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परेड ग्राउंड, देहरादून में Sewa Sankalp Foundation द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया।
साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों एवं प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया। महोत्सव परिसर में स्थानीय काश्तकारों, हस्तशिल्पकारों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया।
इस दौरान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री Bhagat Singh Koshyari जी, माननीय कैबिनेट मंत्री श्री Satpal Maharaj जी, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष पद्मश्री श्री Prasoon Joshi जी, माननीय राज्यसभा सांसद Dr. Kalpana Saini जी, माननीय विधायकगण, सम्मानित दायित्वधारीगण समेत अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
परेड ग्राउंड, देहरादून में Sewa Sankalp Foundation द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया।
साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों एवं प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया। महोत्सव परिसर में स्थानीय काश्तकारों, हस्तशिल्पकारों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया।
इस दौरान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री Bhagat Singh Koshyari जी, माननीय कैबिनेट मंत्री श्री Satpal Maharaj जी, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष पद्मश्री श्री Prasoon Joshi जी, माननीय राज्यसभा सांसद Dr. Kalpana Saini जी, माननीय विधायकगण, सम्मानित दायित्वधारीगण समेत अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
परेड ग्राउंड, देहरादून में Sewa Sankalp Foundation द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 के समापन समारोह में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का अवलोकन किया।
साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों एवं प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया। महोत्सव परिसर में स्थानीय काश्तकारों, हस्तशिल्पकारों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया।
इस दौरान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री Bhagat Singh Koshyari जी, माननीय कैबिनेट मंत्री श्री Satpal Maharaj जी, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष पद्मश्री श्री Prasoon Joshi जी, माननीय राज्यसभा सांसद Dr. Kalpana Saini जी, माननीय विधायकगण, सम्मानित दायित्वधारीगण समेत अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

हल्दीघाटी सब जानते हैं, लेकिन गंगवाना का युद्ध वीरता की उस हद को छू गया था जहाँ मौत भी कांप गई थी।
1741 ई. में 'गंगवाना के युद्ध' में जोधपुर के बख्त सिंह राठौड़ ने केवल 1,000 घुड़सवारों के साथ जयपुर और मुगलों की संयुक्त 1 लाख की सेना पर हमला बोल दिया था।
यह हमला इतना भयानक था कि 4 घंटे में ही दुश्मन के हजारों सैनिक मारे गए।
जयपुर के सवाई जय सिंह ने कहा था—'मैंने चींटियों की तरह सेना तो बहुत देखी, पर ऐसे मुट्ठी भर शेर कभी नहीं देखे।'"