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गोंडवाना साम्राज्य के चांदागढ़ रियासत की महान आदिवासी गोंड शासिका, निडर, महान योद्धा, अपने शासनकाल में एक भी युद्ध न हारने वालीं, नीतिज्ञ व प्रजा हितैषी, कुशल प्रशासिका एवं सुधारिका, विदर्भ-चांदा की शिल्पकार, राजमाता महारानी हिराई शाह आत्राम जी की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन🌼🙏🏼
अपने पति राजा विर शाह के मरणोपरांत सन् 1704 से लगभग 15 साल महारानी हिराई शाह ने गोंडवाना साम्राज्य की बागडोर संभाली। एक सशक्त महिला शासक के रूप में उनका कार्यकाल याद किया जाता है। महारानी हिराई ने अनेक लोकोपयोगी कार्य किये। उन्होंने आत्राम राजवंश के पूरखों के समाधी, राजा विर शाह की समाधी स्थल, कई किले, महल, तोपें, तालाब, घाट, नहर, बाजार हाट आदि बनवाए। शिक्षा, कला-संगीत को बढ़ावा दिया। महारानी हिरई ने स्वर्ण, चाँदी और तांबे के सिक्के चलवाए। प्रजा स्वर्ण मुद्रा में लगान देती थी।

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Greetings to civil servants on #civilservicesday.
We honour the dedication of our civil servants, pillars of our democracy and key drivers of #viksitbharat. Your commitment, integrity, and service continue to shape a stronger, more inclusive India. Serve with pride and purpose!

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President Murmu, PM Modi welcome South Korean President Lee Jae Myung at Rashtrapati Bhavan

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भारतीय निशानेबाज, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बीकानेर के महाराजा डॉ. करणी सिंह की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।

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Dehaati Madam Became Viral… Here’s How | Dehaati | Josh Talks
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****ly to become speaker at Josh Talks- https://forms.gle/d23aj3x7c5BuBjnf6
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अगला पड़ाव: हमारे साथ चलिए, चीन की यात्रा शुरू करते हैं! 🇮🇳✈️🇨🇳
#चीनयात्रा #सांस्कृतिकआदानप्रदान #भारत_चीन #यात्रासाथी #अद्भुतएशिया #रोमांचकशुरुआत

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वनयोगी बालासाहेब देशपांडे (26 दिसंबर 1913 – 21 अप्रैल 1995) एक प्रसिद्ध समाज सुधारक और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संस्थापक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय (वनवासी) समाज के उत्थान और शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया।
उनके जीवन और कार्यों के मुख्य बिंदु :
जन्म और शिक्षा: उनका जन्म 26 दिसंबर 1913 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उन्होंने नागपुर से एम.ए. और एल.एल.बी. की पढ़ाई पूरी की।
वनवासी कल्याण आश्रम की स्थापना: उन्होंने 26 दिसंबर 1952 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में इस संस्था की नींव रखी। आज यह संगठन देशभर में वनवासियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्राम विकास के हज़ारों प्रकल्प (प्रोजेक्ट) चलाता है।
संघ से जुड़ाव: वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक थे और उन्हें डॉ. हेडगेवार और श्री गुरुजी जैसे व्यक्तित्वों का मार्गदर्शन प्राप्त था।
उन्हें "वनयोगी" के नाम से जाना जाता है क्योंकि उन्होंने वनवासी समुदायों को उनकी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने वनवासी क्षेत्रों में स्कूलों, छात्रावासों और चिकित्सा केंद्रों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वतंत्रता संग्राम: उन्होंने 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' में सक्रिय रूप से भाग लिया था और जेल भी गए थे।
पुण्य तिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।

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All 4 Siblings Became IAS & IPS… How Is This Possible? | IAS Yogesh Sharma | Josh Talks
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****ly to become speaker at Josh Talks- https://forms.gle/d23aj3x7c5BuBjnf6
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