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"बड़े-बड़े होटलों में बैठकर पर्यावरण पर 'लंबा-चौड़ा भाषण' देने वालों... ज़रा अपनी आँखें खोलो और इस 75 साल के बुजुर्ग का जिगरा देखो! ❌🛶"
केरल के रहने वाले एन. एस. राजप्पन दादा की कहानी आपके रोंगटे खड़े कर देगी। जब ये महज़ 5 साल के थे, तो पोलियो ने इनके दोनों पैर छीन लिए। ये कभी अपने पैरों पर चल नहीं पाए। लेकिन जब इरादे फौलादी हों, तो लाचारी भी घुटने टेक देती है।
पिछले 10 सालों से राजप्पन दादा का एक ही नियम है: रोज़ सुबह उठना, घिसटते हुए नदी किनारे जाना, किराए की एक छोटी सी नाव पर बैठना और अकेले हाथ से चप्पू चलाकर पूरी झील से प्लास्टिक का कचरा साफ़ करना।
₹12 किलो की खुद्दारी: दिन भर कड़ी धूप में कचरा बीनने के बाद जब ये उसे बेचते हैं, तो इन्हें महज़ ₹12 किलो का भाव मिलता है। ये पैसा किसी ऐश-ओ-आराम के लिए नहीं, बल्कि अपनी खुद्दारी की रोटी कमाने के लिए है।
मकान बह गया, पर हौसला नहीं: साल 2018 की वो भयानक बाढ़ याद है? उसमें इनका कच्चा मकान पूरी तरह बह गया। कोई और होता तो सरकार और किस्मत को कोसता, पर इस बुजुर्ग ने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। हफ्तों तक अपनी उसी छोटी नाव में सोए, भूखे रहे, पर अपनी झील को साफ़ करना बंद नहीं किया।
हमारे देश में असली देशभक्त सरहदों के अलावा ऐसी टूटी नावों में भी मिलते हैं, जो बिना किसी कैमरे की चकाचौंध या वाहवाही के चुपचाप अपना फर्ज़ निभा रहे हैं। जब तक देश में ऐसे खुद्दार लोग ज़िंदा हैं, तब तक हमारा देश महान है। राजप्पन दादा के इस फौलादी जज्बे और खुद्दारी को हमारा कड़क सलाम! 🫡🇮🇳❤️✨
"सच-सच बताना, जहाँ आज का युवा छोटी सी मुसीबत आते ही डिप्रेशन का रोना रोने लगता है, क्या उन्हें राजप्पन दादा की इस ज़िंदगी से कुछ सीखना नहीं चाहिए? इस सच्चे हीरो के लिए कमेंट्स में एक ❤️ तो बनता है यार!

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असम से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच तक पहुंचीं गीतिका तालुकदार आज पूरे देश के लिए गर्व की पहचान बन चुकी हैं।
गीतिका FIFA World Cup 2026 के लिए आधिकारिक accreditation पाने वाली भारत की इकलौती महिला फोटो जर्नलिस्ट होंगी। कैमरा, जुनून और सालों की मेहनत के दम पर अब वह दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट के ऐतिहासिक पलों को कैमरे में कैद करेंगी।
खास बात यह है कि यह लगातार तीसरी बार होगा जब गीतिका पुरुष FIFA World Cup कवर करेंगी। इससे पहले वह 2018 और 2022 FIFA World Cup भी कवर कर चुकी हैं।
पिछले कुछ वर्षों में गीतिका ने FIFA Women’s World Cup, Tokyo Olympics और Paris Olympics जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को भी कवर किया है। उनकी तस्वीरों और काम को International Sports Photography और Journalism में खास पहचान मिली है।
लेकिन यह कहानी सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि की नहीं है। यह उन हजारों लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है, जो Media, Sports Journalism और Photography की दुनिया में बड़े सपने देखती हैं।
गीतिका तालुकदार की यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि अगर मेहनत लगातार हो, तो छोटे शहरों से निकलकर भी इतिहास रचा जा सकता है। ❤️📸

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एक सुंदर प्रसंग

#रामायण जी_का_सन्देश :: #प्रेम_एक_एहसास

एक बार जब प्रभु श्रीरामजी, लक्ष्मण जी व सीता जी के साथ चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे, तो वहां की राह बहुत ही पथरीली और कंटीली थी तभी प्रभु श्रीराम जी के चरणों में एक कांटा चुभ गया। लेकिन वो नाराज नही हुए और न ही क्रोधित हुए बल्कि हाथ जोड़कर धरती मां से एक अनुरोध करने लगे।

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀

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कुछ लोग अपनी परिस्थितियों को कमजोरी बना लेते हैं, और कुछ लोग वही परिस्थिति अपनी सबसे बड़ी ताकत बना देते हैं। उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव से आने वाले Praveen Kumar की कहानी इसी हौसले की मिसाल है।
बचपन से ही शारीरिक चुनौतियों का सामना करने वाले प्रवीण ने कभी अपनी कमी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
Tokyo Paralympics में Silver Medal जीतने के बाद उन्होंने खुद से वादा किया था, अगली बार गोल्ड लेकर लौटेंगे। और फिर Paris Paralympics 2024 में उन्होंने इतिहास रच दिया।
Men’s High Jump T64 category में 2.08 मीटर की शानदार छलांग लगाकर उन्होंने Gold Medal अपने नाम किया और नया एशियन रिकॉर्ड भी बनाया। अब उनके इसी संघर्ष, मेहनत और भारतीय खेलों में योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित Padma Shri सम्मान से नवाजा गया है। इससे पहले उन्हें Major Dhyan Chand Khel Ratna Award से भी सम्मानित किया जा चुका है।
आज प्रवीण कुमार सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की उम्मीद बन चुके हैं, जो मानते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कमी इंसान को रोक नहीं सकती।
#praveenkumar #padmashri #paralympics #india #paraathlete

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खिलाड़ी दर्पण की गौरवशाली परम्परा को बढ़ाएं आगेः दिलशाद खान
स्वर्ण पदक जीतकर लौटी हॉकी बेटी नंदिता शर्मा का बढ़ाया हौसला
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम में सोमवार को नेपाल से साउथ एशियन सॉफ्ट हॉकी चैम्पियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर लौटी नंदिता शर्मा को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दिलशाद खान, विवेक पिशाल, मनोज परिहार आदि ने ग्वालियर की गौरवशाली बेटी का उत्साहवर्धन किया।

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एथलीटों ने दिखाया दम, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के कटाए टिकट
रांची में 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन
खेलपथ संवाद
रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 22 से 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैम्पियनशिप का समापन सोमवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ। चार दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए अपना टिकट सुरक्षित किया।

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