बिहार दरभंगा में ब्राह्मण समाज पर हो रहे SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ अब हम चुप नहीं बैठेंगे।
झूठे मुकदमों से परिवारों को बर्बाद करना बंद करो।
भारत सरकार और प्रशासन को जवाब देना होगा।
#savedarb****aBrahmins
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बिहार दरभंगा में ब्राह्मण समाज पर हो रहे SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ अब हम चुप नहीं बैठेंगे।
झूठे मुकदमों से परिवारों को बर्बाद करना बंद करो।
भारत सरकार और प्रशासन को जवाब देना होगा।
#savedarb****aBrahmins
दरभंगा मे बड़े बुजुर्ग बच्चे किसी को भी नहीं छोड़ा गया
अब सभी पर SC,ST एक्ट के तहत कार्यवाही हो रही..
आज वो तो कल आपका नम्बर आएगा इससे पहले इस
नफरती एक्ट का विरोध करिये आगे बढिये..
#savedarb****aBrahmins
आजकल के आधुनिक अस्पतालों में कदम रखते ही 'ईश्वर' के दर्शन हों न हों, 'सेल्समैन' के दर्शन जरूर हो जाते हैं। यहाँ डॉक्टर स्टेथोस्कोप बाद में लगाते हैं, पहले आपकी जेब की गहराई नापते हैं। अब अस्पताल वह जगह नहीं रही जहाँ बीमारी का इलाज होता है, बल्कि यह वह 'शोरूम' बन गया है जहाँ आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की 'नीलामी' होती है।
अस्पताल नहीं, 'टैक्स फ्री' लूट के अड्डे
* बीमारी का 'अपग्रेड' वर्जन: अगर आप कह दें कि आपके पास इंश्योरेंस है, तो समझ लीजिए आपकी मामूली सर्दी भी रातों-रात 'रहस्यमयी वायरल' बन जाएगी, जिसके लिए ICU का 'दर्शन' अनिवार्य होगा।
* फाइव स्टार होटल से महंगा बेड: यहाँ के बेड का किराया इतना है कि उतने में पेरिस के किसी होटल में खिड़की से एफिल टावर दिख जाए, पर यहाँ की खिड़की से सिर्फ खिड़की के बाहर का 'बिल' ही दिखता है।
* टेस्ट की प्रदर्शनी: शरीर में खून कम, पर टेस्ट की रिपोर्टें ज्यादा होती हैं। सिरदर्द के लिए भी ऐसा टेस्ट लिखा जाता है जैसे मरीज के दिमाग में कोई मंगल मिशन चल रहा हो।
"डॉक्टर को अब 'भगवान' कहना शायद भगवान का अपमान हो, क्योंकि भगवान तो मुफ्त में सांसे देता है, ये तो ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर विरासत मांग लेते हैं।"
इंसान या 'कैश मशीन'?
अस्पताल के लिए मरीज अब एक धड़कता हुआ दिल नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता 'क्रेडिट कार्ड' है। जब तक कार्ड की लिमिट खत्म नहीं होती, तब तक मरीज 'गंभीर' रहता है। जैसे ही लिमिट खत्म, चमत्कार हो जाता है और मरीज 'डिस्चार्ज' के लायक बन जाता है।
यह विडंबना ही है कि जो हाथ जान बचाने के लिए उठे थे, अब वे हाथ सिर्फ 'बिल की रसीद' फाड़ने में माहिर हो गए हैं। सफेद कोट की सफेदी अब मरीज के खून और पसीने की कमाई से चमक रही है।
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राज्य सभा में राघव चड्डा ने कहा सरकार हमसे इतना टैक्स लेती है, उसके बदले में हमें देती क्या हैं? हम भारतीय, इंग्लैंड की तरह टैक्स देते हैं और सुविधाएं हमें सोमालिया जैसी मिलती हैं!
#raghavchadha
केरल सरकार ने बजट 2026-27 में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त (aided) कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट (UG - BA/BSc/BCom) स्तर तक की शिक्षा को पूरी तरह से मुफ्त करने की घोषणा की है। यह सुविधा मुख्य रूप से आर्ट्स और साइंस के छात्रों के लिए है, जो राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम है #budget2026 #news #education
डॉ उदिता त्यागी जी UGC नियमों के rollback की मांग लेकर पिछले 5 दिनों से आमरण अनशन पर बैठी हैं!!
भाजपा सरकार कब सुनेगी??
#ugc_rollback
दिल्ली के महरौली इलाके से सामने आई यह घटना भले ही दिल को झकझोर देने वाली हो, लेकिन इसके भीतर साहस, संवेदनशीलता और न्याय की एक मजबूत मिसाल भी छिपी है।
एक महिला की गरिमा के साथ हो रही गलत हरकत का विरोध करना मुकेश नामक युवक को भारी पड़ गया, लेकिन उन्होंने चुप रहना नहीं चुना। महज़ 119 सेकंड के भीतर चार हमलावरों ने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया। इसके बावजूद मुकेश का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि आज भी हमारे समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो डर के आगे नहीं झुकते और सही के लिए खड़े होते हैं—चाहे खतरा कितना ही बड़ा क्यों न हो।
इस मामले में राहत और भरोसे की सबसे बड़ी वजह रही Delhi Police की तेज़ और सख़्त कार्रवाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, गंभीर रूप से घायल मुकेश को तुरंत AIIMS Trauma Centre में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया और कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब मुकेश की हालत खतरे से बाहर है और वे सुरक्षित हैं। यह घटना सिर्फ हिंसा की कहानी नहीं, बल्कि उस नागरिक साहस की मिसाल है जो एक आम आदमी ने दिखाया और उस कानूनी भरोसे की भी, जिसे पुलिस प्रशासन ने मज़बूती से कायम किया।
महिला सम्मान के पक्ष में खड़ा होना अपराध नहीं—
यह समाज की ज़रूरत है।
और इस मामले में इंसाफ़ की तेज़ रफ्तार कार्रवाई उम्मीद जगाती है।
#courage #justicedelivered #delhipolice