1 ré - Traduire

लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय पर मा. विधायकगण श्री ज्ञानेन्द्र सिंह जी, श्री सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा जी एवं पूर्व मंत्री श्री शिवाकांत ओझा जी से शिष्टाचार भेंट की।

image
1 ré - Traduire

लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय पर मा. विधायकगण श्री ज्ञानेन्द्र सिंह जी, श्री सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा जी एवं पूर्व मंत्री श्री शिवाकांत ओझा जी से शिष्टाचार भेंट की।

imageimage
1 ré - Traduire

पदकों की भूख, खेलों की बदहाली, कैसे बजे खेल मंचों पर ताली
खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य मिले
सचिन शुक्ला
रायबरेली। जब भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हैं, तो पूरा देश गर्व से भर उठता है। बधाइयों का दौर शुरू होता है, सम्मान समारोह आयोजित होते हैं और पुरस्कारों की घोषणाएं होने लगती हैं। सरकारें, खेल संगठन और अनेक संस्थाएं भी इन उपलब्धियों का श्रेय लेने में पीछे नहीं रहतीं। लेकिन जब यही खिलाड़ी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाते, तो सवालों के घेरे में सबसे पहले खिलाड़ी ही खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में एक बुनियादी सवाल उठना स्वाभाविक है- क्या देश को केवल पदक चाहिए, या ऐसी खेल व्यवस्था भी चाहिए जो खिलाड़ियों को पदक जीतने योग्य बनाए?

image
1 ré - Traduire

पदकों की भूख, खेलों की बदहाली, कैसे बजे खेल मंचों पर ताली
खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य मिले
सचिन शुक्ला
रायबरेली। जब भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हैं, तो पूरा देश गर्व से भर उठता है। बधाइयों का दौर शुरू होता है, सम्मान समारोह आयोजित होते हैं और पुरस्कारों की घोषणाएं होने लगती हैं। सरकारें, खेल संगठन और अनेक संस्थाएं भी इन उपलब्धियों का श्रेय लेने में पीछे नहीं रहतीं। लेकिन जब यही खिलाड़ी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाते, तो सवालों के घेरे में सबसे पहले खिलाड़ी ही खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में एक बुनियादी सवाल उठना स्वाभाविक है- क्या देश को केवल पदक चाहिए, या ऐसी खेल व्यवस्था भी चाहिए जो खिलाड़ियों को पदक जीतने योग्य बनाए?

image
1 ré - Traduire

पदकों की भूख, खेलों की बदहाली, कैसे बजे खेल मंचों पर ताली
खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य मिले
सचिन शुक्ला
रायबरेली। जब भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हैं, तो पूरा देश गर्व से भर उठता है। बधाइयों का दौर शुरू होता है, सम्मान समारोह आयोजित होते हैं और पुरस्कारों की घोषणाएं होने लगती हैं। सरकारें, खेल संगठन और अनेक संस्थाएं भी इन उपलब्धियों का श्रेय लेने में पीछे नहीं रहतीं। लेकिन जब यही खिलाड़ी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाते, तो सवालों के घेरे में सबसे पहले खिलाड़ी ही खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में एक बुनियादी सवाल उठना स्वाभाविक है- क्या देश को केवल पदक चाहिए, या ऐसी खेल व्यवस्था भी चाहिए जो खिलाड़ियों को पदक जीतने योग्य बनाए?

imageimage
1 ré - Traduire

सीता स्वयंवर श्री राम नाटक वेलफेयर कमेटी लक्ष्मी नारायण मंदिर, तलवाड़ा

image
1 ré - Traduire

सीता स्वयंवर श्री राम नाटक वेलफेयर कमेटी लक्ष्मी नारायण मंदिर, तलवाड़ा

image
1 ré - Traduire

पंचम नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!
माँ स्कंदमाता की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का संचार हो। माँ का आशीर्वाद सदैव आप सभी पर बना रहे।
जय माँ स्कंदमाता! जय माता दी!

image

1 ré - Traduire

जगत जननी माता दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता के चरणों में कोटि-कोटि वंदन।
नवरात्रि के पाँचवे दिन माँ स्कंदमाता की आराधना से भक्तों को यश, धन, ऐश्वर्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माँ स्कंदमाता, भगवान कार्तिकेय की जननी, प्रेम, करुणा और मातृत्व की प्रतीक हैं।
उनकी कृपा से मन, वाणी और कर्म की शुद्धि होती है।
प्रभु से प्रार्थना है कि माँ स्कंदमाता सभी भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें और हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।

image