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मोदी कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: 'वंदे मातरम' को मिला राष्ट्रगान के समान दर्जा, अपमान करने पर होगी जेल
​नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान (जन गण मन) के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्टर के अनुसार, बंगाल की जीत के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
​फैसले के मुख्य बिंदु:
​पोस्टर में सरकार के इस कथित फैसले के तीन प्रमुख पहलुओं को रेखांकित किया गया है:
​समान सम्मान: केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम' को अब आधिकारिक तौर पर राष्ट्रगान के बराबर सम्मान देने की घोषणा की है।
​अपमान पर देशद्रोह का मामला: अब से 'वंदे मातरम' का किसी भी प्रकार का अपमान करना 'देशद्रोह' (Treason) की श्रेणी में माना जाएगा।
​सजा का प्रावधान: गीत का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान शामिल है।
​राष्ट्रवाद की दिशा में बड़ा कदम
​इस फैसले को सरकार की राष्ट्रवाद की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से विभिन्न संगठनों द्वारा 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के समान संवैधानिक दर्जा देने की मांग की जा रही थी। पोस्टर में इस फैसले को 'फायर ब्रांड योगी राज' के संदर्भ में भी प्रचारित किया जा रहा है, जो इसके राजनीतिक महत्व को दर्शाता है।
​हालांकि, इस खबर की आधिकारिक पुष्टि सरकारी गजट या सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा की जानी अभी बाकी है, लेकिन समर्थकों के बीच इस घोषणा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
​हैशटैग्स:
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#yogi

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बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दोनों बहनों का जीवन सुख-समृद्धि से सदैव परिपूर्ण रहे।
#sevakajaykopoor #bjp4ind #bjpkanpur #happybirthday

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बहन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज कैंप कार्यालय में बहन आशा तिर्की और अन्नपूर्णा का केक काटकर जन्मदिन मनाया।
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A bizarre case has come to light from Hyderabad in Telangana. Here, a bus conductor's height has become a source of trouble for him. Considering the employee's physical difficulties, the state transport corporation has removed him from regular duty on buses and assigned him other responsibilities. This matter has now become a topic of discussion on social media as well.

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"They can remove me if they want, impose President's rule if they have to, I will go to the international court"

◆ West Bengal Chief Minister and TMC chief Mamata Banerjee said

@MamataOfficial
| Mamata Banerjee | West Bengal

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भारतीय सेना की ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं, बल्कि उन महान सैन्य नेताओं में है जिन्होंने अपनी सोच, नेतृत्व और बलिदान से इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया 👇

🔸 जनरल बिपिन रावत – भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), जिन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को मजबूत किया।

🔸 फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ – 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक, जिनकी रणनीति से भारत ने ऐतिहासिक विजय हासिल की।

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BJP Uttar Pradesh के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में माननीय उपमुख्यमंत्री श्री Keshav Prasad Maurya जी को उनके जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें।
बाबा विश्वनाथ जी की कृपा से आपका जीवन स्वस्थ, दीर्घायु एवं सुयशपूर्ण हो, ऐसी मंगलकामना है।

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Rabindranath Tagore, भारत के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता, का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। वे सिर्फ एक महान कवि ही नहीं, बल्कि संगीतकार, कलाकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।
13 अप्रैल 1919 को हुए Jallianwala Bagh massacre ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस नरसंहार के विरोध में टैगोर ने ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘सर’ (नाइटहुड) की उपाधि लौटा दी थी। उन्होंने वायसराय को एक कड़ा पत्र लिखकर इस घटना की निंदा की, जो उस समय ब्रिटिश अखबारों में भी जगह नहीं पा सका।
इस घटना में जनरल डायर के आदेश पर निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गई थीं, जिसमें हजारों लोग मारे गए और घायल हुए। टैगोर का यह कदम आज भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का एक मजबूत प्रतीक माना जाता है।
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