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Swati Maliwal ने राज्यसभा में बाल श्रम और बाल कलाकारों को लेकर कथित दोहरे मापदंड पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई गरीब नाबालिग बच्चा पेट पालने के लिए काम करता है तो उसे ‘बाल अपराध’ या ‘बाल मजदूरी’ माना जाता है, लेकिन जब संपन्न परिवार का बच्चा टीवी सीरियल या फिल्मों में काम करता है तो उसे ‘बाल कलाकार’ कहा जाता है।
उनका सवाल यह था कि बच्चों के काम करने को लेकर अलग-अलग नजरिया क्यों अपनाया जाता है? यह मुद्दा बच्चों के अधिकार, समानता और कानून के समान अनुपालन से जुड़ा है, जिस पर संसद में चर्चा की मांग की गई।