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रिलायंस की एंट्री से शेयर बाजार में हलचल

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने भारतीय एफएमसीजी और डेरी सेक्टर में बड़ा दांव खेलते हुए अपने नए ब्रांड 'बॉम्बे क्रीमरी' (Bombay Creamery) के साथ आइसक्रीम बिजनेस में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ₹10 से शुरू होने वाले किफायती और 100% डेरी-बेस्ड प्रोडक्ट्स पेश किए हैं।

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₹30 हजार से ₹25 लाख टर्नओवर की कहानी

जब पहला इंटरनेट कैफे बिजनेस पूरी तरह ठप्प हो गया, तो भोपाल के अभिषेक साहू ने हार नहीं मानी। उन्होंने ₹30,000 का छोटा सा लोन लिया और यूट्यूब के जरिए तरह-तरह की सैंडविच बनाने का हुनर सीखा। इसके बाद उन्होंने स्ट्रीट फूड के तौर पर 'हरि हर सैंडविच' की शुरुआत की।

शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उनके अनूठे स्वाद और मेहनत के दम पर ग्राहकों का भरोसा जीतता गया। आज उनकी सैंडविच शॉप पर वीकेंड्स में 1000 से ज्यादा सैंडविच बिकते हैं और लोगों को आर्डर के लिए आधे घंटे इंतजार करना पड़ता है। ₹30,000 के लोन से शुरू हुआ यह सफर आज हर महीने करीब ₹25 लाख रुपये के टर्नओवर वाले सफल स्ट्रीट फूड ब्रांड में बदल चुका है।

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36 घंटे के LoC ऑपरेशन के महानायक
भारतीय सेना की एलीट 1 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के जांबाज अधिकारी कर्नल कृष्ण सिंह रावत शौर्य और पराक्रम की एक महान मिसाल हैं। उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत राजपूताना राइफल्स से की थी और बाद में अपनी विशिष्ट सेवाओं के दम पर 1 पैरा (SF) का हिस्सा बने।
नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की एक बड़ी साजिश के दौरान, कर्नल कृष्ण सिंह रावत ने लगातार 36 घंटे तक चले अत्यंत दुर्गम और खतरनाक एंटी-इन्फिल्ट्रेशन ऑपरेशन का नेतृत्व किया। दुश्मन की भारी गोलीबारी के बीच अदम्य साहस दिखाते हुए उन्होंने चार खतरनाक आतंकवादियों को मार गिराया। उनकी इस बेमिसाल लीडरशिप और असाधारण वीरता के लिए उन्हें 'शौर्य चक्र' और 'सेना मेडल' से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह साहसी कहानी देश के हर युवा को गौरवान्वित करती है।
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प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा श्रीमती रुचि भट्ट जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि एवं दीर्घायु प्रदान करें। आपके कुशल नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण एवं संगठन को नई ऊंचाइयां प्राप्त हों।
आपका नेतृत्व, समर्पण और सेवा भाव निरंतर समाज को प्रेरित करता रहे।

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चीन सीमा से सटी व्यास घाटी के आदि कैलास मार्ग पर स्थित कुटी गांव में 12 वर्षों बाद सात दिवसीय कुंभ पूजा का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। करीब 12,300 फीट से अधिक की ऊंचाई पर हुए इस धार्मिक आयोजन में पारंपरिक रं संस्कृति और रीति-रिवाजों की अनोखी झलक देखने को मिली।

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Srinagar Gola Market in 1990's & 2026 🛍️

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हिमालय की गोद में बसा है उत्तराखंड का वो स्कूल, जहां पढ़ना हर किसी का सपना! 🏫🏔️

मसूरी की हसीन पहाड़ियों के बीच बसा Woodstock School देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आवासीय स्कूलों में गिना जाता है। साल 1854 में शुरू हुआ यह संस्थान आज भी अपनी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, खूबसूरत कैंपस और आधुनिक शैक्षणिक माहौल के लिए जाना जाता है। स्कूल में करीब 500 विद्यार्थी पढ़ते हैं और यहां की शिक्षा व्यवस्था में IB के साथ अमेरिकी हाई स्कूल डिप्लोमा का विकल्प भी शामिल है।

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उत्तराखंड के अलग राज्य के आंदोलन की कहानी केवल 1990 के दशक के आंदोलनों से शुरू नहीं होती। इसके पीछे लंबे समय से चल रही सामाजिक जागरूकता, क्षेत्रीय पहचान, आर्थिक असमानता और स्थानीय अधिकारों की लड़ाई की एक लंबी परंपरा रही है। इसी वैचारिक यात्रा में बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल की जोड़ी का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
बद्रीदत्त पांडे ने अपनी पत्रकारिता, लेखन और जनजागरण के जरिए पहाड़ की समस्याओं को लोगों तक पहुंचाया, वहीं इंद्र सिंह नयाल ने कानून, संगठन और प्रशासनिक समझ के माध्यम से इन मुद्दों को मजबूती दी। दोनों की भूमिका अलग थी, लेकिन उद्देश्य एक—पहाड़ के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और क्षेत्र के विकास का रास्ता तैयार करना।
✍️ बद्रीदत्त पांडे और 🧑‍⚖️ इंद्र सिंह नयाल की ‘कलम-कानून’ की जोड़ी
1920 के दशक में कुमाऊं की समस्याओं को उठाने के लिए कुमाऊं परिषद एक महत्वपूर्ण मंच बनी। बद्रीदत्त पांडे इसके प्रमुख नेताओं में थे, जबकि युवा इंद्र सिंह नयाल भी इससे जुड़े। नयाल ने 1926 में एलएलबी पूरी की और कानून को पहाड़ के लोगों के अधिकारों की लड़ाई का माध्यम बनाया।
इन दोनों के काम करने का तरीका अलग था। पांडे जी अखबार और लेखन के माध्यम से जनता में राजनीतिक चेतना पैदा करते थे, जबकि नयाल जी कानूनी और संगठनात्मक स्तर पर लोगों के साथ खड़े रहते थे। इसी वजह से उनकी जोड़ी को ‘कलम और कानून’ के मेल के रूप में देखा गया।

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भारतीय शास्त्रीय संगीत को अपनी कला से समृद्ध करने वाले, सुप्रसिद्ध तबला वादक, ‘पद्म विभूषण’ पंडित किशन महाराज जी की जयंती पर उन्हें उत्तर रेलवे की ओर से हृदय कोटि नमन।

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