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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSE के इंटरमीडिएट 2026 के नतीजों में नवादा जिले की एक और प्रतिभा ने राज्य स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है. जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र के छोटे से गांव नावाडीह की रहने वाली सपना कुमारी ने साइंस स्ट्रीम में पूरे बिहार में दूसरा स्थान (रैंक-2) प्राप्त किया है. साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली सपना की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि मेहनत के आगे संसाधन कभी बाधा नहीं बनते.
सपना कुमारी नवादा के कौआकोल प्रखंड के नावाडीह गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता सुधीर चौरसिया गांव में ही एक छोटी सी किराना की दुकान चलाते हैं. एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सपना शुरू से ही पढ़ाई में काफी अनुशासित और होनहार रही हैं. उनकी सफलता की खबर मिलते ही पूरे नावाडीह गांव और नवादा जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है. परिवार और रिश्तेदारों का उनके घर बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है.
सपना के पिता सुधीर चौरसिया मेहनत-मजदूरी और अपनी छोटी सी दुकान के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी बेटी की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी. पिता के संघर्ष को देखते हुए सपना ने तय किया है कि वह आगे चलकर डॉक्टर बनेंगी. उनका सपना है कि वे चिकित्सा के क्षेत्र में जाकर गरीब और जरूरतमंद समाज की सेवा करें.सपना ने बताया कि उनकी सफलता का कोई 'शॉर्टकट' नहीं था. उन्होंने गांव में रहकर ही नियमित पढ़ाई, कड़े अनुशासन और शिक्षकों के नोट्स पर भरोसा किया. उनके अनुसार, सेल्फ-स्टडी और टॉपिक्स को गहराई से समझना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही.
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