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नगर पालिका चुनाव में
मोदी जी और ओवैसी का गंधबंधन हो चुका है 😁😁

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Professional upholstery restores old furniture and gives it a new look. From fabric replacement to foam refilling and frame repair, upholstery improves comfort and appearance. It is a cost-effective way to upgrade your living space while maintaining the quality and structure of your existing furniture.

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जो धर्म के मार्ग पर चलता है, वही सदा विजयी होता है 🏆💪🏽🔥

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लखनऊ के खुर्रम नगर में सितंबर 2025 में शुरू हुआ Glam House सिर्फ एक सैलून नहीं है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसमें पढ़ाई और बिजनेस साथ साथ चलते हैं। इसकी संस्थापक खुशी गुप्ता आज भी बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं और साथ ही ब्यूटी इंडस्ट्री में अपना ब्रांड खड़ा कर रही हैं।

मेकअप से शुरू हुआ शौक प्रोफेशन बना। अलग अलग स्टूडियो में काम किया। मैनेजमेंट सीखा। फिर अपना सैलून खोलने का फैसला लिया। रास्ता आसान नहीं था, लेकिन यूपी सरकार की CM YUVA योजना से मिले लोन और शुरुआती EMI राहत ने मजबूती दी।

आज Glam House में स्किन केयर, मेकअप और हेयर से जुड़ी सेवाएं मिलती हैं। खुशी मानती हैं कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सही जानकारी और सही मौका मिलना जरूरी है।

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भारत और बांग्लादेश ने गंगा जल बंटवारे की संधि पर बातचीत शुरू कर दी। यह संधि 1996 में भारत के एचडी देवेगौड़ा और बांग्लादेश के शेख हसीना के बीच 30 साल के लिए साइन हुई थी और यह संधि दिसंबर 2026 में खत्म हो रही है।

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दिन में मोमोज बेचना और रात में किताबों के साथ जागना। बिहार की बेटी ब्यूटी झा की कहानी यही बताती है कि हालात कितने भी कठिन हों, सपने नहीं रुकते। मधुबनी से दिल्ली आए परिवार में पिता फैक्ट्री में माली थे। 2020 में नौकरी छूटी तो घर की जिम्मेदारी ब्यूटी और उनकी मां पर आ गई। दोनों ने ठेला लगाया और मोमोज बेचने लगीं।
ठेले पर जब भी थोड़ा वक्त मिलता, ब्यूटी किताब खोल लेतीं। शोर, थकान और चिंता के बीच पढ़ाई जारी रही। सुबह और रात पढ़ना, शाम को मोमोज बेचना यही उनका रूटीन बन गया। कोचिंग और बड़ी सुविधाओं के बिना उन्होंने NEET 2023 में 4809वीं रैंक हासिल की। आज वह लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से MBBS कर रही हैं।
ब्यूटी का सपना है गरीबों का इलाज करना। सफेद कोट तक पहुंचने का उनका सफर लाखों युवाओं को भरोसा देता है कि मेहनत और लगन से हर बाधा पार की जा सकती है।
#beautyjha #frommomostombbs #neetsuccess #inspirationstory #womenachievers #dreambig #hardworkpays

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जिस होटल में उनके पिता कभी सफाई का काम करते थे, उसी होटल को सुनील शेट्टी ने खरीदकर अपने पिता को तोहफे में दे दिया। यह सफलता सिर्फ दौलत की नहीं, बल्कि सम्मान, कृतज्ञता और परिवार के प्रति जिम्मेदारी की सच्ची परिभाषा है।
#knowledge #education #fact #success #fatherlove #inspiration #values

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भारत में अवैध घुसपैठ देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संसाधनों पर दबाव बनाती है। इसलिए सरकार द्वारा घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर करना जरूरी कदम है। लेकिन साथ ही यह भी सच्चाई है कि हमारे पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान में रहने वाले कई हिंदू परिवार सिर्फ अपने धर्म के कारण हिंसा, डर और भेदभाव झेल रहे हैं।
ऐसे लोगों के लिए भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि आखिरी उम्मीद है। अगर वे भारत आना चाहते हैं, तो उन्हें सम्मान, सुरक्षा और इंसानी गरिमा के साथ मौका मिलना चाहिए। यही भारत की परंपरा रही है—पीड़ितों को शरण देना।

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यह वीडियो देखकर कोई भी आम नागरिक सवाल पूछेगा। JNU जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में अगर कुछ छात्र कैमरे के सामने खुलेआम “मोदी-शाह की कब्र” जैसे नारे लगाते दिख रहे हैं, तो यह केवल नारा नहीं, बल्कि सोच का आइना है। विश्वविद्यालय का काम पढ़ाई, बहस और तर्क सिखाना होता है, न कि नफ़रत और धमकी जैसी भाषा को बढ़ावा देना।
देश के टैक्स के पैसों से चलने वाली संस्थाओं से यह उम्मीद होती है कि वहाँ से जिम्मेदार नागरिक निकलें, न कि समाज को बांटने वाली सोच। असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, सरकार की आलोचना भी अधिकार है, लेकिन भाषा और स्तर भी मायने रखते हैं। जब बात नारेबाज़ी और उकसावे तक पहुँच जाती है, तो सवाल उठना ज़रूरी हो जाता है।
आज आम लोग यही जानना चाहते हैं कि JNU में पढ़ाई का माहौल है या राजनीतिक कट्टरता का। अगर ऐसे नारे सामान्य बना दिए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को हम क्या संदेश देंगे?
डिस्क्लेमर:
यह पोस्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो में दिखे बयानों पर आधारित व्यक्तिगत राय है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या नफ़रत का समर्थन करना नहीं है।

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