हमारी #काशी में छेने वाले दही बड़े और रसमलाई का स्वाद निराला है।
घंटो घर-घर जनसम्पर्क करने के बाद इनके सेवन से ऊर्जा वापस आ जाती है।
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हमारी #काशी में छेने वाले दही बड़े और रसमलाई का स्वाद निराला है।
घंटो घर-घर जनसम्पर्क करने के बाद इनके सेवन से ऊर्जा वापस आ जाती है।
हमारी #काशी में छेने वाले दही बड़े और रसमलाई का स्वाद निराला है।
घंटो घर-घर जनसम्पर्क करने के बाद इनके सेवन से ऊर्जा वापस आ जाती है।

गुरुग्राम के सेक्टर-65 स्थित वर्ल्डमार्क बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से आदित्य बिरला कंपनी में सीनियर अकाउंट एग्जिक्यूटिव जागृति बारी ने गुरुवार को आत्महत्या कर ली। परिवार और परिजनों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्तिगत घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से हो रही मानसिक और डिजिटल प्रताड़ना का नतीजा है।
परिजन बताते हैं कि जागृति की शादी इंटरकास्ट थी और पति अमित के परिवार को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था। शादी के बाद से परिजन और ससुराल के साथ तनाव बना रहा। परिवार का आरोप है कि पति लगातार जागृति की लाइव लोकेशन ट्रैक करता था, उसके कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट्स देखता था। यह 24 घंटे चलने वाली डिजिटल जाँच-पड़ताल और निगरानी जागृति के लिए भारी मनोवैज्ञानिक दबाव बन गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को पांच देशों की यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में खाड़ी स्थित भारत के अहम सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। अबू धाबी में दोनों नेताओं की मुलाकात में ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में अहम समझौतों पर सहमति बनी है। हालांकि, पीएम मोदी अबू धाबी में केवल चार घंटे रुक रहे हैं, लेकिन इस छोटे से पड़ाव पर दुनिया की नजर बनी है। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पश्चिम एशिया का तनाव समुद्री संकट का रूप ले चुका है।
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रुकी हुई है, जिसके चलते दुनिया में ऊर्जा की तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता नाजुक मोड़ पर खड़ा है। ऐसी स्थिति में पीएम मोदी की UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायद अल नाहयान से मुलाकात बेहद अहम हो जाती है। अमीराती एक्सपर्ट अहमद ताहा ने पीएम मोदी की UAE यात्रा को नए अध्याय की शुरुआत कहा है।
#fblifestyle
न्याय, आस्था और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े किसी भी विषय पर जब न्यायालय अपना निर्णय देता है, तो वह केवल एक कानूनी फैसला नहीं होता, बल्कि वर्षों से चले आ रहे विचार-विमर्श और प्रमाणों के आधार पर लिया गया एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष होता है।
धार भोजशाला से जुड़ा हालिया न्यायालय का निर्णय समाज के लिए एक ऐसा ही महत्वपूर्ण क्षण है, जिसे बहुत से लोग ऐतिहासिक दृष्टि से देख रहे हैं। इस फैसले को लेकर लोगों में अलग-अलग भावनाएँ और विचार हो सकते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम सभी को न्यायपालिका की प्रक्रिया और उसके निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।
भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता और लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जहाँ हर विषय पर विचार, तर्क और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया जाता है। ऐसे में किसी भी ऐतिहासिक या सांस्कृतिक स्थल से जुड़े निर्णय केवल वर्तमान को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समझ और दृष्टिकोण को भी प्रभावित करते हैं।
यह समय उत्सव या विवाद का नहीं, बल्कि शांति, सम्मान और संतुलित दृष्टिकोण रखने का है। हमें यह समझना चाहिए कि न्यायालय का हर निर्णय कानून, तथ्यों और प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर होता है, और उसका उद्देश्य समाज में न्याय और व्यवस्था को बनाए रखना होता है।
आइए हम सब मिलकर इस निर्णय का सम्मान करें और समाज में सौहार्द, शांति और एकता बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ें। किसी भी विषय पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश की न्याय व्यवस्था पर विश्वास और सम्मान ही हमें एक मजबूत राष्ट्र बनाता है।
जय हिन्द 🇮🇳
मुझे किसी को कुछ साबित नहीं करना…” 👑🔥
2027 World Cup को लेकर विराट कोहली का बड़ा बयान!
किंग कोहली ने साफ कहा —
“जब तक टीम के लिए योगदान दे सकता हूं, तभी तक खेलूंगा…” 🏏🇮🇳
ना रिकॉर्ड का घमंड, ना नाम का सहारा…
सिर्फ देश के लिए खेलने का जुनून ❤️
यही सोच विराट को करोड़ों दिलों का KING बनाती है 💪