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लोग रोज़ ऑफिस जाने के लिए ट्रैफिक से लड़ते हैं…
लेकिन एक माँ ऐसी भी है, जो हर दिन 350 किलोमीटर हवाई जहाज़ से उड़कर ऑफिस जाती है।
रेचल कौर — दो बच्चों की माँ।
वह मलेशिया के पेनांग में रहती हैं, लेकिन उनका ऑफिस कुआलालंपुर में है।
उनका हर दिन कुछ ऐसा होता है👇
सुबह 4 बजे उठना,
5:55 AM की फ्लाइट पकड़ना,
ऑफिस पहुँचना, पूरा दिन काम करना,
और रात 8 बजे तक घर वापस — ताकि बच्चों के साथ वक्त बिता सकें।
सबसे हैरान करने वाली बात?
रोज़ फ्लाइट से आना-जाना,
कुआलालंपुर में किराए पर रहने से सस्ता पड़ता है।
यह कहानी दिखाती है कि
माँ सिर्फ़ त्याग नहीं करती,
वह रास्ते भी खुद बना लेती है।
जब इरादा मज़बूत हो,
तो दूरी भी छोटी लगने लगती है।
🙏❤️
#inspiringstory #strongmother #workingmom #motherpower #reallifehero #familyfirst #motivation #hardwork #womeninspiration #lifelessons

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बचपन की वो तस्वीरें, जहां दो बच्चे सूट-बूट में साथ खड़े हैं, मासूम मुस्कान, बिना किसी मतलब के दोस्ती… और वक्त की तेज़ रफ्तार में वही दोस्त आज “Now” की तस्वीर में ज़िंदगी का सबसे क़रीबी रिश्ता बन चुका है। कल तक जिसे आप भाई जैसा मानते थे, आज वही आपका जीवनसाथी बन सकता है—यही है आज का ज़माना, जहां रिश्ते हालात, समझ और समय के साथ नया नाम ले लेते हैं। यह पोस्ट किसी रिश्ते का मज़ाक नहीं उड़ाती, बल्कि यह दिखाती है कि इंसान बदलता है, उम्र बदलती है और ज़िंदगी अपने फैसले खुद लिखती है। भरोसा टूटता नहीं, बस रूप बदल लेता है… और शायद यही सच है कि आज के दौर में “Then” और “Now” के बीच की दूरी सबसे बड़ा सबक सिखाती है। 😂
#thenvsnow #aajkazamana #lifec****es #timec****esEverything #realitycheck #funnybuttrue #viralpost #socialmediatruth #relationshipgoals #trustissues #modernlife #indianmemes

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अनीता झाँसी की ऑटो महिला ड्राइवर जो मेहनत ईमानदारी से कमाकर अपना घर परिवार चला रही थी किसी ने उसे मौत के घाट उतार दिया पुलिस लीपापोती में लगी हुई है एक्सीडेंट का नाम दे रही है,जो पुलिस सही FIR नहीं लिख सकती सही अपराधी को कैसे पकड़ेगी उत्तर प्रदेश के ये हालात बताते हैं कि बेटियों की सुरक्षा को लेकर न कोई संवेदनशीलता है और न ही कोई कड़ी कार्रवाई लगातार इस तरह की घटनाएँ आए दिन हो रही है! बेख़ौफ़ अपराधियों से बेटियां बचाओ !

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इतने बड़े शिवलिंग का दर्शन कर आप भी बने पुण्य के भागी ।। हर हर महादेव ।। हर हर महादेव
इस शिवलिंग की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
1. ऊंचाई लगभग 33 फीट/10 मीटर
2. वजन 210 मिट्रिक टन/लगभग 2 लाख किलोग्राम
3. पदार्थ-ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर
4. शैली-दक्षिण भारतीय शिल्प कला शैली
5. कुल लागत-3 करोड़
6. निर्माण में लगा समय 10 वर्ष
7. शिल्पकार- लोकनाथ
8. विश्व का सबसे बड़ा एकल पत्थर से बना शिवलिंग
9 वाहन-96 पहिया ट्रक. Ai के द्वार बनाए गए हैं
#mahadev #shivling #hilights

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Sending our warmest birthday wishes to the phenomenal actor with unmatched intensity, swag and humility, Rocking Star Yash!🎊🎁
Wishing you unstoppable success and many more records to be shattered with

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मुकुंदपुर स्थित डीएमआरसी के फ्लैट में हीटर में इतना तेज धमाका हुआ कि अधिकतर पड़ोसी नींद से जग गए। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज एक ट्रक चालक ने 200 मीटर दूर से सुनी। सोसायटी के लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। बाहर निकलकर देखा तो पांचवी मंजिल के बालकनी से आग की लपटें बाहर आ रही थीं।
भागकर फ्लैट के पास पहुंचे, तो गेट अंदर से बंद था। काफी पीटने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। लोहे का मजबूत दरवाजा भी तोड़ने की कोशिश की, लेकिन नहीं टूट पाया। फिर बिना समय गंवाए साथ वाली टावर पर पड़ोसी चढ़ गए। जहां से सोसायटी के इन-हाउस फायर-फाइटिंग सिस्टम की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे। आग पाने में इन्हें कामयाबी तो मिली, लेकिन किसी का जान नहीं बचा पाएं।
फ्लैट से 200 मीटर दूर डीएमआरसी का वर्कशाप है। जहां ट्रक चालक सुखवीर सिंह यादव सोमवार की शाम ट्रक से रोड़ी लेकर आए थे। ट्रक खाली नहीं होने के कारण वर्कशाप के पास से ही ट्रक लगाकर सो गए।
यादव ने कहा कि देर रात करीब 2:15 बजे धमाके की तेज आवाज सुनाई दी। जिससे उनकी आंखे खुल गई। ट्रक के अंदर से देखा कि सामने एक फ्लैट से आग की लपटें निकल रही हैं। उन्हें लगा कि कोई सिलेंडर फटा है। तुरंत वर्कशाप के आसपास तैनात सुरक्षाकर्मी को इसकी जानकारी दी।
बहन ऊषा देवी ने बताया कि बीते रविवार को वह उनका परिवार अजय के घर मिलने आए थे। कई घंटे उनके परिवार के साथ रूकीं। सभी काफी खुश थे। सब कुछ अच्छा चल रहा था। इससे पहले नववर्ष पर फोन पर सभी से बात हुई थी। वहीं, परिवार के तीनों शव पूरी तरह से जल चुके थे।
बच्ची के शव की पहचान कर ली गई, लेकिन पति और पत्नी के शव की पहचान करना काफी मुश्किल था। नीलम के शरीर से चिपके कपड़े से उनकी पहचान हो सकी। शव शिनाख्त के समय पीड़ित परिवार फूट-फूटकर रोने लगा। सभी एक दूसरे को सांत्वना दे रहे थे।

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good morning

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