10 hrs - Translate

ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਪੰਚਾਂ ਲਈ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਵੱਡਾ ਤੋਹਫ਼ਾ
#punjabgovernment #sarpanches #punjab #rs10000 #cmbhagwantmann #bathindanews

image
10 hrs - Translate

ਅਯਾਤੁੱਲਾ ਅਲੀ ਖਾਮੇਨੇਈ ਦੇ ਅੰ/ਤਿਮ ਸ/ਸਕਾਰ 'ਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ PM ਮੋਦੀ ਨੂੰ ਸੱਦਾ
#pmnarendermodi #ayatollahalikhamenei #iran #india #iranianpresident #masoudpezeshkian

image
10 hrs - Translate

आप कहां से हो? हम जोधपुर, राजस्थान से।

image
10 hrs - Translate

एडवोकेट रीना एन सिंह का बयान : राम मंदिर ट्रस्ट क्षत्रिय विहीन है इसलिए वहां लुट हो रही, आपकी क्या राय है?

image

image
10 hrs - Translate

18 नवंबर 1962... लद्दाख की बर्फीली वादियों में स्थित रेजांग ला की ऊँचाइयों पर भारत के 120 वीर जवानों ने ऐसा इतिहास रचा, जिसे दुनिया आज भी सलाम करती है।
चारों ओर बर्फ, हड्डियां जमा देने वाली ठंड, ऑक्सीजन की भारी कमी और सामने लगभग 3000 चीनी सैनिक...
लेकिन 13 कुमाऊँ रेजिमेंट के इन रणबांकुरों के हौसले हिमालय से भी ऊँचे थे। इनके नेतृत्व में थे राजस्थान के जोधपुर के वीर भाटी राजपूत, परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह भाटी।
जब दुश्मन ने भारी संख्या में हमला किया, तब भी मेजर शैतान सिंह एक पोस्ट से दूसरी पोस्ट तक जाकर जवानों का मनोबल बढ़ाते रहे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक लड़ाई जारी रखी।
इस युद्ध में 120 में से 114 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन उन्होंने दुश्मन को भारी क्षति पहुंचाकर शौर्य और बलिदान की ऐसी गाथा लिखी जो सदियों तक अमर रहेगी।
भारत माता के इस वीर सपूत को उनकी अद्वितीय बहादुरी के लिए देश का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र प्रदान किया गया।
🙏 कोटि-कोटि नमन उस अमर वीर को, जिसने अपने प्राणों की आहुति देकर राष्ट्र का मस्तक ऊँचा किया।

image
10 hrs - Translate

India’s Best Manufacturer, Exporter & Supplier of Transformers & Stabilizers.
Address: Sua Road, Industrial Area – C, Dhandari Kalan, 141014 Ludhiana, Punjab, India
Contact No:- +91 9915703061, +91-9417033948 Website: -https://mpilindia.com Email id - info@mpilindia.com .
#cementplant #tubemills #rollingmills #ricemills #flourmills #riceshellers #foodprocessin****its #transformers #ricemills #voltagecontrolles

image

image

image
10 hrs - Translate

शास्त्रों के अनुसार मनुष्य जीवन के लिए कुछ आवश्यक नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना हमारे लिए आवश्यक माना गया है। हिन्दू धर्म के अनुसार जीवन में हर व्यक्ति को अनिवार्य रूप से सोलह संस्कारों का पालन करना चाहिए। यह संस्कार व्यक्ति के जन्म से आरम्भ होते हैं और मृत्यु तक अलग-अलग समय पर किए जाते हैं। इन संस्कारों की व्याख्या प्राचीन काल से अलग-अलग काल में कई महर्षियों ने की थी पर वर्तमान समय में जो हम १६ संस्कार की बात करते हैं तो महाभारत काल में महर्षि वेदव्यास द्वारा प्रतिपादित है।
वैदिक युग में संस्कारों की संख्या बहुत अधिक थी किन्तु समय के साथ-साथ इसमें संशोधन होता गया। आप ये भी कह सकते हैं कि जैसे जैसे समय बीता और मनुष्य की व्यस्तता बढ़ी, इन संस्कारों में कमी आती चली गयी। मुख्य संस्कार रख लिए गए और गौण संस्कार छोड़ दिए गए। गौतम स्मृति में कुल मुख्य संस्कारों की संख्या ४० बताई गयी है। महर्षि अंगिरा ने २५ संस्कारों के बारे में लिखा है और अगर चल कर महाभारत काल तक महर्षि वेदव्यास ने इसे १६ संस्कारों तक सीमित किया। आज के भागदौड़ वाले समय में हम इनमे से कुछ संस्कारों का पालन ही कर पाते हैं।
कई लोगों को लगता है कि ये संस्कार केवल पुत्रों के लिए किये जाते हैं और ज्ञान के आभाव में ऐसी मान्यता बहुत समय तक रही भी है। हालाँकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हमारे शास्त्रों में इन संस्कारों को बिना किसी लिंगभेद के पुत्र और पुत्री दोनों के लिए बताया गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि एक शीलवती पुत्री १० पुत्रों के समान है (दश पुत्र-समा कन्या यस्य शीलवती सुता)। इसके विपरीत पुत्र अगर योग्य ना हो तो कुल को नष्ट करने वाला भी हो सकता है (जिमि कपूत के ऊपजे कुल सद्धर्म नसाहिं)। इसी कारण ये सोच कर कि संतान कन्या है, उसे कभी इन संस्कारों से वंचित नहीं करना चाहिए। ये संस्कार हैं:

image