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स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी और संविधान सभा के सम्मानित सदस्य पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गव जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। राजस्थान के अजमेर की आवाज को देश के पटल पर रखने वाले भार्गव जी का जीवन राष्ट्र सेवा, ईमानदारी और जन-कल्याण का एक अनुपम उदाहरण है। देश की आजादी और भारतीय संविधान के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। आइए, आज उनकी जयंती पर उनके महान विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।#mukutbiharilalbhargava #birthanniversary #freedomfighter
भगवान शिव से जुड़े उत्तराखंड के प्रमुख स्थान 🔱
उत्तराखंड को 'देवभूमि' कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव से जुड़े अनेक प्राचीन मंदिर, गुफाएँ और तीर्थस्थल हैं। केदारनाथ, जागेश्वर धाम, नीलकंठ महादेव, टपकेश्वर महादेव और पंच केदार जैसे स्थान देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।
1. पंच केदार
गढ़वाल हिमालय में स्थित भगवान शिव के पाँच प्रमुख मंदिर पंच केदार कहलाते हैं।
केदारनाथ (रुद्रप्रयाग): 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और सबसे प्रसिद्ध शिव धाम।
मध्यमहेश्वर (रुद्रप्रयाग): यहाँ भगवान शिव की नाभि की पूजा होती है।
तुंगनाथ (रुद्रप्रयाग): विश्व का सबसे ऊँचा शिव मंदिर, जहाँ शिव की भुजाओं की पूजा की जाती है।
रुद्रनाथ (चमोली): यहाँ भगवान शिव के मुख के दर्शन होते हैं।
कल्पेश्वर (चमोली): यहाँ शिव की जटाओं की पूजा की जाती है।
2. जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा)
घने देवदार के जंगलों के बीच स्थित जागेश्वर धाम को उत्तराखंड का पाँचवाँ धाम भी कहा जाता है। यहाँ लगभग 124 प्राचीन शिव मंदिर हैं। महा मृत्युंजय मंदिर यहाँ का प्रमुख आकर्षण है और इसे भारत के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में गिना जाता है।
3. त्रियुगीनारायण मंदिर (रुद्रप्रयाग)
पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहीं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मंदिर में आज भी अखंड धूनी जल रही है, जिसे विवाह की साक्षी माना जाता है।
4. नीलकंठ महादेव मंदिर (ऋषिकेश)
समुद्र तल से लगभग 1330 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर उस स्थान से जुड़ा है जहाँ समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था, जिससे उनका कंठ नीला हो गया।
5. टपकेश्वर महादेव मंदिर (देहरादून)
तमसा नदी के किनारे प्राकृतिक गुफा में स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ गुफा की छत से लगातार पानी की बूंदें शिवलिंग पर टपकती रहती हैं। इसे द्रोणाचार्य और अश्वत्थामा से भी जोड़ा जाता है।
'लिफ्ट मांगकर फंसाती पत्नी, पति ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता': पंचकूला में नशे के लिए लुटेरा बना कपल, 4 महीने में 40 लोगों से ₹4 लाख हड़पे
हरियाणा के पंचकूला में लिफ्ट के बहाने लूटपाट करने वाले शादीशुदा कपल की कहानी सामने आई है। दोनों की मुलाकात एक गोशाला में हुई थी। बातचीत बढ़ी, फिर दोनों लिव-इन में रहने लगे और बाद में परिवार की सहमति से शादी कर ली।
इसके बाद नशे की लत ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। रोजाना नशे के लिए पैसों की जरूरत पड़ने लगी तो दोनों ने लोगों को जाल में फंसाकर लूटने का रास्ता अपना लिया। करीब चार महीने में उन्होंने 40 लोगों से लगभग 4 लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। हालांकि एक प्रवासी मजदूर की शिकायत ने उनके पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।
पहले बलवान और सवनीत के बारे में जानिए….
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शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रसेवा का ऐसा अद्भुत संगम, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।
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ब्रिगेडियर महाराव भूपेश सिंह हाड़ा साहिब।
🏅 सम्मान एवं अलंकरण: • शौर्य चक्र
• विशिष्ट सेवा मेडल
• पराक्रम मेडल
• सेना प्रमुख (COAS) प्रशस्ति पत्र
• GOC-in-C प्रशस्ति पत्र
• महानिदेशक, NSG प्रशस्ति पत्र
• संयुक्त राष्ट्र बल कमांडर प्रशस्ति
- विश्व के सर्वोच्च रणक्षेत्र सियाचिन के निर्भीक योद्धा।
- संयुक्त राष्ट्र इथियोपिया–इरिट्रिया मिशन में वरिष्ठ सेक्टर सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में विशिष्ट सेवाएँ।
- वर्ष 2012 में माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करने वाले साहसी पर्वतारोही एवं प्रतिष्ठित तेनजिंग-हिलेरी एवरेस्ट मैराथन के प्रतिभागी।
- विशिष्ट ब्लैक कैट कमांडो (NSG), दक्ष स्पेशल फोर्सेज़ पैराट्रूपर, कुशल पैराग्लाइडर, प्रशिक्षित गहरे समुद्र के गोताखोर तथा बहुआयामी सैन्य नेतृत्व के अद्वितीय उदाहरण।
ऐसे वीर, कर्मयोगी और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्व पर सम्पूर्ण देश को गर्व है।