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सोशल मीडिया पर एक वीडियो को तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक मासूम बच्ची को मंदिर के बाहर कपड़े में लिपटा हुआ देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर करने के साथ दावा किया जा रहा है कि कोई उसे लावारिस हालत में छोड़कर चला गया। जैसे ही कुछ लोग बच्ची के पास पहुंचते हैं, वह मुस्कुराने लगती है। इस दृश्य को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स भावुक हो गए और कथित माता-पिता की आलोचना करते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार बताया। कुछ लोगों ने तो बच्ची को गोद लेने की इच्छा भी जाहिर कर दी।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि नासिक में एक बच्ची लावारिश हाल में मिली। लोग पहुंचे तो वह उन्हें देखकर हंसने लगी। ये कौन से मां बाप इतने निर्दयी हैं जो इतनी फूल सी बच्ची को छोड़ जा रहे हैं। उनपर लानत है। वहीं इस वीडियो पर लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई। लोगों ने इस बच्ची के मां-बाप को कोसते हुए उसे गोद लेने की बात करने लगे। एक यूजर ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा कि कोई इस छोटी बच्ची को कैसे छोड़ पाए, जिसकी मुस्कान दुनिया जीत सकते थे?

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फरीदाबाद में स्कूल के अंदर शिक्षिका की दिनदहाड़े हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात; पुलिस चौकी से कुछ कदम दूर मचा हड़कंप
Faridabad Teacher Murder Case: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव सिकरोना स्थित एक निजी स्कूल में महिला शिक्षिका की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात पुलिस चौकी से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित स्कूल परिसर में हुई। पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
शिक्षिका से मिलने के बहाने स्कूल पहुंचा आरोपी
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान संध्या के रूप में हुई है, जो गांव सिकरोना के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका थीं। सोमवार सुबह वह रोज की तरह स्कूल पहुंचीं और अपने कार्य में लगी थीं। इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे एक युवक स्कूल परिसर में पहुंचा और शिक्षिका से मिलने की बात कही।
स्कूल स्टाफ द्वारा सूचना मिलने पर संध्या स्कूल के मुख्य गेट पर युवक से मिलने पहुंचीं। जैसे ही वह उसके पास पहुंचीं, आरोपी ने अचानक चाकू निकालकर उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले से शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ीं।
अस्पताल ले जाने से पहले ही तोड़ा दम
घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल शिक्षिका को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना से स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और परिजनों में शोक और दहशत का माहौल है।
CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी वारदात
स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में आरोपी को स्कूल में प्रवेश करते, शिक्षिका से मिलने के लिए इंतजार करते और फिर उन पर हमला कर मौके से फरार होते देखा जा सकता है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसके भागने के रूट का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं।
प्रारंभिक जांच में पुलिस हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, पुराने विवाद या अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
फिलहाल, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके

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कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसी भावुक और प्रेरणादायक घटना सामने आई जिसने हर किसी का दिल छू लिया। यात्रा पर निकली गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए मदद का हाथ बढ़ाया और समय रहते अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। महादेव की कृपा से महिला ने जुड़वा बेटों को जन्म दिया और मां व दोनों नवजात सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

यह घटना केवल एक खुशखबरी नहीं, बल्कि इंसानियत, सेवा और संवेदनशीलता की भी मिसाल बन गई। कांवड़ यात्रा के बीच मिली यह डबल खुशी अब हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस की तत्परता की भी जमकर सराहना की जा रही है। हर हर महादेव! 🚩🙏

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निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को लेकर भाजपा नेता एस.पी. सिंह बघेल का बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि "संसद नाटक की जगह नहीं है। भगवा वस्त्र धारण कर संतों की मिमिक्री करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।"

इस बयान के बाद सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अब इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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🚨 लखनऊ में ACP के घर चो*री, कानून-व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चो*रों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नजर नहीं आ रहे। पुलिस चौकी से महज 300 मीटर दूर ACP बाजारखाला रंजीत कुमार के किराए के मकान में चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चो*र घर से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गए, जबकि पुलिस अब CCTV फुटेज खंगालकर आ*रो*पियों की तलाश में जुटी है।

यह घ*टना सिर्फ एक चो*री नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल भी है। जब एक पुलिस अधिकारी का घर ही अ*परा*धियों के निशाने पर हो, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। आखिर अ*परा*धियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं और ऐसी घ*ट*नाओं पर कब लगेगी लगाम?

आपके मुताबिक, प्रदेश में बढ़ते अ*परा*धों पर रोक लगाने के लिए सबसे जरूरी कदम क्या होना चाहिए? अपनी राय जरूर बताइए।

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अपनी पहचान पर गर्व करने वाले लोग कभी तानों से नहीं टूटते, बल्कि अपने कर्म और आत्मविश्वास से ऐसा जवाब देते हैं जिसे दुनिया सालों तक याद रखती है। ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के सिख उद्योगपति रूबेन सिंह ने भी यही साबित किया। जब एक व्यक्ति ने उनकी पगड़ी का मज़ाक उड़ाया, तो उन्होंने किसी विवाद में पड़ने के बजाय अपनी पगड़ी के हर रंग से मेल खाती शानदार रोल्स-रॉयस कारों में पूरे एक सप्ताह तक सफर कर यह दिखा दिया कि सम्मान कमाया जाता है, छीना नहीं जाता।

रूबेन सिंह की यह कहानी सिर्फ लग्ज़री कारों की नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, आस्था और स्वाभिमान के सम्मान की कहानी है। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि अपनी जड़ों से जुड़ा इंसान हर चुनौती का जवाब शान और आत्मविश्वास से दे सकता है। यही वजह है कि उनकी यह मिसाल आज सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत रही है और गर्व की प्रेरणा बन चुकी है। 👑🪯🇮🇳

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दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला!

अब राजधानी की जे*लों में अभिरक्षा के दौरान होने वाली अप्राकृतिक मौत के मा*मलों में मृ*तक कै*दियों के परिजनों को ₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक का मुआवजा दिया जाएगा। इस नई योजना को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अधिसूचित किया गया है।

योजना के अनुसार, यदि किसी कै*दी की मौत जेल में हिं*सक झ*ड़प, जेल कर्मियों द्वारा कथित मा*र*पी*ट या यातना के कारण होती है, तो परिजनों को ₹7.5 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, जेल अधिकारियों, चिकित्सा या पैरामेडिकल कर्मियों की ला*प*रवा*ही अथवा आत्महत्या के मामलों में ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, प्राकृतिक मृत्यु, बीमारी, जेल से फ*रार होने के दौरान या प्राकृतिक आ*पदा में हुई मौ*त इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अभिरक्षा में किसी भी व्यक्ति की अप्राकृतिक मृ*त्यु बे*हद गं*भीर विषय है। सरकार का उद्देश्य जेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और* संवेदनशीलता को मजबूत करना है, ताकि हर मामले में कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित हो सके।

👉 क्या आपको लगता है कि यह फैसला जेल व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

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