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जबरन रूसी आर्मी में भेज रही है...' पत्नी ने मदद के लिए इंडिया भेजा मैसेज भारत से रूस में वर्क वीजा पर काम कर रहे इंजीनियर चंदन गुप्ता की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सीएम योगी से मदद की गुहार लगाई है. स्नेहा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने रूसी प्रशासन पर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि पुलिस ने बिना किसी कारण के उनके पति को गिरफ्तार कर लिया है और सेना में भेज दिया जाएगा.
रात को पुलिस ले गई
स्नेहा अपनी वीडियो में कह रही हैं कि मेरा नाम स्नेहा गुप्ता है. मैं मॉस्को में रहती हूं. मेरे हस्बैंड चंदन गुप्ता यूफ्लेक्स कंपनी पॉलीफिस में इंडिया की कंपनी है. दिल्ली 62 सेक्टर 62 नोएडा की और इन लोगों ने यहां पर मेरे हस्बैंड हाई क्वालिफाइड वीजा पर हम सब रह रहे हैं. मेरे हस्बैंड इंजीनियर हैं और कंपनी के थ्रू आए हैं यूफ्लेक्स के थ्रू. उनका पासपोर्ट नंबर है वी781317 और कानपुर उत्तर प्रदेश उनका एड्रेस है और मैं माननीय मुख्यमंत्री मंत्री जी से मेरा आग्रह है योगी जी से कि यहां पर पुलिस उनको पकड़ के ले गई है रात में 12:30 बजे के आसपास पुलिस लेकर गई है और कुछ भी नहीं किया.
रश्यिन आर्मी में डाल देंगे
स्नेहा ने आगे कहा, कल मॉस्को डे था और ये लोग परेशान करके फंसा के अब वो जेल में डाल दिए हैं वो निकाल नहीं रहे हैं. माननीय मुख्यमंत्री जी ना मुझे यहां की लैंग्वेज आती है मेरे साथ मेरा 10 साल का बच्चा है और हम यहां से कैसे निकले. मेरे हस्बैंड को प्लीज उनकी हेल्प करिए उनको निकालिए क्योंकि यहां पर रशियन आर्मी में लोगों को भेज दिया जा रहा है जबरदस्ती. इनके पास आर्मी में लोगों की कमी है. प्लीज मेरी विनती है कि मेरे वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोग यह मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं क्योंकि यहां पर लोगों को ऐसे ही फंसा के और भेज कहां पर भेज देते हैं कुछ पता नहीं चलता है.
एम्बुलेंस के शीशे तोड़े
सूत्रों के मुताबिक चंदन गुप्ता और उनके दोस्त श्री आशीष को शनिवार, 05 सितंबर 2026 की रात लगभग 11:30 बजे रेड स्क्वायर इलाके में हिरासत में लिया गया. उन पर नशे में होने और पास खड़ी एम्बुलेंस के शीशे तोड़ने का आरोप है. फिलहाल उन्हें मॉस्को के बाउमानस्काया पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है.
दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के सामने यह मामला उठाया है और उन्हें रिहा करने का अनुरोध किया है. साथ ही, उनसे मिलने की इजाज़त (कॉन्सुलर एक्सेस) भी मांगी गई है.
22 साल बाद भी शहीद की मां अपने हक के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं…
देश की हिफाजत करते हुए जान न्योछावर करने वाले शौर्य चक्र विजेता शहीद सहायक कमांडेंट स्व. विवेक सक्सेना का परिवार आज भी अपने अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। सरोजनीनगर तहसील में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब शहीद की 80 वर्षीय मां सावित्री सक्सेना ने अपनी पीड़ा सामने रखी।
बेटे की शहादत के 22 साल बाद भी न्याय और अपने हक के लिए इंतजार कर रही मां ने यहां तक कह दिया कि अगर सरकार उनके परिवार की समस्या नहीं सुन सकती, तो वह बेटे को मिले वीरता पदक, सम्मान और सम्मान राशि सरकार को लौटाना चाहती हैं।
जिस बेटे ने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन दे दिया, उसके परिवार को अपने अधिकारों के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़े—यह सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से जुड़ा है जो अपने शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान की बात करती है।
शहीद का ब@लिदान कभी नहीं लौटाया जा सकता, लेकिन उसके परिवार को न्याय और सम्मान जरूर मिलना चाहिए। 🇮🇳
बाढ़ में डूबे घर से सामान लेने गए पिता-पुत्र, बेटे को करंट लगा तो बचाने पहुंचे पिता की भी मौ,त, ग्रामीणों ने सड़क जाम किया बेगूसराय जिले के बीहट में बरौनी रिफाइनरी थाना क्षेत्र की केशावे पंचायत के सिसवा गांव के वार्ड-11 में सोमवार को बाढ़ प्रभावित घर में करंट लगने से पिता और पुत्र की मौ,त हो गयी. मृ,तकों की पहचान 50 वर्षीय कैलाश मोची और उनके 26 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है. घ,टना के बाद गांव में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
सामान निकालने गए थे घर, इसी दौरान चपेट में आए
जानकारी के अनुसार, सिसवा गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद कैलाश मोची का परिवार विस्थापित होकर सुरक्षित स्थान पर रह रहा था. सोमवार की सुबह कैलाश अपने पुत्र संतोष के साथ बाढ़ प्रभावित घर से कुछ जरूरी सामान निकालने गए थे. इसी दौरान घर में जमा पानी अथवा बिजली के उपकरण में उतरे करंट की चपेट में दोनों आ गए.
ग्रामीणों के अनुसार, पहले संतोष करंट की चपेट में आया. उसे बचाने की कोशिश में कैलाश भी बिजली के तेज झटके की चपेट में आ गए. हा,दसे में दोनों की मौके पर ही मौ,त हो गयी.
मुआवजे की मांग पर सड़क जाम
घ,टना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर बीहट-रिफाइनरी रोड जाम कर वि,रोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. सड़क जाम होने से आवागमन प्रभावित हो गया. ग्रामीण मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे.
पुलिस और बीडीओ पहुंचे मौके पर
घ,टना की सूचना मिलते ही बरौनी रिफाइनरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. वहीं, बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार भी घ,टनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि, ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे. प्रशासन की ओर से लोगों को उचित का,र्रवाई का भरोसा दिलाया गया.