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राजस्थान की राजनीति के शिखर पुरुष, जनसेवा और सुशासन के प्रतीक, किसानों एवं आमजन के हितैषी स्वर्गीय श्री भैरों सिंह जी शेखावत ‘बाबोसा’ की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। 💐🙏
उनका सादगीपूर्ण जीवन, दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कार्यों से भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ी।
बाबोसा का व्यक्तित्व और उनके आदर्श सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।

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भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर आज प्राचीन पाण्डव कालीन भगवान वाल्मीकि आश्रम, नेहरू पार्क, विजय मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में विशाल सत्संग, हवन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है!
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उपस्थित होकर भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का स्मरण किया तथा उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त के मंत्री श्री सुनील सूरी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, ज्ञान, तप, साहित्य और सामाजिक समरसता के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया।
श्री सुनील सूरी जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि ज्ञान, साधना और संस्कार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और उनके साहित्य से प्रेरणा लेकर भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों के प्रति अपने दायित्व को समझे।
इस अवसर पर संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
प्रचार प्रसार आयाम
विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त

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भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर आज प्राचीन पाण्डव कालीन भगवान वाल्मीकि आश्रम, नेहरू पार्क, विजय मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में विशाल सत्संग, हवन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है!
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उपस्थित होकर भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का स्मरण किया तथा उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त के मंत्री श्री सुनील सूरी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, ज्ञान, तप, साहित्य और सामाजिक समरसता के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया।
श्री सुनील सूरी जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि ज्ञान, साधना और संस्कार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और उनके साहित्य से प्रेरणा लेकर भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों के प्रति अपने दायित्व को समझे।
इस अवसर पर संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
प्रचार प्रसार आयाम
विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त

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भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर आज प्राचीन पाण्डव कालीन भगवान वाल्मीकि आश्रम, नेहरू पार्क, विजय मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में विशाल सत्संग, हवन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है!
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उपस्थित होकर भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का स्मरण किया तथा उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त के मंत्री श्री सुनील सूरी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, ज्ञान, तप, साहित्य और सामाजिक समरसता के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया।
श्री सुनील सूरी जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि ज्ञान, साधना और संस्कार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और उनके साहित्य से प्रेरणा लेकर भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों के प्रति अपने दायित्व को समझे।
इस अवसर पर संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
प्रचार प्रसार आयाम
विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त

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जन-जन तक पहुँच, जन-जन की समस्या का समाधान!
आज भिखारीपुर में संत रविदास मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जनसंपर्क कर जनता-जनार्दन से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान क्षेत्रवासियों से मिलकर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना।
जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों को मौके से ही आवश्यक निर्देश देकर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु कहा।
जनता के बीच रहना, उनकी बात सुनना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना ही जनसेवा का वास्तविक संकल्प है।
आपका विश्वास, हमारा संकल्प — जनसेवा निरंतर! 🙏

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