Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
नशा सिर्फ एक इंसान को नहीं, पूरा परिवार तबाह कर देता है।
पति नशे का आदी हुआ, बीमार पड़ा… और मजबूरी में पत्नी तस्करी के रास्ते पर उतर गई।
यह कहानी किसी एक घर की नहीं—हमारे समाज की सच्चाई है।
समाधान सिर्फ सख़्त कार्रवाई नहीं, समय पर इलाज, रोजगार और परिवार को सहारा देना भी है।
नशे के खिलाफ आवाज़ उठाओ—आज नहीं तो कल हर घर इसकी कीमत चुकाता है।
ये खबर दिल दहला देने वाली है…
जयपुर के कन्हासुनी के मामूली विवाद में एक नाबालिग की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। भीड़ जमा हुई, हंगामा हुआ और सीसीटीवी फुटेज से आरोपी पकड़े गए। सोचने वाली बात ये है कि आज गुस्सा इतना सस्ता और जान इतनी महंगी क्यों हो गई है? छोटी-छोटी बातों पर चाकू निकल आना हमारे समाज की बीमारी बनती जा रही है।
एक नाबालिग की मौत सिर्फ एक परिवार का उजड़ना नहीं है—यह पूरे समाज की हार है। कानून ने आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन जो जान चली गई, वो वापस नहीं आएगी। अब जरूरत है सख्त सजा की और उससे भी ज्यादा जरूरत है गुस्से, नफरत और हथियारों की संस्कृति को रोकने की। वरना अगली खबर किसी और मासूम की हो सकती है…