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📆 शुक्रवार, 29 मई 2026
हनुमानगढ़ी अयोध्या धाम में बजरंगबली के पावन दर्शन भक्तों के मन को शक्ति और विश्वास से भर देते हैं… 🙏🔥
जय बजरंगबली 🚩
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सेवन ए साइड इंटर हाउस हॉकी टूर्नामेंट में दमखम दिखाएंगे होनहार
30 म‌ई से 4 जून तक श्री ज्ञान प्रकाश भटनागर की स्मृति में होगा टूर्नामेंट
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। वरिष्ठ खेल प्रशासक स्वर्गीय ज्ञान प्रकाश भटनागर की स्मृति में लगातार दूसरे साल सेवन ए साइड इंटर हाउस हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। 30 म‌ई से 4 जून तक स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में आठ टीमें प्रतिभाग करेंगी। प्रतियोगिता में शिरकत करने वाली सभी टीमों को खेल किट तथा विजेता-उप-विजेता टीमों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।

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पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों के दौरान चुनाव आयोग पंजाब की वेबसाइट हुई डाउन
#electioncommissionpunjab #website #down #electionresults #dailypostpunjabi

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The Beast's Final Bow: The Myth of Brock Lesnar
He destroyed the WWE, conquered the UFC, and finally said goodbye as an absolute legend.
• WWE (2002): Became the youngest WWE Champion at 25 by defeating The Rock, blending 265 pounds of muscle with freakish agility.

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कभी जहां 200 से अधिक मंदिरों के अवशेष बिखरे पड़े थे, जहां लोगों को सिर्फ पत्थरों का ढेर दिखाई देता था। वहीं K. K. Muhammed को भारत का खोया हुआ इतिहास दिखाई दिया।
मध्य प्रदेश के मुरैना में स्थित Bateshwar Group of Temples वर्षों तक खंडहरों में तब्दील पड़ा रहा। समय, उपेक्षा और प्राकृतिक क्षति ने इस ऐतिहासिक धरोहर को लगभग मिटा दिया था। लेकिन के. के. मुहम्मद ने इसे अंत नहीं माना।
उन्होंने बिखरे हुए हजारों पत्थरों को एक-एक करके पहचाना, उनकी मूल जगह का अध्ययन किया और वर्षों की मेहनत से 80 से अधिक मंदिरों को फिर से खड़ा कर दिया। यह काम आसान नहीं था।
चंबल के कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाके में लगातार काम करना, सुरक्षा जोखिमों का सामना करना और ऐतिहासिक सटीकता बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। करीब 7 साल की अथक मेहनत के बाद वह संभव हुआ, जिसे कई लोग असंभव मान चुके थे।
यह सिर्फ मंदिरों का पुनर्निर्माण नहीं था, यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और पहचान को फिर से जीवित करने का संकल्प था। आज बटेश्वर मंदिर समूह यह याद दिलाता है कि अगर समर्पण और दृष्टि हो, तो इतिहास को भी दोबारा जीवंत किया जा सकता है।
#kkmuhammed #bateshwartemples #morena #indianhistory #archaeology

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𝐒𝐄𝐂𝐎𝐍𝐃 𝐖𝐈𝐍 𝐈𝐍 𝐀 𝐑𝐎𝐖💥🇮🇳

After a ****out victory in the second match of the friendly series in Perth, the Indian Women’s Team put in a confident performance to defeat Australia 2-0 in the third match of the tour. 🏑🔥

A well-earned victory! 💙👊

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💛 वैकुंठनाथ श्री विष्णु सदा अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखें 💛
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कुछ लोग सिर्फ कला का प्रदर्शन नहीं करते, बल्कि पूरी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
Bhimavva Doddabalappa Shillekyathara ऐसी ही प्रेरणादायक शख्सियत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन कर्नाटक की 800 साल पुरानी पारंपरिक छाया कठपुतली कला “तोगलु गोंबेआट्टा” को समर्पित कर दिया।
96 साल की उम्र में भी उनका जुनून और समर्पण लोगों को प्रेरित कर रहा है। कर्नाटक के कोप्पल ज़िले के मोरानाला गांव में जन्मीं भीमव्वा जी ने कभी कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने अपने बड़ों से सीखते हुए इस दुर्लभ कला में महारत हासिल की।
चमड़े की खूबसूरत कठपुतलियों और रोशनी की मदद से वे रामायण और महाभारत की कहानियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। पिछले 70 वर्षों से वह इस कला को बचाने और दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।
सबसे गर्व की बात यह है कि वह भारत ही नहीं, बल्कि 12 से अधिक देशों में इस पारंपरिक भारतीय कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं।
उनके इसी अद्भुत योगदान के लिए उन्हें Padma Shri सम्मान से भी नवाजा गया। भीमव्वा जी की कहानी यह याद दिलाती है कि असली विरासत सिर्फ किताबों में नहीं…
बल्कि उन लोगों में जीवित रहती है, जो पूरी जिंदगी उसे बचाने में लगा देते हैं।
#bhimavva #padmashri #togalugombeyaata #karnataka #indianculture
[Bhimavva Doddabalappa Shillekyathara, Togalu Gombeyaata, Karnataka shadow puppetry, Padma

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