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गुजरात के जामनगर में फिल्म 'दृश्यम' जैसी एक खौफनाक हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है,
जहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को शराब में साइनाइड देकर मार डाला और लाश को फैक्ट्री के फर्श के नीचे 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया
लोगो द्वारा पूछने पर पत्नी बताती थी कि वो ऑस्ट्रेलिया गए हुए है 2 साल से

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माँ भारती के अमर सपूत, सरदार उधम सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
मातृभूमि की अस्मिता, गौरव और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका अद्वितीय साहस, अटूट संकल्प और बलिदान भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में सदैव अंकित रहेगा।
उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने, प्रखर राष्ट्रप्रेम और आत्मबलिदान की शाश्वत प्रेरणा देता है।

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आस्था ऐसी कि देखकर हर कोई रह गया हैरान! 53 वर्षीय कांवड़िया घुटनों के बल हरिद्वार पहुंचे, अब 2400 KM दूर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में करेंगे जलाभिषेक 🚩💙

उत्तराखंड की पावन धरती हरिद्वार में सावन के दौरान हर साल लाखों शिवभक्त कांवड़ लेने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार एक ऐसी अनोखी कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बन गई है जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

मेरठ निवासी 53 वर्षीय हरपाल नाथ रामराज अपनी अनूठी भक्ति के साथ घुटनों के बल चलते हुए हरिद्वार पहुंचे। यहां से उन्होंने गंगाजल भरकर अब करीब 2400 किलोमीटर दूर नेपाल स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर तक की कठिन यात्रा शुरू कर दी है, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद की सतपुली तहसील के ग्राम सतपाली निवासी एवं सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त सहायक कमांडेंट संजय कुमार रावत को उनकी उत्कृष्ट एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के शौर्य, वसंत कुंज में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने राष्ट्रपति की ओर से उन्हें यह प्रतिष्ठित पदक प्रदान किया। वर्तमान में संजय कुमार रावत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सीआरपीएफ में संजय कुमार रावत को एक समर्पित, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उनकी उत्कृष्ट सेवा और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए जनवरी 2025 में उनका चयन राष्ट्रपति पदक के लिए किया गया था।
सम्मान प्राप्त करने के बाद संजय कुमार रावत ने कहा कि पौड़ी के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक प्राप्त करना उनके लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन राष्ट्रपति पदक उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड, विशेषकर पौड़ी गढ़वाल में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने इसे पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।
#uttarakhand #paurigarhwal #crpf #presidentmedal #sanjaykumarrawat #devbhoomi

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🥈 Silver Medal for India

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श्रावण कृष्ण द्वितीया (अशून्यशयन व्रत) का महात्म्य एवं व्रत-विधान
राजा शतानीक ने कहा— हे मुने! कृपा करके आप फल द्वितीया का विधान बताइए, जिसके करने से स्त्री विधवा नहीं होती तथा पति-पत्नी का परस्पर वियोग भी नहीं होता।
सुमन्तु मुनि ने कहा— हे राजन्! मैं अब फल द्वितीया का विधान कहता हूँ। इसी का नाम अशून्यशयन द्वितीया भी है। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से स्त्री विधवा नहीं होती और स्त्री-पुरुष का परस्पर वियोग भी नहीं होता।
क्षीरसागर में लक्ष्मीजी के साथ भगवान श्रीविष्णु के शयन करने के समय यह व्रत किया जाता है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया के दिन लक्ष्मीजी के साथ श्रीवत्सधारी भगवान श्रीविष्णु का पूजन करके हाथ जोड़कर इस प्रकार प्रार्थना करनी चाहिए—

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"पितातुल्य बड़े भाई आदरणीय श्री दीपक कोठारी जी द्वारा आयोजित भंडारे में सहभागिता की। ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति के 'सेवा ही सर्वोच्च धर्म है' के भाव को भी सशक्त करते हैं।

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"पितातुल्य बड़े भाई आदरणीय श्री दीपक कोठारी जी द्वारा आयोजित भंडारे में सहभागिता की। ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति के 'सेवा ही सर्वोच्च धर्म है' के भाव को भी सशक्त करते हैं।

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"पितातुल्य बड़े भाई आदरणीय श्री दीपक कोठारी जी द्वारा आयोजित भंडारे में सहभागिता की। ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति के 'सेवा ही सर्वोच्च धर्म है' के भाव को भी सशक्त करते हैं।

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"पितातुल्य बड़े भाई आदरणीय श्री दीपक कोठारी जी द्वारा आयोजित भंडारे में सहभागिता की। ऐसे सेवा कार्य न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति के 'सेवा ही सर्वोच्च धर्म है' के भाव को भी सशक्त करते हैं।

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