ओडिशा के गंजाम जिले की बेटी और भारतीय वायुसेना की अधिकारी मनीषा पाढ़ी ने एक नई मिसाल कायम की है।स्क्वाड्रन लीडर मनीषा पाढ़ी मिजोरम के राज्यपाल की एड-डी-कैंप (एडीसी) बनने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक है।
हाल ही में भुवनेश्वर स्थित राजभवन में 3 जनवरी 2025 को राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभंपति के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिली।इससे पहले 29 नवंबर 2023 को आइजोल में उनकी ऐतिहासिक नियुक्ति हुई थी, जहां रक्षा मंत्रालय की चयन प्रक्रिया में उन्होंने दो पुरुष उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए यह जिम्मेदारी हासिल की।
स्क्वाड्रन लीडर पाढ़ी का जन्म गंजाम जिले के बरहमपुर में हुआ। उनके पिता मनोरंजन पाढ़ी भारतीय वायुसेना में मानद फ्लाइंग ऑफिसर रह चुके हैं, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली।शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने भुवनेश्वर के सीवी रमन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई की और एएफसीएटी परीक्षा पास कर वायुसेना में शामिल हुईं।
19 दिसंबर 2015 को 46वें शॉर्ट सर्विस कमीशन (महिला) ग्राउंड ड्यूटी कोर्स के तहत उन्हें वायुसेना में कमीशन मिला।इसके बाद उनका प्रमोशन क्रम इस प्रकार रहा— 2017: फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 2021: स्क्वाड्रन लीडर बनी। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के रूप में उन्होंने बीदर, पुणे और भटिंडा जैसे महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशनों पर अपनी सेवाएं दीं।
एड-डी-कैंप के रूप में स्क्वाड्रन लीडर पाढ़ी राज्यपाल के आधिकारिक कार्यक्रमों, दौरों और प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी संभालती हैं।यह पद बेहद प्रतिष्ठित और जिम्मेदारीपूर्ण माना जाता है, जहां अनुशासन, नेतृत्व और सूझबूझ की विशेष आवश्यकता होती है।
स्क्वाड्रन लीडर मनीषा पाढ़ी की यह उपलब्धि उन तमाम युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो सशस्त्र बलों में करियर बनाने का सपना देखती हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।
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