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एकात्मता स्तोत्र के श्लोकों द्वारा अपने संस्कारों एवं संस्कृति का स्मरण
मुंगेर (दक्षिण बिहार प्रांत) में 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का शुभारम्भ। यह वर्ग 12 जून तक चलेगा।

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एकात्मता स्तोत्र के श्लोकों द्वारा अपने संस्कारों एवं संस्कृति का स्मरण
मुंगेर (दक्षिण बिहार प्रांत) में 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का शुभारम्भ। यह वर्ग 12 जून तक चलेगा।

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एकात्मता स्तोत्र के श्लोकों द्वारा अपने संस्कारों एवं संस्कृति का स्मरण
मुंगेर (दक्षिण बिहार प्रांत) में 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का शुभारम्भ। यह वर्ग 12 जून तक चलेगा।

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एकात्मता स्तोत्र के श्लोकों द्वारा अपने संस्कारों एवं संस्कृति का स्मरण
मुंगेर (दक्षिण बिहार प्रांत) में 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का शुभारम्भ। यह वर्ग 12 जून तक चलेगा।

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इस्लाम के आगमन से पहले अरब देशों में बहुदेववाद और मूर्ति पूजा का प्रचलन था। उस दौर में मक्का, मदीना और आसपास के क्षेत्रों में कई जनजातियां अपने-अपने देवी-देवताओं की पूजा करती थीं। मक्का स्थित काबा उस समय भी एक बड़ा धार्मिक केंद्र माना जाता था, जहां 360 मूर्तियां स्थापित थीं और हर जनजाति की अपनी अलग पहचान जुड़ी हुई थी।

प्राचीन अरब की तीन प्रमुख देवियां अल-लात, अल-उज्जा और मनात थीं, जिन्हें लोग ईश्वर की बेटियां मानते थे। मान्यता थी कि ये देवियां सुख, समृद्धि, शक्ति, प्रेम, भाग्य और मृत्यु जैसी शक्तियों की स्वामिनी हैं। अल-लात को धरती और समृद्धि की देवी माना जाता था, अल-उज्जा को युद्ध और शक्ति की देवी, जबकि मनात को भाग्य और मृत्यु की देवी के रूप में पूजा जाता था।

उस समय काबा केवल पूजा का ही नहीं, बल्कि व्यापार और सामाजिक मेल-जोल का भी प्रमुख केंद्र था। यहां विभिन्न जनजातियां धार्मिक आस्था के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी एकत्रित होती थीं। काबा में मौजूद सबसे प्रमुख देवता हुबल को युद्ध और वर्षा का देवता माना जाता था।

इतिहासकारों के अनुसार, इस्लाम से पहले के इस दौर को ‘जाहिलिया’ का काल कहा जाता है। बाद में पैगंबर मोहम्मद और उनके अनुयायियों ने मक्का पर विजय प्राप्त करने के बाद काबा से सभी मूर्तियों को हटा दिया। इसके साथ ही अरब में बहुदेववाद का अंत हुआ और एकेश्वरवाद यानी केवल एक अल्लाह की इबादत की परंपरा शुरू हुई।

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कैलिफ़ोर्निया के 14 वर्षीय भारतीय मूल के श्रेय पारिख ने 2026 Scripps National Spelling Bee का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल के रोमांचक स्पेल-ऑफ राउंड में उन्होंने सिर्फ 90 सेकेंड में 32 शब्दों की सही स्पेलिंग बताकर जीत अपने नाम की। श्रेय इससे पहले भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके थे, लेकिन इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए ट्रॉफी के साथ करीब ₹41.5 लाख की इनामी राशि भी जीती।
• प्रतियोगिता: Scripps National Spelling Bee 2026
• विजेता: श्रेय पारिख
• उम्र: 14 वर्ष
• स्थान: कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका
• फाइनल मुकाबला: ईशान गुप्ता के खिलाफ
• स्पेल-ऑफ रिकॉर्ड: 90 सेकेंड में 32 सही शब्द
• ईशान गुप्ता का स्कोर: 25 सही शब्द
• इनाम राशि: $50,000 (करीब ₹41.5 लाख)
• 2024 में श्रेय तीसरे स्थान पर रहे थे
• 2025 में बुखार के कारण क्वालिफाइंग राउंड हार गए थे
• प्रतियोगिता में केवल 8वीं तक के छात्र हिस्सा ले सकते हैं
#shreyparikh #spellingbee #indianstudents #educationnews

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Where mornings bloom in shades of pink, and every rose carries the soul of Kannauj.

For generations, roses have been distilled into timeless attars, crafted with patience, tradition, and artistry. What begins in these blooming fields finds its way across the world, carrying the essence of Uttar Pradesh to countless corners of the globe.

Every bottle holds more than a fragrance, it carries the legacy of India’s perfume capital.

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गोवर्धन की गोद में बहती आस्था की पावन धारा : मानसी गंगा, गोवर्धन, मथुरा
उत्तर प्रदेश की पावन नगरी मथुरा जनपद के गोवर्धन में स्थित ‘मानसी गंगा’ केवल एक सरोवर नहीं, बल्कि साक्षात श्रीकृष्ण की दिव्य इच्छा और भक्तों की अगाध श्रद्धा का प्रतीक है।
गर्ग संहिता के गिरिराज खंड के अनुसार, जब ब्रजवासियों ने गंगा स्नान की इच्छा प्रकट की, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मन (मानस) संकल्प से इस पवित्र गंगा धारा को प्रकट किया। गोवर्धन परिक्रमा के केंद्र में स्थित यह पावन सरोवर श्रद्धालुओं के लिए आस्था, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है।
मान्यता है कि मानसी गंगा के पावन जल का स्पर्श और आचमन भक्तों के कष्टों को दूर कर उन्हें मानसिक शांति और मोक्ष की अनुभूति प्रदान करता है।
यदि आप भी अध्यात्म, श्रद्धा और आत्मिक शांति की अनुभूति करना चाहते हैं, तो मानसी गंगा के दर्शन हेतु अवश्य पधारें।
#मानसीगंगा #गोवर्धन #मथुरा #ब्रजभूमि #श्रीकृष्ण #राधेकृष्ण #गोवर्धनपरिक्रमा #spiritualuttarpradesh

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#भारतीय_जनता_पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री Nitin Nabin जी के तीन दिवसीय देवभूमि उत्तराखंड कार्यक्रमानुसार आज #ऋषिकेश_परमार्थ_निकेतन मां गंगा आरती में पहुंचने पर स्वागत अभिनंदन करते हुए मां गंगा आरती में सम्मिलित हुई।
BJP Uttarakhand Bharatiya Janata Party (BJP)

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#भारतीय_जनता_पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री Nitin Nabin जी के तीन दिवसीय देवभूमि उत्तराखंड कार्यक्रमानुसार आज #ऋषिकेश_परमार्थ_निकेतन मां गंगा आरती में पहुंचने पर स्वागत अभिनंदन करते हुए मां गंगा आरती में सम्मिलित हुई।
BJP Uttarakhand Bharatiya Janata Party (BJP)

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