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कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में जब सड़कों पर जानवर भूख और इलाज के अभाव में तड़प रहे थे, तब Varsha Raj ने उन्हें खाना खिलाने से शुरुआत की। यही छोटी सी कोशिश आगे चलकर APNA Foundation बनी, जो आज पटना का पहला एनिमल शेल्टर होम चला रही है।
ट्यूशन पढ़ाकर, म्यूजिक परफॉर्मेंस से कमाई करके और अपनी निजी जरूरतों से समझौता कर उन्होंने एक ऐसा मिशन खड़ा किया, जो आज हजारों बेजुबानों की उम्मीद बन चुका है।
पूरी कहानी यहां पढ़ें: https://yourstory.com/.../vars....ha-raj-apna-foundati
Samrat Choudhary | CMO Bihar | Information & Public Relations Department, Government of Bihar
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*भारत की साड़ियाँ : परंपरा और वैभव*
#राष्ट्रीय_हथकरघा_दिवस
भारत की सांस्कृतिक धरोहर जितनी विविध और रंगीन है, उतनी ही समृद्ध उसकी वस्त्र परंपरा भी है। इस परंपरा की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति भारतीय साड़ी है। यह केवल एक परिधान नहीं, बल्कि भारत की कला, शिल्प, सौंदर्यबोध और सांस्कृतिक निरंतरता की वाहक है। हर सूत में एक कथा, हर रंग में एक भाव और हर बुनावट में पीढ़ियों से संचित कौशल समाहित है। इसलिए राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल बुनकरों के श्रम का सम्मान भर नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक विरासत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिसने भारत की विविधता को ताने-बाने में सहेजकर रखा है।
आसमान छूने की कोई सीमा नहीं होती!आज भारत की पहली महिला विमान चालक, अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की प्रतिमूर्ति सरला ठकराल जी की जयंती है। सन् 1936 में, जब महिलाओं के लिए घर की चारदीवारी से बाहर निकलना भी एक चुनौती था, तब मात्र 21 वर्ष की आयु में उन्होंने साड़ी पहनकर 'जिप्सी मॉथ' विमान उड़ाया और इतिहास रच दिया। लाहौर फ्लाइंग क्लब से 1,000 से अधिक घंटे उड़ान भरकर 'A' लाइसेंस प्राप्त करने वाली वे पहली भारतीय महिला थीं。सिर्फ एक कुशल पायलट ही नहीं, जीवन के मुश्किल थपेड़ों के बाद भी उन्होंने खुद को एक सफल उद्यमी, चित्रकार और टेक्सटाइल डिजाइनर के रूप में स्थापित किया। उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान आज भी देश की हर बेटी को अपने सपनों को पंख देने और आसमान से आगे सोचने की प्रेरणा देती है।भारत की इस महान बेटी और विमानन क्षेत्र की पथप्रदर्शक को उनकी जयंती पर शत-शत नमन! 🙏
एक ऐसी रात… जिसकी सुबह 6 जिंदगियों के लिए कभी नहीं हुई।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के महुली में 6 अगस्त की वो रात एक परिवार के लिए जिंदगी की आखिरी रात बन गई।
करीब 100 साल पुराने जर्जर मकान की छत… रात करीब 2 बजे अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी।
भारी बारिश और उमस के बीच परिवार के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे।
जब तक किसी को कुछ समझ आता… तब तक पूरा परिवार मलबे के नीचे दब चुका था।
इस हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता, बेटे नितिन, बहू माधुरी और दो मासूम पोते—माधव और अद्विक की दर्दनाक मौत हो गई।
सात लोगों में सिर्फ बड़ा बेटा अमन श्रीवास्तव किसी तरह मलबे से बाहर निकल पाया।
सोचिए… जिस घर में एक साथ सात लोग चैन की नींद सोए थे, सुबह वहां छह अपनों की लाशें थीं।
अमन ने अपनी आंखों के सामने अपने माता-पिता, भाई, भाभी और दोनों मासूम भतीजों को खो दिया।
उसके पास बची है तो सिर्फ यादें… और जिंदगी भर न भूल पाने वाला वो खौफनाक मंजर।
इस दुख की घड़ी में परिवार के दर्द को बांटने और उन्हें आर्थिक सहयोग देने के लिए पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता #बृजेश मिश्र ‘सौरभ’ जी परिवार के बीच पहुंचे।
कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता…
और कुछ जख्म ऐसे होते हैं जिन्हें वक्त भी आसानी से नहीं भर पाता।
आज जरूरत है कि इस पीड़ित परिवार को अकेला न छोड़ा जाए।
क्योंकि छह अपनों को खोने के बाद अमन के सामने अब सिर्फ गम नहीं… बल्कि पूरी जिंदगी की एक नई जंग खड़ी है
#नरसिंहपुर - 28 साल का अनिल यादव , तीसरी कक्षा की बच्ची को बहलाकर स्कूल से ले गया, जंगल के जाकर दुष्कर्म किया। बच्ची दर्द से चिल्लाई तो गला घोंटा और पानी के गड्ढे में मुंह डुबाकर हत्या कर दी।
#narsinghpur #mppolice
मेरे जन्मदिवस पर रात्रि 12 बजे मेरे आवास पर पधारकर मुझे शुभकामनाएं एवं स्नेहाशीष देने वाले मेरे सभी भाइयों के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार!
आपका यह स्नेह, अपनत्व और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल है। आप सभी का यह प्रेम सदैव मुझे जनसेवा के पथ पर और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

मेरे जन्मदिवस पर रात्रि 12 बजे मेरे आवास पर पधारकर मुझे शुभकामनाएं एवं स्नेहाशीष देने वाले मेरे सभी भाइयों के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार!
आपका यह स्नेह, अपनत्व और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल है। आप सभी का यह प्रेम सदैव मुझे जनसेवा के पथ पर और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।