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खेलों के माध्यम से अपने जीवन की दिशा तय करें युवा खिलाड़ीः सिंकू कुमार सिंह
ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिताः अंकित पाल एकादश अगले दौर में पहुंची
खेलपथ संवाद
ग्वालियर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ग्वालियर एवं महादजी सिंधिया हॉकी अकादमी ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय दर्पण मिनी हॉकी स्टेडियम पर आयोजित ज्ञान प्रकाश भटनागर स्मृति हॉकी प्रतियोगिता में अंकित पाल एकादश ने इशिका चौधरी एकादश को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों का हौसला मुख्य अतिथि सिंकू कुमार सिंह (एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी दिल्ली के संयुक्त सचिव) ने बढ़ाया।

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इन गरीब और लाचार छोटे बच्चों की मासूमियत को देखकर आपको रोना आ जाएगा।😢

बिहार नवादा के इन मासूम बच्चों ने भुखमरी और गरीबी के कारण अपनी मां को खो दिया,

बच्चे इतने मजबूर हैं कि इनके पास न तो रहने का ठिकाना है और न ही खाने तक का इंतजाम,

छोटी सी उम्र में ये बच्चे पूरी तरह बेबस और लाचार हो गए हैं, जिनकी जिंदगी सिर्फ दर्द और संघर्ष में बदल गई है,

आज इन बच्चों के चेहरे पर मासूमियत के साथ-साथ गहरी बेबसी साफ नजर आती है।

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ज्यादा फेरे के लिए दौड़ाई टॉय ट्रेन। 5 साल की बच्ची गिरी। गर्दन पर चढ़ा पहिया मौत। घटना जोधपुर के मंडोर उद्यान की। परिजनों ने आरोप लगाया अचानक ब्रेक लगाने से हुआ हादसा। मृतका अमायरा अपनी माँ और परिवार के साथ घूमने आए थी। ज्यादा फेरे के चक्कर मे पहले स्पीड बढ़ा दी और बाद में अचानक ब्रेक लगाए जिससे दो बहनें उछल8 नीचे गिर गयी। गनीमत रही कि दूसरी बहन दूर जाकर गिरी नही तो बड़ा हादसा हो जाता। नाद में बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। जँहा उसको मृत घोषित कर दिया गया.....
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बदायूं का रहने वाला मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक अपनी रिश्ते की भाभी (रति) से एकतरफा प्यार करता था और उस पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
महिला ने जब साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया और कहा कि उसका डेढ़ साल का बेटा आरव ही उसकी जिंदगी है, तो सनकी विराज के दिमाग में खौफनाक साजिश ने जन्म लिया। उसने सोचा—न रहेगा बच्चा, न रहेगा शादी से इनकार करने का बहाना!
मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने गोद में उठाकर बाहर ले गया। एक सुनसान गली देखकर हैवान बने विराज ने मासूम को हवा में उछाला और महज 34 सेकंड के अंदर 8 बार सड़क पर पटक-पटक कर मार डाला।
डॉक्टरों के मुताबिक, पहली ही बार जमीन पर पटकने से मासूम के सिर के जोड़ खुल गए थे और गर्दन टूट गई थी। उसकी छाती की पसलियां अंदर ही अंदर चकनाचूर हो चुकी थीं।
फरार होने की फिराक में झाड़ियों में छिपे आरोपी विराज ने पुलिस को देखते ही फायरिंग झोंक दी। उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी विराज के दोनों पैरों में गोलियां लगीं। एनकाउंटर के बाद जमीन पर गिरे आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है जहां वो पुलिस से गिड़गिड़ाते हुए "सर पानी... प्लीज सर पानी दे दो..." की भीख मांग रहा है।
मासूम की जान लेने के बाद आरोपी विराज ने पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों को फोन किया था। ऑडियो में आरोपी अपनी इस हैवानियत पर पर्दा डालने के लिए कह रहा है— "मुझसे गलती हो गई, 20-21 लाख रुपये ले लो और केस को यहीं रफा-दफा कर दो"।
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि जो हैवान डेढ़ साल के बच्चे के साथ ऐसी दरिंदगी कर सकता है, उसे जीने का कोई हक नहीं है। लोग आरोपी को सरेआम कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
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Train में फोन देखने वाले हो जाएं सावधान
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ब्रज क्षेत्र में चल रही 84 कोस परिक्रमा के दौरान सेवा, समर्पण और आस्था की अनूठी मिसाल देखने को मिली. एक बहू ने अपनी बुजुर्ग सास की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने के लिए उन्हें टब में बैठाया और उसे सिर पर उठाकर परिक्रमा कराई. उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण सास के लिए पैदल चलना संभव नहीं था, लेकिन बहू ने उनकी इच्छा पूरी करने का संकल्प लिया. इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, लोग बहू के समर्पण और संस्कारों की जमकर सराहना कर रहे हैं.

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Om Sai Ram

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कानून अंधा होता है… ये सुना था, लेकिन आज देख भी लिया! 33 साल बाद आया फैसला, 84 साल के बुजुर्ग को जेल भेजे जाने की तस्वीरें वायरल”💯😱
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बिहार के वैशाली से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। साल 1993 के एक पुराने मामले में अब जाकर फैसला सुनाया गया और 84 वर्षीय बुजुर्ग दीप राय को दोषी ठहराया गया। उम्र और कमजोर हालत की वजह से उन्हें सहारा देकर ले जाया गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
इस घटना के बाद लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कोई कह रहा है कि “कानून सबके लिए बराबर है”, तो कोई सवाल उठा रहा है कि “33 साल बाद मिला न्याय… क्या यही न्याय है?”
फिलहाल यह मामला पूरे सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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