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एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा बीते दिनों कानपुर में मंच पर भड़क गई थीं। उन्होंने बीच में ही कार्यक्रम छोड़ दिया था। इसके वीडियोज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। अब वह इसको लेकर कानूनी विवाद में घिर चुकी हैं। 'कच्चा बादाम' गाने पर अपनी वायरल डांस रील से मशहूर हुईं अंजलि को ₹1.20 करोड़ के हर्जाने का लीगल नोटिस भेजा गया है।
यही नहीं, उन पर कानपुर में आयोजित नवरात्र इवेंट को बीच में छोड़कर जाने और शहर के लोगों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं।
विश्व पोलियो दिवस के अवसर पर आइए, प्रत्येक बच्चे को पोलियो से सुरक्षित रखने और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें। हर बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं और जन-जन को नियमित टीकाकरण के प्रति जागरूक करें।
पोलियो उन्मूलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति हार्दिक आभार एवं अभिनंदन।
पैरा खिलाड़ियों की जांबाजी से भारत ने रचा इतिहास
पैरा एशियन गेम्स में 114 पदकों के साथ हासिल किया चौथा स्थान
शीतल देवी से सुमित अंतिल तक खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 65 पदक, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी फहरा तिरंगा
खेलपथ संवाद
नागोया (जापान)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। किसी ने तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर सोना जीता, तो किसी ने भाला फेंक में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। किसी ने दौड़ के ट्रैक पर रफ्तार का नया अध्याय लिखा, तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट पर विरोधियों को मात देकर तिरंगे का मान बढ़ाया। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति ने देश को गौरवान्वित कर दिया।
पैरा खिलाड़ियों की जांबाजी से भारत ने रचा इतिहास
पैरा एशियन गेम्स में 114 पदकों के साथ हासिल किया चौथा स्थान
शीतल देवी से सुमित अंतिल तक खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 65 पदक, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी फहरा तिरंगा
खेलपथ संवाद
नागोया (जापान)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। किसी ने तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर सोना जीता, तो किसी ने भाला फेंक में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। किसी ने दौड़ के ट्रैक पर रफ्तार का नया अध्याय लिखा, तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट पर विरोधियों को मात देकर तिरंगे का मान बढ़ाया। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति ने देश को गौरवान्वित कर दिया।