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सालों का इंतजार आज हुआ पूरा, अयोध्या पहुंचकर भावुक हुए वीरेंद्र सहवाग
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अयोध्या पहुंचे और भगवान श्रीराम व हनुमान जी के दर्शन किए। अयोध्या पहुंचने पर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सालों से जिस पल का इंतजार था, वह आज पूरा हो गया। प्रभु श्रीराम और हनुमान जी के दर्शन से बढ़कर उनके लिए और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और यह यात्रा उनके लिए बेहद खास और यादगार रही।
वीरेंद्र सहवाग के लिए अयोध्या की यह यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह उनके लिए आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक विशेष अवसर भी रहा। उन्होंने श्रद्धा के साथ प्रभु श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। अयोध्या की पावन धरती पर पहुंचकर उन्होंने अपनी खुशी साझा की और इस अनुभव को बेहद खास बताया।
क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर रहे सहवाग का यह आध्यात्मिक अंदाज भी लोगों के बीच चर्चा में है। उनके अयोध्या पहुंचने और दर्शन करने की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
“सालों का इंतजार आज पूरा हो गया। भगवान श्रीराम और हनुमान जी के दर्शन से बढ़िया और क्या हो सकता है। अयोध्या आकर बहुत अच्छा लगा।” 🙏🚩
जय श्रीराम। 🙏
जय बजरंगबली। 🚩
हरिद्वार से उठाई कांवड़, भोलेनाथ से मांगी पढ़ाई की मन्नत… DM ने बदल दी चार बच्चों की जिंदगी 🙏
हरिद्वार से कांवड़ लेकर मथुरा पहुंचे चार बच्चों की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। आर्थिक तंगी और माता-पिता के दिव्यांग होने के कारण इन बच्चों की पढ़ाई रुक गई थी। पढ़ाई दोबारा शुरू होने की उम्मीद लेकर चारों बच्चों ने भगवान शिव से मदद की गुहार लगाई और 30 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू की।
बच्चों की अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा और उनकी परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तक पहुंचा। DM ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए चारों बच्चों को कलेक्ट्रेट बुलाया और स्कूल प्रबंधन से बात कर उनकी फीस माफ कराने की व्यवस्था कराई।
इतना ही नहीं, प्रशासन की ओर से बच्चों को स्कूल ड्रेस, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्टेशनरी भी उपलब्ध कराई गई, ताकि आर्थिक परेशानी उनकी पढ़ाई के रास्ते में दोबारा बाधा न बने।
बच्चों की आगे की पढ़ाई और जरूरतों की जिम्मेदारी छाता के SDM अखिलेश कुमार ने ली है। वहीं, प्रशासन ने उनके दिव्यांग माता-पिता को दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कराई है।
जिस भरोसे के साथ चारों बच्चे भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने कांवड़ यात्रा पर निकले थे, उनकी मन्नत पूरी होने के साथ अब उनके लिए पढ़ाई और बेहतर भविष्य की राह भी खुल गई है। आस्था के साथ प्रशासन की संवेदनशील पहल ने चार बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी। हर हर महादेव! 🙏🕉️