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सनातन वैदिक हिन्दू धर्म के सार्वभौम आचार्य अनंतानंत श्रीविभूषित ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ - पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु #शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्दसरस्वतीजी महाराज जी
शिव शङ्कर प्रलयङ्कर🚩
जय श्री त्रिवेणी जय तीर्थराज प्रयाग

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सनातन वैदिक हिन्दू धर्म के सार्वभौम आचार्य अनंतानंत श्रीविभूषित ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ - पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु #शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्दसरस्वतीजी महाराज जी
शिव शङ्कर प्रलयङ्कर🚩
जय श्री त्रिवेणी जय तीर्थराज प्रयाग

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सनातन वैदिक हिन्दू धर्म के सार्वभौम आचार्य अनंतानंत श्रीविभूषित ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ - पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु #शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्दसरस्वतीजी महाराज जी
शिव शङ्कर प्रलयङ्कर🚩
जय श्री त्रिवेणी जय तीर्थराज प्रयाग

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सनातन वैदिक हिन्दू धर्म के सार्वभौम आचार्य अनंतानंत श्रीविभूषित ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ - पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु #शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्दसरस्वतीजी महाराज जी
शिव शङ्कर प्रलयङ्कर🚩
जय श्री त्रिवेणी जय तीर्थराज प्रयाग

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5 वर्षीय हरगुन सिंह समाज सेवा के लिए सम्मानित
#5yearold #har****Singh #honored #socialservice

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मैं रहूँ या ना रहूँ… भारत ये रहना चाहिए 🇮🇳
कुछ पंक्तियाँ सिर्फ़ शब्द नहीं होतीं, वो हमारी पहचान होती हैं।
“मैं रहूँ या ना रहूँ, भारत ये रहना चाहिए”
ये वाक्य किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं,
पूरी पीढ़ी की जिम्मेदारी की याद दिलाता है।
इस चित्र में सिर्फ चेहरे नहीं हैं—
यहाँ त्याग, बलिदान, वीरता, ज्ञान और संघर्ष खड़े हैं।
किसी ने तलवार उठाई,
किसी ने कलम,

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पंजाब केसरी’ के नाम से प्रसिद्ध, महान क्रांतिकारी एवं निर्भीक राष्ट्रवादी नेता लाला लाजपत राय जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन!
स्वतंत्रता संग्राम में उनका अदम्य साहस, स्वदेशी आंदोलन के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रजागरण का आह्वान आज भी देशवासियों को आत्मसम्मान और कर्तव्यपथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।

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|| जहां हनुमानजी ने कालनेमी का उद्धार किया था || #बिजेथुआ_महावीरन मंदिर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर है, जो रामायण से जुड़ा है; यहाँ हनुमान जी ने लक्ष्मण के लिए संजीवनी लाते समय कालनेमि राक्षस का वध किया था, और इसी स्थान पर उनके एक पैर के पाताल लोक तक जाने और मकरी कुंड में स्नान करने की मान्यता है,
पौराणिक महत्व:
यह वही स्थान है जहाँ हनुमान जी ने कालनेमि राक्षस का वध किया था, जो रामायण काल की एक महत्वपूर्ण घटना है.
स्वयंभू प्रतिमा:
यहाँ हनुमान जी की एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट) प्रतिमा है, जिसके एक पैर के पाताल लोक तक जाने की मान्यता है और जिसकी गहराई का पता नहीं चल सका है.
मकरी कुंड:
मंदिर के पास 'मकरी कुंड' नामक एक पवित्र सरोवर है, जिसमें मकरी ने आकर हनुमान जी को कालनेमी के विषय में बताया था। श्रद्धालु यहाँ स्नान करके पापों से मुक्ति की कामना करते हैं.
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|| जहां हनुमानजी ने कालनेमी का उद्धार किया था || #बिजेथुआ_महावीरन मंदिर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर है, जो रामायण से जुड़ा है; यहाँ हनुमान जी ने लक्ष्मण के लिए संजीवनी लाते समय कालनेमि राक्षस का वध किया था, और इसी स्थान पर उनके एक पैर के पाताल लोक तक जाने और मकरी कुंड में स्नान करने की मान्यता है,
पौराणिक महत्व:
यह वही स्थान है जहाँ हनुमान जी ने कालनेमि राक्षस का वध किया था, जो रामायण काल की एक महत्वपूर्ण घटना है.
स्वयंभू प्रतिमा:
यहाँ हनुमान जी की एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट) प्रतिमा है, जिसके एक पैर के पाताल लोक तक जाने की मान्यता है और जिसकी गहराई का पता नहीं चल सका है.
मकरी कुंड:
मंदिर के पास 'मकरी कुंड' नामक एक पवित्र सरोवर है, जिसमें मकरी ने आकर हनुमान जी को कालनेमी के विषय में बताया था। श्रद्धालु यहाँ स्नान करके पापों से मुक्ति की कामना करते हैं.
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|| जहां हनुमानजी ने कालनेमी का उद्धार किया था || #बिजेथुआ_महावीरन मंदिर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर है, जो रामायण से जुड़ा है; यहाँ हनुमान जी ने लक्ष्मण के लिए संजीवनी लाते समय कालनेमि राक्षस का वध किया था, और इसी स्थान पर उनके एक पैर के पाताल लोक तक जाने और मकरी कुंड में स्नान करने की मान्यता है,
पौराणिक महत्व:
यह वही स्थान है जहाँ हनुमान जी ने कालनेमि राक्षस का वध किया था, जो रामायण काल की एक महत्वपूर्ण घटना है.
स्वयंभू प्रतिमा:
यहाँ हनुमान जी की एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट) प्रतिमा है, जिसके एक पैर के पाताल लोक तक जाने की मान्यता है और जिसकी गहराई का पता नहीं चल सका है.
मकरी कुंड:
मंदिर के पास 'मकरी कुंड' नामक एक पवित्र सरोवर है, जिसमें मकरी ने आकर हनुमान जी को कालनेमी के विषय में बताया था। श्रद्धालु यहाँ स्नान करके पापों से मुक्ति की कामना करते हैं.
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