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दिल्ली की अंशिका नाम की एक युवती ने 9 लाख रुपये सालाना की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कंटेंट क्रिएटर बनने का फैसला लिया। 9 से 5 की नौकरी से परेशान होकर उन्होंने अपनी क्रिएटिविटी को करियर बनाने का जोखिम उठाया। शुरुआत में ही उन्होंने इंस्टाग्राम, कोलैबोरेशन और फ्रीलांसिंग के जरिए एक महीने में लगभग 1.5 लाख रुपये कमाए, जो उनकी पुरानी सैलरी से ज्यादा था। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि कंटेंट क्रिएशन में कमाई स्थिर नहीं होती—कभी अच्छा पैसा आता है तो कभी पेमेंट में देरी या अनिश्चितता रहती है।
उन्होंने सलाह दी कि नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम 3 बातें जरूरी हैं: स्थिर इनकम का कुछ स्रोत, 3 महीने का इमरजेंसी फंड और अच्छा नेटवर्क। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है क्योंकि यह दिखाती है कि फ्रीडम के साथ रिस्क और मेहनत दोनों जुड़े हैं।