ये हैं गोरखा रेजिमेंट के वीर जवान विष्णु सेठ जो चलती ट्रेन में एक लड़की की आबरू बचाने के लिए अकेले ही 40 लुटेरों से भीड़ गए और लड़की को बचा लिया। घटना के दौरान विष्णु सेठ ने अकेले दम पर लुटेरों से भिड़ते हुए 8 लुटेरों को घायल किया और 3 लुटेरों को मार गिराया, जबकि बाकी लुटेरे जान बचाकर भाग गए।
यह घटना तब हुई जब ट्रेन में सवार 18 साल की लड़की पर लुटेरों ने हमला करने की कोशिश की। विष्णु सेठ, जो संयोग से उसी ट्रेन में यात्रा कर रहे थे, बिना किसी डर के लुटेरों से भिड़ गए। उन्होंने एकेले ही 8 लुटेरों को घायल किया और 3 लुटेरों को मार गिराया, जब लुटेरों ने देखा की अकेला सेना का जवान हम सब पर भारी पड़ रहा है तो बाकी लुटेरे जान बचाकर भाग गए। उनकी वीरता और सूझबूझ ने न केवल लड़की को बचाया बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षित रखा।



