18 часы - перевести

लोहड़ी के पावन पर्व की समस्त देशवासियों को लख-लख बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।

यह पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली एवं नई ऊर्जा लेकर आए।

अग्निदेव की कृपा से हर घर में आनंद, शांति और प्रगति का प्रकाश फैले तथा आपसी प्रेम और सौहार्द और अधिक सुदृढ़ हो। 🔥✨

image
18 часы - перевести

प्रयागराज माघ मेले में लगी भीषण आग, कल्पवासी भागे, फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
प्रयागराज के माघ मेले में सेक्टर 5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में मंगलवार शाम आग लग गई, जिसमें 15 टेंट और 20 दुकानें जलकर राख हो गईं. अफरा-तफरी के बीच लगभग 50 कल्पवासियों को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने सुरक्षित बाहर निकाला. दमकल की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया. आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी मानी जा रही है. आसपास के शिविर भी खाली कराए गए. घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
पढ़ें पूरी ख़बर: https://intdy.in/czyh0f
#prayagraj | #maghmela | #breakingnews | #aajtaksocial | #atcard

image
18 часы - перевести

सभी देशवासियों को दान, पुण्य, धर्म और हर्षोल्लास के पावन पर्व मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
यह पर्व हमें परंपराओं, एकता और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश देता है।
आइए, हम अपने देश और समाज में भाईचारा, सत्कर्म और सकारात्मक ऊर्जा फैलाएँ।

image

image
18 часы - перевести

UP के जिला गाज़ियाबाद मे एंटी करप्शन टीम ने 45K की रिश्वत लेते महिला सब इंस्पेक्टर दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को अरेस्ट किया है। दहेज उत्पीड़न के मामले में नामजद आरोपी का नाम काटने के बदले यह रकम ली गई थी।
यही दरोगा 2022 मे भी कानपुर मे देह व्यापार के आरोपियों से 15 लाख की रिश्वत केस मे अरेस्ट हुई थी।
2025 मे एनकाउंटर टीम मे थी शामिल
45 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली दरोगा भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला टीम का हिस्सा रहीं थीं। वर्ष 2025 के नवरात्रि के पहले दिन महिला थाने की पुलिस ने लूट के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इस टीम में घायल आरोपियों को कंधे पर डालकर गाड़ी तक ले जाने वाली महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ही थीं।
#daroga #viralvideochallenge #reelschallenge #police #trendingvideo

image
18 часы - перевести

UP के जिला गाज़ियाबाद मे एंटी करप्शन टीम ने 45K की रिश्वत लेते महिला सब इंस्पेक्टर दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को अरेस्ट किया है। दहेज उत्पीड़न के मामले में नामजद आरोपी का नाम काटने के बदले यह रकम ली गई थी।
यही दरोगा 2022 मे भी कानपुर मे देह व्यापार के आरोपियों से 15 लाख की रिश्वत केस मे अरेस्ट हुई थी।
2025 मे एनकाउंटर टीम मे थी शामिल
45 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली दरोगा भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला टीम का हिस्सा रहीं थीं। वर्ष 2025 के नवरात्रि के पहले दिन महिला थाने की पुलिस ने लूट के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इस टीम में घायल आरोपियों को कंधे पर डालकर गाड़ी तक ले जाने वाली महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ही थीं।
#daroga #viralvideochallenge #reelschallenge #police #trendingvideo

image
18 часы - перевести

UP के जिला गाज़ियाबाद मे एंटी करप्शन टीम ने 45K की रिश्वत लेते महिला सब इंस्पेक्टर दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को अरेस्ट किया है। दहेज उत्पीड़न के मामले में नामजद आरोपी का नाम काटने के बदले यह रकम ली गई थी।
यही दरोगा 2022 मे भी कानपुर मे देह व्यापार के आरोपियों से 15 लाख की रिश्वत केस मे अरेस्ट हुई थी।
2025 मे एनकाउंटर टीम मे थी शामिल
45 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली दरोगा भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला टीम का हिस्सा रहीं थीं। वर्ष 2025 के नवरात्रि के पहले दिन महिला थाने की पुलिस ने लूट के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इस टीम में घायल आरोपियों को कंधे पर डालकर गाड़ी तक ले जाने वाली महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ही थीं।
#daroga #viralvideochallenge #reelschallenge #police #trendingvideo

imageimage
18 часы - перевести

✨🌞 मकर संक्रांति 2026: जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महादान का विशेष महत्व 🌞✨
हिंदू धर्म का महापर्व मकर संक्रांति, जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं। इसे 'देवताओं का दिन' भी कहा जाता है। यह दिन स्नान, दान, जप और तप के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना गया है।
आइये जानते हैं वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व कब और कैसे मनाया जाएगा:
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
📅 कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति 2026? (शुभ मुहूर्त)
ज्योतिष शास्त्र और ऋषिकेश पंचांग के अनुसार:
🔹 भगवान भास्कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे: 14 जनवरी 2026 (बुधवार), रात्रि 9 बजकर 11 मिनट पर।
🔹 इसी के साथ सूर्य उत्तरायण होंगे और खरमास समाप्त होगा।
📜 शास्त्रोक्त नियम:
शास्त्रों (धर्मसिन्धु) का नियम है कि यदि संक्रांति सूर्यास्त के बाद, प्रदोष काल या रात्रि में लगती है, तो स्नान-दान और पुण्यकाल का पर्व अगले दिन मनाया जाता है।
✅ अतः मकर संक्रांति का पावन पर्व 15 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🙏 पूजन विधि व स्नान:
स्नान: सूर्योदय से पूर्व गंगा जी या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
सूर्य अर्घ्य: सूर्यदेव की पूजा करें और उन्हें अर्घ्य दें। अर्घ्य के जल में रोली, चावल और लाल पुष्प अवश्य डालें।
मंत्र जाप: इस दिन सूर्य मंत्र 'ऊँ घृणि सूर्याय नमः' का जाप विशेष फलदायी है। गीता और सूर्य उपासना ग्रंथों का पाठ भी करें।
भोग: भगवान को तिल-गुड़ के लड्डू, खिचड़ी और मौसमी व्यंजनों का भोग लगाएं।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
🎁 महादान का विशेष महत्व:
मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान के बाद किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इस दिन किए गए दान का फल कई गुना मिलता है, जिससे सुख-समृद्धि, आरोग्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है, साथ ही कुंडली के दोष भी दूर होते हैं।
क्या दान करें: ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को गुड़, तिल, दाल-चावल (खिचड़ी सामग्री), ऊनी वस्त्र और कंबल का दान करें।
पितृ कृपा हेतु: स्नान के बाद अन्न, काले तिल, उड़द की दाल और सब्जियों का दान करने से पितृ अति प्रसन्न होते हैं।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
यह पर्व आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ फसल कटाई के सामाजिक उल्लास का भी प्रतीक है।
आप सभी को मकर संक्रांति की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏
👇 यह महत्वपूर्ण व धर्मिक जानकारी अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर अवश्य करें।

image
18 часы - перевести

आयु 22 वर्ष, माथे पर चंदन का तिलक, छोटे बालों के बीच शिखा, गले में गुरु मंत्र से अभिमंत्रित कंठी माला और बाजुओं पर त्रिशूल का चिह्न... सांसारिक जीवन की देहरी लांघ कर संन्यास की राह पकड़ने वाले रायबरेली के अमर कमल रस्तोगी माघ मेला में आकर अब यश्वनी दास बन चुके हैं।
तन पर भगवा, मन में वैराग्य और जुबान पर ‘सियाराम’ का अखंड जप। वैराग्य के पथ पर आगे बढ़ गए अमर कमल के पीछे रह गईं दो बहनों की सिसकियां और एक पिता की अधूरी प्रतीक्षा। मनाने के तमाम प्रयास के बाद व्याकुल होकर बहनें वापस लौट गईं।
महावीर मार्ग पर तपस्वी नगर के पंडाल में बैठे यश्वनी दास को देख कर कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि कुछ ही दिन पहले तक वह एक सामान्य युवक थे। शिक्षित, संपन्न और भटकन से भरा। वह अब पूरी तरह संतों की छांव में खुद को सौंप चुके हैं।
यश्वनी दास की कहानी अंतर्द्वंद्व से भरी है। कभी ईसा मसीह की तस्वीर कमरे में सजी थी, हाथ पर क्राइस्ट का टैटू था, गिरजाघर के रास्ते लखनऊ तक पहुंच गया था। दादी से मिले पैसों से खरीदे गए लाखों के फ्लैट, जनसेवा केंद्र का संचालन, लक्जरी लाइफ सब कुछ होते हुए भी मन में बेचैनी थी। वही बेचैनी उसे प्रयागराज खींच लाई।
मूल रूप से रायबरेली के महाराजगंज के रहने वाले यश्वनी दास (नया नाम) ने स्वामी गोपाल दास को प्रथम गुरु बना लिया है। बताते हैं कि माघ मेले में एक अजनबी से मुलाकात ने जीवन की दिशा बदल दी, उनके साथ चलते समय कुछ लोगों ने पैर छू लिए।
गंगा किनारे आंखें मूंदीं तो जैसे किसी दिव्य अनुभूति ने भीतर सब कुछ उलट-पलट कर रख दिया। संतों के भंडारे में अपने हाथों से भोजन परोसते हुए तय कर लिया कि अब जीवन सेवा और भक्ति को समर्पित रहेगा। उनके इस वैराग्य की कीमत परिवार वालों ने आसुंओं से चुकाई।
इकलौते भाई की तलाश में माघ मेले तक पहुंचीं बहनें रानी रस्तोगी और नेहा दो दिन तक शिविर के बाहर हाथ जोड़े खड़ी रहीं। कभी भाई को पुकारतीं, कभी रोते-रोते संतों से विनती करतीं। पहली बार में भाई ने पहचानने से ही इनकार कर दिया। बाद में थोड़ी बातचीत हुई, पर घर लौटने का आग्रह पत्थर से टकरा कर लौट आया।
दैनिक जागरण से फोन पर वार्ता करते रानी की आवाज भर्रा जाती है। कहतीं हैं- भाई एक जनवरी को घर से यह कहकर निकला की लखनऊ में चर्च जा रहा है। उसके बाद से फोन रिसीव नहीं किया। प्रयागराज में उसका पता चलने पर वहां गए और रोकर लौट आए। अब भी मन यही कहता है कि वह वापस आ जाए। पिता नवीन रस्तोगी की उम्मीदें भी उसी इंतजार में अटकी हैं।
#uttarpradesh

image

image