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#उत्तराखंड: 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए ड्राइवर ने दे दी अपनी कुर्बानी, ब्रेक फेल होने पर किया ये काम.😯😯
उत्तराखंड के #चंपावत जिले में एक रोडवेज बस चालक ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए 34 यात्रियों की जान बचा ली, लेकिन इस दौरान खुद की जान गंवा बैठा. हादसा बुधवार सुबह करीब 10 बजे ऑल वेदर रोड पर #मरोड़ाखान के पास हुआ. 😥😥😥
ऐसे वीर ड्राइवर को शत-शत नमन 🙏🙏🙏
आपकी बहादुरी हमेशा याद रखी जाएगी।

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दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में आग की भयावहता ने 20 से ज्यादा लोगों की जान ले ली, उसी धधकती आग के बीच में इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए हौज रानी गॉंव के #वसीम, #शोएब, #इसरार ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई।

इंसानियत के एैसे योद्धाओं को दिल से सलाम।

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एक तरफ वो खिलाड़ी जिसने भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयाँ दीं, दूसरी तरफ वो युवा चेहरा जिसे भारत के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। जब अनुभव और संभावनाएँ आमने-सामने खड़ी होती हैं, तब सिर्फ बातें नहीं होतीं, इतिहास अगली कहानी को रास्ता दिखाता है। 🏏❤️
वैभव सूर्यवंशी अभी अपने सफर की शुरुआत में हैं, जबकि विराट कोहली ने सालों की मेहनत, संघर्ष और निरंतरता से अपना नाम दुनिया के महान खिलाड़ियों में दर्ज कराया है। ऐसे पल सिर्फ तस्वीरें नहीं होते, ये आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। शायद इसी वजह से क्रिकेट को केवल खेल नहीं, बल्कि भावनाओं की विरासत कहा जाता है।
हर युवा खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपने आदर्शों से मिले, उनसे सीखे और एक दिन खुद वैसी पहचान बनाए। यह तस्वीर उसी सपने की झलक देती है। अब जिम्मेदारी नई पीढ़ी की है कि वह इस भरोसे को मेहनत, अनुशासन और प्रदर्शन से आगे बढ़ाए। 🔥🇮🇳

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ट्विशा शर्मा की मौत का सस्पेंस सुलझाने के लिए CBI की स्पेशल टीम सोमवार को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल पहुंची। जांच एजेंसी ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए 80 किलोग्राम वजनी डमी (पुतले) और बेल्ट के फंदे का इस्तेमाल कर ऑन-कैमरा क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इस दौरान केस के मुख्य आरोपी—पति समर्थ सिंह और पूर्व जिला कोर्ट जज सास गिरीबाला सिंह—दोनों को आमने-सामने बिठाकर कड़ाई से पूछताछ की गई। दोनों आरोपी 2 जून तक CBI की विशेष रिमांड पर हैं।

घटनास्थल के बाहर खड़े लोगों का कहना था कि जब तक सच सामने नहीं आता, तब तक उस मासूम की आत्मा को शांति कैसे मिलेगी? जिस घर को उसने अपना समझा, जहाँ उसने शादी के जोड़े में कदम रखा था, आज उसी घर की दीवारों के सामने एक बेजान डमी के जरिए उसकी मौत का खौफनाक मंजर दोबारा जिंदा किया जा रहा था। लोगों ने कहा कि आज वहां की हवाओं में भी एक अजीब सी बेबसी और चीख महसूस हो रही थी, मानो द्विशा की आत्मा खुद चीख-चीख कर इंसाफ की भीख मांग रही हो।

अब देखना यह है कि सीबीआई की इस वैज्ञानिक जांच और रीक्रिएशन से कौन सा सच बाहर आता है और क्या द्विशा को वो इंसाफ मिल पाएगा जिसकी हकदार उसकी रूह आज भी है।

#justicefordishasharma#dummytest#supremecourttocbi#bhopaldiaries

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शादी के 5 महीने बाद ला#श मिली... और अब गवाहों का शिकार शुरू! 💔

कानून अंधा हो सकता है, लेकिन भोपाल की जनता नहीं! रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का सच छिपाने के लिए अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आए हैं आरोपी! मुख्य गवाह नीरज दुबे को सरेआम सड़क पर घसीट-घसीट कर पीटा गया ताकि वो कोर्ट में अपनी जुबान बंद रखे।

ये गवाह पर हमला नहीं, सीधे देश के कानून और CBI के मुंह पर तमाचा है!

अगर आज इस गवाह को सुरक्षा नहीं मिली, तो कल कोई भी सच के साथ खड़ा नहीं होगा! क्या भोपाल पुलिस सो रही है?

👇 इस खौफनाक गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाएं, पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा SHARE करें!

#crimealert #bhopaldiaries #twishasharma #justiceneeded

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"बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वे चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून उन्हें ढूंढ़ निकालेगा और उनके अपराध की कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
बेटियों का सम्मान और सुरक्षा हमारे समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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कर्नाटक के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हम्पी के पास तुंगभद्रा नदी के चक्रतीर्थ घाट (कोदंडराम मंदिर के समीप) से एक बेहद दिल दहला देने वाली और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। नदी के किनारे पैर धो रही एक नाबालिग लड़की का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे पानी के तेज बहाव में बहने लगी। लड़की को डूबता देख वहां मौजूद एक युवक ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी। उसे भी संघर्ष करता देख चार अन्य लोग एक-एक करके नदी में कूद पड़े।

सभी ने मिलकर नाबालिग लड़की को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन नदी के तेज और अप्रत्याशित भंवर में फंसने के कारण पांचों मददगार खुद को नहीं बचा पाए और उनकी डूबने से मौत हो गई।

SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद पांचों बहादुरों के शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मृतक आस-पास के जिलों और हैदराबाद (तेलंगाना) से ताल्लुक रखते थे, जो यहां एक पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद घाट पर आए थे।

इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। चक्रतीर्थ घाट और हम्पी के संवेदनशील नदी तटीय क्षेत्रों में पर्यटकों के पानी में उतरने और नहाने पर फिलहाल पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। घाटों पर सुरक्षा चेतावनी बोर्ड और होमगार्ड्स की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन पांचों लोगों ने जो किया वो इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल है। अपनी जान देकर एक बच्ची को बचाना कोई मामूली बात नहीं है। भगवान उनके परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दे।"

पीड़ित परिवारों की चीखें सुनाई दे रही हैं। एक मासूम की जिंदगी तो बच गई, लेकिन समाज ने पांच ऐसे हीरों को खो दिया जिन्होंने दूसरों के लिए हंसते-हंसते मौत को गले लगा लिया।

#kurnoolnews #realheroes #humanity #saddemise #tungabhadrariver

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इश्क में डूबी सरकारी मैडम: बैंक से उठाया कर्जा... फुफेरी बहन को 'मर्द' बना डाला!

बिहार के जमुई जिले में रहने वाली 22 वर्षीय नयनश्री पढ़ाई में अव्वल थीं और BPSC की परीक्षा पास करके सरकारी शिक्षिका बन गईं। लेकिन मैडम का दिल अपनी ही हमउम्र फुफेरी बहन राखी पर आ गया था. दोनों के बीच 5 साल से ऐसा 'गुपचुप' अफेयर चल रहा था कि घरवालों को भनक तक नहीं लगी.

जब शादी की बात आई, तो दोनों लड़कियों की शादी समाज और कानून की नजरों में मुश्किल थी. ऊपर से नयनश्री को डर था कि खुद जेंडर चेंज कराया तो कहीं सरकारी नौकरी पर आंच न आ जाए!

मैडम ने अपनी सैलरी स्लिप दिखाई और बैंक से ₹8 लाख का तगड़ा पर्सनल लोन पास करवा लिया. इसके बाद राखी को लेकर सीधे AIIMS दिल्ली पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने राखी की सर्जरी कर उसे लड़का यानी 'राहुल' बना दिया.

जमुई के पटेश्वर नाथ मंदिर में 'राहुल' ने नयनश्री की मांग में सिंदूर भरा और दोनों हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए.

लड़के सरकारी नौकरी के भरोसे बैठे रह गए और यहां लड़की ने खुद नौकरी पाकर अपनी ही बहन को पति बना लिया, इसे कहते हैं आत्मनिर्भरता!"

सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन तो फूफा जी को है! जो पहले बेटी थी, वो अब दामाद बन गई है. रक्षाबंधन पर राखी किसे बांधी जाएगी और पैर किसके छुए जाएंगे, इस पर पूरे गांव में पंचायत बैठी हुई है!

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