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शायद यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ ने ₹300 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया!

‘हनुमान अंश’ की टीम ने फिल्म की शूटिंग के दौरान हर दिन की शुरुआत नीम करौली बाबा की प्रार्थना से की। बताया गया कि सेट पर शूटिंग शुरू करने से पहले पूरी टीम एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करती थी और फिर अपने काम की शुरुआत करती थी।

फिल्म की टीम के लिए यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास से जुड़ी यात्रा भी रही। मेहनत के साथ भगवान हनुमान और नीम करौली बाबा के प्रति श्रद्धा ने इस सफर को और खास बना दिया।

आज जब फिल्म ने ₹300 करोड़ का आंकड़ा पार किया, तो फैंस इस सफलता को टीम की मेहनत और उनकी आस्था से जोड़कर देख रहे हैं।

क्या आपको भी लगता है कि सच्ची श्रद्धा और मेहनत का साथ सफलता को खास बना देता है?
जय बजरंगबली जय नीम करौली बाबा

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3 karod रुपये की संपत्ति, फिर 13 करोड़ की Rolls-Royce! मैथिली ठाकुर पर उठे सवाल, कंगना रनौत ने दिया जवाब
बिहार के अलीनगर से विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर इन दिनों एक लग्जरी Rolls-Royce में नजर आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। वायरल तस्वीरों और पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने उनके चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति और इतनी महंगी कार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, कार की कीमत और ownership को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और शुरुआती रिपोर्टों में इसके मालिकाना हक की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई थी।
इस पूरे विवाद के बीच बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत मैथिली ठाकुर के समर्थन में सामने आईं। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए ट्रोल करने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीति में आने का मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी और सुविधाएं छोड़ दे। कंगना का कहना था कि जनसेवा करने वाले नेताओं का अपना करियर और जीवन भी होता है और अच्छी जिंदगी जीना अपने आप में गलत नहीं है।
वहीं, सोशल मीडिया पर उठे सवालों का केंद्र अभी भी यही है कि जिस Rolls-Royce में मैथिली ठाकुर नजर आईं, उसका वास्तविक मालिक कौन है और इसे लेकर आधिकारिक तौर पर क्या जानकारी सामने आती है। इस पर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है, इसलिए बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।
आपके हिसाब से किसी नेता की निजी जिंदगी और उसकी लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर सवाल उठाना कितना सही है?

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2 शादी के बाद भी अकेले रह गए गुलशन ग्रोवर, 400 फिल्मों में किया काम, कभी बेचते थे सामान80 और 90 के दशक में एक से बढ़कर एक खलनायक हुए. उनमें से सबसे ज्यादा चर्चा में रहे गुलशन ग्रोवर. गुलशन ग्रोवर का फिल्मी करियर काफी लंबा और सफल रहा है. हालांकि अपने करियर में उन्होंने बहुत कम ही पॉजिटिव किरदार निभाए हैं.वो निगेटिव किरदार से फैंस के दिलों में गहरी और अमिट छाप छोड़ने में कामयाब हुए. तभी तो उन्हें फिर बाद में 'बॉलीवुड के बैडमैन' भी कहा गया.
गुलशन ग्रोवर ने अपने दौर में एक से बढ़कर एक स्टार्स के साथ काम किया और बड़े पर्दे पर उनसे पंगा लिया. आज भी गुलशन फिल्मी दुनिया में काम कर रहे हैं और फैंस का दिल जीत रहे हैं. हालांकि अभिनेता को अपनी निजी जिंदगी में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. दो शादी करने के बावजूद वो अपनी लाइफ में अकेले रह गए. आइए आज एक्टर के जन्मदिन के मौके पर उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ खास और दिलचस्प बातों के बारे में जानते हैं.
बचपन में रामलीला में करते थे पार्टिसिपेट
गुलशन ग्रोवर आज 71 साल के हो चुके हैं. इस दिग्गज अभिनेता का जन्म 21 सितंबर 1955 को नई दिल्ली में हुआ था. शुरू से ही गुलशन को एक्टिंग का शौक था और उनका अभिनय का सफर बचपन में रामलीला से शुरू हो गया था. जब वो तीसरी और चौथी क्लास में थे तभी उन्होंने रामलीला में एक्टिंग करना शुरू कर दिया था.कॉलेज के दौरान थिएटर ग्रुप से जुड़े
गुलशन ने बड़े होने पर भी एक्टिंग करना जारी रखा और जब वो कॉलेज में थे तब अपने एक्ट से लोगों का दिल जीत लेते थे. गुलशन ने श्रीराम कॉलेज ऑफ काॅमर्स से पढ़ाई की थी और इसी दौरान वो लिटिल थिएटर ग्रुप से जुड़ गए. इसके बाद उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला ले लिया था.
डिटर्जेंट पाउडर और फिनाइल की गोलियां बेचते थे गुलशन
गुलश ग्रोवर के 6 भाई-बहन थे और उनके सहित टोटल सात. ऐसे में उनके पैरेंट्स के लिए सभी बच्चों को पढ़ाना मुश्किल था. हालांकि उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और बचपन में ही वो काम भी करने लगे थे. दोपहर में वो स्कूल जाते थे और सुबह फ्री टाइम में अभिनेता अमीर लोगों के घर जाकर डिटर्जेंट पाउडर और फिनाइल की गोलियां बेचने का काम करते थे. बदले में उन्हें जो पैसे मिलते थे उससे वो अपनी स्कूल फीस भर दिया करते थे.
2 शादी के बाद भी अकेले रह गए गुलशन ग्रोवर, 400 फिल्मों में किया काम, कभी बेचते थे सामान
2 शादी के बाद भी अकेले रह गए गुलशन ग्रोवर, 400 फिल्मों में किया काम, कभी बेचते थे सामान
2 शादी के बाद भी अकेले रह गए गुलशन ग्रोवर, 400 फिल्मों में किया काम, कभी बेचते थे सामान
80 और 90 के दशक में एक से बढ़कर एक खलनायक हुए. उनमें से सबसे ज्यादा चर्चा में रहे गुलशन ग्रोवर. गुलशन ग्रोवर का फिल्मी करियर काफी लंबा और सफल रहा है. हालांकि अपने करियर में उन्होंने बहुत कम ही पॉजिटिव किरदार निभाए हैं.
वो निगेटिव किरदार से फैंस के दिलों में गहरी और अमिट छाप छोड़ने में कामयाब हुए. तभी तो उन्हें फिर बाद में 'बॉलीवुड के बैडमैन' भी कहा गया.
गुलशन ग्रोवर ने अपने दौर में एक से बढ़कर एक स्टार्स के साथ काम किया और बड़े पर्दे पर उनसे पंगा लिया. आज भी गुलशन फिल्मी दुनिया में काम कर रहे हैं और फैंस का दिल जीत रहे हैं. हालांकि अभिनेता को अपनी निजी जिंदगी में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. दो शादी करने के बावजूद वो अपनी लाइफ में अकेले रह गए. आइए आज एक्टर के जन्मदिन के मौके पर उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ खास और दिलचस्प बातों के बारे में जानते हैं.
बचपन में रामलीला में करते थे पार्टिसिपेट
गुलशन ग्रोवर आज 71 साल के हो चुके हैं. इस दिग्गज अभिनेता का जन्म 21 सितंबर 1955 को नई दिल्ली में हुआ था. शुरू से ही गुलशन को एक्टिंग का शौक था और उनका अभिनय का सफर बचपन में रामलीला से शुरू हो गया था. जब वो तीसरी और चौथी क्लास में थे तभी उन्होंने रामलीला में एक्टिंग करना शुरू कर दिया था.
'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में सीता बन ट्रोल हुईं अंजलि अरोड़ा, दिया करारा जवाब
कॉलेज के दौरान थिएटर ग्रुप से जुड़े
गुलशन ने बड़े होने पर भी एक्टिंग करना जारी रखा और जब वो कॉलेज में थे तब अपने एक्ट से लोगों का दिल जीत लेते थे. गुलशन ने श्रीराम कॉलेज ऑफ काॅमर्स से पढ़ाई की थी और इसी दौरान वो लिटिल थिएटर ग्रुप से जुड़ गए. इसके बाद उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला ले लिया था.
डिटर्जेंट पाउडर और फिनाइल की गोलियां बेचते थे गुलशन
गुलश ग्रोवर के 6 भाई-बहन थे और उनके सहित टोटल सात. ऐसे में उनके पैरेंट्स के लिए सभी बच्चों को पढ़ाना मुश्किल था. हालांकि उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और बचपन में ही वो काम भी करने लगे थे. दोपहर में वो स्कूल जाते थे और सुबह फ्री टाइम में अभिनेता अमीर लोगों के घर जाकर डिटर्जेंट पाउडर और फिनाइल की गोलियां बेचने का काम करते थे. बदले में उन्हें जो पैसे मिलते थे उससे वो अपनी स्कूल फीस भर दिया करते थे.

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जानकारी के अनुसार, फिजिक्स वॉलह के संस्थापक अलख पांडे ने हनुमान अंश गायक सुनील लोधी को अपने संस्थान में आमंत्रित किया। उन्होंने गायक को सम्मानित करते हुए उन्हें 2 लाख रुपये का चेक भेंट किया। इस कदम की सराहना की जा रही है क्योंकि यह कक्षा से परे प्रतिभा को समर्थन देने का एक बेहतरीन उदाहरण है।

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राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफीमहाराष्ट्र के पुणे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। राज ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद MNS कार्यकर्ताओं ने महेश मोटे को पकड़ लिया।
"राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफी
"राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफी
"राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफ
Pune: महाराष्ट्र के पुणे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। राज ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद MNS कार्यकर्ताओं ने महेश मोटे को पकड़ लिय
आरोप है कि उनका चेहरा काला किया गया, सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करवाई गई और राज ठाकरे की तस्वीर के सामने माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। घटना के बाद महेश का माफी मांगते हुए वीडियो भी सामने आया है।
रील में क्या कहा था, जिससे नाराज हुए कार्यकर्ता?
रिपोर्टों के मुताबिक, महेश मोटे ने करीब 15 दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो या रील पोस्ट की थी। इसमें राज ठाकरे को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर MNS कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। इसके बाद महेश कुछ दिनों के लिए केरल चले गए थे।
"राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफी
"राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफी
"राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना", चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफी
Pune: महाराष्ट्र के पुणे में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। राज ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद MNS कार्यकर्ताओं ने महेश मोटे को पकड़ लिया।
आरोप है कि उनका चेहरा काला किया गया, सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करवाई गई और राज ठाकरे की तस्वीर के सामने माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। घटना के बाद महेश का माफी मांगते हुए वीडियो भी सामने आया है।
रील में क्या कहा था, जिससे नाराज हुए कार्यकर्ता?
रिपोर्टों के मुताबिक, महेश मोटे ने करीब 15 दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो या रील पोस्ट की थी। इसमें राज ठाकरे को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर MNS कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। इसके बाद महेश कुछ दिनों के लिए केरल चले गए थे।
Hyderabad: ऑटो चालक ने मांगे 10 रुपये, यात्री के पास नहीं थे छुट्टे; फिर सड़क पर हुआ खौफनाक खेल
MNS के हडपसर विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग अध्यक्ष शुभम जगदाले के अनुसार, कार्यकर्ताओं को जब महेश के पुणे लौटने और कात्रज इलाके में मौजूद होने की जानकारी मिली, तो वे वहां पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, महेश को कात्रज के एक पार्क से पकड़कर MNS के जनसंपर्क कार्यालय ले जाया गया।
सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, MNS कार्यालय में महेश के चेहरे पर काला रंग लगाया गया। इसके बाद उन्हें राज ठाकरे की तस्वीर के सामने झुककर माफी मांगने और सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करने के लिए कहा गया। घटना से जुड़े वीडियो में महेश भावुक नजर आते हैं और हाथ जोड़कर माफी मांगते दिखाई देते हैं। उन्होंने राज ठाकरे और MNS कार्यकर्ताओं से माफी मांगी और कहा कि उनसे गलती हुई है। उन्होंने यह भी अपील की कि उन्हें आगे परेशान न किया जाए।

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जब पिता की जिंदगी बचाने की बारी आई, तो बेटी ने बिना पीछे हटे बढ़ाया अपना हाथ

कभी-कभी जिंदगी इंसान के सामने ऐसी परीक्षा रख देती है, जहां शब्द कम पड़ जाते हैं और रिश्तों की असली गहराई सामने आती है। ऐसी ही एक भावुक कहानी उस पिता और बेटी की है, जहां पिता की जिंदगी बचाने के लिए लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी।

परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था। पिता की हालत को देखते हुए लिवर डोनेट करने वाले की जरूरत थी। बताया जा रहा है कि जब बेटे से लिवर दान करने की बात आई, तो उसने पीछे हटने का फैसला किया। ऐसे वक्त में परिवार की दो बेटियों में से एक बेटी आगे आई और उसने अपने पिता की जिंदगी बचाने के लिए लिवर का एक हिस्सा दान करने की इच्छा जताई।

एक बेटी के लिए यह फैसला आसान नहीं होता। लेकिन पिता को मुश्किल में देखकर उसने अपने डर और चिंता से ऊपर अपने रिश्ते को रखा। उसका कहना था कि जब पिता को उसकी जरूरत है, तो वह उनके साथ खड़ी रहेगी।

लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट में किसी स्वस्थ व्यक्ति के लिवर का एक हिस्सा मरीज को प्रत्यारोपित किया जाता है। लिवर की खास क्षमता होती है कि दान के बाद डोनर के शरीर में बचा हुआ लिवर समय के साथ बढ़ता है और अपनी कार्यक्षमता को काफी हद तक वापस हासिल कर लेता है। हालांकि, यह एक गंभीर चिकित्सकीय प्रक्रिया है और डोनर को पूरी मेडिकल जांच के बाद ही इसके लिए योग्य माना जाता है।

इस बेटी का फैसला सिर्फ अंगदान की बात नहीं है। यह उस रिश्ते की गहराई को दिखाता है, जिसमें बेटी ने अपने पिता की जिंदगी को बचाने के लिए आगे आने का साहस दिखाया। माता-पिता अक्सर अपनी संतान के लिए पूरी जिंदगी त्याग करते हैं और जब कभी वही माता-पिता मुश्किल में होते हैं, तब संतान का साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।

इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात यही है कि बेटी ने यह नहीं देखा कि मुश्किल कितनी बड़ी है, उसने सिर्फ यह देखा कि सामने उसके पिता हैं और उन्हें उसकी जरूरत है।

बेटा हो या बेटी, माता-पिता के लिए संतान का प्यार ही सबसे बड़ा सहारा होता है। ऐसी घटनाएं समाज को यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि संतान की कीमत उसके लिंग से नहीं, बल्कि उसके संस्कार, संवेदनशीलता और मुश्किल वक्त में निभाए गए रिश्तों से होती है।

🙏 जिस बेटी ने अपने पिता के लिए इतना बड़ा फैसला लिया, उसके साहस को सलाम।

बेटियां सिर्फ घर की रौनक नहीं होतीं, जरूरत पड़ने पर वही घर की सबसे मजबूत दीवार बनकर भी खड़ी हो सकती हैं। ❤️🙏

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यह चित्र उस अनमोल क्षण को सँजोए है, जब हम सब साथ थे: सुख, स्नेह और अपनत्व से परिपूर्ण। तब यह एक सहज-सा पल था, किंतु आज वही पल मेरी स्मृतियों की अमूल्य निधि है।
माँ, आपकी मुस्कान आज भी इस चित्र में सजीव है, आपका वात्सल्य आज भी हमारे हृदयों में स्पंदित है। किंतु आपका अभाव अब जीवन के प्रत्येक कोने में एक गहन रिक्तता बनकर ठहर गया है।
काश, समय की धारा को पीछे मोड़ पाता… काश, उस क्षण में लौटकर आपके स्नेहिल सान्निध्य को फिर जी पाता।
कुछ चित्र स्मृतियाँ बन जाते हैं और कुछ स्मृतियाँ जीवनपर्यंत एक मौन विरह बनकर साथ रहती हैं। ❤️
A picture of a moment when we were all together, happy and complete. Today, it has become one of my most precious memories.
Mother, your smile lives in this picture, your love lives in all of us, but your absence is felt in every corner of our lives.
If only I could turn back time and live this moment once again.
Some pictures become memories. Some memories become a lifetime of longing. ❤️

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बॉलीवुड सुपरस्‍टार शाहरुख खान सोमवार, 21 सितंबर की शाम गणपति बप्‍पा के दर्शन करने मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे थे। इस दौरान उनकी पत्‍नी गौरी खान, बेटी सुहाना खान और मैनेजर पूजा ददलानी भी थीं। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर फैंस हर धर्म के सम्‍मान को लेकर शाहरख के विचारों की तारीफ कर रहे हैं, वहीं वहां पंडाल में कुछ ऐसा भी हुआ जो लोगों की नजर में खटक रहा है। लालबागचा के दरबार में शाहरुख के ठीक पीछे पत्‍नी गौरी और बेटी सुहाना खड़ी थीं, लेकिन एक वीडियो क्‍ल‍िप में वह पूजा के दुपट्टे से अपना चेहरा पोंछते हुए दिख रहे हैं। यह बात लोगों को पसंद नहीं आ रही।
शाहरुख खान सोमवार को पूरे दल-बल के साथ गणपति दर्शन के लिए पहुंचे थे। साथ में उनकी सिक्‍योरिटी की टीम भी थी। पंडाल के अंदर और बाहर के कई वीडियोज सोशल मीडिया पर खूब सुर्कलेट हो रहे हैं। इनमें शाहरुख खान को भगवान गणेश की पूजा करते, तिलक लगाते देखा जा सकता है।

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