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आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी, केंद्रीय गृह मंत्री आदरणीय श्री Amit Shah जी , भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री Nitin Nabin जी ने NDA गठबंधन के सभी घटक दलों के साथ NDA की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' के दौरान तिरंगा लहराया व वंदे मातरम का जयघोष किया।
तिरंगे की शान और मां भारती के सम्मान के लिए NDA परिवार सदैव संकल्पित है।

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भोले बाबा मम्मी-पापा की लड़ाई बंद करा दो प्लीज...see more

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📱 एक वीडियो के लिए इतनी बड़ी लापरवाही?

आज सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और रील्स की होड़ बढ़ती जा रही है। लेकिन क्या कुछ सेकंड की वायरल वीडियो के लिए हम बच्चों की सुरक्षा को भी नजरअंदाज करने लगे हैं? 🤔

इस तस्वीर में दिख रहा दृश्य देखकर सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि रील बनाना जरूरी है या बच्चे की सुरक्षा?

बच्चे हमारी जिम्मेदारी हैं। सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाते समय यह याद रखना जरूरी है कि कैमरे के पीछे एक वास्तविक जिंदगी और सुरक्षा भी जुड़ी होती है। वायरल होना अच्छी बात हो सकती है, लेकिन किसी की सुरक्षा की कीमत पर नहीं।

आपको इस तस्वीर को देखकर क्या लगता है?
क्या सोशल मीडिया का बढ़ता जुनून हमें लापरवाह बना रहा है?

#socialmedia #childsafety #reels #socialmediaawareness #viralnews

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💔 रिश्तों की कीमत 50 रुपये नहीं होती...

80 साल की उम्र में जब शरीर साथ छोड़ने लगता है, तब भी भाई के अंतिम दर्शन की चाह दिल में जिंदा थी।
बहन ने किसी से 50 रुपये उधार लेकर भाई को आखिरी बार देखने के लिए सफर शुरू किया।

लेकिन रास्ते में वही 50 रुपये कहीं गिर गए। पैसे खोने का दुख सिर्फ पैसों का नहीं था… डर था कि अब भाई के अंतिम दर्शन कैसे होंगे। 😢

बुजुर्ग बहन रास्ते में फूट-फूटकर रोने लगी। उनकी हालत देखकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। फिर कुछ लोगों ने आगे बढ़कर मदद की और उन्हें उनके भाई के अंतिम दर्शन तक पहुंचाया।

कुछ रिश्ते उम्र से नहीं, दिल से बड़े होते हैं।
भाई-बहन का यह रिश्ता देखकर शायद आपकी आंखें भी नम हो जाएं। 💔🙏

#emotionalstory #bhaibehen #humanity #hearttouching #viralstory

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जिंदगी तो अपने दम पर जीनी पड़ती है

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जिस मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए मौत से भी मुकाबला कर लिया… उसे सलाम! ❤️‍🩹🙏

बहराइच के कतर्नियाघाट इलाके में एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। 5 साल का मासूम मोहित सड़क किनारे अपनी मां मीना देवी के साथ था, तभी गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया।

तेंदुआ मोहित को लेकर जाने लगा, लेकिन मां मीना देवी ने अपने बच्चे को बचाने के लिए एक पल भी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने तेंदुए का सामना किया और संघर्ष करते हुए अपने बेटे को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। इस दौरान मां और बच्चे दोनों घायल हुए, लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि मां की हिम्मत ने बच्चे की जान बचा ली।

मां की ममता शायद दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है… क्योंकि जब बात अपने बच्चे की जिंदगी की हो, तो एक मां अपने डर से बड़ी हो जाती है। ❤️

मीना देवी की हिम्मत को दिल से सलाम। 🙏❤️

#मांकीममता #मांकीताकत #bahraich #katarniaghat #motherlove

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ममता के आगे रिश्ते भी छोटे पड़ गए...

एक बेजुबान मां , गाय के छोटे से बछड़े को अपना दूध पिलाती नजर आई। न कोई खून का रिश्ता, न कोई स्वार्थ… फिर भी अपनापन ऐसा कि इंसान भी सोचने पर मजबूर हो जाए। 🥹

बेजुबान जरूर हैं, लेकिन शायद दर्द और जरूरत को समझने में हमसे कहीं आगे हैं।
इनका यह छोटा-सा दृश्य हमें एक बड़ी सीख देता है—सच्ची ममता किसी रिश्ते की मोहताज नहीं होती। ❤️

जहां किसी को सहारे की जरूरत हो, वहां सहारा बनिए।
जहां दर्द दिखे, वहां इंसानियत दिखाइए। 🙏

कभी-कभी प्रकृति के ये छोटे से दृश्य हमें इंसान होने का असली मतलब समझा जाते हैं। 🐾❤️

#ममता #इंसानियत #animallove #viralvideo #emotional

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उदयपुर में रंजिश का खौफनाक अंजाम!

उदयपुर के कपिल विहार इलाके में आपसी विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि 52 वर्षीय उर्मिला कंवर की जान चली गई। रिपोर्टों के अनुसार, 20 से 25 लोग कई SUV गाड़ियों में सवार होकर महिला के बेटे के घर पहुंचे थे। वहां हंगामे और तोड़फोड़ के दौरान उर्मिला कंवर घर से बाहर आईं।

आरोप है कि इसी दौरान एक स्कॉर्पियो की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

मामले में सामने आए नए वीडियो से घटनाक्रम को लेकर कुछ और तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले दूसरे पक्ष की ओर से भी तोड़फोड़ और पथराव की घटना हुई थी। पुलिस अब CCTV और वीडियो फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

एक विवाद ने आखिर एक परिवार से उसकी मां छीन ली…
कानून हाथ में लेने का अंजाम कितना भयावह हो सकता है, यह घटना इसकी गंभीर याद दिलाती है।

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छह बेटों का पिता… फिर भी आज अकेला क्यों? 😢

जिस पिता ने अपनी पूरी जिंदगी बच्चों की परवरिश में लगा दी, आज वही पिता अपने दर्द को आंखों में छिपाए बैठा है। कैमरे के सामने जब उससे पूछा गया—“रोते क्यों हो?” तो उसका जवाब दिल को छू गया…

वह बोला कि “मेरे छह लड़के हैं, मैं कमाता हूं, उन्हें खिलाता हूं… लेकिन आज मुझे खिलाने वाला कोई नहीं।”

सोचिए… जिस पिता ने अपने बच्चों के लिए न जाने कितनी मुश्किलें सहन की होंगी, बुढ़ापे में अगर उसी पिता को अपनों के सहारे की जरूरत पड़े और वह अकेला रह जाए, तो उसके दिल पर क्या गुजरती होगी। 💔

माता-पिता को हमारी दौलत नहीं, थोड़ा समय, सम्मान और अपनापन चाहिए। उम्र बढ़ने पर उनके कदम भले कमजोर हो जाएं, लेकिन उनका दिल आज भी बच्चों के प्यार का इंतजार करता है। 🥺

माता-पिता की कद्र उनके रहते ही कर लीजिए… क्योंकि बाद में पछतावा सिर्फ आंखों में आंसू छोड़ता है। 🙏❤️

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क्या सरकारी अस्पतालों में आम इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं बची है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो सिस्टम के मुंह पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। अस्पताल जैसी जगह, जहां इंसान जिंदगी की उम्मीद लेकर जाता है, वहां का यह नजारा देखकर किसी का भी खून खौल उठेगा।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ड्यूटी पर बैठा एक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी भूलकर फोन पर वीडियो कॉल में मस्त है। सामने खिड़की के बाहर लाचार और परेशान लोग खड़े हैं। बताया जा रहा है कि एक गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी, लेकिन इस कर्मचारी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उसे मरीज की जान से ज्यादा अपनी वीडियो कॉल जरूरी लगी। यह सिर्फ एक कर्मचारी की लापरवाही नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

गरीब और आम आदमी सरकारी अस्पताल इसलिए जाता है क्योंकि उसके पास प्राइवेट अस्पतालों का भारी-भरकम बिल चुकाने के पैसे नहीं होते। लेकिन वहां उसे इलाज की जगह ऐसा अपमान और लापरवाही मिलती है। क्या सरकार ऐसे कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए तनख्वाह देती है कि वे ड्यूटी के समय बेबस जनता को नजरअंदाज करके अपना मनोरंजन करें? ऐसे लापरवाह लोगों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।

सिस्टम की इस बेशर्मी को देखकर आपका क्या सोचना है? क्या आपने भी कभी किसी सरकारी अस्पताल में ऐसी लापरवाही या बदसलूकी का सामना किया है? अपने विचार और अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

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