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#nashamuktpunjabyatra के समापन के उपरांत आज अमृतसर, हाथी गेट स्थित केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में महर्षि वाल्मीकि जी के दर्शन किए और नशे के खिलाफ जनजागरण की इस यात्रा को जन-आंदोलन में बदलने तथा पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार से निकालकर उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने के संकल्प के साथ उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन ज्ञान, तप, साधना और मानवता के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उनके विचार और आदर्श सदैव समाज को सत्य, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
महर्षि वाल्मीकि जी के आशीर्वाद से पंजाब की युवा शक्ति नशे के अंधकार से निकलकर प्रगति और राष्ट्रनिर्माण के पथ पर आगे बढ़े, ऐसी प्रार्थना है।
#nashamuktpunjabyatra के समापन के उपरांत आज अमृतसर, हाथी गेट स्थित केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में महर्षि वाल्मीकि जी के दर्शन किए और नशे के खिलाफ जनजागरण की इस यात्रा को जन-आंदोलन में बदलने तथा पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार से निकालकर उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने के संकल्प के साथ उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन ज्ञान, तप, साधना और मानवता के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उनके विचार और आदर्श सदैव समाज को सत्य, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
महर्षि वाल्मीकि जी के आशीर्वाद से पंजाब की युवा शक्ति नशे के अंधकार से निकलकर प्रगति और राष्ट्रनिर्माण के पथ पर आगे बढ़े, ऐसी प्रार्थना है।
#nashamuktpunjabyatra के समापन के उपरांत आज अमृतसर, हाथी गेट स्थित केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में महर्षि वाल्मीकि जी के दर्शन किए और नशे के खिलाफ जनजागरण की इस यात्रा को जन-आंदोलन में बदलने तथा पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार से निकालकर उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने के संकल्प के साथ उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन ज्ञान, तप, साधना और मानवता के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उनके विचार और आदर्श सदैव समाज को सत्य, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
महर्षि वाल्मीकि जी के आशीर्वाद से पंजाब की युवा शक्ति नशे के अंधकार से निकलकर प्रगति और राष्ट्रनिर्माण के पथ पर आगे बढ़े, ऐसी प्रार्थना है।

फिल्म इंडस्ट्री से दुखद खबर, नहीं रहे अभिनेता मुश्ताक खान
मशहूर अभिनेता मुश्ताक खान का 24 सितंबर को निधन हो गया। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने आजतक/इंडिया टुडे से बातचीत में उनके निधन की पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि मुश्ताक खान पिछले करीब 15 दिनों से मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती थे। वह करीब पांच साल से कैंसर से जूझ रहे थे और हाल ही में बीमारी दोबारा लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
मुश्ताक खान ने ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘आशिकी’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में अपने सपोर्टिंग और कॉमेडी किरदारों से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी।
उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे। ॐ शांति।
“हमें ऐसी जगह रखा जाता है, जहां जानवर भी न रहें। ऐसा खाना मिलता है, जिसे कुत्ता भी न खाए। टॉयलेट तक खुद साफ करने पड़ते हैं।”
बाराबंकी में PAC बटालियन में तैनात जवान देवेंद्र गुप्ता ने ड्यूटी के दौरान जवानों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर गं*भी*र आ*रो*प लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार जवानों को ऐसी जगहों पर भेज दिया जाता है, जहां रहने की उचित व्यवस्था तो दूर, पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं होता। भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना पड़ता है और जर्जर बैरकों में मच्छरों व दूसरे जानवरों की परेशानी बनी रहती है।
देवेंद्र के मुताबिक, कई जगहों पर कमरे इतने खराब होते हैं कि वहां इंसान का रहना मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि बैरकों में चूहे, बिल्ली और बंदर तक घुस आते हैं, जबकि कभी-कभी बिस्तर पर सांप आने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। उनका सवाल है कि जवानों की सुरक्षा और रहने की व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
उन्होंने खराब भोजन, सफाई व्यवस्था और छुट्टियां नहीं मिलने को लेकर भी शिकायत की। देवेंद्र का कहना है कि PAC के करीब 1100 जवानों को अलग-अलग जिलों में कई महीनों तक ड्यूटी के लिए भेजा जाता है, लेकिन कई स्थानों पर उनके रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती।
देवेंद्र ने सफाई व्यवस्था के बजट को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि बैरक और टॉयलेट की सफाई के लिए फिनाइल व अन्य सामान का बजट जारी होता है, लेकिन जमीन पर उसकी पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
छुट्टी को लेकर उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने पितृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनके अनुसार आवेदन मंजूर नहीं हुआ। उनका कहना है कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने बहुत कम छुट्टियां ली हैं।
वहीं, PAC बाराबंकी की ओर से कहा गया है कि जवानों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने वेलफेयर बैठकें आयोजित की जाती हैं और अधिकारियों के स्तर पर समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया जाता है। देवेंद्र का आरोप है कि इन बैठकों में जमीनी स्तर की समस्याएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं।
जवानों की ड्यूटी कठिन परिस्थितियों में होती है, ऐसे में उनके लिए सुरक्षित रहने की जगह, साफ पानी, भोजन, स्वच्छता और नियमानुसार अवकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं कितनी जरूरी हैं, यह सवाल इस पूरे मा*मले के केंद्र में है।
आपकी राय में जवानों की इन समस्याओं पर क्या गं*भीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए
यह कानून की कमजोरी है जब समाज को न्याय नहीं मिलता तो किसी न किसी को तो प्रतिकार करना पड़ता है
विनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति।
बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीति ॥"
अर्थः तीन दिन तक प्रार्थना करने के बाद भी जब समुद्र ने रास्ता नहीं दिया, तब श्री राम ने क्रोध में कहा कि बिना भय के प्रीति (प्रेम या सम्मान) उत्पन्न नहीं होती।
सज्जनता का अर्थ कमजोरी नहीं है। जीवन में कई बार अपनी बात मनवाने या न्याय पाने के लिए कड़ा रुख अपनाना भी आवश्यक हो जाता है।
बालासाहेब ठाकरे कहते ते की न्याय अगर मांगने से नही मिलता है तो न्याय छीन कर लेना चाहिए.....
जय श्री राम जय हनुमान