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समय से पहले ही दुनिया की अलविदा कहने वाली स्मिता पाटिल की बनाईं फ़िल्में अपने समय से बहुत आगे थीं।
दूरदर्शन में न्यूज रीडर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाली स्मिता पाटिल के निभाएं हर किरदार अपने आप में ख़ास हैं और उनकी फिल्में आम लोगों के जीवन से जुड़ी।
उन्होंने अपने छोटे से करियर से भारतीय सिनेमा के साथ-साथ समाज पर भी गहरा असर छोड़ा है। खासकर उनके निभाएं ये 8 किरदार, जिन्हें आज भी याद किया जाता है, सराहा जाता है।
हमें कमेंट करके बताएं क्या अपने देखी है स्मिता पाटिल की ये फ़िल्में?
#smitapatil #inspiring #indianactress #movies #indiancinema

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समय से पहले ही दुनिया की अलविदा कहने वाली स्मिता पाटिल की बनाईं फ़िल्में अपने समय से बहुत आगे थीं।
दूरदर्शन में न्यूज रीडर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाली स्मिता पाटिल के निभाएं हर किरदार अपने आप में ख़ास हैं और उनकी फिल्में आम लोगों के जीवन से जुड़ी।
उन्होंने अपने छोटे से करियर से भारतीय सिनेमा के साथ-साथ समाज पर भी गहरा असर छोड़ा है। खासकर उनके निभाएं ये 8 किरदार, जिन्हें आज भी याद किया जाता है, सराहा जाता है।
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समय से पहले ही दुनिया की अलविदा कहने वाली स्मिता पाटिल की बनाईं फ़िल्में अपने समय से बहुत आगे थीं।
दूरदर्शन में न्यूज रीडर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाली स्मिता पाटिल के निभाएं हर किरदार अपने आप में ख़ास हैं और उनकी फिल्में आम लोगों के जीवन से जुड़ी।
उन्होंने अपने छोटे से करियर से भारतीय सिनेमा के साथ-साथ समाज पर भी गहरा असर छोड़ा है। खासकर उनके निभाएं ये 8 किरदार, जिन्हें आज भी याद किया जाता है, सराहा जाता है।
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पुज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से मासूम आस्था बनी मानवता की मिसाल।
नन्हीं आस्था अमर हुई, दो अंधेरी ज़िंदगियों में भर गई उजियारा, डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से महज 20 महीने की मासूम आस्था ने नेत्रदान के माध्यम से दो अंधेरी ज़िंदगियों में रोशनी भर दी। दुख की घड़ी में परिवार ने मानवता का ऐसा संदेश दिया, जो समाज को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
#eyedonation #humanity #derasachasauda #sachkahoon

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अयोध्या की बेटी ने भारतीय नौसेना में कमांडर बनकर बढ़ाया देश का मान!
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के ग्राम मंगलपुर निवासी कमांडर पारुल सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और अदम्य जज्बे से भारतीय नौसेना में गौरवपूर्ण पहचान बनाकर पूरे समाज और देश का मान बढ़ाया है। 💐
भारतीय वायुसेना में कार्यरत पिता श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं माता श्रीमती रंजना सिंह की सुपुत्री पारुल सिंह ने जून 2021 में भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया। सैन्य सेवा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। स्पीति हाफ मैराथन 2025 में द्वितीय स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी फिटनेस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का शानदार परिचय दिया।
नौसेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान के प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित किया जा चुका है।
पारुल सिंह की यह गौरवशाली उपलब्धि देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है और इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और समर्पण से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
समस्त क्षत्रिय समाज की ओर से गौरवशाली बेटी कमांडर पारुल सिंह को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएँ।

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BCCI ਨੇ ਨਿਊਜ਼ੀਲੈਂਡ ਦੌਰੇ ਲਈ ਟੀਮ ਇੰਡੀਆ ਦੀਆਂ ਵਨਡੇ ਤੇ ਟੈਸਟ ਟੀਮਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ
#bcci #teamindia #odi #testsquads

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ਪਰਵਿੰਦਰ ਝੋਟੇ ਦੇ ਬਾਪੂ ਨੇ ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਦਾ ਕੀਤਾ ਧੰਨਵਾਦ
#parwinderjhota #father #unionhomeminister #amitshah #dailypostpunjabi

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कोर्ट द्वारा मुस्कान और साहिल को फाँसी की सज़ा सुनाई गई

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रूस की संसद में पुतिन समर्थक पार्टी का दबदबा, 450 में से 355 सीटों के दावे ने खींचा दुनिया का ध्यान!**

रूस की राजनीति में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जुड़ी सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का प्रभाव एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पार्टी ने संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा की 450 में से 355 सीटों पर कब्जा जमाया है।

यह आंकड़ा संसद की लगभग 79 प्रतिशत सीटों के बराबर है। इतनी बड़ी संख्या किसी भी सत्तारूढ़ दल को कानून बनाने और महत्वपूर्ण संसदीय फैसले लेने में मजबूत स्थिति प्रदान करती है।

हालांकि, 355 सीटों के आंकड़े को किसी विशिष्ट चुनाव के आधिकारिक नतीजों से मिलाकर देखना जरूरी है।

रूस में चुनावी प्रक्रिया लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय रही है। विपक्षी दलों की भागीदारी, मीडिया की स्वतंत्रता और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सवाल उठाए हैं।

**सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संसद में भारी बहुमत जनता के स्वतंत्र समर्थन का प्रमाण है, या चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का मूल्यांकन भी उतना ही जरूरी है?**

राजनीतिक विशेषज्ञों के लिए रूस की संसदीय व्यवस्था और सत्ता का केंद्रीकरण महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय बना हुआ है।

**संसद में सीटों की संख्या राजनीतिक ताकत दिखाती है, लेकिन लोकतांत्रिक विश्वसनीयता का आकलन चुनावी प्रक्रिया से भी होता है।**

#russia #vladimirputin #unitedrussia

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