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महान स्वतंत्रता सेनानी 'देशभक्त' तरुण राम फूकन जी की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन। 🙏💐भारत के स्वतंत्रता संग्राम में असम से राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने वाले, प्रखर वक्ता और महान समाज सुधारक तरुण राम फूकन जी की पुण्यतिथि (देशभक्ति दिवस) पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
प्रमुख योगदान:स्वदेशी आंदोलन: महात्मा गांधी जी के आह्वान पर उन्होंने वकालत छोड़ दी और असम में खादी व स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा दिया।
सामाजिक सुधार: उन्होंने छुआछूत के खिलाफ लड़ाई लड़ी और समाज में महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए आवाज उठाई।
साहित्यिक सेवा: असमिया साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें 1927 में 'असम साहित्य सभा' का अध्यक्ष चुना गया था।
आइए, आज इस विशेष अवसर पर हम उनके देशप्रेम और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।#tarunramphukan #deshbhaktidivas #assam #freedomfighter #tribute #india

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A deeply distressing case from Gujarat’s Valsad district has once again highlighted the urgent need to strengthen child safety and protection.
The case was reported from the Dungra area of Vapi, where a six-year-old girl went missing on October 23, 2023. Following an intensive investigation, Gujarat Police arrested the accused, Razaak Khan, on October 25. Evidence collected during the investigation, including CCTV footage and forensic findings, played an important role in the legal proceedings.
On December 4, 2025, a Vapi court convicted the accused and awarded him the death penalty under relevant provisions of the Indian Penal Code and the POCSO Act. The court also directed that financial compensation be provided to the victim’s family.
The judgment has been viewed by many as a strong legal response to crimes against children. At the same time, this heartbreaking case reminds us that protecting children is a shared responsibility.
Greater awareness, responsible supervision, safer public spaces and prompt reporting of suspicious activity can help prevent such trage****s. Justice has been delivered through the legal process, but the loss suffered by the child’s family can never truly be repaired.
May the young victim rest in peace, and may society work together to create a safer future for every child.
#gujarat #childsafety #justice #protectchildren

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राधा और कृष्ण दोनों ही सच्चे प्रेमी थे।
उनका प्रेम स्वार्थ नहीं, बल्कि विश्वास, समर्पण और त्याग का प्रतीक था।

आजकल तो बहुत से लोग प्रेम नहीं, केवल प्रेम का दिखावा करते हैं l

राधे कृष्ण। 🦚❤️🙏

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नंदग्राम गाँव
नंदग्राम का अर्थ है नंद महाराज द्वारा बसाया गया गाँव या 'ग्राम'। यह वही स्थान है जहाँ नंद बाबा का महल नंदीश्वर पर्वत नाम की पहाड़ी पर बना था। यह पहाड़ी स्वयं भगवान शिव का ही एक विस्तार है। 'नंदीश्वर' भगवान शिव का ही एक नाम है, जिसका अर्थ है नंदी (उनका प्रसिद्ध वाहन) के ईश्वर।
भगवान शिव की इच्छा
नंदीश्वर पर्वत की कथा पुराणों में वर्णित है। लंबे समय तक कठोर तपस्या करने के बाद, भगवान शिव ने श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि उन्हें वृंदावन में प्रभु की दिव्य लीलाओं का साक्षी बनने का अवसर प्रदान किया जाए। शिवजी की यह इच्छा थी कि वे एक पर्वत का रूप धारण करें, ताकि श्रीकृष्ण और गोपियाँ उनके ऊपर चल सकें और उन्हें उनके चरण-कमलों की धूलि प्राप्त हो सके।
श्रीकृष्ण का वरदान
भगवान शिव की इस निष्छल प्रार्थना को सुनकर श्रीकृष्ण ने उनकी इच्छा पूरी करने की स्वीकृति दी। उन्होंने शिवजी को नंदग्राम के पास एक पर्वत के रूप में प्रकट होने का निर्देश दिया, जहाँ द्वापर युग में श्रीकृष्ण अपनी किशोरावस्था की लीलाएँ (कैशोर-लीला) रचाने वाले थे। श्रीकृष्ण की आज्ञा का पालन करते हुए, भगवान शिव उस पर्वत के रूप में प्रकट हुए, जिसे आज नंदीश्वर पर्वत के नाम से जाना जाता है।

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"नव दशकों की तपस साधना की तपस्वी वंदनीय 'मौसीजी'"
नव दशकों की संघर्षशील किंतु सफल यात्रा की स्मृतियों को जीवंत अनुभव करने हेतु उसके इतिहास की अदृश्य व अद्वितीय साहस की गाथाओं को जानना अत्यंत आवश्यक है। पराधीन राष्ट्र की हजारों महिलाओं में राष्ट्रीयता की ज्योत जगाकर, अलौलिक व्यक्तित्व की धनी वंदनीय लक्ष्मीबाई केलकर "मौसीजी" ने वर्धा (महाराष्ट्र) में सन् 1936 को विजयदशमी के दिन विश्वव्यापी नारी संगठन "राष्ट्र सेविका समिति" की स्थापना की।
राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका व आद्य प्रमुख संचालिका वंद. मौसीजी का जन्म आषाढ़ शुक्ल दशमी (5 जुलाई) 1905 में नागपुर के दाते परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम 'कमल' था। ऐसे प्रेरणादायक जीवन के कतिपय प्रेरक गुणों एवं सिद्धान्तों को अपने जीवन में भी स्थान देना हितावह है इसलिए कुछ प्रमुख बातों का यहाँ उल्लेख करना लाभकारी होगा। उनका सर्वप्रथम उल्लेखनीय गुण है उनके मन में राष्ट्रविमोचन की, राष्ट्रोन्नति की उत्कट लगन। उनमें राष्ट्रभक्ति का यह भाव बाह्य परिस्थिति के कारण उत्पन्न नहीं हुआ था अपितु उनका अभिजात स्थायी स्वभाव ही था।

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Incredible win with the last delivery in the tie break, in the Bowls Women’s Pairs event against Malta for Team India.
Big support in the stands with Hon. Union Minister of Youth affairs and Sports Dr. Dr Mansukh Mandaviya and 🇮🇳 CGA President P.T.Usha cheering our athletes on.
A WIN for 🇮🇳 in the first match of #glasgow2026.

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'ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਉੱਜਵਲ ਭਵਿੱਖ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਲਈ ਇੱਕ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਤਰਜੀਹ ਅਤੇ ਪੱਕਾ ਸੰਕਲਪ ਹੈ'-ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ
#spokesmantv #india #amitshah #cjp

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