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👑 तीन महान व्यक्तित्व, एक गौरवशाली विरासत! 🇮🇳

🚲 ओम प्रकाश मुंजाल जी — Hero Cycles के संस्थापक
🌶️ धर्मपाल गुलाटी जी — MDH मसालों के संस्थापक
🚀 कुणाल बहल — Snapdeal के सह-संस्थापक

तीनों की कहानियाँ हमें सिखाती हैं कि बड़े सपने, मेहनत, साहस और दूरदर्शिता से इतिहास रचा जाता है। 💪

हमारी विरासत हमारा गौरव है, हमारी एकता हमारी ताकत है और हमारी सफलता हमारी पहचान! ❤️

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🏆 खत्री समाज किस क्षेत्र में नहीं है! 💪🤼
कुश्ती के अखाड़ों से लेकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक, खत्री समाज की प्रतिभाओं ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से पहचान बनाई है। 🇮🇳
🙏 गुरु हनुमान जी, प्रेम नाथ मल्होत्रा जी और अन्य महान खिलाड़ियों को नमन, जिन्होंने भारतीय कुश्ती की परंपरा को गौरवान्वित किया।
एकता • विरासत • प्रतिभा • प्रगति 🚩
📢 आइए, अपने समाज की प्रतिभाओं को पहचानें, उनका सम्मान करें और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

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ਪਵਿੱਤਰ ਮਹਾ-ਕਾਵਿ 'ਰਾਮਾਇਣ' ਦੇ ਰਚੇਤਾ, ਆਦਿ ਕਵੀ ਮਹਾਰਿਸ਼ੀ ਭਗਵਾਨ ਵਾਲਮੀਕਿ ਜੀ ਦੇ ਪਾਵਨ ਪ੍ਰਗਟ ਦਿਵਸ (ਜਯੰਤੀ) ਦੀਆਂ ਦੇਸ਼-ਵਿਦੇਸ਼ 'ਚ ਵੱਸਦੀਆਂ ਸਮੂਹ ਸੰਗਤਾਂ ਨੂੰ ਹਾਰਦਿਕ ਵਧਾਈਆਂ...
ਭਗਵਾਨ ਵਾਲਮੀਕਿ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੱਚ, ਧਰਮ ਅਤੇ ਨੇਕੀ ਦਾ ਸੁਨੇਹਾ ਅੱਜ ਵੀ ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਲਈ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਚਾਨਣ ਮੁਨਾਰਾ ਹੈ... ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮਹਾਨ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਸਾਡਾ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਕਰਦੀਆਂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ.

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ਪਵਿੱਤਰ ਮਹਾ-ਕਾਵਿ 'ਰਾਮਾਇਣ' ਦੇ ਰਚੇਤਾ, ਆਦਿ ਕਵੀ ਮਹਾਰਿਸ਼ੀ ਭਗਵਾਨ ਵਾਲਮੀਕਿ ਜੀ ਦੇ ਪਾਵਨ ਪ੍ਰਗਟ ਦਿਵਸ (ਜਯੰਤੀ) ਦੀਆਂ ਦੇਸ਼-ਵਿਦੇਸ਼ 'ਚ ਵੱਸਦੀਆਂ ਸਮੂਹ ਸੰਗਤਾਂ ਨੂੰ ਹਾਰਦਿਕ ਵਧਾਈਆਂ...
ਭਗਵਾਨ ਵਾਲਮੀਕਿ ਜੀ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੱਚ, ਧਰਮ ਅਤੇ ਨੇਕੀ ਦਾ ਸੁਨੇਹਾ ਅੱਜ ਵੀ ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਲਈ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਚਾਨਣ ਮੁਨਾਰਾ ਹੈ... ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮਹਾਨ ਸਿੱਖਿਆਵਾਂ ਸਾਡਾ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਕਰਦੀਆਂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ.

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### 🙏 गुरु रामदास जी की जन्म साखी — 100 शब्दों में
![Bonhams : GURU RAM DAS (1574-81), THE FOURTH SIKH GURU, SEATED ON A THRONE, THE GOLDEN TEMPLE IN THE BACKGROUND by Dwarka Dass (India, second half of the 20th Century)](https://images.openai.com/.../....PwuZQe22f0bI3JtNsyDr
1\. जन्म: श्री गुरु रामदास जी सिखों के चौथे गुरु थे। उनका जन्म 1534 में लाहौर की चूना मंडी में हुआ था।
2\. बचपन का नाम: उनका बचपन का नाम भाई जेठा जी था।
3\. माता-पिता: उनके पिता बाबा हरिदास जी और माता माता दया कौर जी थीं।
4\. कठिन बचपन: छोटी उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उनकी नानी जी उन्हें अपने साथ बसारके गाँव ले गईं।
5\. मेहनत और सेवा: भाई जेठा जी उबले हुए चने बेचकर अपना जीवन चलाते थे और साथ ही संगत की सेवा करते थे।
6\. गुरु से मिलन: वे गुरु अमरदास जी की संगत में आए और पूरी श्रद्धा से सेवा करने लगे।
7\. विवाह: उनका विवाह बीबी भानी जी से हुआ।
8\. गुरुगद्दी: उनकी निष्ठा, विनम्रता और सेवा से प्रसन्न होकर गुरु अमरदास जी ने उन्हें सिखों का चौथा गुरु बनाया।
सीख: सच्ची सेवा, विनम्रता और मेहनत इंसान को महान बनाती है।

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मैहर, मध्य प्रदेश स्थित KJS सीमेंट कॉलोनी परिसर में पूज्य सरकार के सान्निध्य में भव्य सनातन संवाद का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर भक्तों में अद्भुत उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। जय श्रीराम के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

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