बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बहनों का जीवन सुख-समृद्धि से सदैव परिपूर्ण रहे।
#sevakajaykopoor #bjp4ind #bjpkanpur #happybirthday
Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बहनों का जीवन सुख-समृद्धि से सदैव परिपूर्ण रहे।
#sevakajaykopoor #bjp4ind #bjpkanpur #happybirthday
बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बहनों का जीवन सुख-समृद्धि से सदैव परिपूर्ण रहे।
#sevakajaykopoor #bjp4ind #bjpkanpur #happybirthday
बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बहनों का जीवन सुख-समृद्धि से सदैव परिपूर्ण रहे।
#sevakajaykopoor #bjp4ind #bjpkanpur #happybirthday
बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बहनों का जीवन सुख-समृद्धि से सदैव परिपूर्ण रहे।
#sevakajaykopoor #bjp4ind #bjpkanpur #happybirthday



A bizarre case has come to light from Hyderabad in Telangana. Here, a bus conductor's height has become a source of trouble for him. Considering the employee's physical difficulties, the state transport corporation has removed him from regular duty on buses and assigned him other responsibilities. This matter has now become a topic of discussion on social media as well.
भारतीय सेना की ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं, बल्कि उन महान सैन्य नेताओं में है जिन्होंने अपनी सोच, नेतृत्व और बलिदान से इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया 👇
🔸 जनरल बिपिन रावत – भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), जिन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को मजबूत किया।
🔸 फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ – 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक, जिनकी रणनीति से भारत ने ऐतिहासिक विजय हासिल की।
Rabindranath Tagore, भारत के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता, का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। वे सिर्फ एक महान कवि ही नहीं, बल्कि संगीतकार, कलाकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।
13 अप्रैल 1919 को हुए Jallianwala Bagh massacre ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस नरसंहार के विरोध में टैगोर ने ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘सर’ (नाइटहुड) की उपाधि लौटा दी थी। उन्होंने वायसराय को एक कड़ा पत्र लिखकर इस घटना की निंदा की, जो उस समय ब्रिटिश अखबारों में भी जगह नहीं पा सका।
इस घटना में जनरल डायर के आदेश पर निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गई थीं, जिसमें हजारों लोग मारे गए और घायल हुए। टैगोर का यह कदम आज भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का एक मजबूत प्रतीक माना जाता है।
#rabindranathtagore #indianhistory #nobellaureate #jallianwalabagh #freedomstruggle