Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा–पाठ कर प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह अनुभव शब्दों से परे, आत्मा को स्पर्श करने वाला और जीवन को धन्य करने वाला है।
श्री राम मंदिर केवल एक भव्य धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, मर्यादा, त्याग और राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह हर उस भारतवासी की आस्था का केंद्र है, जिसके हृदय में राम बसते हैं।
करोड़ों रामभक्तों की अटूट श्रद्धा, तपस्या और सतत संघर्ष के फलस्वरूप, माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के सशक्त नेतृत्व एवं दृढ़ संकल्प से यह ऐतिहासिक स्वप्न साकार हुआ। यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है।
इस महान कार्य में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता व उपाध्यक्ष श्री Champat Rai जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रही है। उनके समर्पण, धैर्य और संगठनात्मक योगदान से यह महायज्ञ सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
यह मंदिर केवल पत्थरों से निर्मित संरचना नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और ‘विकसित भारत’ के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपने मूल्यों से निरंतर जोड़ती रहेगी।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे समस्त राष्ट्रवासियों को सद्बुद्धि, सद्भाव और राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव अग्रसर रखें।
जय श्री राम 🚩
#राममन्दिर
#अयोध्या
अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा–पाठ कर प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह अनुभव शब्दों से परे, आत्मा को स्पर्श करने वाला और जीवन को धन्य करने वाला है।
श्री राम मंदिर केवल एक भव्य धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, मर्यादा, त्याग और राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह हर उस भारतवासी की आस्था का केंद्र है, जिसके हृदय में राम बसते हैं।
करोड़ों रामभक्तों की अटूट श्रद्धा, तपस्या और सतत संघर्ष के फलस्वरूप, माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के सशक्त नेतृत्व एवं दृढ़ संकल्प से यह ऐतिहासिक स्वप्न साकार हुआ। यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है।
इस महान कार्य में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता व उपाध्यक्ष श्री Champat Rai जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रही है। उनके समर्पण, धैर्य और संगठनात्मक योगदान से यह महायज्ञ सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
यह मंदिर केवल पत्थरों से निर्मित संरचना नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और ‘विकसित भारत’ के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपने मूल्यों से निरंतर जोड़ती रहेगी।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे समस्त राष्ट्रवासियों को सद्बुद्धि, सद्भाव और राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव अग्रसर रखें।
जय श्री राम 🚩
#राममन्दिर
#अयोध्या
अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा–पाठ कर प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह अनुभव शब्दों से परे, आत्मा को स्पर्श करने वाला और जीवन को धन्य करने वाला है।
श्री राम मंदिर केवल एक भव्य धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, मर्यादा, त्याग और राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह हर उस भारतवासी की आस्था का केंद्र है, जिसके हृदय में राम बसते हैं।
करोड़ों रामभक्तों की अटूट श्रद्धा, तपस्या और सतत संघर्ष के फलस्वरूप, माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के सशक्त नेतृत्व एवं दृढ़ संकल्प से यह ऐतिहासिक स्वप्न साकार हुआ। यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है।
इस महान कार्य में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता व उपाध्यक्ष श्री Champat Rai जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रही है। उनके समर्पण, धैर्य और संगठनात्मक योगदान से यह महायज्ञ सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
यह मंदिर केवल पत्थरों से निर्मित संरचना नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और ‘विकसित भारत’ के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपने मूल्यों से निरंतर जोड़ती रहेगी।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे समस्त राष्ट्रवासियों को सद्बुद्धि, सद्भाव और राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव अग्रसर रखें।
जय श्री राम 🚩
#राममन्दिर
#अयोध्या
अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा–पाठ कर प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह अनुभव शब्दों से परे, आत्मा को स्पर्श करने वाला और जीवन को धन्य करने वाला है।
श्री राम मंदिर केवल एक भव्य धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, मर्यादा, त्याग और राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह हर उस भारतवासी की आस्था का केंद्र है, जिसके हृदय में राम बसते हैं।
करोड़ों रामभक्तों की अटूट श्रद्धा, तपस्या और सतत संघर्ष के फलस्वरूप, माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के सशक्त नेतृत्व एवं दृढ़ संकल्प से यह ऐतिहासिक स्वप्न साकार हुआ। यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है।
इस महान कार्य में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता व उपाध्यक्ष श्री Champat Rai जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रही है। उनके समर्पण, धैर्य और संगठनात्मक योगदान से यह महायज्ञ सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
यह मंदिर केवल पत्थरों से निर्मित संरचना नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और ‘विकसित भारत’ के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपने मूल्यों से निरंतर जोड़ती रहेगी।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे समस्त राष्ट्रवासियों को सद्बुद्धि, सद्भाव और राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव अग्रसर रखें।
जय श्री राम 🚩
#राममन्दिर
#अयोध्या



मेरे गृह वार्ड तुलसीपुर के यशस्वी भाजपा कार्यकर्ता प्रतिवर्ष धूमधाम से गणतन्त्र दिवस मनाते हैं।
इस बार भी 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तुलसीपुर तिराहे पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
ध्वजारोहण कर तिरंगे को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता एवं संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया गया।
मेरे गृह वार्ड तुलसीपुर के यशस्वी भाजपा कार्यकर्ता प्रतिवर्ष धूमधाम से गणतन्त्र दिवस मनाते हैं।
इस बार भी 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तुलसीपुर तिराहे पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
ध्वजारोहण कर तिरंगे को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता एवं संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया गया।
मेरे गृह वार्ड तुलसीपुर के यशस्वी भाजपा कार्यकर्ता प्रतिवर्ष धूमधाम से गणतन्त्र दिवस मनाते हैं।
इस बार भी 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तुलसीपुर तिराहे पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
ध्वजारोहण कर तिरंगे को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता एवं संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया गया।
