إستكشف المشاركات استكشف المحتوى الجذاب ووجهات النظر المتنوعة على صفحة Discover الخاصة بنا. اكتشف أفكارًا جديدة وشارك في محادثات هادفة
भारत बना FIH हॉकी विमेंस नेशन्स कप 2025-26 चैंपियन!
देश की इस ऐतिहासिक जीत में मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की पूर्व खिलाड़ी ईशिका चौधरी, बिचू देवी एवं सुशीला चानू ने महत्वपूर्ण योगदान देकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
#fihwomensnationscup #teamindia #hockeyindia #madhyapradesh
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया है। प्रेम संबंध को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार शादी में बदल गया। कई घंटों तक थाने में चली बातचीत के बाद दोनों परिवारों ने सहमति जताई और प्रेमी जोड़े ने मंदिर में विवाह कर लिया। इस शादी को एक मिसाल की तरह देखा जा रहा है। शादी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला पट्टी कोतवाली क्षेत्र के दाऊदपुर गांव का है। गांव की रहने वाली सानिया बानो और अमन कुमार पिछले करीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच प्रेम संबंध था। दोनों के घर भी एक-दूसरे से ज्यादा दूर नहीं हैं। जब परिवार वालों को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो विरोध शुरू हो गया।
पिछले कुछ सालों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास पर सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है। उन्हें आर्थिक सहायता, घर, स्किल ट्रेनिंग और महीनों तक स्टाइपेंड दिया जाता है, ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें।
लेकिन सवाल यह है कि अगर एक युवक बिना किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आत्मसमर्पण कर रहा हो, तो क्या उसे भी कानून के तहत निष्पक्ष सुनवाई और जीने का मौका नहीं मिलना चाहिए?
मेरी नज़र में भरत तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कानून का काम अपराध की सजा तय करना है, बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी की जान लेना नहीं। अगर समाज के लिए आवाज़ उठाने वाला युवा भी अपनी बात रखने से डरे, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
यह मेरी व्यक्तिगत राय है। सच्चाई का फैसला निष्पक्ष जांच और न्यायालय के माध्यम से ही होना चाहिए।
भोजपुर में भरत तिवारी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, स्मारक बनाने की उठी मांग
आरा, बिहार: भोजपुर जिले के भरत तिवारी को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि आसपास के कई गांवों के लोग भरत तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके नाम पर स्मारक बनाने की मांग कर रहे हैं।
पोस्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत तिवारी ने गांव और समाज के मुद्दों पर आवाज उठाई थी, इसलिए उन्हें विशेष सम्मान दिया जाना चाहिए। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि सरकार स्मारक नहीं बनवाती है तो वे आपसी सहयोग से प्रतिमा स्थापित करेंगे।
हालांकि, पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले को लेकर आधिकारिक पक्ष का इंतजार है।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे ने उठाए सवाल
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे कथित तौर पर “फर्जी एनकाउंटर” बताया।
गुप्तेश्वर पांडे का कहना है कि भरत भूषण तिवारी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। वह न चोर था, न डाकू, न लुटेरा, न हत्यारा और न ही आतंकवादी। उनके अनुसार, वह जवनिया गांव के विस्थापितों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
उन्होंने कहा कि विरोध का तरीका गलत हो सकता है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति ने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया हो और वह पूरी तरह निहत्था हो, तो उसके बाद गोली चलाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके मुताबिक, ऐसे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
दिल्ली पहुंचा भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामला, मां आशा देवी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से लगाई न्याय की गुहार। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन सौंपा गया। अब सभी की नजर आयोग की अगली कार्रवाई पर है।
#bharattiwari #justiceforbharat #ashadevi #nhrc #humanrights #breakingnews #hindinews #biharnews #viralnews #rakeshpalnews