22 hrs - Translate

Welcomed Raghav Chadha Ji, Sandeep Pathak Ji, and Ashok Mittal Ji to the BJP family at the Party HQ today.
Also, best wishes to Harbhajan Singh Ji, Swati Maliwal Ji, Vikram Sahney Ji, and Rajinder Gupta Ji to work under the dynamic leadership of PM Shri Narendra Modi Ji towards the goal of #viksitbharat2047.

image
image
image
22 hrs - Translate

जापान में Japanese Cherry Blossom के फूल सिर्फ कुछ ही दिनों के लिए खिलते हैं, लेकिन इस दौरान पूरा देश गुलाबी रंग में रंग जाता है। लोग “हनामी” त्योहार मनाकर इन खूबसूरत फूलों के नीचे समय बिताते हैं।

image

image
22 hrs - Translate

काली माता के चमत्कारी मंत्र, कुन्जिका स्तोत्र
दुर्गाजी का एक रुप कालीजी है। यह देवी विशेष रुप से शत्रुसंहार, विघ्ननिवारण, संकटनाश और सुरक्षा की अधीश्वरी है।महाकाली भगवती कालिका अर्थात काली के अनेक स्वरुप, अनेक मन्त्र तथा अनेक उपासना विधियां है। यथा-श्यामा, दक्षिणा कालिका (दक्षिण काली) गुह्म काली, भद्रकाली, महाकाली आदि ।
दशमहाविद्यान्तर्गत भगवती दक्षिणा काली
(दक्षिणकालीका) की उपासना की जाती है।इनकी उपासना सुरक्षा, शौर्य, पराक्रम, युद्ध, विवाद और प्रभाव विस्तर के संदर्भ में की जाती है। कालीजी की रुपरेखा भयानक है। देखकर सहसा रोमांच होआता है। पर वह उनका दुष्टदलन रुप है।

image
22 hrs - Translate

तुलजाभवानी - भवानिअष्टक-उपासना
मां तुलजा जागृत स्वरुप हे ये ध्यान देवे
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते "
महाराष्ट्र के तुलजापुरमे माता तुलजा भवानी का अद्भुत चमत्कारी मंदिर स्थित है। महामाया ने कात्यायनी स्वरूप धारण करके महिषासुर का वध किया और भक्तोंकी भावना स्वीकार कर इस पर्वत पर चिर स्थान लिया। अष्टभुजावाली माता तुलजाभवानी को महिषासुरमर्दिनी नाम से भी जाना जाता है। माता की इस मूर्ति को एक जगह से दूसरी जगह पर भी ले जाया सकता है। इस मंदिर के मुख्य भवन के पूर्व में शयनकक्ष है जिसमे सोने के लिए चांदी से बनाया हुआ पलंग है।
साल में तीन बार माता इस शयनकक्ष में विश्राम करती है। इस तरह की परमपरा केवल इसी मंदिर है अन्य किसी भी जगह पर इस तरह की प्रथा नहीं। इस मन्दिर के गुबंद पर सुन्दर नक्काशी बनायीं गयी है।
माता की मूर्ति की स्थापना श्रीयंत्र पर आदि शंकराचार्यजी ने की थी। देवी की इस मूर्ति की सबसे खास बात यह है की माता की मूर्ति केवल एक ही जगह पर स्थापित नहीं की गयी। इसका मतलब देवी की इस मूर्ति को दूसरी जगह पर भी रखा जा सकता है, देवी की मूर्ति किसी भी दिशा में रखी जा सकती है।
इसलिए इस मूर्ति को चल मूर्ति भी कहा जाता है। साल में तीन बार देवी की मूर्ति को मंदिर के बाहर निकाला जाता है क्यों की साल के तीन दिन काफी विशेष माने जाते है और इन अवसर पर देवी को परिक्रमा करने लिए मंदिर के बाहर निकाला जाता है और मंदिर के चारो तरफ़ माता की मूर्ति को घुमाया जाता है।

image
22 hrs - Translate

हमारे प्रिय श्री नरेश जी सैनी पूर्व पार्षद वार्ड 01 आप जैसे मिलनसार, हँसमुख और समाज में सबको साथ लेकर चलने वाले सज्जन पुरुष आज हमारे बीच नहीं रहे।
हमारे लिए सबसे बड़ी क्षति है।हमारी टीम का सबसे मजबूत साथी को हमने खो दिया है
आपका स्थान कोई नहीं ले पाएगा 😭
आपका जाना बहुत बड़ी घटना है।
ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे और उनके परिवार, उनके चाहने वालों को यह है दुख सहन करने की क्षमता दे।
ओम शांति। ओम शांति। ओम शांति।
🙏🙏ॐ शांति ॐ शांति ॐ शांति 🙏🙏

image

#welcome
#to #bjp4ind
,🚩🙏
#trending #photography #photooftheday #love

image

त्याग, तपस्या एवं पवित्रता की प्रतिमूर्ति जनक नंदनी माता सीता के प्राकट्य दिवस जानकी नवमी की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

image

tiranga game login (3).pdf

India’s Home Ministry Decision Sparks Discussion
A significant decision by India’s Home Ministry, led by Amit Shah, has drawn attention regarding relief for certain migrant communities. According to reports, non-Muslim migrants from Afghanistan, Bangladesh, and Pakistan may be allowed to stay in India without requiring valid passports or travel documents, provided they meet specific conditions.
The provision is said to apply to Hindus, Sikhs, Buddhists, Jains, Parsis, and Christians who are believed to have migrated due to religious persecution and entered India before a defined cut-off date. It also includes individuals whose documents have expired or those who arrived without proper documentation.
This move is linked to the framework of the Citizenship Amendment Act, which aims to provide a structured pathway toward citizenship for eligible individuals. Supporters see it as a humanitarian step designed to offer protection and stability to persecuted minorities.
At the same time, the policy continues to be part of ongoing public discussion, reflecting broader debates around citizenship, inclusion, and national policy. It highlights how decisions of this scale carry both social and political significance in shaping the country’s future.
#caa #amitshah #indiapolicy #citizenshipdebate #indianews

image