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🙏 परम पूज्य श्री स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं कोटि-कोटि प्रणाम! 🌺

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ਮੈਂ 2-4 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ Divit ਨੂੰ ਦੇਖਿਆ ਸੀ : KS ਮੱਖਣ
#ksmakhan #divitauluck

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ਅਮਰੀਕਾ 'ਚ ਘਰੇਲੂ ਹਿੰਸਾ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋਈ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧੀ ਜੈਸਮੀਨ !
#jasmine #america #villagejalajan

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ਏਸ਼ੀਅਨ ਹਾਕੀ ਚੈਂਪੀਅਨਸ਼ਿਪ 2026 ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦਾ ਮੋਹਾਲੀ ਤੇ ਜਲੰਧਰ ’ਚ ਹੋਇਆ ਸਫ਼ਲ ਆਯੋਜਨ: CM ਮਾਨ
#asianhockeychampionship2026 #mohali #jalandhar #cmbhagwantmann #dailypostpunjabi

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सावधान! शादी के कार्ड वाली फाइल से खाली हो रहे बैंक खाते, भूलकर भी न करें ये गलती...see more

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आरोग्य, संपदा और वैभव का पर्व धनतेरस आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।
सभी देशवासियों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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9 गोलियां लगीं, एक आंख चली गई, 2 महीने कोमा में रहे… लेकिन हौसला नहीं टूटा!
CRPF के वीर कमांडेंट चेतन चीता की कहानी सिर्फ बहादुरी की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, देशभक्ति और जिंदगी से लड़ने के जज्बे की मिसाल है।
आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान चेतन चीता को 9 गोलियां लगीं और उन्होंने अपनी एक आंख भी गंवा दी। करीब दो महीने तक कोमा में रहने और लंबे समय तक ICU में जिंदगी की जंग लड़ने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
उनकी पत्नी उमा का विश्वास भी किसी मिसाल से कम नहीं था। जब डॉक्टरों ने उम्मीदें कम बताईं, तब भी वह अपने पति के पास मजबूती से खड़ी रहीं।
उमा बताती हैं कि जब वह चेतन का हाथ पकड़ती थीं, तो उनकी उंगलियों में हलचल महसूस होती थी। यही छोटी-सी प्रतिक्रिया उनके विश्वास को और मजबूत कर देती थी कि उनके पति एक दिन जरूर लौटेंगे।
डॉक्टरों ने भी उनके स्वस्थ होने को किसी चमत्कार से कम नहीं माना। लंबे इलाज के बाद चेतन चीता ने जिंदगी की जंग जीतकर वापसी की।
उनकी अदम्य वीरता के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
सलाम है उस वीर जवान को, जिसने गोलियों के सामने भी घुटने नहीं टेके। सलाम है उस पत्नी के अटूट विश्वास को, जिसने मुश्किल घड़ी में उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा।
कुछ लोग वर्दी पहनते हैं, और कुछ लोग वर्दी का मान बढ़ाते हैं। चेतन चीता उन्हीं में से एक हैं। 🇮🇳🙏
भारत माता के इस वीर सपूत को दिल से सलाम!

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श्री अनुज प्रताप सिंह जादौन की सुपुत्री प्रतिज्ञा सिंह ने DSP पद पर चयनित होकर एक शानदार उपलब्धि हासिल की है।
यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प, लगन और वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे समाज में हर्ष और गौरव का माहौल है।
प्रतिज्ञा सिंह ने साबित कर दिया कि बेटियां भी अपने सपनों को हकीकत में बदलकर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
प्रतिज्ञा सिंह एवं उनके समस्त परिवार को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं।

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