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Welcomed Raghav Chadha Ji, Sandeep Pathak Ji, and Ashok Mittal Ji to the BJP family at the Party HQ today.
Also, best wishes to Harbhajan Singh Ji, Swati Maliwal Ji, Vikram Sahney Ji, and Rajinder Gupta Ji to work under the dynamic leadership of PM Shri Narendra Modi Ji towards the goal of #viksitbharat2047.

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Welcomed Raghav Chadha Ji, Sandeep Pathak Ji, and Ashok Mittal Ji to the BJP family at the Party HQ today.
Also, best wishes to Harbhajan Singh Ji, Swati Maliwal Ji, Vikram Sahney Ji, and Rajinder Gupta Ji to work under the dynamic leadership of PM Shri Narendra Modi Ji towards the goal of #viksitbharat2047.

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Welcomed Raghav Chadha Ji, Sandeep Pathak Ji, and Ashok Mittal Ji to the BJP family at the Party HQ today.
Also, best wishes to Harbhajan Singh Ji, Swati Maliwal Ji, Vikram Sahney Ji, and Rajinder Gupta Ji to work under the dynamic leadership of PM Shri Narendra Modi Ji towards the goal of #viksitbharat2047.

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जापान में Japanese Cherry Blossom के फूल सिर्फ कुछ ही दिनों के लिए खिलते हैं, लेकिन इस दौरान पूरा देश गुलाबी रंग में रंग जाता है। लोग “हनामी” त्योहार मनाकर इन खूबसूरत फूलों के नीचे समय बिताते हैं।

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काली माता के चमत्कारी मंत्र, कुन्जिका स्तोत्र
दुर्गाजी का एक रुप कालीजी है। यह देवी विशेष रुप से शत्रुसंहार, विघ्ननिवारण, संकटनाश और सुरक्षा की अधीश्वरी है।महाकाली भगवती कालिका अर्थात काली के अनेक स्वरुप, अनेक मन्त्र तथा अनेक उपासना विधियां है। यथा-श्यामा, दक्षिणा कालिका (दक्षिण काली) गुह्म काली, भद्रकाली, महाकाली आदि ।
दशमहाविद्यान्तर्गत भगवती दक्षिणा काली
(दक्षिणकालीका) की उपासना की जाती है।इनकी उपासना सुरक्षा, शौर्य, पराक्रम, युद्ध, विवाद और प्रभाव विस्तर के संदर्भ में की जाती है। कालीजी की रुपरेखा भयानक है। देखकर सहसा रोमांच होआता है। पर वह उनका दुष्टदलन रुप है।

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तुलजाभवानी - भवानिअष्टक-उपासना
मां तुलजा जागृत स्वरुप हे ये ध्यान देवे
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते "
महाराष्ट्र के तुलजापुरमे माता तुलजा भवानी का अद्भुत चमत्कारी मंदिर स्थित है। महामाया ने कात्यायनी स्वरूप धारण करके महिषासुर का वध किया और भक्तोंकी भावना स्वीकार कर इस पर्वत पर चिर स्थान लिया। अष्टभुजावाली माता तुलजाभवानी को महिषासुरमर्दिनी नाम से भी जाना जाता है। माता की इस मूर्ति को एक जगह से दूसरी जगह पर भी ले जाया सकता है। इस मंदिर के मुख्य भवन के पूर्व में शयनकक्ष है जिसमे सोने के लिए चांदी से बनाया हुआ पलंग है।
साल में तीन बार माता इस शयनकक्ष में विश्राम करती है। इस तरह की परमपरा केवल इसी मंदिर है अन्य किसी भी जगह पर इस तरह की प्रथा नहीं। इस मन्दिर के गुबंद पर सुन्दर नक्काशी बनायीं गयी है।
माता की मूर्ति की स्थापना श्रीयंत्र पर आदि शंकराचार्यजी ने की थी। देवी की इस मूर्ति की सबसे खास बात यह है की माता की मूर्ति केवल एक ही जगह पर स्थापित नहीं की गयी। इसका मतलब देवी की इस मूर्ति को दूसरी जगह पर भी रखा जा सकता है, देवी की मूर्ति किसी भी दिशा में रखी जा सकती है।
इसलिए इस मूर्ति को चल मूर्ति भी कहा जाता है। साल में तीन बार देवी की मूर्ति को मंदिर के बाहर निकाला जाता है क्यों की साल के तीन दिन काफी विशेष माने जाते है और इन अवसर पर देवी को परिक्रमा करने लिए मंदिर के बाहर निकाला जाता है और मंदिर के चारो तरफ़ माता की मूर्ति को घुमाया जाता है।

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हमारे प्रिय श्री नरेश जी सैनी पूर्व पार्षद वार्ड 01 आप जैसे मिलनसार, हँसमुख और समाज में सबको साथ लेकर चलने वाले सज्जन पुरुष आज हमारे बीच नहीं रहे।
हमारे लिए सबसे बड़ी क्षति है।हमारी टीम का सबसे मजबूत साथी को हमने खो दिया है
आपका स्थान कोई नहीं ले पाएगा 😭
आपका जाना बहुत बड़ी घटना है।
ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे और उनके परिवार, उनके चाहने वालों को यह है दुख सहन करने की क्षमता दे।
ओम शांति। ओम शांति। ओम शांति।
🙏🙏ॐ शांति ॐ शांति ॐ शांति 🙏🙏

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#welcome
#to #bjp4ind
,🚩🙏
#trending #photography #photooftheday #love

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त्याग, तपस्या एवं पवित्रता की प्रतिमूर्ति जनक नंदनी माता सीता के प्राकट्य दिवस जानकी नवमी की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

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