Découvrir des postesExplorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives
पैरा खिलाड़ियों की जांबाजी से भारत ने रचा इतिहास
पैरा एशियन गेम्स में 114 पदकों के साथ हासिल किया चौथा स्थान
शीतल देवी से सुमित अंतिल तक खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 65 पदक, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी फहरा तिरंगा
खेलपथ संवाद
नागोया (जापान)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। किसी ने तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर सोना जीता, तो किसी ने भाला फेंक में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। किसी ने दौड़ के ट्रैक पर रफ्तार का नया अध्याय लिखा, तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट पर विरोधियों को मात देकर तिरंगे का मान बढ़ाया। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति ने देश को गौरवान्वित कर दिया।
पैरा खिलाड़ियों की जांबाजी से भारत ने रचा इतिहास
पैरा एशियन गेम्स में 114 पदकों के साथ हासिल किया चौथा स्थान
शीतल देवी से सुमित अंतिल तक खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 65 पदक, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी फहरा तिरंगा
खेलपथ संवाद
नागोया (जापान)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। किसी ने तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर सोना जीता, तो किसी ने भाला फेंक में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। किसी ने दौड़ के ट्रैक पर रफ्तार का नया अध्याय लिखा, तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट पर विरोधियों को मात देकर तिरंगे का मान बढ़ाया। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति ने देश को गौरवान्वित कर दिया।
पैरा खिलाड़ियों की जांबाजी से भारत ने रचा इतिहास
पैरा एशियन गेम्स में 114 पदकों के साथ हासिल किया चौथा स्थान
शीतल देवी से सुमित अंतिल तक खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 65 पदक, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी फहरा तिरंगा
खेलपथ संवाद
नागोया (जापान)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। किसी ने तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर सोना जीता, तो किसी ने भाला फेंक में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। किसी ने दौड़ के ट्रैक पर रफ्तार का नया अध्याय लिखा, तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट पर विरोधियों को मात देकर तिरंगे का मान बढ़ाया। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति ने देश को गौरवान्वित कर दिया।
पैरा खिलाड़ियों की जांबाजी से भारत ने रचा इतिहास
पैरा एशियन गेम्स में 114 पदकों के साथ हासिल किया चौथा स्थान
शीतल देवी से सुमित अंतिल तक खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 65 पदक, बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी फहरा तिरंगा
खेलपथ संवाद
नागोया (जापान)। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इन पंक्तियों को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। किसी ने तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर सोना जीता, तो किसी ने भाला फेंक में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। किसी ने दौड़ के ट्रैक पर रफ्तार का नया अध्याय लिखा, तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट पर विरोधियों को मात देकर तिरंगे का मान बढ़ाया। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति ने देश को गौरवान्वित कर दिया।


