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युवा साथियों को खुला निमंत्रण |
जब से मैंने Super Infinity के माध्यम से शिक्षण वीडियो बनाना शुरू किया है और काम लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मैं कुछ उत्साही और प्रतिभाशाली युवाओं को अपने साथ जोड़ना चाहता हूँ।
चाहे आपको वीडियो मेकिंग, एडिटिंग या मैनेजमेंट का अनुभव हो या फिर आप बिल्कुल फ्रेशर हों लेकिन सीखने और कुछ नया करने का जुनून रखते हों तब आपका स्वागत है।
इच्छुक युवा अपना संक्षिप्त बायोडाटा mail@super30.org तथा mail@superinfinity.com पर भेज सकते हैं।
मुझे खुशी होगी कि मैं नई पीढ़ी के ऊर्जावान साथियों के साथ मिलकर कुछ नया और सार्थक काम समाज के लिए कर सकूँ।
आनंद कुमार

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🇮🇳 A proud moment for Indian sport!
Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi met with #teamindia athletes at the iconic Major Dhyan Chand National Stadium in New Delhi.
A special moment celebrating the pride, passion and spirit of Indian athletes as they continue to inspire the next generation. 🏑💙

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🇮🇳 A proud moment for Indian sport!
Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi met with #teamindia athletes at the iconic Major Dhyan Chand National Stadium in New Delhi.
A special moment celebrating the pride, passion and spirit of Indian athletes as they continue to inspire the next generation. 🏑💙

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🇮🇳 A proud moment for Indian sport!
Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi met with #teamindia athletes at the iconic Major Dhyan Chand National Stadium in New Delhi.
A special moment celebrating the pride, passion and spirit of Indian athletes as they continue to inspire the next generation. 🏑💙

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🇮🇳 A proud moment for Indian sport!
Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi met with #teamindia athletes at the iconic Major Dhyan Chand National Stadium in New Delhi.
A special moment celebrating the pride, passion and spirit of Indian athletes as they continue to inspire the next generation. 🏑💙

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🇮🇳 A proud moment for Indian sport!
Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi met with #teamindia athletes at the iconic Major Dhyan Chand National Stadium in New Delhi.
A special moment celebrating the pride, passion and spirit of Indian athletes as they continue to inspire the next generation. 🏑💙

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दोस्ती की असली ताकत तब दिखती है, जब दोस्त सिर्फ साथ हंसते नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सपनों को पूरा करने में भी मदद करते हैं। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के दुबौलिया ब्लॉक स्थित नांदेकुआं गांव के पांच बचपन के दोस्तों ने कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है। अंकेश सत्यम दूबे, आदर्श द्विवेदी, दीपक दूबे, आदित्यनाथ दूबे और रोहित प्रजापति का एक साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ है।

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कभी-कभी जिंदगी बदलने के लिए किसी बड़े संस्थान या महंगी कोचिंग की नहीं, बल्कि सीखने की लगन और शुरुआत करने के साहस की जरूरत होती है। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की यशोदा लोधी इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं, जिन्हें लोग ‘English With Dehati Madam’ के नाम से जानते हैं।

यशोदा ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। उनके पास अंग्रेज़ी सीखने के लिए न तो महंगी कोचिंग थी और न ही कोई खास प्रोफेशनल ट्रेनिंग। उन्होंने YouTube पर अंग्रेज़ी बोलने वाले लोगों के वीडियो सुने, उनके बोलने के तरीके को समझा और खुद लगातार अभ्यास किया। करीब 15 दिनों तक सुनने और नकल करके बोलने का अभ्यास करने के बाद उन्होंने अपने वीडियो बनाना शुरू किया।

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कभी-कभी बिजनेस की शुरुआत एक छोटी-सी कमी को पहचानने से होती है। कोलकाता के यश सारावगी को लगा कि भारतीय पुरुषों के एथनिक कपड़ों में पारंपरिक डिजाइनों से आगे बढ़कर कुछ आधुनिक और स्टाइलिश विकल्प होने चाहिए। इसी सोच से 2018 में KISAH की शुरुआत हुई।

ब्रांड ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए पुरुषों के कुर्ते, शेरवानी और खास मौकों पर पहने जाने वाले कपड़े बेचना शुरू किया। धीरे-धीरे यश की बहन यश्वी लदासरिया भी कारोबार से जुड़ीं और बाद में सौरव कोठारी सह-संस्थापक बने।

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जिस जलकुंभी को पानी की समस्या माना जाता था, उसी से अब खूबसूरत साड़ियां बनाई जा रही हैं।
झारखंड के जमशेदपुर के पर्यावरण इंजीनियर गौरव आनंद ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी 16 साल की कॉरपोरेट नौकरी छोड़ दी। साल 2022 में उन्होंने स्वच्छता पुकारे फाउंडेशन की शुरुआत की और जलकुंभी को उपयोगी उत्पाद में बदलने की दिशा में काम किया।
जलकुंभी पानी में तेजी से फैलने वाला पौधा है। इसकी अधिकता जलस्रोतों में सूरज की रोशनी और ऑक्सीजन की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती है। गौरव ने इसके तनों से फाइबर निकालकर धागा बनाने का तरीका अपनाया। फिर इस धागे को कपास के साथ मिलाकर हैंडलूम पर फ्यूजन साड़ियां तैयार की जाने लगीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक साड़ी बनाने में करीब 25 किलो जलकुंभी का इस्तेमाल होता है।
इस पहल से लगभग 450 ग्रामीण महिलाओं को जलकुंभी इकट्ठा करने और उसकी प्रोसेसिंग से जुड़ा काम मिला है। वहीं, पश्चिम बंगाल के बुनकर परिवारों को भी साड़ियां बनाने का अवसर मिला है।
गौरव की यह कोशिश दिखाती है कि पर्यावरण की चुनौती को नए विचार, मेहनत और स्थानीय लोगों की भागीदारी से आजीविका के अवसर में बदला जा सकता है।
#gauravanand #waterhyacinth #sustainablefashion #womenempowerment

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