8 hrs - Translate

नेपाल में अचानक क्यों आया इतना खतरनाक सैलाब?
सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आई वजह, भारत में भी मंडराया बाढ़ का खतरा नेपाल में अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। शुरुआती सैटेलाइट विश्लेषण के मुताबिक, नेपाल-चीन सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के भूस्खलन से ल्हेंदे नदी का बहाव बाधित हआ, जिससे पानी जमा हआ नेपाल में बुधवार सुबह आई अचानक भीषण बाढ़ ने कुछ ही घंटों में भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि सड़कें, पुल, घर और जलविद्युत परियोजनाएं इसकी जद में आ गईं। रसुवा जिले में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। खबर लिखे जाने तक 46 लोगों की मौ"त की पुष्टि हुई है, जबकि 93 लोग घा"यल हुए हैं और कई लोग अब भी ला"पता बताए जा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है- आखिर बिना बेहद भारी बारिश के इतनी खतरनाक बाढ आई कैसे?सैटेलाइट तस्वीरों के शुरुआती विश्लेषण से इस बाढ़ की वजह सामान्य मॉनसूनी बारिश नहीं, बल्कि पहाड़ों में हुई एक बड़ी प्राकृतिक घटना होने के संकेत मिल रहे हैं।
Planet Labs ने एक वीडियो जारी किया है। इन सैटेलाइट तस्वीरों के शुरुआती विश्लेषण से संकेत मिलते हैं कि नेपाल-चीन बॉर्डर के पास रसुवागढ़ी सीमा चौकी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बर्फ और चट्टानों का एक बड़ा भूस्खलन हुआ।
इसका असर ल्हेंदे नदी पर पड़ा और वह अचानक पानी का दबाव बढ़ गया। पहाड़ से बर्फ और चदानों का बड़ा हिस्सा नदी मेंगिरा और उसने कुछ वक्त के लिए पानी का रास्ता रोक दिया। इसके बाद नदी के पीछे पानी जमा होता गया। जब यह प्राकृतिक बांध अचानक टूटा, तो जमा हुआ पानी एक बेहद तेज लहर की तरह नीचे की तरफ बह निकला। यही पानी आगे चलकर भोटेकोशी नदी में मिला और अचानक नदी का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया।वैज्ञानिक बर्फीले हिमस्खलन और अचानक आई पानी की तेज लहर के बीच संभावित संबंध की भी जांच कर रहे हैं। काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजान भक्त कायस्थ ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार, एक बर्फीले हिमस्खलन ने ल्हेंदे नदी के प्रवाह को रोक दिया होगा। इसके कारण पानी जमा होता गया और जब यह अवरोध टूटा, तो पानी का अचानक तेज बहाव नीचे की ओर आया और भोटेकोशी नदी में मिल गया।भूकंप ने भी बढ़ाया शक
इस घ"टना के दौरान तिब्बती इलाके में भूकंप भी दर्ज किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, सुबह 8:37 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र गोसाईंकुंड से करीब 47 किलोमीटर उत्तर में बताया गया है।
इसके कुछ ही समय बाद, करीब 9 बजे, तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी नदी में तेज बहाव आने की खबर सामने आई।
किन इलाकों पर पड़ा असर?
अचानक आए इस फ्लैश फ्लड का असरकिन इलाकों पर पड़ा असर?
अचानक आए इस फ्लैश फ्लड का असर नेपाल के कई इलाकों में दिखाई दिया। रसुवा और धादिंग जैसे तिब्बत सीमा से लगे जिलों के अलावा नुवाकोट में भी हालात प्रभावित हुए। तेज पानी ने रास्तों और पुलों को नुकसान पहुंचाया। कई घरों और जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान की खबर है। अचानक आई इस आफत की वजह से लोगों को संभलने व मौका तक नहीं मिला।भारत में भी बढ़ी चिंता
नेपाल की इस बाढ़ का असर भारत में भी पड़ सकता है, खासकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में। वजह है नेपाल से भारत की तरफ आने वाली नदियां। बिहार में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी के मुताबिक, नेपाल से करीब 1.5 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी आने का अनुमान है। इससे गंडक नदी में कुल डिस्चार्ज करीब 2.5 लाख से 2.75 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है।
देवघाट पर क्यों है नजर?
नेपाल में देवघाट एक अहम जगह है, जहां से गंडक नदी में आने वाले पानी के प्रवाह का आकलन किया जाता है। फिलहाल जलस्तर करीब 4.7 मीटर बताया गया है,देवघाट पर क्यों है नजर?
नेपाल में देवघाट एक अहम जगह है, जहां से गंडक नदी में आने वाले पानी के प्रवाह का आकलन किया जाता है। फिलहाल वहां जलस्तर करीब 4.7 मीटर बताया गया है।
अनुमान है कि आने वाले पानी के कारण जलस्तर में करीब 3 मीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो जलस्तर करीब 7.7 से 8 मीटर तक पहुंच सकता है।
हालांकि, ज्यादा खतरा तब माना जाएगा जब यहां जलस्तर करीब साढ़े 8 से 9 म के ऊपर पहुंच जाए। See less

image
8 hrs - Translate

गौरव भाटिया का सपा पर करारा हमला

गौरव भाटिया ने कहा कि यूपी में BJP की प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा कॉलेज और मेडिकल कॉलेज बनाना और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल करना है।

वहीं सपा पर निशाना साधते हुए बोले- “सपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता कब्रिस्तान बनाने की थी।”

इस बयान पर आपकी क्या राय है? See less

image
8 hrs - Translate

🇮🇳 नेपाल में तमिलनाडु के 37 लोग लापता!

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बीच तमिलनाडु के 37 लोगों के लापता होने की खबर से चिंता बढ़ गई है। DMK ने विदेश मंत्रालय से तत्काल मदद और जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

🙏 उम्मीद है सभी लोग जल्द सुरक्षित मिलें। See less

image
9 hrs - Translate

भाजपा और आरएसएस पर नेहा बोरा की टिप्पणी से सियासी ब*ह*स ते*ज

एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की ओर से भाजपा और आरएसएस को “भारत की धरती से हटाने” की बात कहे जाने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। उनके बयान को भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ तीखे राजनीतिक विरोध के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं आलोचकों का कहना है कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक असहमति को अनावश्यक रूप से टकरावपूर्ण बना सकती है।

नेहा बोरा छात्र राजनीति और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी मुखर भूमिका के लिए जानी जाती हैं। भर्ती परीक्षाओं, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के आंदोलनों से जुड़े सवालों पर वह सरकार की नीतियों की आलोचना करती रही हैं। उनके समर्थकों के लिए यह बयान भाजपा की राजनीतिक विचारधारा का लोकतांत्रिक तरीके से वि*रो*ध करने और उसे चुनावी स्तर पर चुनौती देने का संदेश हो सकता है।

हालांकि, “भारतीय धरती से हटाने” जैसे शब्दों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की जा सकती है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या विचारधारा से असहमति रखना और उसके खि*ला*फ आवाज उठाना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन राजनीतिक वि*रो*ध की भाषा ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी वर्ग या विचारधारा से जुड़े लोगों को देश से बाहर करने या उनके अधिकार छीनने का संदेश न जाए।

भाजपा और आरएसएस के समर्थक भी इसी देश के नागरिक हैं और उन्हें अपनी विचारधारा रखने, चुनाव में भाग लेने, संगठन बनाने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। इसी तरह उनके विरोधियों को भी आलोचना, विरोध और राजनीतिक अभियान चलाने का अधिकार है।

लोकतंत्र में विचारधाराओं की लड़ाई विचारों, तर्क, चुनाव और शांतिपूर्ण आंदोलनों के माध्यम से होनी चाहिए। इसलिए नेहा बोरा के बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखना जरूरी है—क्या यह केवल राजनीतिक वि*रो*ध की ती*खी अभिव्यक्ति है या ऐसी भाषा है जो समाज में अनावश्यक विभाजन को बढ़ावा देती है?

आपकी राय क्या है—क्या यह लोकतांत्रिक राजनीतिक वि*रो*ध की सामान्य भाषा है या राजनीतिक ब*ह*स में इससे अधिक संयम की जरूरत है? सम्मानपूर्वक अपनी राय साझा करें। See less
Comments
Om

image

image

image

imageimage

image

image

image