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हरिद्वार में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी की अंत्येष्टि में सम्मिलित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री खंडूरी जी का प्रेरणादायी व्यक्तित्व और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उत्तराखंड के विकास एवं सुशासन के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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हरिद्वार में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी की अंत्येष्टि में सम्मिलित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री खंडूरी जी का प्रेरणादायी व्यक्तित्व और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उत्तराखंड के विकास एवं सुशासन के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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हरिद्वार में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी की अंत्येष्टि में सम्मिलित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री खंडूरी जी का प्रेरणादायी व्यक्तित्व और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उत्तराखंड के विकास एवं सुशासन के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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बिहार कैडर के एक ऐसे आईपीएस अधिकारी, जिनकी छवि किसी फिल्मी 'सुपरकॉप' से कम नहीं है—मनु महाराज (Manu Maharaj)। 2005 बैच के इस अधिकारी का नाम सुनते ही बिहार के अपराधी जगत में खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो जाता है।
मनु महाराज जी केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे 'ब्रांड' हैं, जिसने बिहार पुलिस के प्रति लोगों के भरोसे को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

प्रमुख गौरवपूर्ण उपलब्धियाँ और योगदान:
* 2005 बैच के दबंग आईपीएस: मनु महाराज जी अपनी साहसी कार्यशैली के लिए पूरे भारत में मशहूर हैं। वे उन अधिकारियों में से हैं, जो किसी भी बड़े से बड़े आपराधिक गिरोह के सामने सीना तानकर खड़े हो जाते हैं। उनकी 'ग्राउंड जीरो' पर मौजूदगी ही अपराधियों को हिला देने के लिए काफी होती है।
* पटना का 'किंगमेकर' पुलिस अधिकारी: पटना के एसएसपी (SSP) के रूप में उनका कार्यकाल एक ऐतिहासिक दौर था। उन्होंने राजधानी पटना को अपराध मुक्त बनाने के लिए जिस तरह से अपनी टीम को लीड किया, वह आज भी एक केस स्टडी है। उन्होंने कई बड़े संगठित अपराधों और कुख्यात गैंग्स का खात्मा किया।
* साहस का पर्याय: वे अक्सर अपने हाथ में हथियार लेकर खुद रेड (Raid) में शामिल होते हैं। उनकी इसी 'फ्रंट-फुट' वाली पुलिसिंग ने उन्हें 'सुपरकॉप' का खिताब दिया है। वे किसी भी दफ्तर या एसी चैंबर के बजाय फील्ड में काम करना ज्यादा पसंद करते हैं।
* जनता से गहरा जुड़ाव: दबंग छवि होने के बावजूद, मनु महाराज जी आम जनता, विशेषकर पीड़ितों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। वे लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं को भी बड़ी गंभीरता से लेते हैं, जिससे उन्हें जनता का अपार स्नेह और समर्थन मिलता है।
* बहुआयामी व्यक्तित्व: पुलिसिंग के अलावा, वे अपनी फिटनेस, खेल और सामाजिक कार्यों में भी काफी सक्रिय रहते हैं। उनका अनुशासित जीवनशैली युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
"पुलिस की वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह आम आदमी के लिए सुरक्षा का पर्याय बने और अपराधियों के लिए काल।" — मनु महाराज जी की कार्यशैली इसी संकल्प का प्रतीक है।

संक्षिप्त आंकड़े (Quick Glance):
* पहचान: 2005 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी।
* विशेषता: साहसी पुलिसिंग, फील्ड कमांड, अपराध जगत में खौफ, जनता के बीच लोकप्रिय।
* योगदान: पटना में अपराध नियंत्रण, संगठित अपराधी गिरोहों का खात्मा, पुलिस का मनोबल बढ़ाना।
* विरासत: एक ऐसे अधिकारी के रूप में जिन्होंने 'सुपरकॉप' की छवि को बिहार की धड़कन बना दिया।
मनु महाराज जी जैसे अधिकारी पुलिस बल की वे 'शक्ति' हैं, जो अपनी निष्ठा और जज्बे से कानून-व्यवस्था का इमान बनाए रखते हैं। उनके साहसी व्यक्तित्व को हमारा नमन! 🙏

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दिल्ली कैडर के 1978 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी, विमल मेहरा (Vimal Mehra), भारतीय पुलिस सेवा के उन गिने-चुने अधिकारियों में से हैं जिन्होंने पुलिसिंग को 'सुधार' (Reform) और 'मानवीय दृष्टिकोण' के साथ जोड़ा। उन्हें दिल्ली पुलिस के इतिहास में एक ऐसे दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और जेल प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव किए।
विमल मेहरा जी का करियर इस बात का गवाह है कि खाकी वर्दी पहनकर न केवल अपराधियों को पकड़ा जा सकता है, बल्कि व्यवस्था की खामियों को भी दूर किया जा सकता है।
प्रमुख गौरवपूर्ण उपलब्धियाँ और योगदान:
* 1978 बैच के वरिष्ठ आईपीएस: विमल मेहरा जी ने अपने लंबे करियर में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों में कई शीर्ष पदों पर कार्य किया। वे दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (Special Commissioner) और महानिदेशक (जेल) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
* तिहाड़ जेल का कायाकल्प: महानिदेशक (जेल) के रूप में उनके कार्यकाल को 'सुधारों का स्वर्ण युग' माना जाता है। उन्होंने तिहाड़ में कैदियों के लिए कौशल विकास, शिक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने जेल को 'यातना गृह' के बजाय 'सुधार गृह' बनाने की दिशा में काम किया।
* महिला सुरक्षा के लिए '1091' हेल्पलाइन: दिल्ली पुलिस में रहते हुए उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए पहली बार '1091' वूमेन हेल्पलाइन की शुरुआत की। यह उस समय महिला सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने संकट के समय महिलाओं को पुलिस से सीधे जोड़ने का माध्यम प्रदान किया।
* सामुदायिक पुलिसिंग के प्रणेता: वे हमेशा से पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कई ऐसी नीतियां बनाईं जिससे पुलिस बल अधिक 'जन-हितैषी' (People-friendly) बन सके।
* भ्रष्टाचार के विरुद्ध और अनुशासन: विभाग के भीतर उन्हें एक बेहद अनुशासित और ईमानदार अधिकारी माना जाता था। उन्होंने पुलिस बल की आंतरिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए कई कड़े कदम उठाए।
"पुलिस की असली सफलता अपराधियों की संख्या में नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति के मन में सुरक्षा के भाव में निहित है।" — विमल मेहरा जी की पूरी सेवा इसी विचार के इर्द-गिर्द केंद्रित रही।
संक्षिप्त आंकड़े (Quick Glance):
* पहचान: 1978 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी (AGMUT कैडर/दिल्ली)।
* विशेषता: जेल सुधार विशेषज्ञ, महिला सुरक्षा के प्रवर्तक, रणनीतिक प्रशासक।
* योगदान: तिहाड़ जेल का आधुनिकीकरण, 1091 हेल्पलाइन की शुरुआत, दिल्ली पुलिस में प्रशासनिक सुधार।
* विरासत: एक ऐसे अधिकारी के रूप में जिन्होंने 'वर्दी' को एक मानवीय चेहरा प्रदान किया।
विमल मेहरा जी जैसे अधिकारी यह सिखाते हैं कि एक प्रशासक अपनी दूरदृष्टि से पूरे तंत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उनके अनुभव और समाज के प्रति उनके योगदान को हमारा सादर नमन!
#vimalmehra #ips #delhipolice #tiharjail #prisonreforms #womensafety #1091helpline

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वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा 🙏

चतुर्थी तिथि को विशेष रूप से गणेश जी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है, जो जीवन के संकटों को दूर करने और रुके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होती है। यह तिथि दो प्रकार की होती है: संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) और विनायक चतुर्थी (शुक्ल पक्ष)।

इस साल अधिकमास में वरद चतुर्थी 20 मई 2026 को मनाई जाएगी, चतुर्थी तिथि 19 मई 2026 को दोपहर 2:18 बजे से शुरू होकर 20 मई 2026 को सुबह 116 बजे समाप्त होगी…

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आप जलवा बरकार रखिये 🔥🔥
ऐसे हाव भाव मन को अच्छा लगता🎯♥️
हम तो कहते दोनों को देखकर बॉलीवुड, हॉलीवुड,एवं टॉलीवुड फीका पड़ जाएगा 💫💪
कितनो को तो माथे पर पसीना फेक देगा💥🌺
👏👌
#gorgiamelony ony & #narendramodi top लीडरशिप 🤝
आप दोनों आगे बढ़ो हम भारतीय और इटली के देशवासी आप के साथ है 🥰🥰
#ये_दोस्ती_हम_नहीं_तोड़ेंगे??

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