Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
लाल घेरे में महोदय को ध्यान से देखिए, इनका नाम अविनाश पाण्डेय है। 2015 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं और वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर मेरठ जिले की कमान संभाल रहे हैं। आमतौर पर इनको एक तल्ख़ मिजाजी और चिड़चिड़ा (Short Tempered) व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता है।
बुधवार को मेरठ में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को एसएसपी साहब ने दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ मारा। इतना ही नहीं, वैन में घुसकर लोगों को जमकर पीटा और फिर लाठीचार्ज करवा दिया। यह तो वहां मौजूद सैकड़ों प्रदर्शन कर रहे लोगों और मीडिया के सामने की घटना थी, न जाने उन प्रदर्शनकारियों के साथ कप्तान साहब ने अंदर क्या-क्या जुल्म किया होगा?
लाल घेरे में महोदय को ध्यान से देखिए, इनका नाम अविनाश पाण्डेय है। 2015 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं और वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर मेरठ जिले की कमान संभाल रहे हैं। आमतौर पर इनको एक तल्ख़ मिजाजी और चिड़चिड़ा (Short Tempered) व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता है।
बुधवार को मेरठ में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को एसएसपी साहब ने दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ मारा। इतना ही नहीं, वैन में घुसकर लोगों को जमकर पीटा और फिर लाठीचार्ज करवा दिया। यह तो वहां मौजूद सैकड़ों प्रदर्शन कर रहे लोगों और मीडिया के सामने की घटना थी, न जाने उन प्रदर्शनकारियों के साथ कप्तान साहब ने अंदर क्या-क्या जुल्म किया होगा?
लाल घेरे में महोदय को ध्यान से देखिए, इनका नाम अविनाश पाण्डेय है। 2015 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं और वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर मेरठ जिले की कमान संभाल रहे हैं। आमतौर पर इनको एक तल्ख़ मिजाजी और चिड़चिड़ा (Short Tempered) व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता है।
बुधवार को मेरठ में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को एसएसपी साहब ने दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ मारा। इतना ही नहीं, वैन में घुसकर लोगों को जमकर पीटा और फिर लाठीचार्ज करवा दिया। यह तो वहां मौजूद सैकड़ों प्रदर्शन कर रहे लोगों और मीडिया के सामने की घटना थी, न जाने उन प्रदर्शनकारियों के साथ कप्तान साहब ने अंदर क्या-क्या जुल्म किया होगा?
लाल घेरे में महोदय को ध्यान से देखिए, इनका नाम अविनाश पाण्डेय है। 2015 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं और वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर मेरठ जिले की कमान संभाल रहे हैं। आमतौर पर इनको एक तल्ख़ मिजाजी और चिड़चिड़ा (Short Tempered) व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता है।
बुधवार को मेरठ में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को एसएसपी साहब ने दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ मारा। इतना ही नहीं, वैन में घुसकर लोगों को जमकर पीटा और फिर लाठीचार्ज करवा दिया। यह तो वहां मौजूद सैकड़ों प्रदर्शन कर रहे लोगों और मीडिया के सामने की घटना थी, न जाने उन प्रदर्शनकारियों के साथ कप्तान साहब ने अंदर क्या-क्या जुल्म किया होगा?



दुर्लभ चित्रों के संग्राहक #सत्यनारायण_गोयल
प्रसिद्ध फोटो चित्रकार श्री सत्यनारायण गोयल का जन्म नौ जुलाई, 1930 को आगरा में हुआ था। 1943 में वे संघ के स्वयंसेवक बने। 1948 के प्रतिबन्ध के समय वे कक्षा 12 में पढ़ रहे थे। जेल जाने से उनकी पढ़ाई छूट गयी। अतः उन्होंने फोटो मढ़ने का कार्य प्रारम्भ कर दिया।
कला में रुचि होने के कारण उन्होंने 1956 में ‘कलाकुंज’ की स्थापना की। वे पुस्तक, पत्र-पत्रिकाओं आदि के मुखपृष्ठों के डिजाइन बनाते थे। इससे उनकी प्रसिद्धि बढ़ने लगी। अब उन्होंने फोटोग्राफी भी प्रारम्भ कर दी। 1963 में वे दैनिक समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ से जुड़े और उसके संस्थापक श्री डोरीलाल जी के जीवित रहते तक वहां निःशुल्क काम करते रहे।
1975 के आपातकाल में उन्होंने अपने दोनों पुत्रों को सत्याग्रह कर जेल भेजा। आगरा के सरस्वती शिशु मंदिर, गोशाला, अग्रसेन इंटर कॉलिज तथा अग्रोहा न्यास आदि सामाजिक कार्यों में वे सदा आगे रहते थे। आगरा के प्रसिद्ध सभागार का नाम ‘सूर सदन’ रखने के लिए उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाया।
राष्ट्र सेविका समिति केवल एक संगठन नहीं, बल्कि नारी चेतना का जागरण है।
यह एक ऐसा मंच है जो हर महिला को उसके भीतर छिपी तीन महाशक्तियों से परिचित कराता है ।
#rashtrasevikasamiti #समिति_संबाद #नारीशक्ती
पीएम मोदी ने मेलबोर्न में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित किया
#pmnarendramodi #indiancommunityevent #melbourne #latestnews #dailypostpunjabi