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दुनिया की सबसे बड़ी किताब (या बुद्ध ऑफ़ मेरिट)…

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दुनिया की सबसे बड़ी किताब (या बुद्ध ऑफ़ मेरिट)…

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ज़िंदगी में मुश्किलों का आना
Part of life है, और उनमें से
हंसकर बाहर आना Art of life है।

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विशेष संवाद एवं आशीर्वचन कार्यक्रम
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026: [विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में आज आर.के. पुरम स्थित श्री कांची कामकोटि पीठम् सांस्कृतिक केंद्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं भव्य संवाद बैठक का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम कांचीपुरम के 70वें पीठाधिपति जगद्गुरु श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीगल के पावन सान्निध्य और दिव्य आशीर्वाद के साथ संपन्न हुआ।
इस वैचारिक समागम में देश के वरिष्ठ राजनेता और प्रबुद्ध मनीषी डॉ. मुरली मनोहर जोशी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार, क्षेत्र संगठन मंत्री श्री नीरज दनोरिया, दिल्ली प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना और प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता जी की गरिमामयी अगुवाई में इस बैठक ने सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को एक नई दिशा दी। बैठक का मुख्य ध्येय सनातन मूल्यों के संरक्षण, राष्ट्रीय चिंतन और हिंदू समाज के विभिन्न घटकों के बीच अटूट समन्वय स्थापित करना था।
सत्र के दौरान दिल्ली के प्रमुख मंदिरों के ट्रस्टी, शीर्ष उद्योगपति, वरिष्ठ संपादक, डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ तथा आर्य समाज और विभिन्न डेरा परंपराओं के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि एक मंच पर आए। अपने आशीर्वचन में पूज्य शंकराचार्य जी ने तकनीकी युग में भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और सामाजिक समरसता को राष्ट्र की असली शक्ति बनाने का आह्वान किया। उपस्थित प्रबुद्ध राष्ट्र-निर्माताओं के बीच हुआ यह वैचारिक आदान-प्रदान देश और समाज को एकजुट करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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विशेष संवाद एवं आशीर्वचन कार्यक्रम
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026: [विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में आज आर.के. पुरम स्थित श्री कांची कामकोटि पीठम् सांस्कृतिक केंद्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं भव्य संवाद बैठक का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम कांचीपुरम के 70वें पीठाधिपति जगद्गुरु श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीगल के पावन सान्निध्य और दिव्य आशीर्वाद के साथ संपन्न हुआ।
इस वैचारिक समागम में देश के वरिष्ठ राजनेता और प्रबुद्ध मनीषी डॉ. मुरली मनोहर जोशी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार, क्षेत्र संगठन मंत्री श्री नीरज दनोरिया, दिल्ली प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना और प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता जी की गरिमामयी अगुवाई में इस बैठक ने सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को एक नई दिशा दी। बैठक का मुख्य ध्येय सनातन मूल्यों के संरक्षण, राष्ट्रीय चिंतन और हिंदू समाज के विभिन्न घटकों के बीच अटूट समन्वय स्थापित करना था।
सत्र के दौरान दिल्ली के प्रमुख मंदिरों के ट्रस्टी, शीर्ष उद्योगपति, वरिष्ठ संपादक, डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ तथा आर्य समाज और विभिन्न डेरा परंपराओं के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि एक मंच पर आए। अपने आशीर्वचन में पूज्य शंकराचार्य जी ने तकनीकी युग में भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और सामाजिक समरसता को राष्ट्र की असली शक्ति बनाने का आह्वान किया। उपस्थित प्रबुद्ध राष्ट्र-निर्माताओं के बीच हुआ यह वैचारिक आदान-प्रदान देश और समाज को एकजुट करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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विशेष संवाद एवं आशीर्वचन कार्यक्रम
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026: [विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में आज आर.के. पुरम स्थित श्री कांची कामकोटि पीठम् सांस्कृतिक केंद्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं भव्य संवाद बैठक का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम कांचीपुरम के 70वें पीठाधिपति जगद्गुरु श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीगल के पावन सान्निध्य और दिव्य आशीर्वाद के साथ संपन्न हुआ।
इस वैचारिक समागम में देश के वरिष्ठ राजनेता और प्रबुद्ध मनीषी डॉ. मुरली मनोहर जोशी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार, क्षेत्र संगठन मंत्री श्री नीरज दनोरिया, दिल्ली प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना और प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता जी की गरिमामयी अगुवाई में इस बैठक ने सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को एक नई दिशा दी। बैठक का मुख्य ध्येय सनातन मूल्यों के संरक्षण, राष्ट्रीय चिंतन और हिंदू समाज के विभिन्न घटकों के बीच अटूट समन्वय स्थापित करना था।
सत्र के दौरान दिल्ली के प्रमुख मंदिरों के ट्रस्टी, शीर्ष उद्योगपति, वरिष्ठ संपादक, डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ तथा आर्य समाज और विभिन्न डेरा परंपराओं के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि एक मंच पर आए। अपने आशीर्वचन में पूज्य शंकराचार्य जी ने तकनीकी युग में भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और सामाजिक समरसता को राष्ट्र की असली शक्ति बनाने का आह्वान किया। उपस्थित प्रबुद्ध राष्ट्र-निर्माताओं के बीच हुआ यह वैचारिक आदान-प्रदान देश और समाज को एकजुट करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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