Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
परशुराम जन्मोत्सव का पर्व भगवान विष्णु के छठे स्वरूप के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
हर वर्ष परशुराम जन्मोत्सव का पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था इसीलिए प्रदोष काल में जब तृतीया तिथि प्रारंभ होती है तब इसे परशुराम जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम जगत के पालनहार विष्णुजी के छठे अवतार हैं। भगवान परशुराम सात चिरंजीवियों अश्वत्थामा, राजा बलि, परशुराम, विभीषण, महर्षि व्यास, हनुमान, कृपाचार्य इनमें से एक हैं।
शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव के परम भक्त परशुराम जी न्याय के देवता हैं, जिन्होंने 21 बार पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन किया था।
तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह करीब 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में परशुराम जयंती 19 अप्रैल को ही मनाई जाएगी, क्योंकि प्रदोष काल उसी दिन पड़ रहा है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान परशुराम की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। कठिन कामों को पूरा करने की ताकत मिलती है और मन को शांति मिलती है। इस दिन पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।
भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏
#parashuramajanmotsav #भगवान_परशुराम #परशुराम_जन्मोत्सव #parshuramjayanti #hindufestivals #bhaktisarovar
पुलिस बल, सुरक्षित प्रदेश!
भाजपा सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए, पिछले 9 वर्षों में 2,19,000+ युवाओं को पुलिस बल में शामिल कर रोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए हैं। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 60,000+ पुलिस कर्मियों की एक साथ ट्रेनिंग की क्षमता के साथ, हम 'बेहतर सुविधा, बेहतर सेवा' के संकल्प को सिद्ध कर रहे हैं।
#uppolice #bjp #lawandorder
आज चौकाघाट स्थित गिरजा देवी सांस्कृतिक संकुल में "नारी शक्ति वंदन" सशक्त नारी, सशक्त भारत के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री माननीय श्री Brajesh Pathak Pathak व श्रीमती Smriti Zubin Irani जी के साथ सम्मिलित हुआ।।
Narendra Modi Amit Shah PMO India MYogiAdityanath Pankaj Chaudhary Dharampal Singh BJP Uttar Pradesh Bharatiya Janata Party (BJP)
आज चौकाघाट स्थित गिरजा देवी सांस्कृतिक संकुल में "नारी शक्ति वंदन" सशक्त नारी, सशक्त भारत के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री माननीय श्री Brajesh Pathak Pathak व श्रीमती Smriti Zubin Irani जी के साथ सम्मिलित हुआ।।
Narendra Modi Amit Shah PMO India MYogiAdityanath Pankaj Chaudhary Dharampal Singh BJP Uttar Pradesh Bharatiya Janata Party (BJP)
आज चौकाघाट स्थित गिरजा देवी सांस्कृतिक संकुल में "नारी शक्ति वंदन" सशक्त नारी, सशक्त भारत के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री माननीय श्री Brajesh Pathak Pathak व श्रीमती Smriti Zubin Irani जी के साथ सम्मिलित हुआ।।
Narendra Modi Amit Shah PMO India MYogiAdityanath Pankaj Chaudhary Dharampal Singh BJP Uttar Pradesh Bharatiya Janata Party (BJP)
आज चौकाघाट स्थित गिरजा देवी सांस्कृतिक संकुल में "नारी शक्ति वंदन" सशक्त नारी, सशक्त भारत के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री माननीय श्री Brajesh Pathak Pathak व श्रीमती Smriti Zubin Irani जी के साथ सम्मिलित हुआ।।
Narendra Modi Amit Shah PMO India MYogiAdityanath Pankaj Chaudhary Dharampal Singh BJP Uttar Pradesh Bharatiya Janata Party (BJP)



राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि ) आज अपने पैतृक गांव जलाल उस्मान, अमृतसर (पंजाब) पहुंचे। इस अवसर पर उनका ग्रामवासियों द्वारा अत्यंत आत्मीय स्वागत किया गया। अपने गांव आकर राज्यपाल भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि यह स्थान उनके जीवन की प्रेरणा का आधार है।
राज्यपाल ने गुरुद्वारा बाबा श्री चंद जी और गुरुद्वारा श्रीनानक साहिब में माथा टेककर अरदास की और देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि उनका इस गांव से गहरा जुड़ाव है, क्योंकि यहीं उनके परिवार और उनका जन्म हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आज जिस पद पर वह हैं, उसमें इस भूमि के आशीर्वाद का बड़ा योगदान है।
इस दौरान राज्यपाल ने ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों एवं अपेक्षाओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने गांव की सरलता, आत्मीयता और संस्कारों को जीवन का वास्तविक आधार बताया।
राज्यपाल ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जलाल उस्मान का भी भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें बड़े सपने देखने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें अच्छे विचार और मजबूत चरित्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पंजाब की वीरता और देशभक्ति की परंपरा का उल्लेख करते हुए बच्चों को अपने संस्कारों से जुड़े रहने की सलाह दी। साथ ही गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
विद्यालय की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्यपाल ने कंप्यूटर दिए और लाइब्रेरी के लिए 108 किताबें भेंट कीं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ किताबों का अध्ययन बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। राज्यपाल ने स्कूल के मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
राज्यपाल ने कहा कि गांव और शिक्षा से उनका जुड़ाव केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि उनकी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि गांव के बच्चे आगे बढ़कर अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
Lt Gen Gurmit Singh
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि ) आज अपने पैतृक गांव जलाल उस्मान, अमृतसर (पंजाब) पहुंचे। इस अवसर पर उनका ग्रामवासियों द्वारा अत्यंत आत्मीय स्वागत किया गया। अपने गांव आकर राज्यपाल भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि यह स्थान उनके जीवन की प्रेरणा का आधार है।
राज्यपाल ने गुरुद्वारा बाबा श्री चंद जी और गुरुद्वारा श्रीनानक साहिब में माथा टेककर अरदास की और देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि उनका इस गांव से गहरा जुड़ाव है, क्योंकि यहीं उनके परिवार और उनका जन्म हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आज जिस पद पर वह हैं, उसमें इस भूमि के आशीर्वाद का बड़ा योगदान है।
इस दौरान राज्यपाल ने ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों एवं अपेक्षाओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने गांव की सरलता, आत्मीयता और संस्कारों को जीवन का वास्तविक आधार बताया।
राज्यपाल ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जलाल उस्मान का भी भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें बड़े सपने देखने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें अच्छे विचार और मजबूत चरित्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पंजाब की वीरता और देशभक्ति की परंपरा का उल्लेख करते हुए बच्चों को अपने संस्कारों से जुड़े रहने की सलाह दी। साथ ही गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
विद्यालय की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्यपाल ने कंप्यूटर दिए और लाइब्रेरी के लिए 108 किताबें भेंट कीं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ किताबों का अध्ययन बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। राज्यपाल ने स्कूल के मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
राज्यपाल ने कहा कि गांव और शिक्षा से उनका जुड़ाव केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि उनकी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि गांव के बच्चे आगे बढ़कर अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
Lt Gen Gurmit Singh
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि ) आज अपने पैतृक गांव जलाल उस्मान, अमृतसर (पंजाब) पहुंचे। इस अवसर पर उनका ग्रामवासियों द्वारा अत्यंत आत्मीय स्वागत किया गया। अपने गांव आकर राज्यपाल भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि यह स्थान उनके जीवन की प्रेरणा का आधार है।
राज्यपाल ने गुरुद्वारा बाबा श्री चंद जी और गुरुद्वारा श्रीनानक साहिब में माथा टेककर अरदास की और देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि उनका इस गांव से गहरा जुड़ाव है, क्योंकि यहीं उनके परिवार और उनका जन्म हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आज जिस पद पर वह हैं, उसमें इस भूमि के आशीर्वाद का बड़ा योगदान है।
इस दौरान राज्यपाल ने ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों एवं अपेक्षाओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने गांव की सरलता, आत्मीयता और संस्कारों को जीवन का वास्तविक आधार बताया।
राज्यपाल ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जलाल उस्मान का भी भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें बड़े सपने देखने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें अच्छे विचार और मजबूत चरित्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पंजाब की वीरता और देशभक्ति की परंपरा का उल्लेख करते हुए बच्चों को अपने संस्कारों से जुड़े रहने की सलाह दी। साथ ही गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
विद्यालय की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्यपाल ने कंप्यूटर दिए और लाइब्रेरी के लिए 108 किताबें भेंट कीं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ किताबों का अध्ययन बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। राज्यपाल ने स्कूल के मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
राज्यपाल ने कहा कि गांव और शिक्षा से उनका जुड़ाव केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि उनकी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि गांव के बच्चे आगे बढ़कर अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
Lt Gen Gurmit Singh