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The India Pavilion was officially inaugurated on April 21, 2026, marking India’s prestigious role as the Guest of Honour Country at the Bogotá International Book Fair (FILBo). The ceremony was led by Ms. Yannai Kadamani Fonrodona, Minister of Culture, Arts and Knowledge, Colombia, H.E. Vanlalhuma, Honourable Ambassador of India to Colombia and NBT-India Chairman and Leader of Indian Delegation Prof. Milind Sudhakar Marathe.
The 3,000-square-meter India Pavilion—organized by the Ministry of Education in association with the Embassy of India, Bogota with National Book Trust, India as the implementing agency—serves as a vibrant "home-like sanctuary" inspired by iconic Indian architecture like the Amber Fort and Hampi Bazaar. Under the evocative slogan "Read and Explore India," the pavilion invites visitors to discover the many dimensions of India through its literary and cultural showcases.
In her remarks, the Minister highlighted the rich cultural and linguistic heritage of India and how the participation of India as the Guest of Honour country will go a long way in enriching a better literary and cultural understanding between India and Colombia, in particular, and with Latin America, in general.

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पूज्य महाराज के पावन सानिध्य में बाबा श्री काल भैरव जी व बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।।

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पूज्य महाराज के पावन सानिध्य में बाबा श्री काल भैरव जी व बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।।

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पूज्य महाराज के पावन सानिध्य में बाबा श्री काल भैरव जी व बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।।

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२२ अप्रैल
#अमरप्रहरी
स्वर्णाक्षर में अंकित होता,
वीरों का बलिदान…
- बाबा बैद्यनाथ झा

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अर्देशिर गोदरेज भारत के उन शुरुआती उद्यमियों में से थे जिन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में काम किया। पहले वकील बनने की कोशिश असफल होने के बाद उन्होंने 1895 में सर्जिकल उपकरण और फिर ताले बनाने का व्यवसाय शुरू किया।
साबुन निर्माण में उनकी रुचि तब जागी जब उन्होंने देखा कि उस समय सभी साबुन पशु चर्बी से बनते थे, जिससे कई लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत होती थीं। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 1919 में दुनिया का पहला शाकाहारी साबुन वनस्पति तेल से बनाया, जिसे ‘छवि’ नाम दिया गया। बाद में उन्होंने ‘गोदरेज No. 1’ ब्रांड लॉन्च किया, जो आज भी बेहद लोकप्रिय है और हर साल करोड़ों यूनिट्स बिकते हैं। महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और अन्य नेताओं ने उनके स्वदेशी प्रयासों का समर्थन किया। अर्देशिर का मानना था कि भारतीय उत्पाद सिर्फ स्वदेशी ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता में भी विश्वस्तरीय होने चाहिए।

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A look at PM Shri Narendra Modi’s programmes scheduled for April 23rd 2026.

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Balen Shah के नाम से एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने India सरकार के साथ सहयोग के लिए “रामराज” लागू करने की शर्त रखी है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि नेपाल जल्द ही “जिहादी मानसिकता” से पूरी तरह मुक्त होगा और हमेशा एक हिंदू राष्ट्र बना रहेगा।
हालांकि, इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न तो Nepal सरकार और न ही बालेन शाह की ओर से ऐसा कोई प्रमाणिक बयान सामने आया है। ऐसे में यह दावा भ्रामक या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया हो सकता है।
गौरतलब है कि नेपाल पहले एक हिंदू राष्ट्र था, लेकिन 2008 में इसे आधिकारिक रूप से धर्मनिरपेक्ष देश घोषित कर दिया गया था। इसके बाद से समय-समय पर नेपाल में हिंदू राष्ट्र की बहाली को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस होती रही है।
फिलहाल, इस वायरल दावे को लेकर लोगों को सतर्क रहने और बिना पुष्टि के ऐसी खबरों पर विश्वास न करने की सलाह दी जा रही है।
#balenshah #nepalnews #indianepal #factcheck #viralnews #hindurashtra #socialmedia

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आज पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भू-वैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
भगवान बदरी विशाल की कृपा से समस्त भक्तजनों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो। यह पावन अवसर सभी के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, आस्था और सकारात्मक शुरुआत का संदेश लेकर आए।
आप सभी का पवित्र चारधाम यात्रा - 2026 में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।

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