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बच्चों के साथ हैवानियत के मामले में फांसी की सजा पाने वाले बांदा निवासी दंपती रामभवन और दुर्गावती ने अश्लील वीडियो बनाकर अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कजाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 47 देशों में भेजे थे। इसी के बाद इंटरपोल की नजरों में आए। इंटरपोल ने आरोपियों के फोन नंबर, भेजे गए वीडियो और फोटो, मेल आईडी व अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जुटाकर पेन ड्राइव सीबीआई को भेजी थी।

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कभी मेरी याद आए तो फोन कर लेना फिरैंड नम्बर वही पुराना वाला है 🤣

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अम्बेडकरनगर की यह खबर सुनकर दिल दहल जाता है और मन गहरे दुख से भर जाता है। कल्पना कीजिए उन नेत्रहीन माता-पिता के दर्द की, जिनके लिए उनका 9 साल का बेटा अंश ही उनकी दुनिया और उनके बुढ़ापे की इकलौती लाठी था। एक पिता जो ट्रेन में चना बेचकर मेहनत से अपने घर का दीया जला रहा था, आज उस घर में अंधेरा छा गया है।
आरोप है कि स्कूल में घंटों मासूम अंश दर्द से तड़पता रहा, उल्टियां करता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। न घर वालों को खबर दी गई, न ही समय पर इलाज मिला। स्कूल की बस ने उसे घर से दूर सड़क पर उतार दिया और शाम होते-होते उस मासूम ने दम तोड़ दिया। क्या एक स्कूल की जिम्मेदारी सिर्फ शिक्षा देने तक है? क्या बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं? जब उस मासूम के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया, तो पूरे इलाके की आंखें नम थीं। उन बेबस माता-पिता की चीखें सिस्टम से सवाल पूछ रही हैं कि आखिर उनके बेटे का कसूर क्या था? यह सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि भरोसे और इंसानियत की हार है। भगवान उन माता-पिता को यह असह्य दुख सहने की शक्ति दे और इस मासूम को इंसाफ मिले। 💔
#ambedkarnagar #justiceforansh #deeplysaddened #humanity #restinpeace

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New-age travel firms like Ixigo, Yatra and TBO have hit the markets at fancy valuations; MakeMyTrip remains the oldest listed player.

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ये 1.4 लाख फॉलोअर्स भी गजब के नमूने निकले! जैसे ही स्क्रीन से फिल्टर हटा, ये लोग ऐसे रफूचक्कर हुए जैसे सिर मुंडाते ही ओले पड़ गए हों। मतलब इन "सच्चे आशिकों" का प्यार इंसान के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल के पिक्सल और एडिटिंग सॉफ्टवेयर के लिए था। बेचारी लड़की ने तो बस अपना असली और मासूम चेहरा दिखाया था, पर इन लोगों का तो जैसे 'डिजिटल ईमान' ही डोल गया।
​हैरानी तो इस बात की है कि खुद अपनी आधार कार्ड वाली फोटो छुपाकर घूमने वाले लोग दूसरों से साक्षात 'अप्सरा' होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। जैसे ही फिल्टर की बैटरी लो हुई, इन भगोड़े फॉलोअर्स का तो इंटरनेट पैक ही खत्म हो गया। ये वही लोग हैं जो अपनी फोटो में दस बार ब्राइटनेस बढ़ाते हैं, लेकिन दूसरों की असलियत देखते ही उन्हें 'अनफॉलो' करने की रेस लगा देते हैं।
​सच तो ये है कि इन 1.4 लाख लोगों ने ये साबित कर दिया कि उन्हें इंसान की शख्सियत से ज्यादा फोन के 'ब्यूटी मोड' से प्यार था। अब बेचारी लड़की का क्या कसूर, जब दुनिया ही नकली चमक-धमक की भूखी हो 🙄

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#rajshamani को सरकार की तरफ से मिले खास अधिकार

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