटेड से रिटार्ड हैं, जबकि मां होम मेकर हैं। मोहिता की स्कूलिंग DPS द्वारका से हुई है। वे पढ़ाई में बचपन से होशियार रही हैं। 10वीं बोर्ड रिजल्ट में उनके 92.20% नंबर और 12वीं में 90.70% नंबर आए थे। अपने माता-पिता की इकलौती संतान होने की वजह से मोहिता और उनके परिवार को कई तरह के सामाजिक ताने और रूढ़िवादिता का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बचपन से ही अपने मां-बाप के त्याग को देखा और मन में यह संकल्प लिया कि वह कुछ ऐसा बड़ा करेंगी जिससे उनके माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा हो सके।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मैंने मन में ठान लिया था कि मैं अपने माता-पिता को गर्व करने का मौका दूंगी, ताकि मेरे जन्म के समय से ही उन्हें जो ताने सुनने पड़ रहे थे, उनके सामने वे हमेशा गर्व से सिर उठाकर जी सकें।' 12वीं में 90.70% अंक प्राप्त करने की वजह मोहिता को भारती विद्यापीठ कॉलेज में आसानी से एडमिशन मिल गया। उन्होंने साल 2012 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। लेकिन इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने देश सेवा को चुना। कॉलेज से निकलते ही उन्होंने कॉम्पिटेटिव एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी। 2012 के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा दी, लेकिन असफल रहीं। पहले एक, फिर दो, तीन और चार परीक्षाओं में सफलता नहीं मिली। बावजूद इसके, मोहिता ने असफलताओं को कभी निराशा का कारण नहीं बनने दिया।
वे कहती हैं, 'मुझे गाइड करने वाला कोई नहीं था, इसलिए मैं इस सफर में बिना किसी जानकारी के आगे बढ़ती रही कि आगे क्या होने वाला है। इसी वजह से अपने सपने को पूरा करने में मुझे 5 बार कोशिश करनी पड़ी, क्योंकि परीक्षा ही मेरे लिए सीखने का जरिया बन गई थी। गलतियां करना और उनसे सीखना ही मेरी सफलता का रास्ता बना।' यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 उनका पांचवां अटेंप्ट था। उन्होंने पिछली गलतियों का बोझ नहीं, बल्कि सिर्फ उनकी सीख लेकर परीक्षा दी और सफलता हासिल की। मोहिता शर्मा ने 5वीं बार में यूपीएससी प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू क्रैक करके 262वीं ऑल इंडिया रैंक (UPSC AIR) हासिल की थी।
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यह सफलता उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) पद पर नौकरी की जिम्मेदारियां निभाते हुए पाई थी। एक तरफ 2016 के यूपी इलेक्शन से जुड़े काम थे तो दूसरी तरफ यूपीएससी सीएसई एग्जाम की तैयारी करत रहीं।
वर्तमान में IPS मोहिता शर्मा जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिला पुलिस में सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अक्टूबर 2025 में यह पद सौंपा गया था। IPS मोहिता शर्मा, देश के फेमस टीवी क्विज गेम शो 'कौन बनेगा करोड़पति' सीजन 12 की विनर रह चुकी हैं। उन्होंने 1 करोड़ रुपये के लिए पूछे गए सवाल का सही जवाब देकर यह धनराशि जीती थी।
केबीसी सीजन 12 में 1 करोड़ रुपये के लिए सवाल पूछा गया था, 'इनमें से किस विस्फोटक पदार्थ का पेटेंट सबसे पहले बार 1898 में जर्मन रसायनशास्त्री जॉर्ज फ्रेडरिक हेनिंग ने करावाया था, और जिनका पहली बार इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध में किया गया?