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कोच पूनम तैयार कर रहीं चैम्पियन महिला मुक्केबाज
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में दे रहीं प्रशिक्षण
खेलपथ संवाद
अंबाला। अगर ठान लें, तो बुलंदियों को छूना मुश्किल नहीं है। अंबाला की बेटी और मुक्केबाज कोच पूनम इसका उदाहरण हैं। कभी आठ साल की उम्र में पिता की उंगली थामकर बॉक्सिंग रिंग में कदम रखने वाली पूनम आज पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) में देश की दिग्गज महिला मुक्केबाजों को जीत का मंत्र सिखा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में निखत जरीन और स्वीटी बूरा जैसी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का तिरंगा फहरा रही हैं।
कोच पूनम तैयार कर रहीं चैम्पियन महिला मुक्केबाज
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में दे रहीं प्रशिक्षण
खेलपथ संवाद
अंबाला। अगर ठान लें, तो बुलंदियों को छूना मुश्किल नहीं है। अंबाला की बेटी और मुक्केबाज कोच पूनम इसका उदाहरण हैं। कभी आठ साल की उम्र में पिता की उंगली थामकर बॉक्सिंग रिंग में कदम रखने वाली पूनम आज पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) में देश की दिग्गज महिला मुक्केबाजों को जीत का मंत्र सिखा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में निखत जरीन और स्वीटी बूरा जैसी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का तिरंगा फहरा रही हैं।
कोच पूनम तैयार कर रहीं चैम्पियन महिला मुक्केबाज
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में दे रहीं प्रशिक्षण
खेलपथ संवाद
अंबाला। अगर ठान लें, तो बुलंदियों को छूना मुश्किल नहीं है। अंबाला की बेटी और मुक्केबाज कोच पूनम इसका उदाहरण हैं। कभी आठ साल की उम्र में पिता की उंगली थामकर बॉक्सिंग रिंग में कदम रखने वाली पूनम आज पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) में देश की दिग्गज महिला मुक्केबाजों को जीत का मंत्र सिखा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में निखत जरीन और स्वीटी बूरा जैसी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का तिरंगा फहरा रही हैं।
