पाकिस्तान में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ा संकट गहराता नजर आ रहा है। बढ़ती महंगाई और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि सरकार को पेट्रोल-डीजल को राशन की तरह बांटने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहा, तो फ्यूल राशनिंग लागू की जा सकती है। यानी लोगों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल मिलेगा। यह स्थिति तब आती है जब देश में जरूरी चीजों की भारी कमी हो जाती है।

दरअसल, Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और सप्लाई बाधित होने के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर ज्यादा पड़ रहा है, जहां पहले से ही आर्थिक संकट गहरा है। पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है।

सरकार फिलहाल कीमत बढ़ाने और सब्सिडी जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है, लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे तो राशनिंग ही आखिरी रास्ता हो सकता है। इसका मतलब होगा कि हर व्यक्ति को तय मात्रा में ही ईंधन मिलेगा और उसकी भी सख्त निगरानी होगी।

कुल मिलाकर, यह संकट सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति और आम जनता की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है। आने वाले समय में हालात कैसे बदलेंगे, यह पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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अच्छा इंसान होना, आज की सबसे बड़ी कमजोरी है।

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देखिए दोस्तों इन दोनों छोटी बच्ची का उम्र 8 साल लेकिन दोनों में जमीन आसमान का फर्क है क्योंकि एक तरफ एक गरीब की बेटी है जो 8 साल की उम्र में अपने घर की जिम्मेदारियां उठाते हुए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में खीरा बेचकर दो पैसे कमा रही है तो वहीं दूसरी तरफ देखिए भोजपुरी के सुपरस्टार यश कुमार और उनकी पत्नी अंजना सिंह की बेटी है जो 8 साल की उम्र में देखिए कितने अमीरों वाले जिंदगी जीती है और कितना एश करती है! बस यही फर्क है एक अमीर और गरीब में कि गरीबों के बच्चे बचपन से ही अपनी जिम्मेदारियां उठाने शुरू कर देते हैं और अमीर के बच्चे बचपन में खूब एंजॉय मस्ती करते हैं

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इंसान को खुश होना चाहिए कि उनके हिस्से में से पक्षी दाना चुग रहे हैं जिनमें किसी तरह का कोई लालच नहीं होता वो बस आज का ही दाना चुग कर उड़ जाएंगे कल का इंतजाम खुदा कर देगा।

इंसान को भी सीखना चाहिए कि मेहनत जरूरी है लेकिन उससे भी ज़रूरी है खुदा पर भरोसा जो ये संसार चला रहा है क्योंकि इकलौता इंसान ही है जो दिन-रात मेहनत में उलझा रहता है,
फिक्र, टेंशन और कल की चिंता में जीता है। वरना दुनिया ने अनगिनत जानदार हैं जो कभी भूखा नहीं सोते।

राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रोलसाहबर की टॉपर छात्रा ऐंजल खान को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए एक स्विफ्ट कार गिफ्ट की गई है. ऐंजल ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 95.50% अंक हासिल कर स्कूल और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया. यह खास पहल भामाशाह आदिल खान द्वारा की गई.

Via: @reporterdinesh/IG

#sikar #fatehpur #angelkhan #successstory #education #statemirrorhindi

पोस्ट में एक वायरल 10-सेकंड का वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें एक छोटा लड़का US मिलिट्री के औपचारिक अंतिम संस्कार के दौरान अपने पिता के झंडे से ढके ताबूत को गले लगाकर रो रहा है और उससे चिपका हुआ है, और बैकग्राउंड में सैनिक सलामी दे रहे हैं।
क्लिप में बच्चे का गहरा दुख दिखाया गया है, जब वह ताबूत के पास जाता है, उसे छूता है और गले लगाता है, जबकि एक महिला उसे दिलासा दे रही है, जिससे शहीद सैनिकों के पीछे छूटे परिवारों के लिए बहुत सहानुभूति पैदा होती है।

बंगलादेश में ट्रेन के अन्दर इतनी भीढ़ रहती है कि वहाँ के लोग ट्रेन के उपर सफर करते है और ये वहाँ के लिए Normal हो गया है , इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था का ये हाल है, पूरी ज़िम्मेदारी सरकार पर जाती है वहाँ कि, क्या कर रही है इतने दिन से वहाँ पर सरकार , ट्रेन के हालात इतने दिन में क्यो नही सुधरे, और इससे से मजेदार बात इस वीडियो में यह है कि लोग ट्रेन से उतरने के लिए सीढ़ियो का नही, खम्भे लेहे के पोलो का इस्तमाल कर रहे है , पुरुष के साथ साथ महिलाए भी लटक लटक कर छिपकली की तरह खम्भे के जरिए नीचे आ रही है

#bangladesh
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Andaman Sea में बड़ा हादसा : 250 लोगों को ले जा रही नाव समुद्र में डूबी, सभी लापता

Andaman Sea में एक नाव डूबने से 250 लोग लापता हो गए. ये नाव में Malaysia जा रही थी. UNHCR और IOM ने ज्यादा भीड़ और खराब मौसम का कारण बताया.

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी और प्रवासन एजेंसियों के अनुसार, हाल ही में Andaman Sea में एक नाव पलटने के बाद कम से कम 250 लोग लापता हो गए हैं.

इनमें रोहिंग्या (Rohingya) शरणार्थी और बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे, जो मलेशिया (Malaysia) जा रहे थे.

बुधवार को यह स्पष्ट नहीं था कि नाव कब डूबी और खोज अभियान की स्थिति क्या है.

#andamansea

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ओडिशा के गंजाम जिले की बेटी और भारतीय वायुसेना की अधिकारी मनीषा पाढ़ी ने एक नई मिसाल कायम की है।स्क्वाड्रन लीडर मनीषा पाढ़ी मिजोरम के राज्यपाल की एड-डी-कैंप (एडीसी) बनने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक है।

हाल ही में भुवनेश्वर स्थित राजभवन में 3 जनवरी 2025 को राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभंपति के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिली।इससे पहले 29 नवंबर 2023 को आइजोल में उनकी ऐतिहासिक नियुक्ति हुई थी, जहां रक्षा मंत्रालय की चयन प्रक्रिया में उन्होंने दो पुरुष उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए यह जिम्मेदारी हासिल की।

स्क्वाड्रन लीडर पाढ़ी का जन्म गंजाम जिले के बरहमपुर में हुआ। उनके पिता मनोरंजन पाढ़ी भारतीय वायुसेना में मानद फ्लाइंग ऑफिसर रह चुके हैं, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली।शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने भुवनेश्वर के सीवी रमन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई की और एएफसीएटी परीक्षा पास कर वायुसेना में शामिल हुईं।

19 दिसंबर 2015 को 46वें शॉर्ट सर्विस कमीशन (महिला) ग्राउंड ड्यूटी कोर्स के तहत उन्हें वायुसेना में कमीशन मिला।इसके बाद उनका प्रमोशन क्रम इस प्रकार रहा— 2017: फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 2021: स्क्वाड्रन लीडर बनी। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के रूप में उन्होंने बीदर, पुणे और भटिंडा जैसे महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशनों पर अपनी सेवाएं दीं।

एड-डी-कैंप के रूप में स्क्वाड्रन लीडर पाढ़ी राज्यपाल के आधिकारिक कार्यक्रमों, दौरों और प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी संभालती हैं।यह पद बेहद प्रतिष्ठित और जिम्मेदारीपूर्ण माना जाता है, जहां अनुशासन, नेतृत्व और सूझबूझ की विशेष आवश्यकता होती है।

स्क्वाड्रन लीडर मनीषा पाढ़ी की यह उपलब्धि उन तमाम युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो सशस्त्र बलों में करियर बनाने का सपना देखती हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।

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