1 d - Translate

सामाजिक न्याय के अग्रदूत, संविधान शिल्पी ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने शिक्षा को परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाकर वंचितों, श्रमिकों और किसानों को अधिकार दिलाते हुए समता, न्याय और मानव गरिमा की अटूट आधारशिला रखी। उनका संघर्षमय जीवन आज भी कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्रसेवा का मार्ग आलोकित करता है।
आज यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में बाबासाहेब के समता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को ‘पंचतीर्थ’ जैसे प्रेरक प्रयासों और जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाकर उन्हें व्यवहार में उतारा जा रहा है। यह समावेशी एवं सर्वस्पर्शी विकास का दृष्टिकोण करोड़ों वंचितों के जीवन में नई आशा और अवसरों का संचार कर रहा है।
‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन!

image
1 d - Translate

सामाजिक न्याय के अग्रदूत, संविधान शिल्पी ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने शिक्षा को परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाकर वंचितों, श्रमिकों और किसानों को अधिकार दिलाते हुए समता, न्याय और मानव गरिमा की अटूट आधारशिला रखी। उनका संघर्षमय जीवन आज भी कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्रसेवा का मार्ग आलोकित करता है।
आज यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में बाबासाहेब के समता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को ‘पंचतीर्थ’ जैसे प्रेरक प्रयासों और जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाकर उन्हें व्यवहार में उतारा जा रहा है। यह समावेशी एवं सर्वस्पर्शी विकास का दृष्टिकोण करोड़ों वंचितों के जीवन में नई आशा और अवसरों का संचार कर रहा है।
‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन!

image
1 d - Translate

सामाजिक न्याय के अग्रदूत, संविधान शिल्पी ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने शिक्षा को परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाकर वंचितों, श्रमिकों और किसानों को अधिकार दिलाते हुए समता, न्याय और मानव गरिमा की अटूट आधारशिला रखी। उनका संघर्षमय जीवन आज भी कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्रसेवा का मार्ग आलोकित करता है।
आज यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में बाबासाहेब के समता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को ‘पंचतीर्थ’ जैसे प्रेरक प्रयासों और जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाकर उन्हें व्यवहार में उतारा जा रहा है। यह समावेशी एवं सर्वस्पर्शी विकास का दृष्टिकोण करोड़ों वंचितों के जीवन में नई आशा और अवसरों का संचार कर रहा है।
‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन!

imageimage

image
1 d - Translate

सामाजिक न्याय के अग्रदूत, संविधान शिल्पी ‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने शिक्षा को परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाकर वंचितों, श्रमिकों और किसानों को अधिकार दिलाते हुए समता, न्याय और मानव गरिमा की अटूट आधारशिला रखी। उनका संघर्षमय जीवन आज भी कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्रसेवा का मार्ग आलोकित करता है।
आज यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में बाबासाहेब के समता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को ‘पंचतीर्थ’ जैसे प्रेरक प्रयासों और जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाकर उन्हें व्यवहार में उतारा जा रहा है। यह समावेशी एवं सर्वस्पर्शी विकास का दृष्टिकोण करोड़ों वंचितों के जीवन में नई आशा और अवसरों का संचार कर रहा है।
‘भारत रत्न’ बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन!

image
1 d - Translate

HAPPY BAISAKHI

1 d - Translate

इतिहास की किताबों में कई नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हैं, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर राष्ट्र की नींव रखी। एक ऐसा ही महान नाम है—सर बी.एन. राव।"

image

image
1 d - Translate

समस्त सनातनी हिन्दू परिवार से आग्रह है कि वो 19 अप्रैल अक्षय तृतीया (भगवान के अवतरण दिवस) को अपने घरों में भगवान परशुराम जी की पूजा अर्चना अवस्य करें।
इस पावन अवसर को हमारे सनातनी भगवान परशुराम भक्तगण बड़े धूम धाम धूमधाम से अवतरण दिवस मनायेंगी।।
हर हर महादेव 🔱
जय भगवान श्री परशुराम 🚩
#अक्षय_तृतीया #परशुराम_जन्मोत्सव #राम #ram

image
1 d - Translate

यह 'भारत रत्न' बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का ही पुण्य व अलौकिक प्रताप है कि आज एक आदिवासी की बेटी देश की महामहिम राष्ट्रपति और पिछड़े वर्ग का बेटा प्रधानमंत्री है। अगर मैं आज उप मुख्यमंत्री हूं तो यह बाबासाहेब की सोच व संघर्ष की ताक़त है। अगर आज गरीब, वंचित और पिछड़े स्वाभिमान के साथ जीना सीखे हैं तो उसके पीछे बाबासाहेब की चेतना है। वह सबके थे और सबके रहेंगे।
दरअसल, जो लोग बाबासाहेब को केवल एक वर्ग तक सीमित रखना चाहते हैं और उनके नाम पर साल में एकाध दिन अपनी राजनीति चमकाने के लिए उनका स्मरण करते हैं, उनके अनुयायियों को महज़ वोटबैंक समझते हैं, वह बाबासाहेब का घोर अपमान करते हैं। कुछेक दल बाबासाहेब के विचारों पर चलने के स्थान पर उनके नाम पर केवल मूर्तियां लगाकर अपने को धन्य समझ लेते हैं।
भारतीय जनता पार्टी ही एक ऐसा राजनैतिक दल है जो बाबासाहेब के संविधान को भी मानता है और उनके विचारों को भी वास्तविक रूप में आत्मसात करता है। इसलिये आज वक्त है कि हम पिछड़ों और दलितों को एकजुट होकर भाजपा के साथ मिलकर पूज्य डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के अधूरे सपनों को पूरा करने में सहयोग करना चाहिए। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी!