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देहरादून के टाउनहॉल ऑडिटोरियम में आयोजित “Plastic Se Punya” अभियान का प्रेरणादायी एवं भव्य कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के वन एवं स्वास्थ्य मंत्री आदरणीय श्री Subodh Uniyal जी, देहरादून के माननीय मेयर श्री सौरभ थपलियाल जी, राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) श्री Om Prakash Jamdagni जी एवं आदरणीय श्री एस.एस. भंडारी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम में हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की से पहुँची स्पर्श गंगा अभियान की समर्पित टीमों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इस जनअभियान को और अधिक सशक्त बनाया। सभी का उत्साह, समर्पण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता वास्तव में प्रेरणादायी रही। मुख्य अतिथि आदरणीय श्री सुबोध उनियाल जी द्वारा “प्लास्टिक से पुण्य” अभियान के लिए व्यक्त किए गए प्रेरणादायी शब्दों एवं सराहना से हम सभी अभिभूत हैं। उनका समर्थन इस अभियान को नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करता है।
PlasticSePunya केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, गंगा और देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने का जनआंदोलन है। यह पहल लोगों को यह संदेश देती है कि पर्यावरण संरक्षण ही सबसे बड़ा पुण्य है। आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना योगदान दें।
#plasticsepunya #sparshganga #swachhuttarakhand #plasticfreeuttarakhand #dehradun

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देहरादून के टाउनहॉल ऑडिटोरियम में आयोजित “Plastic Se Punya” अभियान का प्रेरणादायी एवं भव्य कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के वन एवं स्वास्थ्य मंत्री आदरणीय श्री Subodh Uniyal जी, देहरादून के माननीय मेयर श्री सौरभ थपलियाल जी, राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) श्री Om Prakash Jamdagni जी एवं आदरणीय श्री एस.एस. भंडारी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम में हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की से पहुँची स्पर्श गंगा अभियान की समर्पित टीमों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इस जनअभियान को और अधिक सशक्त बनाया। सभी का उत्साह, समर्पण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता वास्तव में प्रेरणादायी रही। मुख्य अतिथि आदरणीय श्री सुबोध उनियाल जी द्वारा “प्लास्टिक से पुण्य” अभियान के लिए व्यक्त किए गए प्रेरणादायी शब्दों एवं सराहना से हम सभी अभिभूत हैं। उनका समर्थन इस अभियान को नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करता है।
PlasticSePunya केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, गंगा और देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने का जनआंदोलन है। यह पहल लोगों को यह संदेश देती है कि पर्यावरण संरक्षण ही सबसे बड़ा पुण्य है। आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना योगदान दें।
#plasticsepunya #sparshganga #swachhuttarakhand #plasticfreeuttarakhand #dehradun

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अरुणाचल प्रदेश के एक दूरदराज गांव से निकलकर सोनम जोम्बा ने वह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुका है। लगातार संघर्ष, चोट और कई मुश्किलों के बाद उन्होंने प्रोफेशनल एमएमए में शानदार वापसी करते हुए साउथ एशिया की नंबर वन महिला एमएमए फाइटर बनने का गौरव हासिल किया।
सोनम अरुणाचल प्रदेश की पहली प्रोफेशनल एमएमए फाइटर हैं। चोट की वजह से उन्हें करीब चार साल तक खेल से दूर रहना पड़ा, लेकिन 2022 में उन्होंने वापसी की और अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया।
उन्होंने रूस की अपराजित फाइटर अन्ना सफीवा को हराकर मैट्रिक्स फाइट नाइट महिला स्ट्रॉवेट चैंपियनशिप अपने नाम की। इस जीत के साथ वह दो बार यह खिताब जीतने वाली चैंपियन बनीं।
आज “आयरन फिस्ट” के नाम से पहचान बनाने वाली सोनम सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन लड़कियों की उम्मीद बन चुकी हैं जो अपने सपनों को समाज की सीमाओं से बड़ा मानती हैं।
उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी एक जीत सिर्फ ट्रॉफी नहीं जीतती, बल्कि पूरी पीढ़ी को आगे बढ़ने की हिम्मत देती है।
#mma #sonamzomba #womeninsports #india #inspiration #jagranjosh

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संकल्प से सिद्धि के 12 गौरवशाली वर्ष!
26 मई 2014 को शुरू हुआ यह कालखंड केवल शासन परिवर्तन नहीं, बल्कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के यशस्वी नेतृत्व में राष्ट्र के खोए हुए आत्मविश्वास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण है।
'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूलमंत्र तथा 'अंत्योदय' के परम सिद्धांत को ध्येय मानकर सरकार ने नीतियों को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर जन-जन के जीवन को बदलने का माध्यम बनाया है। जहाँ एक ओर जनधन, DBT और डिजिटल क्रांति से अंतिम छोर पर बैठे गरीब का सशक्तिकरण हुआ, वहीं "विकास भी, विरासत भी" के संकल्प से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ देश के सांस्कृतिक गौरव का पुनरुद्धार हुआ है। आज का सुरक्षित और सक्षम भारत आतंकवाद पर कड़े प्रहार और सेना के बढ़ते शौर्य के साथ अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
सुशासन और राष्ट्र-प्रथम की यही 12 वर्षों की यात्रा आज "विकसित भारत @2047" के महासंकल्प की सबसे मजबूत आधारशिला है।

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अखंड भारत का संकल्प, राष्ट्र निर्माण का महायज्ञ।"
भारत माता की जय! संघ के गौरवमयी शताब्दी वर्ष (1925 - 2025) के अवसर पर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगे स्वयंसेवकों का यह अद्भुत और अनुशासित दृश्य। डॉ. हेगड़ेवार जी और गोवलकर जी के राष्ट्र-प्रथम के विचारों से सिंचित यह संगठन आज पूरे विश्व में मां भारती का गौरव बढ़ा रहा है। 🚩🦁
#rsscentenary #rss100years #शताब्दी_वर्ष #भारत_माता #akhandbharat #swayamsevak

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सुशासन, राष्ट्र सेवा एवं नवभारत के दृढ़ संकल्प को समर्पित यशस्वी मा० प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
पिछले 12 वर्षों में यशस्वी मा० प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय लिखा है।
यह 12 वर्ष केवल एक सरकार के कार्यकाल नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, वैश्विक प्रतिष्ठा और विकास यात्रा के स्वर्णिम वर्ष रहे हैं।
गरीबों को पक्के घर, हर घर जल, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सुरक्षा, किसानों के सम्मान में किसान सम्मान निधि, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के लिए स्टार्टअप और डिजिटल क्रांति, हर क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
आज भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से खड़ा है। वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज पहले से अधिक प्रभावशाली हुई है। देश ने आतंकवाद, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति पर निर्णायक प्रहार देखा है।
मा० प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों का विश्वास जीता है, देशवासियों को मा० प्रधानमंत्री जी की नीतियों और उनके विजन पर अटूट भरोसा है।
“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र आज विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा दे रहा है। आने वाले वर्षों में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित होगा, यह विश्वास आज हर भारतीय के मन में है।
Narendra Modi
Bharatiya Janata Party (BJP)
BJP Uttar Pradesh

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एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी मां बन गई हैं। उन्होंने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया है और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। दिव्यांका और पति विवेक दहिया ने एक जॉइंट सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया है, जिसमें फैंस को गुड न्यूज दी। दिव्यांका ने लिखा कि उनके करण अर्जुन आ गए हैं। उन्होंने फैंस से अपने और न्यू बॉर्न बेबीज के लिए ढेर सारी दुआएं मांगीं। दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया को शादी के 10 साल बाद यह खुशी नसीब हुई है और वह भगवान का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे।

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दुनिया सोचती है कि मज़बूत शरीर सिर्फ़ भारी-भरकम डाइट और जिम से बनता है, लेकिन रिंकू राजपूत ने साबित कर दिया कि आत्मा की खुराक सिर्फ़ 'हरि नाम' की भक्ति से मिलती है! 📿 जय श्री राधे।

WWE (वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट) की रिंग में 'वीर महान' के नाम से अमरीका तक में तहलका मचाने वाले भारतीय पहलवान रिंकू राजपूत की ये कहानी हर उस इंसान की आँखें खोल देगी जो सिर्फ़ बाहरी दुनिया की चकाचौंध में खोया हुआ है। एक समय था जब अपनी पहलवानी और मज़बूत शरीर के लिए रिंकू दिन भर में 24 रोटियां और भारी डाइट लिया करते थे।

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"बड़े-बड़े होटलों में बैठकर पर्यावरण पर 'लंबा-चौड़ा भाषण' देने वालों... ज़रा अपनी आँखें खोलो और इस 75 साल के बुजुर्ग का जिगरा देखो! ❌🛶"
केरल के रहने वाले एन. एस. राजप्पन दादा की कहानी आपके रोंगटे खड़े कर देगी। जब ये महज़ 5 साल के थे, तो पोलियो ने इनके दोनों पैर छीन लिए। ये कभी अपने पैरों पर चल नहीं पाए। लेकिन जब इरादे फौलादी हों, तो लाचारी भी घुटने टेक देती है।
पिछले 10 सालों से राजप्पन दादा का एक ही नियम है: रोज़ सुबह उठना, घिसटते हुए नदी किनारे जाना, किराए की एक छोटी सी नाव पर बैठना और अकेले हाथ से चप्पू चलाकर पूरी झील से प्लास्टिक का कचरा साफ़ करना।
₹12 किलो की खुद्दारी: दिन भर कड़ी धूप में कचरा बीनने के बाद जब ये उसे बेचते हैं, तो इन्हें महज़ ₹12 किलो का भाव मिलता है। ये पैसा किसी ऐश-ओ-आराम के लिए नहीं, बल्कि अपनी खुद्दारी की रोटी कमाने के लिए है।
मकान बह गया, पर हौसला नहीं: साल 2018 की वो भयानक बाढ़ याद है? उसमें इनका कच्चा मकान पूरी तरह बह गया। कोई और होता तो सरकार और किस्मत को कोसता, पर इस बुजुर्ग ने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। हफ्तों तक अपनी उसी छोटी नाव में सोए, भूखे रहे, पर अपनी झील को साफ़ करना बंद नहीं किया।
हमारे देश में असली देशभक्त सरहदों के अलावा ऐसी टूटी नावों में भी मिलते हैं, जो बिना किसी कैमरे की चकाचौंध या वाहवाही के चुपचाप अपना फर्ज़ निभा रहे हैं। जब तक देश में ऐसे खुद्दार लोग ज़िंदा हैं, तब तक हमारा देश महान है। राजप्पन दादा के इस फौलादी जज्बे और खुद्दारी को हमारा कड़क सलाम! 🫡🇮🇳❤️✨
"सच-सच बताना, जहाँ आज का युवा छोटी सी मुसीबत आते ही डिप्रेशन का रोना रोने लगता है, क्या उन्हें राजप्पन दादा की इस ज़िंदगी से कुछ सीखना नहीं चाहिए? इस सच्चे हीरो के लिए कमेंट्स में एक ❤️ तो बनता है यार!

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