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17 часы - перевести

जंतर-मंतर से उठती आवाज़ को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता।

ये युवा हथियार लेकर नहीं आए थे। इनके हाथों में संविधान पर भरोसा था, अपने भविष्य की चिंता थी और व्यवस्था से संवाद की उम्मीद थी। लेकिन उनकी आवाज़ का जवाब अगर पुलिस बल और लाठियों से दिया जाएगा, तो यह केवल कुछ प्रदर्शनकारियों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक असहमति की भावना पर प्रहार माना जाएगा।

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जंतर मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े !!

प्रदर्शनकारी संसद भवन के करीब पहुंच गए हैं। सभी गेट पर सुरक्षा बढ़ाई गई।

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Stuffed Shimla Mirch | Bharwa Shimla Mirch

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