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उत्तराखंड की वो बहादुर बेटी, जिसने 200 गांवों की महिलाओं को जोड़ा और जंगलों के साथ कोसी नदी को भी नया जीवन दिया ❤️
उत्तराखंड की धरती हमेशा ऐसे लोगों को जन्म देती रही है, जिन्होंने अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और प्रकृति के लिए जीवन समर्पित कर दिया। ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत हैं बसंती बहन, जिनकी कहानी संघर्ष, साहस और सेवा की मिसाल है।
23 जुलाई/जन्म-दिवस
व्यवस्था प्रिय श्रीकृष्णदास माहेश्वरी
संघ के काम में अलग-अलग रुचि और प्रवृत्ति के लोग जुड़ते हैं। किसी की रुचि शारीरिक कार्यक्रमों में होती है, तो किसी की बौद्धिक में। कोई अस्त व्यस्त रहना पसंद करता है, तो कोई घोर व्यवस्थित। कोई मस्ती और शरारत पसंद करता है, तो कोई अनुशासन और गंभीरता। कोई शांतिप्रिय होता है, तो कोई क्रोधी और लड़ाई झगड़े में पैर फंसाने वाला। आगे चलकर उन्हीं में से फिर प्रचारक भी बनते हैं। तब उनके जीवन में कुछ बदल तो आती है; पर मूल स्वभाव प्रायः बना ही रहता है।
23 जुलाई/जन्म-दिवस
स्वतन्त्रता आंदोलन में उग्रवाद के प्रणेता लोकमान्य तिलक
बीसवीं सदी के प्रारम्भ में भारतीय स्वतन्त्रता के आन्दोलन में एक म॰च के रूप में कार्यरत कांग्रेस में स्पष्टतः दो गुट बन गये थे। एक नरम तो दूसरा गरम दल कहलाता था। पहले के नेता गोपाल कृष्ण गोखले थे, तो दूसरे के लोकमान्य तिलक। इतिहास में आगे चलकर लाल-बाल-पाल नामक जो त्रयी प्रसिद्ध हुई, उसके बाल यही बाल गंगाधर तिलक थे, जो आगे चलकर लोकमान्य तिलक के नाम से प्रसिद्ध हुए।
23 जुलाई/बलिदान-दिवस
बर्फानी बाबा और कुलदीप डोगरा
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा का बड़ा महत्व है। यह रक्षाबंधन से शुरू होकर एक महीने तक चलती है। बर्फानी हिमलिंग के दर्शन को पूरे देश से लाखों भक्त वहां आते हैं। इसकी सुव्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2000 में ‘श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड’ का गठन किया। बोर्ड ने यात्राकाल के लिए कुछ जमीन मांगी; पर ज/क की सरकार में हिन्दू विरोधी लोग भी थे। अतः कई बार के प्रयास के बाद वर्ष 2008 में शासन ने 800 कनाल वनभूमि भारी किराये पर देने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।
🚩🌸॥ श्रीहरि-चरणानुरागः ॥🌸🚩
“नीलसरोजश्यामम्, अरुणोत्पलनयनम्, क्षीरसागरशायिनं भगवन्तं विष्णुं वन्दे।
हे सर्वेश्वर! मम हृदये चिरं वसतु, मम जीवनं मङ्गलमयम् करोतु।”
अर्थात् — नीले कमल के समान सुंदर श्यामवर्ण वाले, प्रात:कालीन लाल कमल के समान अति कमनीय नेत्रों वाले और अनंत क्षीरसागर की तरंगों पर शेषशय्या पर विराजमान जगत्पति भगवान श्रीहरि विष्णु की हम भावपूर्ण वंदना करते हैं। 🙌
हे दयानिधान! आप हमारे हृदय-कमल में सदा निवास करें और जीवन को भक्ति, शांति एवं कल्याण से परिपूर्ण करें। 🌿