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"अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे।
ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥"
🌟 भावार्थ: हे माता अन्नपूर्णा! आप सदैव अन्न, ऐश्वर्य और करुणा से परिपूर्ण रहने वाली हैं। आप भगवान शिव को उनके प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं। जीवन में सत्य के बोध ('ज्ञान' और मोह से मुक्ति ('वैराग्य' की प्राप्ति के लिए, हे माता पार्वती! आप मुझे शारीरिक और आत्मिक पोषण की भिक्षा प्रदान करें। 🌿
सनातन परम्परा में माँ अन्नपूर्णा केवल अन्न की अधिष्ठात्री देवी नहीं, बल्कि जीवन में संतोष, सेवा, करूणा और आध्यात्मिक समृद्धि की भी प्रतीक हैं। उनकी कृपा से शरीर को पोषण, बुद्धि को विवेक और आत्मा को शांति प्राप्त होती है। ✨
माँ अन्नपूर्णा की कृपा से हम सभी का जीवन सदैव अन्न-धन, ज्ञान और आनंद से परिपूर्ण रहे। 🌸🙏
🌾 शुभ दिन! ☀️ जय माँ अन्नपूर्णा 🙏🌾
सनातन वैदिक धर्म, अध्यात्म और ज्योतिष के ऐसे ही दिव्य एवं प्रामाणिक रहस्यों को जानने के लिए हमसे जुड़े रहें! 🚩
"अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे।
ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥"
🌟 भावार्थ: हे माता अन्नपूर्णा! आप सदैव अन्न, ऐश्वर्य और करुणा से परिपूर्ण रहने वाली हैं। आप भगवान शिव को उनके प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं। जीवन में सत्य के बोध ('ज्ञान' और मोह से मुक्ति ('वैराग्य' की प्राप्ति के लिए, हे माता पार्वती! आप मुझे शारीरिक और आत्मिक पोषण की भिक्षा प्रदान करें। 🌿
सनातन परम्परा में माँ अन्नपूर्णा केवल अन्न की अधिष्ठात्री देवी नहीं, बल्कि जीवन में संतोष, सेवा, करूणा और आध्यात्मिक समृद्धि की भी प्रतीक हैं। उनकी कृपा से शरीर को पोषण, बुद्धि को विवेक और आत्मा को शांति प्राप्त होती है। ✨
माँ अन्नपूर्णा की कृपा से हम सभी का जीवन सदैव अन्न-धन, ज्ञान और आनंद से परिपूर्ण रहे। 🌸🙏
🌾 शुभ दिन! ☀️ जय माँ अन्नपूर्णा 🙏🌾
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🎬 सोनाक्षी सिन्हा ने सोनम वांगचुक के समर्थन में उठाई आवाज
सोनम वांगचुक की लंबे समय से जारी भूख हड़ताल पर अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अब इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकतीं।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक 18 दिनों से बिना कुछ खाए अनशन पर बैठे हैं और यह लड़ाई उन बच्चों के भविष्य तथा एक ऐसी व्यवस्था के खिलाफ है जो सही तरीके से काम नहीं कर रही।
सोनाक्षी ने लोगों की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सभी को सच्चाई पता है, लेकिन बहुत से लोग अब भी चुप हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह चुप नहीं रहेंगी, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी तरह की आलोचना का सामना करना पड़े।
उन्होंने सरकार से अपील की कि सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू की जाए और उनकी बात सुनी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी राय रखने का मतलब राष्ट्र-विरोधी होना नहीं है।
आपकी इस बयान पर क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर बताइए।