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कुछ कहानियाँ केवल इतिहास का हिस्सा नहीं बनतीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को साहस, नेतृत्व, राष्ट्रसेवा और अटूट समर्पण का अर्थ भी सिखाती हैं।
वर्ष 1999 में कारगिल की बर्फ़ से ढकी दुर्गम चोटियों पर इतिहास का एक ऐसा अध्याय लिखा जा रहा था, जो भारत के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान का प्रतीक बन गया। जब दुश्मन ने विश्वासघात कर ऊँचाइयों पर कब्ज़ा जमाने का प्रयास किया, तब भारतीय वायु सेना ने अपने अद्वितीय पराक्रम और रणनीतिक कौशल से उसे निर्णायक जवाब दिया।
भारतीय युवा शेरों का धमाकेदार आगाज, बांग्लादेश को 7-3 से रौंदा
ओमान के मस्कट में यूथ हॉकी5s एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारत के युवा शेरों ने बांग्लादेश पर 7-3 की शानदार जीत के साथ धमाकेदार आगाज किया।
भारतीय कप्तान केतन कुशवाहा एवं रोमित ने 2-2 गोल और प्रहलाद,राहुल एवं करन ने 1-1 गोल किया।
भारत की पुरुष अंडर-18 युवा टीम ने आक्रामक खेल का जबरदस्त प्रदर्शन किया और पूरे मैच में दबदबा बनाए रखते हुए सात गोल दागकर टूर्नामेंट में अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की। बंगलादेश टीम की ओर से भी भारतीय गोलपोस्ट पर 3 गोल दागे गए।
हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम घोषित
15 से 30 अगस्त 2026 तक बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होने वाले सीनियर पुरुष हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय हॉकी टीम की घोषणा कर दी गई है। अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह को टीम की कमान सौंपी गई है। भारतीय टीम में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण देखने को मिला है, जिससे विश्व कप में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है। चयनकर्ताओं ने हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है।
टीम इंडिया में गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा।
डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच।
मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलाकंत शर्मा, विवेक सागर प्रसाद।
फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक को जगह मिली है।
वंदनीय लक्ष्मीबाई केलकर (मौसी जी) ने तेजोमय राष्ट्र की संकल्पना के स्वरूप को साकार करने के लिए राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना विजयादशमी के दिन सन् 1936 में वर्धा में की थी।उनका विश्वास था कि शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक रुप से समर्थ भारत की बेटियां परिवार के साथ साथ समाज एवम् भारतवर्ष को समर्थ बनाने में अवश्य ही अपनी भूमिका निभाएंगी।उनके द्वारा स्थापित इस संगठन ने विगत 88 वर्षोंं में राष्ट्र जीवन को सुसंपन्न बनाने का कार्य किया है। समिति की ध्येय निष्ठ सेविकाएं देश जीवन के जिस क्षेत्र में कार्य करतीं हैं, वहां उनका एकमात्र संकल्प रहता है ...राष्टोन्नति।संगठन का कार्य शाखा पद्धति के माध्यम से नित्य चलता है।
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