Découvrir des postesExplorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives
जीवन में कुछ पल एसे होते है जिनको शब्दों से सांझा नही किया जा सकता....शिवराज जति जी का भाव आया की श्रावण मास में आप एक माह प्रवास नही करते तो गुरु पूर्णिमा की पूर्व रात्रि को थोड़ी देर भोजासर आश्रम पधारे....स्नेह के आग्रह पर चल दिया......पहुंचने पर जो भाव दृश्य देखा उसकी बिल्कुल भी कल्पना नही थी...अपार गुरु भक्ति के आगे ना पसन्द होते हुए भी सहर्ष सब स्वीकारा... हृदय से लेकर आसण तक सब नूतनता के साथ-साथ सब कुछ स्नेह श्रद्धा प्रेम भाव से भरा हुआ था अब कौन जीव है जो इस पर नही बैठेगा...इसके उपरांत जो पाया वो जीवन के अनमोल पल थे......अन्त में सिद्ध हुआ की प्रेम से सब कुछ पाया जा सकता है.....एक सन्यासी हलहद नाद परम्परा पाकर आखिर कौन प्रसन्नता व्यक्त नही करेगा......पुलकित पल सौभाग्य से मिलता है....नूतन साधु का जीवन अडिग होकर सनातन गोमाता राष्ट्र को समर्पित हो एसी शुभ मंगल कामना के साथ...भक्तजनों की श्रद्धामय उपस्थिति में भजन भाव की डुबकी में डूबना भी साधना का सा अहसास था........ॐ नमो नारायण
ये सब गुरु शिष्य प्रेम प्रसाद सांझा करना
प्रदर्शन नही संस्कार स्थापित उद्देश्य समझना
आज का युवा पब प्यार में नही सनातन में शान्ति खोजे
अभिभावक भी संतानों को मानव बनाने संतो के पास भेजे
जीवन में कुछ पल एसे होते है जिनको शब्दों से सांझा नही किया जा सकता....शिवराज जति जी का भाव आया की श्रावण मास में आप एक माह प्रवास नही करते तो गुरु पूर्णिमा की पूर्व रात्रि को थोड़ी देर भोजासर आश्रम पधारे....स्नेह के आग्रह पर चल दिया......पहुंचने पर जो भाव दृश्य देखा उसकी बिल्कुल भी कल्पना नही थी...अपार गुरु भक्ति के आगे ना पसन्द होते हुए भी सहर्ष सब स्वीकारा... हृदय से लेकर आसण तक सब नूतनता के साथ-साथ सब कुछ स्नेह श्रद्धा प्रेम भाव से भरा हुआ था अब कौन जीव है जो इस पर नही बैठेगा...इसके उपरांत जो पाया वो जीवन के अनमोल पल थे......अन्त में सिद्ध हुआ की प्रेम से सब कुछ पाया जा सकता है.....एक सन्यासी हलहद नाद परम्परा पाकर आखिर कौन प्रसन्नता व्यक्त नही करेगा......पुलकित पल सौभाग्य से मिलता है....नूतन साधु का जीवन अडिग होकर सनातन गोमाता राष्ट्र को समर्पित हो एसी शुभ मंगल कामना के साथ...भक्तजनों की श्रद्धामय उपस्थिति में भजन भाव की डुबकी में डूबना भी साधना का सा अहसास था........ॐ नमो नारायण
ये सब गुरु शिष्य प्रेम प्रसाद सांझा करना
प्रदर्शन नही संस्कार स्थापित उद्देश्य समझना
आज का युवा पब प्यार में नही सनातन में शान्ति खोजे
अभिभावक भी संतानों को मानव बनाने संतो के पास भेजे
जीवन में कुछ पल एसे होते है जिनको शब्दों से सांझा नही किया जा सकता....शिवराज जति जी का भाव आया की श्रावण मास में आप एक माह प्रवास नही करते तो गुरु पूर्णिमा की पूर्व रात्रि को थोड़ी देर भोजासर आश्रम पधारे....स्नेह के आग्रह पर चल दिया......पहुंचने पर जो भाव दृश्य देखा उसकी बिल्कुल भी कल्पना नही थी...अपार गुरु भक्ति के आगे ना पसन्द होते हुए भी सहर्ष सब स्वीकारा... हृदय से लेकर आसण तक सब नूतनता के साथ-साथ सब कुछ स्नेह श्रद्धा प्रेम भाव से भरा हुआ था अब कौन जीव है जो इस पर नही बैठेगा...इसके उपरांत जो पाया वो जीवन के अनमोल पल थे......अन्त में सिद्ध हुआ की प्रेम से सब कुछ पाया जा सकता है.....एक सन्यासी हलहद नाद परम्परा पाकर आखिर कौन प्रसन्नता व्यक्त नही करेगा......पुलकित पल सौभाग्य से मिलता है....नूतन साधु का जीवन अडिग होकर सनातन गोमाता राष्ट्र को समर्पित हो एसी शुभ मंगल कामना के साथ...भक्तजनों की श्रद्धामय उपस्थिति में भजन भाव की डुबकी में डूबना भी साधना का सा अहसास था........ॐ नमो नारायण
ये सब गुरु शिष्य प्रेम प्रसाद सांझा करना
प्रदर्शन नही संस्कार स्थापित उद्देश्य समझना
आज का युवा पब प्यार में नही सनातन में शान्ति खोजे
अभिभावक भी संतानों को मानव बनाने संतो के पास भेजे
जीवन में कुछ पल एसे होते है जिनको शब्दों से सांझा नही किया जा सकता....शिवराज जति जी का भाव आया की श्रावण मास में आप एक माह प्रवास नही करते तो गुरु पूर्णिमा की पूर्व रात्रि को थोड़ी देर भोजासर आश्रम पधारे....स्नेह के आग्रह पर चल दिया......पहुंचने पर जो भाव दृश्य देखा उसकी बिल्कुल भी कल्पना नही थी...अपार गुरु भक्ति के आगे ना पसन्द होते हुए भी सहर्ष सब स्वीकारा... हृदय से लेकर आसण तक सब नूतनता के साथ-साथ सब कुछ स्नेह श्रद्धा प्रेम भाव से भरा हुआ था अब कौन जीव है जो इस पर नही बैठेगा...इसके उपरांत जो पाया वो जीवन के अनमोल पल थे......अन्त में सिद्ध हुआ की प्रेम से सब कुछ पाया जा सकता है.....एक सन्यासी हलहद नाद परम्परा पाकर आखिर कौन प्रसन्नता व्यक्त नही करेगा......पुलकित पल सौभाग्य से मिलता है....नूतन साधु का जीवन अडिग होकर सनातन गोमाता राष्ट्र को समर्पित हो एसी शुभ मंगल कामना के साथ...भक्तजनों की श्रद्धामय उपस्थिति में भजन भाव की डुबकी में डूबना भी साधना का सा अहसास था........ॐ नमो नारायण
ये सब गुरु शिष्य प्रेम प्रसाद सांझा करना
प्रदर्शन नही संस्कार स्थापित उद्देश्य समझना
आज का युवा पब प्यार में नही सनातन में शान्ति खोजे
अभिभावक भी संतानों को मानव बनाने संतो के पास भेजे



मुझे जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! इस विशेष दिन पर, मैं ईश्वर को उन सभी आशीर्वादों के लिए तहे दिल से धन्यवाद देती हूँ जो उन्होंने मेरे जीवन पर बरसाए हैं। मेरा जन्मदिन खुशियों और कृतज्ञता से भरा हो, और प्रभु मुझे मेरे जीवन के आगामी पड़ावों में भी आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदान करते रहें। जन्मदिन मुबारक हो!