15 hrs - Translate

CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਆਯੋਜਿਤ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ PRTC ਦੀਆਂ 100 ਨਵੀਆਂ ਬੱਸਾਂ ਨੂੰ ਹਰੀ ਝੰਡੀ ਦਿਖਾ ਕੇ ਕੀਤਾ ਰਵਾਨਾ
#cmbhagwantmann #punjab #patiala #prtcbuses #dailypostpunjabi

image
15 hrs - Translate

CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਆਯੋਜਿਤ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ PRTC ਦੀਆਂ 100 ਨਵੀਆਂ ਬੱਸਾਂ ਨੂੰ ਹਰੀ ਝੰਡੀ ਦਿਖਾ ਕੇ ਕੀਤਾ ਰਵਾਨਾ
#cmbhagwantmann #punjab #patiala #prtcbuses #dailypostpunjabi

image
15 hrs - Translate

CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਆਯੋਜਿਤ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ PRTC ਦੀਆਂ 100 ਨਵੀਆਂ ਬੱਸਾਂ ਨੂੰ ਹਰੀ ਝੰਡੀ ਦਿਖਾ ਕੇ ਕੀਤਾ ਰਵਾਨਾ
#cmbhagwantmann #punjab #patiala #prtcbuses #dailypostpunjabi

image
image
image
16 hrs - Translate

राजस्थान की राजनीति के शिखर पुरुष, जनसेवा और सुशासन के प्रतीक, किसानों एवं आमजन के हितैषी स्वर्गीय श्री भैरों सिंह जी शेखावत ‘बाबोसा’ की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। 💐🙏
उनका सादगीपूर्ण जीवन, दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कार्यों से भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ी।
बाबोसा का व्यक्तित्व और उनके आदर्श सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।

image

image

Purple Watercolor Floral Presentation-compressed.pdf

image

image

image
16 hrs - Translate

भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर आज प्राचीन पाण्डव कालीन भगवान वाल्मीकि आश्रम, नेहरू पार्क, विजय मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में विशाल सत्संग, हवन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है!
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी विवेक नाथ जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उपस्थित होकर भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का स्मरण किया तथा उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त के मंत्री श्री सुनील सूरी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, ज्ञान, तप, साहित्य और सामाजिक समरसता के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया।
श्री सुनील सूरी जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि ज्ञान, साधना और संस्कार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और उनके साहित्य से प्रेरणा लेकर भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों के प्रति अपने दायित्व को समझे।
इस अवसर पर संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
प्रचार प्रसार आयाम
विश्व हिन्दू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रान्त

image