आज के इस मतलबी दौर में जहाँ लोग अपनों के लिए भी समय नहीं निकाल पाते, वहाँ कोई पति-पत्नी अपने संडे की नींद और सुकून को त्याग कर खामोशी से हज़ारों अजनबियों की भूख मिटाने में लग जाए—तो समझ जाना कि इंसानियत आज भी जिंदा है! ❌🥞❤️
मुंबई की भागदौड़ भरी ज़िंदगी से आई यह तस्वीर कोई मामूली फोटो नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। मिलिए पूजा डेढ़िया और दीपेश डेढ़िया से, जो हर रविवार को जब पूरी दुनिया गहरी नींद में सो रही होती है, ठीक सुबह 4 बजे उठ जाते हैं। वे किसी ट्रिप पर जाने के लिए नहीं उठते, बल्कि अपनी रसोई में 100 से ज़्यादा गरीब बच्चों, मज़दूरों और ज़रूरतमंदों के लिए अपने हाथों से ताज़ा और पौष्टिक नाश्ता तैयार करने के लिए जागते हैं।
'मातोश्री फाउंडेशन' के तहत चल रही इस रसोई की नीयत और कहानी बेहद खूबसूरत है:
एक पुराना कर्ज, एक नया संकल्प: दीपेश भाई जब छोटे बच्चे थे, तो एक बेहद गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उस वक्त एक बिल्कुल अनजान ब्लड डोनर ने खून देकर उनकी जान बचाई थी। दीपेश उस मसीहा को कभी ढूंढ तो नहीं पाए, लेकिन उन्होंने और उनकी पत्नी पूजा ने तय किया कि वे उस अनजान इंसान के अहसान का कर्ज समाज के गरीब लोगों की सेवा करके चुकाएंगे।
क्वालिटी से कोई समझौता नहीं: वे कोई बचा-कुचा खाना नहीं बांटते, बल्कि अपने घर के सदस्यों की तरह पूरी शुद्धता और इज़्ज़त के साथ बढ़िया खाना तैयार करते हैं। साल 2023 से शुरू हुआ यह सफर आज 2026 में भी बिना एक भी संडे मिस किए लगातार जारी है और वे अब तक 15,000 से ज्यादा मुफ्त थालियां परोस चुके हैं।
आज सोशल मीडिया पर 'कपल गोल्स' के नाम पर महंगे होटलों और विदेशी दौरों की रील्स बनाकर दिखावा करने वाले लाखों लोग मिल जाएंगे भाई, लेकिन असली और सबसे खूबसूरत 'कपल गोल्स' ये हैं जो भूखे पेट को तृप्त कर रहे हैं। बिना किसी सरकारी मदद या बड़े प्रचार के, चुपचाप समाज का पेट भरने वाले इस सच्चे और नेक दिल जोड़े को 'अच्छे विचार' का झुककर कड़क सलाम! 🫡🇮🇳👑✨
PC: pooja_dipesh_dedhia