1 d - перевести

19-20-21 जून 2026
पौड़ी कंडोलिया ठाकुर का एतिहासिक भंडारा 🔱
आशीर्वाद लेने कौन कौन पंहुच रहा है तब.

image
image
image
1 d - перевести

Har har Mahadev 🕉️🙏🔱
Hail Lord Shiva 🕉️🙏🔱
· · Rate this translation

image
1 d - перевести

प्यार की कोई उम्र नहीं होती... या फिर होती है?
बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसी शादी सामने आई है जिसने पूरे सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। 60 वर्षीय सुग्रीम पासवान ने 22 वर्षीय युवती से मंदिर में विवाह रचा लिया।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब 2 साल से प्रेम संबंध था। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो पंचायत बुलाई गई। पंचायत के सामने दोनों ने अपनी मर्जी से साथ रहने और शादी करने की इच्छा जताई, जिसके बाद गांव के मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई।
अब इस शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कोई इसे सच्चे प्यार की मिसाल बता रहा है, तो कोई दोनों की उम्र के बीच 38 साल के अंतर को लेकर सवाल उठा रहा है।
आपकी क्या राय है?
क्या प्यार के लिए उम्र मायने रखती है या सिर्फ दो लोगों की सहमति ही सबसे महत्वपूर्ण है?
👇 अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। See less

image
1 d - перевести

जिससे प्यार हुआ, उसी से शादी हुई और अब वही कह रहा है — तुम धंधा करो।
मध्य प्रदेश की रहने वाली आरती की दोस्ती करीब 6 महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से अमित मौर्य से हुई।
इसके बाद दोनों में प्यार हुआ और परिवार की सहमति से दोनों की शादी हो गई, लेकिन शादी के करीब 2 महीने बाद पति ोने लगा,
आरती का कहना है कि पति ने उस पर गलत आरोप लगाए, उत्पीड़न करना शुरू कर दिया और कहा कि जो मैं कहूंगा वही करना पड़ेगा, तुम्हें धंधा करना पड़ेगा,
आरती ने आगे कहा कि ससुराल वाले भी दहेज की मांग करने लगे और कहने लगे कि पैसे लेकर आओ, नहीं तो घर में नहीं रखेंगे,
इसके बाद आरती ने न्याय की मांग को लेकर SP ऑफिस में आवेदन दिया,
प्यार और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों का अंजाम कभी-कभी कितना दर्दनाक हो सकता है, जहां बाद में परिवार भी मजबूर होकर सब कुछ देखते रह जाते हैं।

image
1 d - перевести

एक पिता ने अपने 8 वर्षीय पोते और बहू के साथ न्याय करने के लिए अपने ही बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया। इस निष्पक्षता की सराहना करनी चाहिए। 👍💪🌟

image

image

image

image

image
1 d - перевести

सोच कर देखिए उस मां पर क्या गुजरा होगा
जो अपने बच्चों का मौत का खबर सुना होगा

निकम्मी सरकार चुनाव में लाखों करोड़ खर्च कर सकते हैं,
लेकिन देश के भविष्य के लिए ₹1 खर्चा नहीं कर सकती है