10 часы - перевести

Google AdWords Service in Jaipur | Rewathi Innovation
Rewathi Innovation provides professional Google AdWords Service in Jaipur to help businesses achieve instant online visibility and targeted leads. We create well-structured ad campaigns focused on the right keywords, au****nce targeting, and budget optimization. Our team continuously monitors performance, improves ad quality scores, and increases conversion rates. With data-driven strategies and transparent reporting, we help businesses control ad spend and maximize ROI. Our Google AdWords solutions are ideal for businesses looking for fast growth and measurable digital marketing results.
https://www.rewathi.com/ppc-management-services/

10 часы - перевести

Modern garage flooring transforms ordinary garages into organized, professional-looking spaces. It offers excellent resistance to stains, cracks, and abrasions while improving slip resistance and overall comfort. Whether for residential or commercial use, garage flooring creates a tough protective layer that extends floor life, reduces maintenance efforts.

For more information visit our website
https://spcflooringdubai.com/garage-flooring/

https://maps.app.goo.gl/Pp8dpXQubkcmJjPV8
Call Us : +97156-600-9626
Email us : info@spcflooringdubai.com

image
10 часы - перевести

घर के बाहर खेल रही थी 4 साल की मासूम, आवारा कुत्तों ने किया हमला, नोच-नोचकर मार डाला

image
10 часы - перевести

बदला लेना सही नहीं, पर दर्द का अहसास तो होता है। 💔

image
10 часы - перевести

अक्सर हम कपड़ों को संभालने के लिए सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके नीचे बना वह छोटा सा गोल छेद (hole) किस काम आता है? यह सिर्फ कोई डिज़ाइन नहीं, बल्कि पिन का सबसे अहम हिस्सा है जो इसे सुरक्षित बनाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गोलाकार हिस्सा असल में एक 'स्प्रिंग' (spring) की तरह काम करता है। इसे 1849 में वॉल्टर हंट ने तार को मोड़कर तैयार किया था। यह स्प्रिंग पिन पर पीछे से दबाव बनाता है, जिससे पिन की नोक लॉक में मजबूती से फंसी रहती है। अगर यह गोल लूप न हो, तो पिन पर जरूरी दबाव नहीं बनेगा और वह बार-बार खुलकर गिर सकती है या आपको चोट पहुंचा सकती है।

इसके अलावा, यह गोलाकार हिस्सा पिन को लचीला बनाता है, जिससे इसे बार-बार खोलने और बंद करने पर भी यह जल्दी टूटती नहीं है। एक अन्य दावे के अनुसार, यदि गलती से कोई बच्चा पिन निगल ले, तो इस छेद से हवा पास होने की संभावना रहती है, जो जान बचाने में मददगार हो सकती है।

image
10 часы - перевести

अनुष्का शर्मा, विराट कोहली के शतक लगाने के बाद का पैर छूकर आशीर्वाद लिया,यही है असली भारतीय संस्कृति और भारतीय नारी!

image

image
10 часы - перевести

May that fascination be filled with mind
My heart is full of love ❤️
· See original · Rate this translation

image
10 часы - перевести

बहन सोई मिली 2 युवको के साथ सगे भाई ने देखा फिर बन्दूक से तिन फायर किए तिनो की मौत क्या भाई ने सही किया

image
10 часы - перевести

10 फरवरी 1985 को महाराष्ट्र के नागपुर में एक बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के महज तीन दिन बाद ही उसकी मां ने उसे छोड़ दिया। 1 महीने तक वो बच्चा अनाथ आश्रम में रहा और फिर मुंबई घूमने आए डच कपल ने बच्चे को गोद ले लिया। वो उसे अपने साथ नीदरलैंड ले गए।
इस घटना को 41 साल हो गए हैं। नीदरलैंड में बच्चे की परवरिश हुई और आज वो नीदरलैंड के एक शहर का मेयर बन चुका है। उनका नाम है फाल्गुन बिनेनडिज्क, जो 41 साल की उम्र में अपनी मां को ढूंढने के लिए भारत आए हैं।
आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, फाल्गुन की मां 21 वर्षीय अविवाहित युवती थी, जिसमें समाज के डर से अपने बच्चे को तीन दिन बाद की नागपुर के MSS में छोड़ दिया था। ये जगह अनाथ बच्चों और पीड़ित महिलाओं के लिए है।
MSS की एक नर्स ने बच्चे को नाम दिया था। दरअसल हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फरवरी के महीने को फाल्गुन कहा जाता है। बच्चे का जन्म भी फरवरी में हुआ था, जिसके कारण नर्स ने उन्हें फाल्गुन कहना शुरू कर दिया। कुछ हफ्तों बाद फाल्गुन को मुंबई लाया गया, जहां 1 डच कपल ने उन्हें गोद ले लिया।
फाल्गुन नीदरलैंड में ही पले-बढ़े। उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। उन्होंने सिर्फ भूगोल की किताबों में बने नक्शे में भारत का मानचित्र देखा था। बढ़ती उम्र के साथ फाल्गुन के मन में अपनी असली मां के बारे में जानने की ललक जगी और उन्होंने भारत का रुख कर लिया।
फाल्गुन पहली बार 18 साल की उम्र में 2006 में भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने दक्षिण भारत की सैर की थी। मगर, इस बार फाल्गुन ने अलग मकसद से वापसी की है। उन्होंने नागपुर स्थित MSS का दौरा किया।
फाल्गुन के अनुसार मैं हमेशा से एक खुली किताब था। मैंने महाभारत पढ़ी है और मुझे लगता है कि हर कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार है।
बता दें कि फाल्गुन हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। हीमस्टेड नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। फाल्गुन ने अपनी मां को ढूंढने के लिए कई NGO, नगर पालिकाओं और पुलिस की मदद मांगी है। फाल्गुन का कहना है, "मुझे लगता है कि वो अभी तक मुझे छोड़ने के सदमे में होंगी। मैं सिर्फ उनसे मिलकर उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं ठीक हूं और खुश हूं। मैं उन्हें एक बार देखना चाहता हूं।"
#fal****

image