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Plan your itinerary carefully, choose the right season, and get ready to discover why Kerala remains one of India's most memorable holiday destinations.
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धीरेंद्र शास्त्री का आरक्षण पर बड़ा बयान, बोले—देश में सिर्फ दो जातियां होनी चाहिए, अमीर और गरीब।
उन्होंने कहा कि अमीरों का आरक्षण खत्म होना चाहिए और गरीबों को आरक्षण दिया जाना चाहिए, चाहे उनकी जाति कोई भी हो। उनके इस बयान के बाद आरक्षण की व्यवस्था और उसके आधार को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
क्या आरक्षण का आधार जाति होनी चाहिए या आर्थिक स्थिति? इस मुद्दे पर देश में अलग-अलग राय सामने आती रही हैं। धीरेंद्र शास्त्री के बयान ने इसी पुरानी बहस को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
बस्ती में महिला सिपाही की मौ*त, छुट्टी न मिलने पर उठे गं*भी*र सवाल
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में सड़क हा*द*से में घा*य*ल महिला सिपाही केसरी वर्मा (3 की हा*द*से के सात दिन बाद शनिवार को मौ*त हो गई। हा*द*से में उनके सिर पर चोट लगी थी और चार टांके भी लगाए गए थे। इलाज कराने के लिए केसरी ने एसपी कार्यालय में छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। पति के मुताबिक, आवेदन के साथ सीटी स्कैन की कॉपी और सिर में टांके लगने की जानकारी भी दी गई थी।
केसरी के पति नागेंद्र वर्मा भी पुलिस में सिपाही हैं। उनका आ*रो*प है कि केसरी दो दिनों तक छुट्टी के लिए एसपी कार्यालय के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिली। नागेंद्र ने बताया कि कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा कि न EL मिलेगी और न मेडिकल लीव।
पत्नी की मौ*त के बाद पो*स्ट*मॉर्टम हाउस के बाहर नागेंद्र फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा, “अगर समय पर छुट्टी मिल जाती और इलाज हो जाता तो आज केसरी जिंदा होती।”
इस घ*टना ने घायल पुलिसकर्मियों को समय पर छुट्टी और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वर्दी के पीछे छिपी इंसानियत ने जीत लिया दिल
कानपुर देहात की नीतू द्विवेदी करीब दो महीने से घर की पानी की सप्लाई बंद होने की परेशानी झेल रही थीं। बैसाखियों के सहारे कई दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद उन्होंने अपनी समस्या एसपी श्रद्धा पांडेय के सामने रखी। मामला जल विभाग से जुड़ा होने के बावजूद एसपी ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया।
समस्या दूर होने के बाद नीतू अपनी बेटी के साथ करीब 25 किलोमीटर दूर से एसपी कार्यालय पहुंचीं। इस बार उनके हाथ में शिकायत नहीं, बल्कि शुक्रिया के तौर पर एक पेन था। मुलाकात के दौरान नीतू भावुक हो गईं और एसपी श्रद्धा पांडेय ने उन्हें गले लगा लिया।
कभी-कभी एक छोटी सी मदद किसी के लिए बहुत बड़ी राहत बन जाती है। यही इस मुलाकात की सबसे खूबसूरत तस्वीर है।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच एक चमत्कार की बात सामने आई है। रसुवा में मलबे के नीचे दबी 6 वर्षीय बच्ची तीन दिनों के बाद जीवित निकली है। रसुवा जिले के टिमुरे में मिट्टी के नीचे दबी 6 वर्षीय बच्ची को सशस्त्र पुलिस ने शुक्रवार शाम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बच्ची को आज यानी शनिवार को काठमांडू लाया गया। भोटेकोशी बाढ़ में फंसे लोगों की त"लाश और बचाव अभियान में जुटी सशस्त्र पुलिस टीम को मिट्टी के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया और मिट्टी के नीचे दबी बच्ची को ढूंढकर बाहर निकाला। बचाव के बाद बच्ची को सशस्त्र पुलिस बल नेपाल के बॉर्डर आउट पोस्ट, टिमुरे लाया गया। उसकी हालत लगातार कमजोर होती जा रही थी, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए शुक्रवार को ही हेलिकॉप्टर से उसे काठमांडू लाने का प्रयास किया गया। हालांकि, रात का समय और प्रतिकूल मौसम के कारण बच्ची को उपचार के लिए काठमांडू लाना मुश्किल हो गया। इसलिए आज दोपहर में इस बच्ची को काठमांडू लाया गया है जहां अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
♿ व्हीलचेयर ने रास्ता नहीं रोका, हौसले ने मंजिल तक पहुंचाया!
मुजफ्फरपुर के प्रत्यूष प्रभाकर ने 70वीं BPSC परीक्षा में 1098वीं रैंक हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई और SDM पद के लिए चयनित हुए। करीब 10 वर्षों से व्हीलचेयर पर निर्भर प्रत्यूष ने वर्षों की मेहनत और सेल्फ-स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
यह उनका चौथा प्रयास था। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया। उनकी कहानी बताती है कि सफलता के रास्ते में सबसे बड़ी ताकत शरीर नहीं, दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और लगातार मेहनत होती है। 🙏
प्रत्यूष प्रभाकर को इस शानदार उपलब्धि के लिए दिल से बधाई! 🇮🇳
यूपी के मुजफ्फरनगर में रतनपुरी थाना क्षेत्र के फूलत गांव स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर प्रशासन की ध्वस्तीकरण का"र्रवाई छठे दिन भी जारी रही। शनिवार शाम 4 बजे तक चली इस का"र्रवाई में बुलडोजर और पोकलेन मशीनों से मदरसे की सभी इमारतों और मीनार को गिरा दिया गया। मौके पर रतनपुरी और खतौली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही। प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई ग्राम सभा की भूमि पर अ"वैध निर्माण को लेकर की गई है। राजस्व विभाग की जांच में मदरसे की जमीन को सरकारी जमीन पाया गया था, जिसके बाद 17 अगस्त को इसे सरकारी भूमि घो"षित कर दिया गया और निर्माण को अ"वैध करार दिया गया था। इसी के आधार पर तहसीलदार और एडीएम स्तर की जांच के बाद ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया। इस मदरसे पर योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने हिंदू युवक-युवतियों के धर्मांतरण का आरोप लगाया था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार शिकायत के आधार पर पुलिस ने मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके दो बेटों जुबैर अंसारी और जुनैद अंसारी के खि"लाफ बीएनएस की धारा 352/351(2) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 2021 की धारा 3/5(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस दोनों बेटों को पहले ही गि"रफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में पिछले 6 दिनों से मदरसा प्रशासन खुद ही पुलिस की निगरानी में अ"वैध निर्माण को हटा रहा है।