Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
तीन नाबालिग लड़कियों का अपहरण किया और उन्हें बेच दिया। यह मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गया। जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ऐसा फरार हुआ कि पुलिस उसे 39 साल तक नहीं ढूंढ सकी। उसने सन 1984 में लड़कियों को बेचने की वारदातें की थीं। अब कानपुर पुलिस ने गुरुवार को आरोपी प्रदीप कुमार को धरदबोचा। अब वह 72 साल का है।
प्रदीप कुमार को कानपुर पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उसे यह सफलता तब मिली जब उसने सन 1984 के मामले को फिर से खोला। पुलिस ने पुराने वोटर आईडी रिकॉर्ड के जरिए आरोपी का पता लगाया। इस मामले में पुलिस को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी थी। इस रिपोर्ट को जमा करने की तय तारीख से कुछ दिन पहले पुलिस ने प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कानपुर के जूही पुलिस स्टेशन के एसएचओ केके पटेल के अनुसार, सन 1984 में प्रदीप कुमार ने कथित तौर पर 13 साल की दो लड़कियों और 14 साल की एक लड़की का अपहरण किया था। वह जूही के साईंपुरवा कच्ची मड़ैया का निवासी है और उसने उसी इलाके की तीन लड़कियों का बहला-फुसलाकर अपहरण करने के बाद उन्हें बेच दिया था।
तीन नाबालिग लड़कियों का अपहरण किया और उन्हें बेच दिया। यह मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गया। जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ऐसा फरार हुआ कि पुलिस उसे 39 साल तक नहीं ढूंढ सकी। उसने सन 1984 में लड़कियों को बेचने की वारदातें की थीं। अब कानपुर पुलिस ने गुरुवार को आरोपी प्रदीप कुमार को धरदबोचा। अब वह 72 साल का है।
प्रदीप कुमार को कानपुर पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उसे यह सफलता तब मिली जब उसने सन 1984 के मामले को फिर से खोला। पुलिस ने पुराने वोटर आईडी रिकॉर्ड के जरिए आरोपी का पता लगाया। इस मामले में पुलिस को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी थी। इस रिपोर्ट को जमा करने की तय तारीख से कुछ दिन पहले पुलिस ने प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कानपुर के जूही पुलिस स्टेशन के एसएचओ केके पटेल के अनुसार, सन 1984 में प्रदीप कुमार ने कथित तौर पर 13 साल की दो लड़कियों और 14 साल की एक लड़की का अपहरण किया था। वह जूही के साईंपुरवा कच्ची मड़ैया का निवासी है और उसने उसी इलाके की तीन लड़कियों का बहला-फुसलाकर अपहरण करने के बाद उन्हें बेच दिया था।
ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵੱਲੋਂ ਹਲਕਾ ਅਮਰਗੜ੍ਹ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿੰਗਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ’ਤੇ ਸਮੂਹ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬਾਨ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਬਹੁਤ-ਬਹੁਤ ਵਧਾਈਆਂ ਅਤੇ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾਵਾਂ। 🎉
ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਸਮੂਹ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਸਹਿਬਾਨ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਮਿਹਨਤ, ਲਗਨ, ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਅਤੇ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ ਅਤੇ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨਗੇ।
1. ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਉੱਭੀ ( ਪ੍ਰਧਾਨ ਬੀ ਸੀ ਵਿੰਗ)
2. ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੁਰੜਛਾਪਾ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਵਪਾਰੀ ਵਿੰਗ)
3. ਮੁਹੰਮਦ ਨਫ਼ੀਸ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੁਸਲਿਮ ਵਿੰਗ)
4. ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਯੂਥ ਵਿੰਗ)
5. ਨਿਰਭੈ ਸਿੰਘ ਮੰਨਵੀ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਐਸ ਸੀ ਵਿੰਗ)
6. ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਭੁੱਲਰਾਂ (ਪ੍ਰਧਾਨ ਇਸਤਰੀ ਵਿੰਗ
केरल की एक साधारण सी लड़की ने वो कर दिखाया, जो बड़े बड़े लोग सिर्फ सपना देखते हैं।
महज 11 साल की उम्र में अपनी कंपनी की CEO बनने वाली श्रीलक्ष्मी सुरेश ने साबित कर दिया कि उम्र कभी काबिलियत की दीवार नहीं बनती।
महज 6 साल की उम्र में कोडिंग शुरू की, 8 साल की उम्र में अपने स्कूल की वेबसाइट बनाई और आगे चलकर Microsoft, Nokia और Coca-Cola जैसी दुनिया भर की दिग्गज कंपनियों के साथ काम किया।
न कोई IIT की डिग्री, न टेक्निकल परिवार का बैकग्राउंड, सिर्फ एक सेकंड हैंड कंप्यूटर और मजबूत जुनून ने उसे दुनिया के सबसे कम उम्र के CEO की पंक्ति में खड़ा कर दिया।
आज 18 साल की उम्र में वह एक सफल उद्यमी, लेखिका और मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं।
श्रीलक्ष्मी की कहानी हर उस युवा के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।
#youngestceo #keralagirl #inspiration #techprodigy #girlpower #startupstory #indianyouth #motivation #successstory #yourstoryhindi #yourstory
क्या कोई इंसान अपने जीवनसाथी के रूप में एक कुत्ते को चुन सकता है? 😳 यह सुनने में जितना अजीब लगता है, यह मामला उतना ही चर्चा का विषय बना। इस वायरल कहानी में दावा किया गया है कि एक महिला ने अपने पति से तलाक लेने के बाद किसी इंसान से नहीं, बल्कि अपने पालतू कुत्ते से प्रतीकात्मक शादी कर ली। महिला का कहना था कि उसे अपने नए साथी के साथ पहले से ज्यादा खुशी और सुकून मिला।
लेकिन क्या यह खबर पूरी तरह सच है? क्या इसके पीछे कोई सांस्कृतिक परंपरा, प्रतीकात्मक रस्म या फिर सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी है? इस वीडियो में हम इसी वायरल दावे के पीछे की पूरी कहानी, उपलब्ध रिपोर्ट्स और उससे जुड़े तथ्यों पर बात करेंगे।
⚠️ नोट: इंटरनेट पर वायरल होने वाली हर खबर पूरी तरह सही हो, यह जरूरी नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल उपलब्ध रिपोर्ट्स और वायरल दावों की जानकारी साझा करना है। दर्शकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी अवश See less