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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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कुछ लोग अपनी परिस्थितियों को कमजोरी बना लेते हैं, और कुछ लोग वही परिस्थिति अपनी सबसे बड़ी ताकत बना देते हैं। उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव से आने वाले Praveen Kumar की कहानी इसी हौसले की मिसाल है।
बचपन से ही शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले प्रवीण ने कभी अपनी कमी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
Tokyo Paralympics में Silver Medal जीतने के बाद उन्होंने खुद से वादा किया था, अगली बार गोल्ड लेकर लौटेंगे। और फिर Paris Paralympics 2024 में उन्होंने इतिहास रच दिया।
Men’s High Jump T64 category में 2.08 मीटर की शानदार छलांग लगाकर उन्होंने Gold Medal अपने नाम किया और नया एशियन रिकॉर्ड भी बनाया। अब उनके इसी संघर्ष, मेहनत और भारतीय खेलों में योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित Padma Shri सम्मान से नवाजा गया है। इससे पहले उन्हें Major Dhyan Chand Khel Ratna Award से भी सम्मानित किया जा चुका है।
आज प्रवीण कुमार सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की उम्मीद बन चुके हैं, जो मानते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कमी इंसान को रोक नहीं सकती।
#praveenkumar #padmashri #paralympics #india #paraathlete

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खिलाड़ी दर्पण की गौरवशाली परम्परा को बढ़ाएं आगेः दिलशाद खान
स्वर्ण पदक जीतकर लौटी हॉकी बेटी नंदिता शर्मा का बढ़ाया हौसला
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम में सोमवार को नेपाल से साउथ एशियन सॉफ्ट हॉकी चैम्पियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर लौटी नंदिता शर्मा को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिलशाद खान, विवेक पिशाल, मनोज परिहार आदि ने ग्वालियर की गौरवशाली बेटी का उत्साहवर्धन किया।

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एथलीटों ने दिखाया दम, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के कटाए टिकट
रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन
खेलपथ संवाद
रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 22 से 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन सोमवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ। चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए अपना टिकट सुरक्षित किया।

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एथलीटों ने दिखाया दम, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के कटाए टिकट
रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन
खेलपथ संवाद
रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 22 से 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन सोमवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ। चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए अपना टिकट सुरक्षित किया।

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एथलीटों ने दिखाया दम, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के कटाए टिकट
रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन
खेलपथ संवाद
रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 22 से 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन सोमवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ। चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए अपना टिकट सुरक्षित किया।

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पंजाब के हॉकी सितारों का भगवंत मान ने किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने 14 खिलाड़ियों को दिया महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड
पंजाब सरकार ने खेल जगत में राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के अपने वादे को पूरा करते हुए आज एक भव्य समारोह का आयोजन किया। चंडीगढ़ में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित 14 दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित 'महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार' से नवाजा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की पीठ थपथपाई और उन्हें राज्य का गौरव बताया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ-साथ टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाली टीम के प्रमुख सदस्यों हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह और जरमनप्रीत सिंह को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ट्रॉफी हाथ में लिए इन सितारों की चमक ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी।
पुरस्कार पाने वाले अन्य खिलाड़ियों में शमशेर सिंह, दिलप्रीत सिंह, वरुण कुमार और गोलकीपर कृष्ण पाठक शामिल रहे। इनके अलावा हॉकी के क्षेत्र में निरंतर शानदार प्रदर्शन करने वाले रुपिंदरपाल सिंह, गुरजंत सिंह, आकाशदीप सिंह, सिमरनजीत सिंह, रमनदीप सिंह और गुरिंदर सिंह को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, हमारी सरकार पंजाब को फिर से खेलों में नंबर एक राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने खिलाड़ियों को दी जाने वाली खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में और सुधार करने का भी आश्वासन दिया।समारोह में खेल मंत्री और कई पूर्व ओलंपियन भी मौजूद रहे, जिन्होंने पंजाब के खेल भविष्य पर अपनी खुशी व्यक्त की।

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