चंडीगढ़ में पंजाब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ सीएम मान ने की बैठक
एसोसिएशन के नेताओं की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेंगे: सीएम मान
#cmbhagwantmann #punjab #barassociation #meeting
استكشف المحتوى الجذاب ووجهات النظر المتنوعة على صفحة Discover الخاصة بنا. اكتشف أفكارًا جديدة وشارك في محادثات هادفة
चंडीगढ़ में पंजाब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ सीएम मान ने की बैठक
एसोसिएशन के नेताओं की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेंगे: सीएम मान
#cmbhagwantmann #punjab #barassociation #meeting
चंडीगढ़ में पंजाब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के साथ सीएम मान ने की बैठक
एसोसिएशन के नेताओं की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेंगे: सीएम मान
#cmbhagwantmann #punjab #barassociation #meeting



"किरदार कोई भी हो, कलाकार उसे जी ही लेता है—चाहे वो मंच की चकाचौंध हो या तिहाड़ जेल की काल कोठरी!"
राजपाल यादव के लिए बीता गुरुवार उम्मीदों और मायूसी का मिला-जुला दिन रहा। जहाँ करोड़ों फैन्स उनके बाहर आने की दुआ कर रहे थे, वहीं कानून की चौखट पर उन्हें एक बार फिर राहत नहीं मिली। दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि अब राजपाल भाई को आने वाले सोमवार तक सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
अदालत की दहलीज़ पर इस बार दलीलें नहीं, बल्कि टूटे हुए वादे भारी पड़ गए। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा का रुख तब बेहद सख्त हो गया जब उन्होंने याद दिलाया कि ये पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी दर्जनों बार भरोसे को तोड़ा गया है। कानून की नज़र में 'शादी' या 'पारिवारिक मजबूरी' से ज़्यादा अहमियत उस वचन की थी जिसे राजपाल समय पर पूरा नहीं कर सके। अब उनके वकील के पास सोमवार तक का ही वक्त है जब उन्हें कागजों पर कोई पुख्ता समाधान पेश करना होगा।
लेकिन सलाखों के पीछे की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। महलों की सुख-सुविधाओं से दूर, जेल नंबर-2 की उन चारदीवारों में राजपाल भाई ने खुद को एक आम कैदी की तरह ढाल लिया है। वहाँ कोई VIP ट्रीटमेंट नहीं है, बस वही नियम हैं जो सबके लिए हैं—चाहे वो सुबह की हाज़िरी हो या साफ़-सफाई। शुरुआती खामोशी के बाद, अब उन्होंने उस अंधेरे में भी मुस्कुराहटें ढूंढ ली हैं। वे अपने साथी कैदियों को हंसा रहे हैं, अपनी फिल्मों के किस्से सुना रहे हैं और उनके बीच एक 'सितारा' बनकर नहीं, बल्कि एक 'साथी' बनकर रह रहे हैं। वे आज भी यही कहते हैं कि उनकी नीयत कभी बेईमानी की नहीं थी, बस वक्त के थपेड़ों ने उन्हें यहाँ ला खड़ा किया है।
बाबा राम रहीम 15वीं पैरोल के दौरान लाखों लोगों का नशा छुड़ा चुके है
#babaramrahim #derasachasauda #breakingnews #latestnews
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को गुरुवार को फिलहाल कोई राहत नहीं दी और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई 16 फरवरी तक टाल दी है। यादव 9 करोड़ रुपये के पुराने चेक बाउंस मामले में 5 फरवरी से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने एक्टर द्वारा बार-बार किए गए भुगतान के वादों को पूरा न करने पर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने टिप्पणी की कि कानून सबके लिए बराबर है और यादव ने अदालत के आदेशों का पालन तब किया जब उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा। अभिनेता ने परिवार में एक शादी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल इसे स्वीकार नहीं किया।
यह पूरा मामला 2010 में फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिए गए 5 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा है, जो अब ब्याज सहित करीब 9 करोड़ रुपये हो चुका है। निचली अदालत ने उन्हें इस मामले में छह महीने की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उन्होंने पिछले हफ्ते सरेंडर किया था। अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये के पुराने चेक बाउंस मामले में जेल की सजा हुई है, जिसके चलते उन्हें सरेंडर करना पड़ा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर उनका करीब दो महीने पुराना एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन करते नजर आ रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान राजपाल महाराज की बातें सुनकर काफी भावुक हो गए थे।
प्रेमानंद महाराज ने उन्हें सलाह दी थी कि जीवन में आर्थिक संकट और विपरीत परिस्थितियां आती रहती हैं, लेकिन ऐसे समय में व्यक्ति को हार नहीं माननी चाहिए। महाराज ने कहा था कि जब जीना मुश्किल हो जाए और लोग साथ छोड़ दें, तब केवल ईश्वर का नाम जप ही सहारा बनता है। उन्होंने राजपाल को हर चुनौती का मजबूती से सामना करने और भगवान से जुड़े रहने की प्रेरणा दी थी।
अब अभिनेता की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोग इस वीडियो को महाराज के भविष्य के आभास से जोड़कर देख रहे हैं ।