सिक्किम भारत का पहला राज्य बन गया है जहां टूरिस्ट को खुद का कचरा का थैला लेकर घूमना अनिवार्य कर दिया गया है... #sikkim #touristspot #fbpost
Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
सिक्किम भारत का पहला राज्य बन गया है जहां टूरिस्ट को खुद का कचरा का थैला लेकर घूमना अनिवार्य कर दिया गया है... #sikkim #touristspot #fbpost
💫 श्रीमद् जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का 726वाँ प्राकट्य महोत्सव
✨ संत, संस्कृति और राष्ट्रचेतना का दिव्य संगम – प्रयागराज संगम तट
प्रयागराज, 10 जनवरी —
सनातन संस्कृति, भक्ति परम्परा और राष्ट्रीय चेतना के पावन संगम के रूप में श्रीमद् जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का 726वाँ प्राकट्य महोत्सव अत्यंत दिव्य, भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन श्री जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास जी महाराज (सतुआ बाबा) के पावन शिविर में सम्पन्न हुआ, जहाँ श्रद्धा, साधना, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी निरंतर प्रवाहित होती रही।
इस महोत्सव की शोभा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, MYogiAdityanath ji परमार्थ निकेतन Parmarth Niketan के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी तथा देश-विदेश से पधारे अनेक पूज्य संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य से और अधिक बढ़ गई। संगम तट पर आयोजित माघ मेले की दिव्यता ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। संतों के प्रेरक उद्बोधनों ने श्री रामानन्दाचार्य जी के जीवन, दर्शन और भक्ति परम्परा की अमूल्य विरासत को जन-जन तक पहुँचाया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि श्री रामानन्दाचार्य जी ने भक्ति को जनआन्दोलन बनाकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध का मार्ग प्रशस्त किया। आज का उत्तर प्रदेश उपद्रव नहीं, उत्सव का प्रदेश बन चुका है — विकास और विरासत के समन्वय का जीवंत उदाहरण।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा —
“जात-पात पूछे नहीं कोई, हरि का भजे सो हरि का होई” केवल पंक्ति नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की उद्घोषणा है। प्रभु को पाने के लिए कुल नहीं, करुणा चाहिए; वंश नहीं, विश्वास चाहिए।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भय से भाव, अव्यवस्था से विश्वास और अंधकार से उजास की ओर बढ़ चुका है। यह नया भारत का नया उत्तर प्रदेश है — उत्सव प्रदेश, उत्तम प्रदेश।
श्री जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास जी महाराज (सतुआ बाबा) ने कहा कि यह महोत्सव आत्मचिन्तन, आत्मशुद्धि और आत्मजागरण का पर्व है, जहाँ भक्ति ही शक्ति है और सेवा ही सच्ची साधना।
💫 श्रीमद् जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का 726वाँ प्राकट्य महोत्सव
✨ संत, संस्कृति और राष्ट्रचेतना का दिव्य संगम – प्रयागराज संगम तट
प्रयागराज, 10 जनवरी —
सनातन संस्कृति, भक्ति परम्परा और राष्ट्रीय चेतना के पावन संगम के रूप में श्रीमद् जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का 726वाँ प्राकट्य महोत्सव अत्यंत दिव्य, भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन श्री जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास जी महाराज (सतुआ बाबा) के पावन शिविर में सम्पन्न हुआ, जहाँ श्रद्धा, साधना, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी निरंतर प्रवाहित होती रही।
इस महोत्सव की शोभा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, MYogiAdityanath ji परमार्थ निकेतन Parmarth Niketan के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी तथा देश-विदेश से पधारे अनेक पूज्य संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य से और अधिक बढ़ गई। संगम तट पर आयोजित माघ मेले की दिव्यता ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। संतों के प्रेरक उद्बोधनों ने श्री रामानन्दाचार्य जी के जीवन, दर्शन और भक्ति परम्परा की अमूल्य विरासत को जन-जन तक पहुँचाया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि श्री रामानन्दाचार्य जी ने भक्ति को जनआन्दोलन बनाकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध का मार्ग प्रशस्त किया। आज का उत्तर प्रदेश उपद्रव नहीं, उत्सव का प्रदेश बन चुका है — विकास और विरासत के समन्वय का जीवंत उदाहरण।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा —
“जात-पात पूछे नहीं कोई, हरि का भजे सो हरि का होई” केवल पंक्ति नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की उद्घोषणा है। प्रभु को पाने के लिए कुल नहीं, करुणा चाहिए; वंश नहीं, विश्वास चाहिए।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भय से भाव, अव्यवस्था से विश्वास और अंधकार से उजास की ओर बढ़ चुका है। यह नया भारत का नया उत्तर प्रदेश है — उत्सव प्रदेश, उत्तम प्रदेश।
श्री जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास जी महाराज (सतुआ बाबा) ने कहा कि यह महोत्सव आत्मचिन्तन, आत्मशुद्धि और आत्मजागरण का पर्व है, जहाँ भक्ति ही शक्ति है और सेवा ही सच्ची साधना।
💫 श्रीमद् जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का 726वाँ प्राकट्य महोत्सव
✨ संत, संस्कृति और राष्ट्रचेतना का दिव्य संगम – प्रयागराज संगम तट
प्रयागराज, 10 जनवरी —
सनातन संस्कृति, भक्ति परम्परा और राष्ट्रीय चेतना के पावन संगम के रूप में श्रीमद् जगद्गुरू रामानन्दाचार्य जी का 726वाँ प्राकट्य महोत्सव अत्यंत दिव्य, भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन श्री जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास जी महाराज (सतुआ बाबा) के पावन शिविर में सम्पन्न हुआ, जहाँ श्रद्धा, साधना, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी निरंतर प्रवाहित होती रही।
इस महोत्सव की शोभा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, MYogiAdityanath ji परमार्थ निकेतन Parmarth Niketan के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी तथा देश-विदेश से पधारे अनेक पूज्य संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य से और अधिक बढ़ गई। संगम तट पर आयोजित माघ मेले की दिव्यता ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। संतों के प्रेरक उद्बोधनों ने श्री रामानन्दाचार्य जी के जीवन, दर्शन और भक्ति परम्परा की अमूल्य विरासत को जन-जन तक पहुँचाया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि श्री रामानन्दाचार्य जी ने भक्ति को जनआन्दोलन बनाकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध का मार्ग प्रशस्त किया। आज का उत्तर प्रदेश उपद्रव नहीं, उत्सव का प्रदेश बन चुका है — विकास और विरासत के समन्वय का जीवंत उदाहरण।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा —
“जात-पात पूछे नहीं कोई, हरि का भजे सो हरि का होई” केवल पंक्ति नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की उद्घोषणा है। प्रभु को पाने के लिए कुल नहीं, करुणा चाहिए; वंश नहीं, विश्वास चाहिए।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भय से भाव, अव्यवस्था से विश्वास और अंधकार से उजास की ओर बढ़ चुका है। यह नया भारत का नया उत्तर प्रदेश है — उत्सव प्रदेश, उत्तम प्रदेश।
श्री जगद्गुरू महामण्डलेश्वर संतोषदास जी महाराज (सतुआ बाबा) ने कहा कि यह महोत्सव आत्मचिन्तन, आत्मशुद्धि और आत्मजागरण का पर्व है, जहाँ भक्ति ही शक्ति है और सेवा ही सच्ची साधना।

3BHK Ready To Move In Greater Noida West | Nirala World
Discover premium 3BHK Ready To Move In Greater Noida West homes that combine contemporary living with immediate possession and strong investment potential. Positioned in the thriving Techzone-IV Noida Extension, these OC-approved 3BHK flats offer spacious interiors, modern finishes, and a suite of world-class amenities such as clubhouse, gym, swimming pool, landscaped gardens, sports facilities, and 24×7 security. https://niralaworld.com/blog/r....eady-to-move-3bhk-fl