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बांग्ला साहित्य की गौरव, नारी चेतना की मुखर आवाज और प्रतिष्ठित 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित महान उपन्यासकार आशापूर्णा देवी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। 🙏✨आशापूर्णा देवी जी ने अपनी सशक्त कलम से समाज की रूढ़ियों और रूढ़िवादी सोच पर गहरा प्रहार किया। उनकी रचनाओं में भारतीय महिलाओं के संघर्ष, उनके आत्मसम्मान और उनकी आंतरिक शक्ति का जो जीवंत चित्रण मिलता है, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है।📖

उनकी कुछ प्रमुख कृतियाँ:'प्रथम प्रतिश्रुति' (The First Promise) – जिसने बंगाली और भारतीय साहित्य में नारीवाद को एक नई दिशा दी।

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भारत की आज़ादी में यहां की वीरांगनाओं ने भी प्रमुख भूमिका निभाई थी,और इन्हीं में से एक थी ननिबाला देवी जो कि एक प्रसिद्ध क्रांतिकारी थी, इन्हें पश्चिम बंगाल की पहली महिला क्रांतिकारी भी माना जाता है। बीसवीं सदी के दूसरे दशक में ननिबाला देवी कलकत्ता, चन्द्रनगर व चटगांव आदि नगरों में क्रांतिकारियों को आश्रय देने, उनके अस्त्र-शस्त्र रखने एवं गुप्तचर पुलिस को चकमा देने के कारण पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर अमानवीय यातनाएं दी, लेकिन इस महान क्रांतिकारी ने हार नहीं मानी। इस वीरांगना के वीरता की कहानी जो इतिहास के पन्नों में शायद कहीं खो गई... क्रांतिकारी ननिबाला देवी का जन्म 1888 ई. में हावड़ा में हुआ था। साधारण शिक्षा घर में हुई और 11 वर्ष की उम्र में उनका विवाह कर दिया गया। किन्तु विवाह के 5 वर्ष के बाद ही वह विधवा हो गईं।अब उन्होंने अपना ध्यान अध्ययन की ओर लगाया और ईसाई मिशन के स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षा प्राप्त की। परंतु विचार-संबंधी मतभेदों के कारण उन्हें मिशन छोड़ना पड़ा। इसके बाद वे अपने दूर के भतीजे अमरेन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय के संपर्क में आईं। अमरेन्द्र प्रसिद्ध क्रांतिकारी संगठन युगांतर पार्टी के प्रमुख नेता थे। इसके बाद ननिबाला देवी क्रांतिकारी संगठन में सम्मलित हो गईं। प्रथम विश्वयुद्ध के दिनों में वे भूमिगत क्रांतिकारियों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था करती रहीं। क्रांतिकारी जीवन की शुरूआत उन्हीं दिनों ननिबाला ने ऐसा साहसिक काम किया जो इन दिनों किसी हिन्दू विधवा के लिए अकल्पनीय था। दरअसल रामचंद्र मजूमदार नाम के एक क्रांतिकारी जेल में बंद थे और गिरफ्तारी से पहले वे अपना रिवाल्वर कहां छिपा गए इसका पता उनके साथियों को नहीं था।
ननिबाला ने स्वयं को रामचंद्र मजूमदार की पत्नी बताया, जेल में उनसे भेंट की और रिवाल्वर का पता लगा लिया। परंतु पुलिस को बाद में उनकी गतिविधियों की भनक लग गई और वे उन्हें खोजने लगी। इस पर ननिबाला कोलकाता छोड़कर लाहौर चली आईं। वहां वे बीमार पड़ गई और तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी पर किया अमानवीय बर्ताव क्रांतिकारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से उनके साथ बड़ा ही क्रूर और अमानविय बर्ताव किया गया। यहां तक कि उनके विभिन्न अंगों में पिसी हुई मिर्च तक भरी गई। दर्द से कराहती हुई ननिबाला ने महिला पुलिस को जोरदार ठोकर मारी और बेहोश हो गईं। बाद में उन्हें कोलकाता के प्रेसिडेंसी जेल में रखा गया। यहां की व्यवस्था के विरोध में उन्होंने भूख हड़ताल कर दी। जब गोल्डी नाम के पुलिस सुपरिडेंट ने उनके लिखित मांग पत्र को उनके सामने ही फाड़ कर फेंक दिया तो ननिबाला ने यहां भी पूरी ताकत से एक घूंसा उसके मुंह पर जमा दिया। 1919 की आम रिहाई में वह जेल से बाहर आईं और बीमार पड़ गईं। एक साधु ने उनका उपचार किया और अंत में ननिबाला ने भी गेरुआ वस्त्र धारण कर लिया। 1967 में उनका देहांत हो गया। ……इस वीर क्रांतिकारी वीरांगना ननिवाला देवी के बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र का शत् शत् नमन।🙏🙏

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Raviwasariya Akhil Bharatiya Sangeet Sabha

Vocal Rendition

Artiste: Sri Kumar Mardur

Accompanists:
Tabla - Pt. Sathlingappa Desai Kallur
Harmonium - Sri Panchakshari Hiremath

On Indraprastha, Akashvani Live News 24x7 & ‘Akashvani AIR’ YouTube Channel

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🌞 सुप्रभात 🙏
🗓️ भारतीय कैलेंडर में आज का दिन 🗓️
▶️ आषाढ़ मास
▶️ कृष्ण पक्ष
▶️ चतुर्दशी
▶️ 13 जुलाई 2026
▶️ दिन - सोमवार

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“भवानीशङ्करौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।
याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्॥२॥”
भावार्थ: मैं श्रद्धा और विश्वास के स्वरूप माता पार्वती और भगवान शंकर की वन्दना करता हूँ, जिनके बिना सिद्ध जन भी अपने अन्तःकरण में स्थित ईश्वर का साक्षात्कार नहीं कर पाते। 🙏✨
महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 'श्री रामचरितमानस' के बालकाण्ड का यह पावन श्लोक हमें साक्षात् शिव-शक्ति के स्वरूप से परिचित कराता है। जीवन की हर आध्यात्मिक और व्यावहारिक सिद्धि के लिए 'श्रद्धा' (माता पार्वती) और 'विश्वास' (भगवान शिव) का होना अनिवार्य है। जब तक हृदय में ये दोनों भाव जागृत नहीं होते, तब तक भीतर बैठे परमात्मा की अनुभूति असम्भव है। 🌿
आइए, इस पावन संदेश को अपने जीवन में उतारें और श्रद्धा-विश्वास के साथ परम कल्याण की ओर अग्रसर हों। 🌸
🕉️ नमः पार्वतीपतये हर हर महादेव 🙏 🚩

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🙏🔱 हर-हर महादेव! ❄️🕉️
बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने एक बार फिर अपनी सादगी और आस्था से सभी का दिल जीत लिया। ❤️🙏
बिना किसी विशेष VIP व्यवस्था के, आम श्रद्धालुओं की तरह पवित्र अमरनाथ यात्रा में शामिल होकर बाबा बर्फानी के पावन दर्शन किए। 🚶‍♀️🏔️❄️
यही तो होती है सच्ची श्रद्धा... जब इंसान पद, प्रसिद्धि और सुविधाओं से ऊपर उठकर भगवान की शरण में जाता है। 🙏✨
महादेव की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। 🕉️🔱
जय बाबा बर्फानी! ❄️🙏
हर हर महादेव! 🚩🔱❤️
🙏 अगर आप भी भोलेनाथ के सच्चे भक्त हैं, तो कमेंट में ज़रूर लिखें — "🚩 हर हर महादेव 🚩"

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बहू के बाल पकड़ कर सास जमीन पर घसीट रहीं है.

बेटा किसी लोहे कि पोनिया से मार रहा है.

कारण बहू को बच्चे नही हो रहें हैं.

मुझे शर्म आती है ऐसे समाज पर जहाँ औरतों को बच्चे पैदा करने कि मशीन समझा जता है.

अगर महिला को बच्चे न हों तो उसमे भी महिला ही दोषी ठहराई जाती है.

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Tassie never fails to deliver. Especially in winter.
Third one now, if you count the month I caught in 2024. Still gets me. ☃️

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