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शहीद बेटे को देश का दूसरा सबसे बड़ा वीरता सम्मान मिलना था, लेकिन मंच तक पहुंचने से पहले ही मां का दर्द आंसुओं में बह निकला। बेटे की याद में फूट-फूटकर रो रही मां को देखकर राष्ट्रपति खुद प्रोटोकॉल तोड़कर उनके पास पहुंचीं और कीर्ति चक्र सौंपा। राष्ट्रपति भवन का यह दृश्य सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि एक मां के दर्द, एक बेटे के बलिदान और पूरे देश की भावनाओं का ऐसा पल था जिसने हर आंख को नम कर दिया।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। देश की सेवा में उनकी असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान को इस सम्मान के जरिए नमन किया गया। समारोह में मौजूद हर व्यक्ति इस वीर सपूत की कहानी सुनकर भावुक हो उठा।
#kirtichakra #shashanktiwari #indianarmy See less

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बदलते बंगाल की झलक 👏
15 साल तक कोलकाता मेट्रो का काम रुका रहा
फिर मैंने इस पर गुगल ए-आई पर रिसर्च किया कि आखिर किस कारण से यह काम रुका रहा ।
तो कारण एकमात्र था कि अगर यह मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होता तो इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करते और ममता बनर्जी यह नहीं चाहती थी ।
क्योंकि यह केंद्र सरकार बनवा रही है ।
जी हां रेल विकास निगम लिमिटेड जो कोलकाता मेट्रो के अरेंज लाइन का काम कर रही थी उसे एक बाईपास के ऊपर से एक बाय डक्ट बनाना था लेकिन उसके लिए 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी था
15 साल पहले आरवीएनएल ने स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा की 15 दिन के लिए ट्रैफिक रोक दीजिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ट्रैफिक नहीं रोका !
फिर 4 पत्र और भेजे गए ट्रैफिक नहीं रोका गया
उसके बाद आरबीएनएल को हाई कोर्ट जाना पड़ा हाई कोर्ट में तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया कि ट्रैफिक रोका जाए ताकि मेट्रो का काम पूरा हो
लेकिन ममता बनर्जी की जिद्द देखिए ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी है तो ममता बनर्जी ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दिया
और सबसे बड़ी आश्चर्य की इस खबर को किसी मीडिया ने कभी चलाया भी नहीं कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ मोदी उद्घाटन ना कर सके उसके लिए क्या गंदा खेल खेला जा रहा है ।
उसके ही राज्य के लाखों लोग ट्रैफिक जाम में फंसकर अपना वक्त बर्बाद करते रहे लेकिन ममता बनर्जी के लिए अपना घमंड सबसे जरूरी था।
उसके बाद चुनाव आए और यह मुद्दा चुनाव में भी खूब उछला
फिर ममता सरकार चली गई और जो प्रोजेक्ट पिछले 15 साल से रुका था वह मात्र 15 दिन में पूरा हो गया।
इसीलिए मैं कहता हूं भारत का विपक्ष देश के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है।
दूसरी बात
ध्यान दीजिए
भारत के किसी भी मीडिया ने कभी भी बंगाल के अवैध टोल नाको और केंद्र के प्रोजेक्ट में अड़ंगों के बारे में एक भी लाइन नहीं चलाई। इस देशद्रोही गोदिया मीडिया के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ❓ 🤔

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बदलते बंगाल की झलक 👏
15 साल तक कोलकाता मेट्रो का काम रुका रहा
फिर मैंने इस पर गुगल ए-आई पर रिसर्च किया कि आखिर किस कारण से यह काम रुका रहा ।
तो कारण एकमात्र था कि अगर यह मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होता तो इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करते और ममता बनर्जी यह नहीं चाहती थी ।
क्योंकि यह केंद्र सरकार बनवा रही है ।
जी हां रेल विकास निगम लिमिटेड जो कोलकाता मेट्रो के अरेंज लाइन का काम कर रही थी उसे एक बाईपास के ऊपर से एक बाय डक्ट बनाना था लेकिन उसके लिए 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी था
15 साल पहले आरवीएनएल ने स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा की 15 दिन के लिए ट्रैफिक रोक दीजिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ट्रैफिक नहीं रोका !
फिर 4 पत्र और भेजे गए ट्रैफिक नहीं रोका गया
उसके बाद आरबीएनएल को हाई कोर्ट जाना पड़ा हाई कोर्ट में तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया कि ट्रैफिक रोका जाए ताकि मेट्रो का काम पूरा हो
लेकिन ममता बनर्जी की जिद्द देखिए ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी है तो ममता बनर्जी ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दिया
और सबसे बड़ी आश्चर्य की इस खबर को किसी मीडिया ने कभी चलाया भी नहीं कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ मोदी उद्घाटन ना कर सके उसके लिए क्या गंदा खेल खेला जा रहा है ।
उसके ही राज्य के लाखों लोग ट्रैफिक जाम में फंसकर अपना वक्त बर्बाद करते रहे लेकिन ममता बनर्जी के लिए अपना घमंड सबसे जरूरी था।
उसके बाद चुनाव आए और यह मुद्दा चुनाव में भी खूब उछला
फिर ममता सरकार चली गई और जो प्रोजेक्ट पिछले 15 साल से रुका था वह मात्र 15 दिन में पूरा हो गया।
इसीलिए मैं कहता हूं भारत का विपक्ष देश के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है।
दूसरी बात
ध्यान दीजिए
भारत के किसी भी मीडिया ने कभी भी बंगाल के अवैध टोल नाको और केंद्र के प्रोजेक्ट में अड़ंगों के बारे में एक भी लाइन नहीं चलाई। इस देशद्रोही गोदिया मीडिया के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ❓ 🤔

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15 साल तक कोलकाता मेट्रो का काम रुका रहा
फिर मैंने इस पर गुगल ए-आई पर रिसर्च किया कि आखिर किस कारण से यह काम रुका रहा ।
तो कारण एकमात्र था कि अगर यह मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होता तो इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करते और ममता बनर्जी यह नहीं चाहती थी ।
क्योंकि यह केंद्र सरकार बनवा रही है ।
जी हां रेल विकास निगम लिमिटेड जो कोलकाता मेट्रो के अरेंज लाइन का काम कर रही थी उसे एक बाईपास के ऊपर से एक बाय डक्ट बनाना था लेकिन उसके लिए 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी था
15 साल पहले आरवीएनएल ने स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा की 15 दिन के लिए ट्रैफिक रोक दीजिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ट्रैफिक नहीं रोका !
फिर 4 पत्र और भेजे गए ट्रैफिक नहीं रोका गया
उसके बाद आरबीएनएल को हाई कोर्ट जाना पड़ा हाई कोर्ट में तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया कि ट्रैफिक रोका जाए ताकि मेट्रो का काम पूरा हो
लेकिन ममता बनर्जी की जिद्द देखिए ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी है तो ममता बनर्जी ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दिया
और सबसे बड़ी आश्चर्य की इस खबर को किसी मीडिया ने कभी चलाया भी नहीं कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ मोदी उद्घाटन ना कर सके उसके लिए क्या गंदा खेल खेला जा रहा है ।
उसके ही राज्य के लाखों लोग ट्रैफिक जाम में फंसकर अपना वक्त बर्बाद करते रहे लेकिन ममता बनर्जी के लिए अपना घमंड सबसे जरूरी था।
उसके बाद चुनाव आए और यह मुद्दा चुनाव में भी खूब उछला
फिर ममता सरकार चली गई और जो प्रोजेक्ट पिछले 15 साल से रुका था वह मात्र 15 दिन में पूरा हो गया।
इसीलिए मैं कहता हूं भारत का विपक्ष देश के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है।
दूसरी बात
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भारत के किसी भी मीडिया ने कभी भी बंगाल के अवैध टोल नाको और केंद्र के प्रोजेक्ट में अड़ंगों के बारे में एक भी लाइन नहीं चलाई। इस देशद्रोही गोदिया मीडिया के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ❓ 🤔

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फिर मैंने इस पर गुगल ए-आई पर रिसर्च किया कि आखिर किस कारण से यह काम रुका रहा ।
तो कारण एकमात्र था कि अगर यह मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होता तो इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करते और ममता बनर्जी यह नहीं चाहती थी ।
क्योंकि यह केंद्र सरकार बनवा रही है ।
जी हां रेल विकास निगम लिमिटेड जो कोलकाता मेट्रो के अरेंज लाइन का काम कर रही थी उसे एक बाईपास के ऊपर से एक बाय डक्ट बनाना था लेकिन उसके लिए 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी था
15 साल पहले आरवीएनएल ने स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा की 15 दिन के लिए ट्रैफिक रोक दीजिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ट्रैफिक नहीं रोका !
फिर 4 पत्र और भेजे गए ट्रैफिक नहीं रोका गया
उसके बाद आरबीएनएल को हाई कोर्ट जाना पड़ा हाई कोर्ट में तुरंत पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया कि ट्रैफिक रोका जाए ताकि मेट्रो का काम पूरा हो
लेकिन ममता बनर्जी की जिद्द देखिए ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि 15 दिन ट्रैफिक रोकना जरूरी है तो ममता बनर्जी ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर कर दिया
और सबसे बड़ी आश्चर्य की इस खबर को किसी मीडिया ने कभी चलाया भी नहीं कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ मोदी उद्घाटन ना कर सके उसके लिए क्या गंदा खेल खेला जा रहा है ।
उसके ही राज्य के लाखों लोग ट्रैफिक जाम में फंसकर अपना वक्त बर्बाद करते रहे लेकिन ममता बनर्जी के लिए अपना घमंड सबसे जरूरी था।
उसके बाद चुनाव आए और यह मुद्दा चुनाव में भी खूब उछला
फिर ममता सरकार चली गई और जो प्रोजेक्ट पिछले 15 साल से रुका था वह मात्र 15 दिन में पूरा हो गया।
इसीलिए मैं कहता हूं भारत का विपक्ष देश के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है।
दूसरी बात
ध्यान दीजिए
भारत के किसी भी मीडिया ने कभी भी बंगाल के अवैध टोल नाको और केंद्र के प्रोजेक्ट में अड़ंगों के बारे में एक भी लाइन नहीं चलाई। इस देशद्रोही गोदिया मीडिया के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ❓ 🤔

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😡गैस सिलेंडरों पर मिलेगी सब्सिडी, करोड़ों परिवारों पर असर
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी में बड़ा बदलाव किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार उज्ज्वला लाभार्थियों को अब साल में केवल 4 गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे पहले लाभार्थियों को 9 सिलेंडरों पर सब्सिडी दी जाती थी, जबकि योजना की शुरुआत में यह संख्या 12 सिलेंडर प्रति वर्ष थी।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय घरेलू गैस खपत के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वहीं विपक्ष और कई उपभोक्ताओं का मानना है कि इस फैसले का असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। वर्तमान में उज्ज्वला योजना देश के करोड़ों परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।

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विश्व योगासन चैम्पियनशिप में भारत ने लगाया स्वर्ण पदकों का शतक
अहमदाबाद में आयोजित पहली वैश्विक चैम्पियनशिप में 79 देशों की सहभागिता
भारत ने 114 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया
खेलपथ संवाद
अहमदाबाद। मेजबान भारत ने सोमवार को अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में क्लीन स्वीप करते हुए 102 स्वर्ण पदकों सहित कुल 114 पदक जीते। भारत की इस शानदार जीत ने पांच दिवसीय प्रतियोगिता में उसके दबदबे को दिखाया, जिसमें 79 देशों के 522 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। कुल 31 देशों ने कम से कम एक पदक जीता, जबकि 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक हासिल किया।

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विश्व योगासन चैम्पियनशिप में भारत ने लगाया स्वर्ण पदकों का शतक
अहमदाबाद में आयोजित पहली वैश्विक चैम्पियनशिप में 79 देशों की सहभागिता
भारत ने 114 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया
खेलपथ संवाद
अहमदाबाद। मेजबान भारत ने सोमवार को अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में क्लीन स्वीप करते हुए 102 स्वर्ण पदकों सहित कुल 114 पदक जीते। भारत की इस शानदार जीत ने पांच दिवसीय प्रतियोगिता में उसके दबदबे को दिखाया, जिसमें 79 देशों के 522 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। कुल 31 देशों ने कम से कम एक पदक जीता, जबकि 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक हासिल किया।

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विश्व योगासन चैम्पियनशिप में भारत ने लगाया स्वर्ण पदकों का शतक
अहमदाबाद में आयोजित पहली वैश्विक चैम्पियनशिप में 79 देशों की सहभागिता
भारत ने 114 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया
खेलपथ संवाद
अहमदाबाद। मेजबान भारत ने सोमवार को अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में क्लीन स्वीप करते हुए 102 स्वर्ण पदकों सहित कुल 114 पदक जीते। भारत की इस शानदार जीत ने पांच दिवसीय प्रतियोगिता में उसके दबदबे को दिखाया, जिसमें 79 देशों के 522 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। कुल 31 देशों ने कम से कम एक पदक जीता, जबकि 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक हासिल किया।

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विश्व योगासन चैम्पियनशिप में भारत ने लगाया स्वर्ण पदकों का शतक
अहमदाबाद में आयोजित पहली वैश्विक चैम्पियनशिप में 79 देशों की सहभागिता
भारत ने 114 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया
खेलपथ संवाद
अहमदाबाद। मेजबान भारत ने सोमवार को अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में क्लीन स्वीप करते हुए 102 स्वर्ण पदकों सहित कुल 114 पदक जीते। भारत की इस शानदार जीत ने पांच दिवसीय प्रतियोगिता में उसके दबदबे को दिखाया, जिसमें 79 देशों के 522 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। कुल 31 देशों ने कम से कम एक पदक जीता, जबकि 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक हासिल किया।

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