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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान पूज्य सरकार ने ऐतिहासिक परमार किले में स्थित प्राचीन किलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित भगवान हनुमान जी के दर्शन किए, आरती की और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। सरकार ने समाधि स्थल और किले में मौजूद तालाब भी देखा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य कला को समेटे करैरा दुर्ग, झांसी-शिवपुरी मार्ग के मध्य स्थित है। इस किले में परमार राजाओं के शासनकाल के दौरान बुंदेलखंडी स्थापत्य शैली में निर्मित प्राचीन महलों के खंडहर और ऐतिहासिक अवशेष आज भी इसकी गौरवशाली विरासत की गवाही देते हैं। किले में स्थित प्राचीन किलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बागेश्वर सरकार के मंदिर पहुंचने पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान पूज्य सरकार ने ऐतिहासिक परमार किले में स्थित प्राचीन किलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित भगवान हनुमान जी के दर्शन किए, आरती की और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। सरकार ने समाधि स्थल और किले में मौजूद तालाब भी देखा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य कला को समेटे करैरा दुर्ग, झांसी-शिवपुरी मार्ग के मध्य स्थित है। इस किले में परमार राजाओं के शासनकाल के दौरान बुंदेलखंडी स्थापत्य शैली में निर्मित प्राचीन महलों के खंडहर और ऐतिहासिक अवशेष आज भी इसकी गौरवशाली विरासत की गवाही देते हैं। किले में स्थित प्राचीन किलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बागेश्वर सरकार के मंदिर पहुंचने पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान पूज्य सरकार ने ऐतिहासिक परमार किले में स्थित प्राचीन किलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित भगवान हनुमान जी के दर्शन किए, आरती की और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। सरकार ने समाधि स्थल और किले में मौजूद तालाब भी देखा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य कला को समेटे करैरा दुर्ग, झांसी-शिवपुरी मार्ग के मध्य स्थित है। इस किले में परमार राजाओं के शासनकाल के दौरान बुंदेलखंडी स्थापत्य शैली में निर्मित प्राचीन महलों के खंडहर और ऐतिहासिक अवशेष आज भी इसकी गौरवशाली विरासत की गवाही देते हैं। किले में स्थित प्राचीन किलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बागेश्वर सरकार के मंदिर पहुंचने पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

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Radhe Krishna ❤️

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