सोशल मीडिया पर एक नवजात बेटी के जन्म के जश्न का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक परिवार ने अपनी कार को गुलाबी गुब्बारों से खूबसूरती से सजाया है और कार के पीछे बड़े अक्षरों में 'बेटी हुई है' लिखवाया है।
परिवार इस सजी हुई कार को सड़कों पर चलाकर अपनी नवजात बच्ची के जन्म की खुशी मनाता दिख रहा है। रास्ते में आते-जाते लोग इस अनोखे नजारे को देखकर रुक रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं और अपने मोबाइल से इसका वीडियो भी बना रहे हैं। इंटरनेट पर वायरल होने के बाद, यूजर्स इस साधारण लेकिन खास जश्न की खूब तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने कमेंट्स में लिखा है कि यह एक बेहतरीन कदम है और ऐसे ही जश्न हर घर में होने चाहिए। बिना किसी भव्य या महंगे आयोजन के, सिर्फ एक कार और कुछ गुलाबी गुब्बारों के जरिए परिवार ने अपनी इस खुशी को सड़कों पर लोगों के साथ साझा किया है।— feeling in love with Vaishnavi Gupta and Zara Khan.

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“सच्चा प्रेम वही है जिसमें नज़र भी साफ हो और नीयत भी।”

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“चेहरे नहीं, इंसान की नीयत पहचानो—सच हमेशा दिखावे के पीछे छुपा होता है।”

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12 heures - Traduire

अहमदाबाद में सड़क हादसे का शिकार हुए 17 वर्षीय छात्र कृष अकबरी के परिवार ने उसके अंगदान कर 6 लोगों को नया जीवन दिया है। 28 मार्च को ट्यूशन जाते समय कृष के दोपहिया वाहन पर अचानक एक नीलगाय (ब्लू बुल) के कूदने से उसे गंभीर चोटें आई थीं।
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा कृष को 'ब्रेन-डेड' घोषित किए जाने के बाद, उसके परिवार ने अंगदान का फैसला लिया। कृष का दिल भावनगर के एक 13 वर्षीय लड़के को लगाया गया है। उसके दोनों हाथ फरीदाबाद भेजे गए, फेफड़े अहमदाबाद के एक 22 वर्षीय युवक को और दोनों किडनी दो अन्य किशोरों को ट्रांसप्लांट की गईं। साथ ही, उसके कॉर्निया से किसी को आंखों की रोशनी मिलेगी।
मारेंगो CIMS अस्पताल के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर में हाथ दान करने का यह पहला मामला है। कृष के पिता डॉ. रवि अकबरी ने कहा कि जब उनके बेटे का अंतिम संस्कार हो रहा था, तब उसका दिल एक दूसरे बच्चे के शरीर में धड़क रहा था। उन्होंने कहा, "एक तरह से मेरा बेटा आज भी जिंदा है।"

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सुप्रभात! 🌼

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