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झारखंड के बोकारो शहर में रहने वाले अजय पिछले 45 सालों से अपनी आजीविका कमाने के लिए एक अनूठा तरीका अपना रहे हैं। वे अपनी साइकिल पर ही कार और बाइक धोने की 'चलती-फिरती दुकान' चलाते हैं।
अजय किसी एक स्थायी जगह पर गैरेज या दुकान खोलने के बजाय सीधे लोगों के घर-घर जाते हैं और उनकी गाड़ियों की सफाई करते हैं। उन्होंने अपनी साइकिल पर ही गाड़ी धोने का सारा जरूरी सामान और मशीनरी सेट कर रखी है। पिछले साढ़े चार दशकों से लगातार वे इसी साइकिल के जरिए ग्राहकों को होम सर्विस दे रहे हैं। अजय की इस डोर-टू-डोर सर्विस के कारण स्थानीय लोगों को अपनी गाड़ियां साफ करवाने के लिए किसी सर्विस सेंटर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। वे घर बैठे ही ग्राहकों की गाड़ियां चमकाने का काम कर रहे हैं, जो आज भी उसी तरीके से जारी है।
पूर्णिया में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि मधु कुमारी की शादी को अभी सिर्फ 3 महीने ही हुए थे। परिजनों का आरोप है कि वह 2 महीने की गर्भवती थी और ससुराल पक्ष द्वारा 6 लाख रुपये दहेज की मांग की जा रही थी। आरोप है कि दहेज नहीं मिलने पर उसकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोगों के फरार होने की बात भी सामने आ रही है। यदि आरोप सही हैं तो यह सिर्फ एक बेटी की नहीं, बल्कि उसके गर्भ में पल रहे मासूम की भी मौत है।
पुलिस से निष्पक्ष और तेज जांच की उम्मीद है, ताकि सच सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
“सॉरी… मैं बहुत दूर जा रहा हूं” — यह आखिरी शब्द छोड़कर एक और छात्र ने जिंदगी से हार मान ली।
सीकर में NEET की तैयारी कर रहे उमेश माली की आत्महत्या भाजपा सरकार पर एक दर्दनाक सवाल है। लगातार पेपर लीक, अनिश्चितता और मानसिक दबाव ने एक और होनहार युवा का सपना तोड़ दिया।
आख़िर सरकार में बैठे इन लोगों की नींद कब खुलेगी