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स्मृति शेष सम्पत देवी-भंवरलाल हीरावत परिवार के सौजन्य से समरसता के प्रेरक भामाशाह श्री बसन्त जी हीरावत के द्वारा वीर महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष में ठेलासर चुरू में भव्य कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रख्यात गायक कलाकार प्रकाश माली द्वारा ओजस्वी भजन रस प्रवाहित हुआ प्रो. सोनी द्वारा "विरासत एक रतननगर" पुस्तक का विमोचन भी हुआ श्री हरलाल जी सहारण विधायक चुरू हीरावत परिवार सहित नगर के गणमान्य जन उपस्थित थे।
घास की रोटी भी भाग्य में नही पाकर भी राष्ट्र स्वाभिमान की रक्षा करने वाले महाराणा प्रताप से स्वार्थी तत्व को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए लड़ने वाले वीर प्रताप को एक जाति तक सीमित करना महान मूर्खता है।।
महाराणा प्रताप महान थे तभी तो सेंकड़ों वर्षो बाद भी उनकी जयंती मनाई जा रही है...बाकी विधर्मियो का कोई नाम तक नहीं लेता।
#hindu #महाराणा #प्रताप

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स्मृति शेष सम्पत देवी-भंवरलाल हीरावत परिवार के सौजन्य से समरसता के प्रेरक भामाशाह श्री बसन्त जी हीरावत के द्वारा वीर महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष में ठेलासर चुरू में भव्य कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रख्यात गायक कलाकार प्रकाश माली द्वारा ओजस्वी भजन रस प्रवाहित हुआ प्रो. सोनी द्वारा "विरासत एक रतननगर" पुस्तक का विमोचन भी हुआ श्री हरलाल जी सहारण विधायक चुरू हीरावत परिवार सहित नगर के गणमान्य जन उपस्थित थे।
घास की रोटी भी भाग्य में नही पाकर भी राष्ट्र स्वाभिमान की रक्षा करने वाले महाराणा प्रताप से स्वार्थी तत्व को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लिए लड़ने वाले वीर प्रताप को एक जाति तक सीमित करना महान मूर्खता है।।
महाराणा प्रताप महान थे तभी तो सेंकड़ों वर्षो बाद भी उनकी जयंती मनाई जा रही है...बाकी विधर्मियो का कोई नाम तक नहीं लेता।
#hindu #महाराणा #प्रताप

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महाराष्ट्र के कोल्हापुर की माऊली आडूकर का जन्म दोनों हाथों के बिना हुआ था। शुरुआत में एक स्कूल द्वारा दाखिला देने से मना किए जाने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। माऊली ने अपने पैरों को ही अपनी ताकत बनाया और पैरों की उंगलियों से सुई में धागा पिरोने, खाना बनाने और कंप्यूटर चलाने जैसे सभी रोजमर्रा के काम करने में महारत हासिल की।
अपनी इसी लगन के साथ उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने पैरों से कंप्यूटर चलाकर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक से कंप्यूटर डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन और फिर साइकोलॉजी में मास्टर्स (M.A.) की डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की और अपनी कड़ी मेहनत से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।
वर्तमान में माऊली BMC में 'असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर' के पद पर कार्यरत हैं। अब उनका अगला लक्ष्य महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में शामिल होना है।

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होटल रॉयल इन’ में गर्लफ्रेंड के साथ पकड़ाए रेंजर ने सतना में कॉन्स्टेबल पत्नी पर दर्ज कराई FIR
Ranger FIR Against Constable Wife: 15 जून को रीवा की एक होटल के कमरे में गर्लफ्रेंड के साथ रेंजर पति को कॉन्स्टेबल पत्नी ने रंगेहाथों पकड़ा था, हंगामे के बाद डंपर में बैठकर भागे थे रेंजर व उनकी महिला मित्र।

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आधुनिक बिहार के शिल्पकार 'बिहार विभूति' डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा जी को सादर नमन! 🙏आज हम बिहार के एक ऐसे महान सपूत को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और बिहार के नवनिर्माण में समर्पित कर दिया।🔹 चंपारण सत्याग्रह के नायक: महात्मा गांधी जी के आह्वान पर उन्होंने वकालत छोड़कर देश की आज़ादी की लड़ाई चुनी और चंपारण सत्याग्रह में अग्रिम भूमिका निभाई।🔹 बिहार के पहले उप-मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता के बाद उन्होंने बिहार के पहले उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में राज्य की आर्थिक और सामाजिक नींव रखी।🔹 महान शिक्षाविद: उन्होंने राज्य में शिक्षा और उद्योगों के विकास के लिए कड़े प्रयास किए।उनका व्यक्तित्व ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल था। आइए, उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें और एक समृद्ध समाज के निर्माण का संकल्प लें। 🇮🇳

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स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत 'लायन ऑफ सलेम' को नमन! 🦁🇮🇳आज देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर कानूनविद् और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चक्रवर्ती विजयराघवाचारियर जी की जयंती है।

अपनी निडरता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें 'लायन ऑफ सलेम' कहा गया।

असहयोग आंदोलन: उन्होंने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और पूर्ण स्वराज की मांग का समर्थन किया।

संविधान निर्माण: देश के प्रशासनिक सुधारों और कानूनी अधिकारों की वकालत करने में वे हमेशा आगे रहे। आज उनकी जयंती पर देश के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण को याद करें और उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें।जय हिंद! 🇮🇳

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Udhwarthanam Therapy in Houston
Experience a traditional Ayurvedic therapy designed to support body detoxification, skin revitalization, and improved circulation. Udhwarthanam Therapy in Houston at Patanjali Wellness Center utilizes specialized herbal powders to promote wellness, balance, and rejuvenation. Connect with Patanjali Wellness Center today to learn how Udhwarthanam Therapy can support your wellness goals at: https://www.patanjaliwellness.....us/services/udhwarth

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर (डबरा) में हुई 50 लाख की 'हाई-प्रोफाइल' लूट का पुलिस ने ऐसा क्लाइमेक्स निकाला है कि देखने वाले हंसते-हंसते लोटपोट हो रहे हैं।
जिस गर्भवती भाभी ने खुद को बंधक बताकर पुलिस की आंखों में आंसू ला दिए थे, वही इस पूरी फिल्म की डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और विलेन निकलीं। उनके को-स्टार बने खुद के पतिदेव और दो दोस्त!
ननद ने 15 दिन पहले अलमारी खोली भारी-भरकम जेवरात देखकर भाभी जी का ईमान डोल गया। घर में कोई नहीं था। भाभी ने खुद के हाथ-पैर बंधवाए, माथे पर कांच से 'असली' खरोंच लगवाई ताकि पुलिस इमोशनल हो जाए।
पति और उसके दो दोस्तों की मदद से ₹49.50 लाख के जेवर और कैश पर हाथ साफ कर दिया।
भाभी जी ने कहानी तो कड़क बनाई थी कि "बदमाश AC ठीक करने आए थे।" लेकिन वो एक्टिंग में थोड़ा ज्यादा बह गईं। ग्वालियर पुलिस ने जब आस-पास के CCTV फुटेज खंगाले और मोबाइल की कुंडली (CDR) निकाली, तो पता चला कि AC मैकेनिक नहीं, बल्कि खुद घर के चिराग ही घर को फूंक रहे थे। पुलिस ने 24 घंटे में चारों को अंदर कर दिया और 100% माल बरामद कर लिया।
"सगा भाई ही सगी बहन के घर डकैती डलवा रहा है। कलयुग अपनी चरम सीमा पर है भाईसाहब!"
#gwaliorloot #shockingtwist #gwaliorpolice #oscarlevelacting #crimepatrolfan

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राष्ट्रभाषा के प्रबल प्रहरी, पद्म भूषण सेठ गोविंद दास जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि! 🙏🇮🇳भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के महानायक, कुशल राजनेता और हिंदी साहित्य जगत के अनमोल रत्न सेठ गोविंद दास जी की आज पुण्यतिथि है।

उन्होंने सुख-वैभव का त्याग कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर देश सेवा का मार्ग चुना और कई बार जेल यात्राएं कीं।✨

प्रमुख योगदान:हिंदी के सिपाही: भारतीय संविधान सभा और संसद में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए उन्होंने आजीवन मुखर आवाज बुलंद की।

संसदीय गौरव: वे भारतीय लोकतंत्र के उन गिने-चुने राजनेताओं में शामिल थे जो अनवरत रूप से लोकसभा सदस्य रहे और कई बार प्रो-टेम स्पीकर की जिम्मेदारी संभाली।

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