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कितने भाई ठाकुर बृजभूषण शरण सिंह जी के इस बयान का समर्थन करते है? सभी लिखे UGC Rollback

आरक्षण कम था क्या, जो अब UGC
के नए नियमों का ज़हर बच्चों के भविष्य
में घोला जा रहा है? ऐसे नियम जो
छात्र-छात्राओं के बीच जातीय खाई और
गहरी करेंगे।

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UGC काले कानून के बाद अब देश का सवर्ण समाज अब न बीजेपी के साथ है और न कांग्रेस के साथ, दोनों पार्टी ने हमें फालतू समझ लिया, इसलिए अब सवर्ण पार्टी बनेगी और सरकार भी हमारी बनेगी, कितने भाई सहमत है, कमेंट में राय जरूर दे।

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राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh से आज लोक भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के स्वयंसेवकों ने मुलाकात की। इन स्वयंसेवकों ने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही उन स्वयंसेवकों ने भी भेंट की, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया गया है।
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सेवा भाव के साथ एन.एस.एस. से जुड़ना युवाओं के लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड जैसे वैश्विक महत्व के मंच पर उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना अत्यंत सम्मानजनक उपलब्धि है, जिसे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में देखा जाता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त स्वयंसेवकों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान लाखों युवाओं में से चुनिंदा व्यक्तियों को ही प्राप्त होता है। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत सफलता, बल्कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
युवाओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे समाज में ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि स्वयंसेवक एन.एस.एस. के मूल सिद्धांतों- सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व को समाज में पहुंचाने का कार्य करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना, राज्य एन.एस.एस. अधिकारी सुनैना रावत आदि उपस्थित रहे।

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राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh से आज लोक भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के स्वयंसेवकों ने मुलाकात की। इन स्वयंसेवकों ने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही उन स्वयंसेवकों ने भी भेंट की, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया गया है।
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सेवा भाव के साथ एन.एस.एस. से जुड़ना युवाओं के लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड जैसे वैश्विक महत्व के मंच पर उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना अत्यंत सम्मानजनक उपलब्धि है, जिसे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में देखा जाता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त स्वयंसेवकों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान लाखों युवाओं में से चुनिंदा व्यक्तियों को ही प्राप्त होता है। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत सफलता, बल्कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
युवाओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे समाज में ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि स्वयंसेवक एन.एस.एस. के मूल सिद्धांतों- सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व को समाज में पहुंचाने का कार्य करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना, राज्य एन.एस.एस. अधिकारी सुनैना रावत आदि उपस्थित रहे।

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राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh से आज लोक भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के स्वयंसेवकों ने मुलाकात की। इन स्वयंसेवकों ने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही उन स्वयंसेवकों ने भी भेंट की, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया गया है।
स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सेवा भाव के साथ एन.एस.एस. से जुड़ना युवाओं के लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड जैसे वैश्विक महत्व के मंच पर उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना अत्यंत सम्मानजनक उपलब्धि है, जिसे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में देखा जाता है।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त स्वयंसेवकों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान लाखों युवाओं में से चुनिंदा व्यक्तियों को ही प्राप्त होता है। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत सफलता, बल्कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
युवाओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे समाज में ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि स्वयंसेवक एन.एस.एस. के मूल सिद्धांतों- सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व को समाज में पहुंचाने का कार्य करें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना, राज्य एन.एस.एस. अधिकारी सुनैना रावत आदि उपस्थित रहे।

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विशिष्ट अद्वैतवाद के प्रतिपादक, महान दार्शनिक संत श्री रामानुजाचार्य जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।

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Real environmental c****e begins with communities. From everyday choices to large-scale efforts, people-driven actions can make all the difference. Let’s hold ourselves accountable, drive c****e, and make every day Earth Day.

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Germany 2026: AI Careers, Free Education & Why Indian Students Need a Ghaziabad Consultant
https://www.yesgermany.com/ger....man-education-consul

Germany 2026 AI Careers, Free Education.pdf
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🌍🌱 Take a pledge for the planet. Act for the future.
#worldearthday2026 will be celebrated at Dhenk**** Science Centre, a unit of National Council of Science Museums-NCSM, Ministry of Culture, Government of India.
📅April 22, 2026.
The programme includes Mother Earth Pledge, Open House Quiz, Paper Craft Activity, and Sapling Plantation Drive—encouraging awareness, creativity, and action for a sustainable tomorrow.
Be a part of the c****e—join us and make a difference! ✨
#actforearth #sustainablefuture #dhenk****ScienceCentre #ncsm

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मोदी जी ने कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल के दौरे पर एक साधारण सी झालमुड़ी की ठेली पर रुककर मात्र दस रुपये में झालमुड़ी खरीदी और खाई थी।वो दृश्य आज भी सोशल मीडिया पर वायरल है — एक प्रधानमंत्री, जो आम आदमी की तरह सड़क किनारे की छोटी-छोटी चीजों का स्वाद ले रहे हैं, बिना किसी दिखावे के।लेकिन आज वही दस रुपये का नोट किसी शख्स के लिए लाखों रुपये में बेचने लायक हो गया है।क्या वजह है?असल में कीमत उस नोट की नहीं है। कीमत है नरेंद्र मोदी की ब्रांड वैल्यू की।वो साधारण सा दस रुपये का नोट अब सिर्फ एक करेंसी नहीं रहा। वो अब एक यादगार बन गया है — एक ऐसे नेता की यादगार, जो देश की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठकर भी अपनी जड़ों को नहीं भूला। जो आज भी आम भारतीय की छोटी-छोटी खुशियों और साधारण जीवन को महत्व देता है।जिस नोट पर मोदी जी का हाथ पड़ा, जिस नोट से उन्होंने एक साधारण ठेली वाले से झालमुड़ी खरीदी, उसी नोट में अब लाखों रुपये की भावना समा गई है। क्योंकि उसमें मोदी जी की व्यक्तिगत स्पर्श है, उनकी सादगी है, उनकी लोकप्रियता है और उनकी ब्रांड वैल्यू है।ये घटना साफ-साफ दिखाती है कि आज नरेंद्र मोदी सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक ब्रांड बन चुके हैं — एक ऐसा ब्रांड जिसकी वैल्यू हर दिन बढ़ती जा रही है। चाहे वो दस रुपये की झालमुड़ी हो या कोई और छोटी चीज, जब मोदी जी उससे जुड़ते हैं, तो उसकी कीमत आसमान छू लेती है।ये सिर्फ एक नोट की कहानी नहीं है।
ये एक नेता की सादगी, लोकप्रियता और ब्रांड पावर की कहानी है।मोदी ब्रांड की वैल्यू — जो दस रुपये को लाखों में बदल देती है।
#fblifestyle

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