image
1 d - перевести

4 जुलाई/स्थापना-दिवस
आजाद हिन्द फौज की स्थापना
सामान्य धारणा यह है कि आजाद हिन्द फौज और आजाद हिन्द सरकार की स्थापना नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने जापान में की थी; पर इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध के बाद अफगानिस्तान में महान क्रान्तिकारी राजा महेन्द्र प्रताप ने आजाद हिन्द सरकार और फौज बनायी थी। इसमें 6,000 सैनिक थे।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली में क्रान्तिकारी सरदार अजीत सिंह ने ‘आजाद हिन्द लश्कर’ बनाई तथा ‘आजाद हिन्द रेडियो’ का संचालन किया। जापान में रासबिहारी बोस ने भी आजाद हिन्द फौज बनाकर उसका जनरल कैप्टेन मोहन सिंह को बनाया। भारत को अंग्रेजों के चंगुल से सैन्य बल द्वारा मुक्त कराना ही इस फौज का उद्देश्य था।
नेताजी सुभाषचन्द्र बोस 5 दिसम्बर, 1940 को जेल से मुक्त हो गये; पर उन्हें कोलकाता में अपने घर पर ही नजरबन्द कर दिया गया। 18 जनवरी, 1941 को नेताजी गायब होकर काबुल होते हुए जर्मनी जा पहुँचे और हिटलर से भेंट की। वहीं सरदार अजीत सिंह ने उन्हें आजाद हिन्द लश्कर के बारे में बताकर इसे और व्यापक रूप देने को कहा। जर्मनी में बन्दी ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों से सुभाष बाबू ने भेंट की। जब उनके सामने ऐसी सेना की बात रखी गयी, तो उन सबने इस योजना का स्वागत किया।

image
1 d - перевести

4 जुलाई/स्थापना-दिवस
आजाद हिन्द फौज की स्थापना
सामान्य धारणा यह है कि आजाद हिन्द फौज और आजाद हिन्द सरकार की स्थापना नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने जापान में की थी; पर इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध के बाद अफगानिस्तान में महान क्रान्तिकारी राजा महेन्द्र प्रताप ने आजाद हिन्द सरकार और फौज बनायी थी। इसमें 6,000 सैनिक थे।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली में क्रान्तिकारी सरदार अजीत सिंह ने ‘आजाद हिन्द लश्कर’ बनाई तथा ‘आजाद हिन्द रेडियो’ का संचालन किया। जापान में रासबिहारी बोस ने भी आजाद हिन्द फौज बनाकर उसका जनरल कैप्टेन मोहन सिंह को बनाया। भारत को अंग्रेजों के चंगुल से सैन्य बल द्वारा मुक्त कराना ही इस फौज का उद्देश्य था।
नेताजी सुभाषचन्द्र बोस 5 दिसम्बर, 1940 को जेल से मुक्त हो गये; पर उन्हें कोलकाता में अपने घर पर ही नजरबन्द कर दिया गया। 18 जनवरी, 1941 को नेताजी गायब होकर काबुल होते हुए जर्मनी जा पहुँचे और हिटलर से भेंट की। वहीं सरदार अजीत सिंह ने उन्हें आजाद हिन्द लश्कर के बारे में बताकर इसे और व्यापक रूप देने को कहा। जर्मनी में बन्दी ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों से सुभाष बाबू ने भेंट की। जब उनके सामने ऐसी सेना की बात रखी गयी, तो उन सबने इस योजना का स्वागत किया।

image

image
1 d - перевести

आपके एक-एक वोट से मिला विश्वास ही आज उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
हमारी सरकार के पारदर्शी सुशासन, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पहली बार प्रदेश का बजट ₹1.11 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
यह केवल बजट का विस्तार नहीं, बल्कि सशक्त अर्थव्यवस्था, तीव्र विकास, वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विकास, विश्वास और जनसेवा के इस संकल्प के साथ हम उत्तराखंड को प्रगति के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

image
1 d - перевести

भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader

image
1 d - перевести

भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader

image
1 d - перевести

भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader

image
1 d - перевести

भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
#delegation #indianpolitical #religiousleaders #tribute #iran #formersupremeleader

image
image
image
1 d - перевести

यदि आप सहमत हैं तो कृपया लाइक करें

image