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भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, देवभूमि उत्तराखण्ड के लाल एवं भारत माता के वीर सपूत जनरल बिपिन रावत जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।

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Neeraj Mahajan shared a post  
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India’s Best Manufacturer, Exporter & Supplier of Transformers & Stabilizers.
Address: Sua Road, Industrial Area – C, Dhandari Kalan, 141014 Ludhiana, Punjab, India
Contact No:- +91 9915703061, +91-9417033948 Website: -https://mpilindia.com Email id - info@mpilindia.com .
#cementplant #tubemills #rollingmills #ricemills #flourmills #riceshellers #foodprocessin****its #transformers #ricemills #voltagecontrolles

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टिकट कन्फर्म होने के बाद भी हथापाई 😳🥵

टिकट उनके नाम पर था।
सीट कन्फर्म थी।
सब कुछ बिल्कुल सही था।

एक परिवार अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए हरिद्वार जा रहा था — एक बेहद खास धार्मिक अवसर। महीनों से तैयारी की गई थी, ट्रेन के कन्फर्म टिकट भी थे।

लेकिन जब वे अपनी सीट पर पहुंचे, तो वहां पहले से एक मां और उसकी बेटी बैठी हुई थीं।
परिवार ने शांति से समझाया कि यह सीट उनकी है। मामला सुलझाने के लिए TTE को भी बुलाया गया।

लेकिन बात सुलझने के बजाय झगड़ा बढ़ता चला गया।

बहस के बीच में उस लड़की ने एक यात्री को थप्पड़ तक मार दिया।

और फिर उसने वह लाइन कही जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है —
“हमारे घर में सब वकील हैं… हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

सबसे चौंकाने वाली बात?

कार्रवाई उन लोगों पर नहीं हुई जो गलत थे।
बल्कि जिनका टिकट और सीट कन्फर्म था, उसी परिवार को बीच रास्ते में ट्रेन से उतरने के लिए मजबूर कर दिया गया।

नतीजा —
वे हरिद्वार पहुंच ही नहीं पाए…
और अपने बच्चे का मुंडन संस्कार भी मिस हो गया।

सोचिए…
जब सही टिकट होने के बाद भी इंसाफ न मिले,
तो आम आदमी किस पर भरोसा करे?
क्या यही सिस्टम है? 🤔🔥

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टिकट कन्फर्म होने के बाद भी हथापाई 😳🥵

टिकट उनके नाम पर था।
सीट कन्फर्म थी।
सब कुछ बिल्कुल सही था।

एक परिवार अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए हरिद्वार जा रहा था — एक बेहद खास धार्मिक अवसर। महीनों से तैयारी की गई थी, ट्रेन के कन्फर्म टिकट भी थे।

लेकिन जब वे अपनी सीट पर पहुंचे, तो वहां पहले से एक मां और उसकी बेटी बैठी हुई थीं।
परिवार ने शांति से समझाया कि यह सीट उनकी है। मामला सुलझाने के लिए TTE को भी बुलाया गया।

लेकिन बात सुलझने के बजाय झगड़ा बढ़ता चला गया।

बहस के बीच में उस लड़की ने एक यात्री को थप्पड़ तक मार दिया।

और फिर उसने वह लाइन कही जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है —
“हमारे घर में सब वकील हैं… हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

सबसे चौंकाने वाली बात?

कार्रवाई उन लोगों पर नहीं हुई जो गलत थे।
बल्कि जिनका टिकट और सीट कन्फर्म था, उसी परिवार को बीच रास्ते में ट्रेन से उतरने के लिए मजबूर कर दिया गया।

नतीजा —
वे हरिद्वार पहुंच ही नहीं पाए…
और अपने बच्चे का मुंडन संस्कार भी मिस हो गया।

सोचिए…
जब सही टिकट होने के बाद भी इंसाफ न मिले,
तो आम आदमी किस पर भरोसा करे?
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टिकट उनके नाम पर था।
सीट कन्फर्म थी।
सब कुछ बिल्कुल सही था।

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लेकिन जब वे अपनी सीट पर पहुंचे, तो वहां पहले से एक मां और उसकी बेटी बैठी हुई थीं।
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